उपन्यास - ब्लैकहोल (संपूर्ण)Black Hole - Hindi horror, Novel

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Re: उपन्यास - ब्लैकहोल (संपूर्ण)Black Hole - Hindi horror, N

Unread post by novel » 16 Aug 2015 11:09

precious thought -

Keep away from people who try to belittle your ambitions. Small people always do that, but the really great make you feel that you, too, can become great.

---- Mark Twain


.... स्टेला रास्तेपर अकेलीही चल रही थी. उसने रास्तेपर सामने देखा. आगे दूर दूर तक कोई नही दिख रहा था. उसने पलटकर पिछेभी देखा, पिछेभी दूर दूरतक रास्तेपर कोई नही दिख रहा था. फिरभी वह वैसीही सामने चलती रही. अचानक उसे रास्तेके किनारे एक खेतमें एक पुरानी हवेली दिखाई दी. अपने आपही उसके कदम उस हवेलीकी तरफ मुडे.

हवेलीके अंदर दिवारपर उसे बडे बडे पोर्ट्रेटस लगाये दिखाई दिए. हर पोर्ट्रेट मानो कुछ गुढ बतानेकी कोशीश कर रहा हो ऐसा उसे लग रहा था. एक दिवारपर उसे एक प्रिझमजैसा कुछ तराशा हूवा दिखाई दिया. उसने उस तराशे हूए प्रिझमको हात लगाकर छूकर देखा. काफी देर तक वह उस प्रिझमको छूकर देखती रही. मानो उस एहसासको वह अपने दिलमें समाना चाहती हो.

अचानक हवेलीमें उसे किसीके उपस्थितीका एहसास हूवा. उसने आसपास देखा. उसे हवेलीमें एक कोनेपर एक साया दिखाई दिया और उसने देखतेही वह साया आगे निकल गया. वह उस सायेका पिछा करने लगी. उसे दिलमें अंदर कही लग रहा था की हो न हो व साया गिब्सनकाही होगा.

'' गिब्सन '' स्टेलाने आवाज दिया.

अचानक वह साया अंधेरेमे गायब हो गया.

'' गिब्सन '' स्टेलाने और जोरसे आवाज दिया.

आवाज देते हूए उसने उसे पुरे पॅसेजमें ढूंढा लेकिन ना वह साया मिला ना गिब्सन.

अचानक दुरसे उसे हवेलीके मुख्य द्वारमें कुछ हरकत दिखाई दी. वह मुख्य द्वारकी तरफ दौड पडी. दरवाजेके पास पहूंचकर वह हवेलीके बाहरकी तरफ आसपास देखने लगी. हवेलीके सामने झाडीमें उसे कुछ हरकत दिखाई दी. इसलिए वह उस झाडीकी तरफ दौड पडी. अचानक उसे अहसास हूवा की वह एक कुंएके पाससे गुजर रही है. उसने कुंएकी तरफ देखा. उस कुंए को एक काले पत्थरोके ढेरने घेरा था. इतनेमें उसे उसके पिछे कुछ हरकत महसूस हूई. उसने पलटकर देखा तो गिब्सन हवेलीसे बाहर आ रहा था. वहभी धीरे धीरे उसकी तरफ बढने लगी. अचानक उपरसे कौंधती हूई रोशनी गिब्सनके उपर गिर गई. उस रोशनीके वजहसे गिब्सनका साया जमीनपर दिख रहा था. लेकिन धीरे धीरे वह जमीनपर पडा साया अदृष्य हो गया. स्टेला और जोरसे... लगभग उसकी तरफ दौडही पडी. लेकिन जबतक वह उसकेपास पहूंचती तबतक गिब्सनभी धीरे धीरे गायब हो चूका था. वह जहां खडा था वहां वह पहूंच गई और देखती है तो जहां गिब्सन खडा था वहां जमीनपर एक पारदर्शक पत्थर पडा हूवा था. उसने वह पत्थर उठाया और उस पत्थरकी तरफ देखकर वह फुटफूटकर जोर जोरसे रोने लगी.


... जब अपनी हथेलीकी तरफ देखते हूए स्टेला निंदसे जागी तब उसे पता चला की वह जो देख रही थी वह एक सपना था. उसने फिरसे अपने हाथेलीकी तरफ देखा. हाथमें कुछभी नही था. उसने डरके मारे अपने आसपास देखा, तब उसके खयालमें आया की वह अपने बेडरुममें बेडपर सोई हूई थी.

वह बेडसे निचे उतर गई. अचानक उसे अहसास हो गया की उसके बेडरुमके खिडकीसे झांककर कोई अंदर देख रहा है. उसने खिडकीकी तरफ देखा तो उसे कोई एकदमसे निचे बैठते हूए छूपता हूवा नजर आया. वह जैसीही खिडकीके पास पहूंच गई एक साया वहांसे झटसे उठते हूए भाग गया. वह अब घबरा गई थी. तुरंत वह अपने बेडरुमके दरवाजेकी तरफ लपक गई.

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Re: उपन्यास - ब्लैकहोल (संपूर्ण)Black Hole - Hindi horror, N

Unread post by novel » 16 Aug 2015 11:09

सुझान अचानक गहरी निंदसे जागकर, उठकर बेडपर बैठ गई. उसे जोर जोरसे दरवाजा खटखटानेका आवाज आ रहा था.

शायद इसी आवाजकी वजहसे वह जाग गई थी...

वह एकदम उठकर बेडसे निचे उतरकर खडी होगई.

इस वक्त कौन होगा ?...

देखनेके लिए वह उसके बेडरुमके दरवाजेके पास गई. अबभी उसपर निंद का थोडा थोडा असर था. दरवाजा खोलकर अपनी आधी अधूरी खुली आंखोसे उसने बाहर देखा. बाहर कोई नही था. फिरभी दरवाजा खटखटानेका आवाज अबभी आ रहा था. अब सुझानकी निंद पुरी तरहसे खुल गई थी. वह जिस दिशासे आवाज आ रहा था उस दिशामें जाने लगी.

स्टेलाके बेडरुमके पास जातेही उसके खयालमें आ गया की स्टेलाका दरवाजा अंदरसे खटखटाया जा रहा है. उसने स्टेलाके बेडरुमका दरवाजा ठिकसे देखा तो उसे बाहरसे कुंडी लगी नही थी.

तो फिर वह दरवाजा अंदरसे क्यों खटखटा रही है ?...

कही दरवाजा जाम तो नही हूवा ?...

उसने दरवाजा अंदर धकेलकर देखा. लेकिन उसके खयालमें आया की स्टेलाभी दरवाजा अंदरसे धकेल रही है. जब सुझानने दरवाजा जोरसे धकेला, वह खुल गया. दरवाजा खुलतेही स्टेला डरी-सहमी स्थितीमें बाहर आ गई. वह पसिनेसे पुरी तरह भीग गई थी. बाहर आतेही वह सुझानसे चिपक गई.

'' क्या हूवा ?'' सुझान उसे शांत करनेका प्रयास करते हूए बोली.

'' कोई मेरी खिडकीसे अंदर झांक रहा था... और दरवाजाभी खुल नही रहा था. '' स्टेला किसी तरह बोली.

वह अबभी डरी हूई थी.

सुझान स्टेलाके बेडरुमके दरवाजेकी तरफ देखते हूए बोली, '' स्टेला तूम पागल तो नही हो?''

स्टेलाने आश्चर्यसे सुझानकी तरफ देखा, उसे सुझानका ऐसा बोलना अपेक्षीत नही था.

'' तुम्हारे बेडरुमका दरवाजा अंदरकी तरफ खुलता है ... तूम उसे बाहर धकेल रही थी... तो वह कैसे खुलेगा?'' सुझानने उसे पुछा.

संभ्रमकी स्थितीमें स्टेलाने खुले दरवाजेकी तरफ देखा. स्टेला फिरसे सुझानसे चिपक गई और फुटफूटकर रोने लगी. सुझान उसे सहलाकर समझानेका प्रयास कर रही थी.

'' जब मै आठ सालकी थी तब मेरी मां मुझे अकेली छोडकर चल बसी... बादमें मेरे पिताजी भी गए .... तब मै तेरा सालकी थी. .. और अब गिब्सनभी मुझे अकेली छोडकर चला गया ..'' स्टेला रोते हूए बोल रही थी.

सुझान उसे समझा बुझानेका प्रयास कर रही थी. '' शांत हो जावो... शांत हो जावो... चिंता मत करो... हम उसे जरुर ढूंढ लेंगे ...''


... स्टेला जब फिरसे अपनी सोचकी दुनियासे बाहर आ गई तब जाकोब अबभी कार चला रहा था. कार अब शहरसे काफी दूर आगई थी. दोनोंकी फिरसे नजरें मिली.

'' कहां जा रहे है हम ?'' स्टेलाने पुछा.

जाकोबने सीर्फ स्माईल देते हूए उसकी तरफ देखा. .

'' कहा है गिब्सन ?... तुम्हे पता है ?'' स्टेलाने आगे पुछा.

'' फिलहाल वह जिंदा है या मर गया ... मै कुछ बता नही सकता..'' जाकोबने कहा.

स्टेलाके चेहरेपर एक दुखभरी छटा छा गई .

'' लेकिन अगर वह जिंदा है ... तो हमे उसे ढूंढना होगा... और हम उसे ढूंढनेके लिएही जा रहे है ...'' जाकोबने कहा.

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Re: उपन्यास - ब्लैकहोल (संपूर्ण)Black Hole - Hindi horror, N

Unread post by novel » 16 Aug 2015 11:09

Favorite Famous Quotes -

I made this letter longer than usual because I lack the time to make it short.

-------- Blaise Pascal


शामका समय था और सागरके किनारे, बीचपर ठंडी हवा चल रही थी. काफी प्रेमी युगल सागरके किनारे मस्त समांका आनंद लेते हूए इकठ्ठा हूए थे. सुझान और डॅनियल एक दूसरेका हाथ हाथमें लेकर बीचपर फैले रेतपर धीरे धीरे चल रहे थे. चलते हूए दोनोंभी कुछ ना बोलते हूए सामने दूरतक देख रहे थे, मानो अपने भविष्यमे आनेवाले जिवनमें झांक रहे हो.

'' अब लगभग पंधरा दिन हो चूके है ... मेरे भाईका अबभी कोई अता पता नही लग रहा है ...'' सुझान गंभिरतासे बोली.

डॅनियल उसकी तरफ देखने लगा, मानो उसकी भावनाएं समझते हूए उसे 'मैभी तुम्हारे दुखमें तुम्हारे साथ हूं' ऐसा कह रहा हो.

'' सुझान... तूम इतनी चिंता क्यों करती हो? ... हम पुरी कोशीश तो करही रहे है... '' डॅनियल उसे दिलासा देते हूए बोला.

'' भलेही स्टेला उपरसे नॉर्मल दिखती हो... वह अंदरसे पुरी तरह टूट चूकी है ... मै उसे इस हालमें देख नही सकता... कभी कभी तो रातमें कभीभी उठकर वह पागलोंकी तरह रोने लगती है ... '' सुझानने कहा.

'' मै तुम्हे पहलेसेही बता रहा था ...''

सुझानने डॅनियलकी तरफ प्रश्नार्थक मुद्रामें देखा.

''.... की उसे कोई अच्छे मनोचिकित्सकके पास ले जावो,... उसे काऊंन्सीलींगकी बहुत आवश्यकता है...'' डॅनियलने अपना अधूरा वाक्य पुर्ण किया.

इतनेमें वही बाजुमें बैठे एक आदमीने सुझानका ध्यान आकर्षीत किया. वह आदमी एक बेंचपर बैठकर न्यूजपेपर पढनेमें व्यस्त दिख रहा था. लेकिन वह न्यूजपेपर पढनेके बहाने सुझान और डॅनियलपर अपना ध्यान गडाए था ऐसा उन्हे एहसास हूवा.

'' डॅनियल देख... उस आदमीकी तरफ तो देख ''

डॅनियलने उस आदमीकी तरफ देखा. उन दोनोंकी नजरे मिलनेपर वह आदमी झटसे फिरसे पेपर पढनेकी चेष्टा करने लगा.

'' देख वह पेपर पढनेकी चेष्टा तो कर रहा है ... लेकिन उसका पुरा ध्यान अपनी तरफ है '' सुझानने कहा.

'' लंडनके प्लेनमें बैठकर न्यूयार्क जानेकी चेष्टा कर रहा है साला '' डॅनियलने व्यंगसे कहा.

यह दोनों लगातार उसकी तरफ देखकर कुछ चर्चा कर रहे है यह ध्यानमें आते ही वह आदमी वहांसे उठ गया और कुछभी नही हूवा इस अविर्भावमें वहांसे चला गया. वह आदमी दुसरा तिसरा कोई ना होकर जाकोब था.

सुर्यास्त हो चूका था और बिचपर और अंधेरा छाने लगा था. आकाशमें सागरके उस पार सुर्यास्तकी लाली अबभी बाकी थी. बिचपर एक जगह सुझान और डॅनियलके दो साए आलींगनबद्ध होकर सागरके लहरोंका आनंद ले रहे थे.

डॅनियलने सुझानकी तरफ एकटक देखते हूए कहा, '' हनी... मुझे लगता है की यही सही मौका है ?''

'' किसलिए ?'' सुझानने पुछा.

उसने उसकी आंखोमें देखते हूए पुछा, '' हम शादी कब करने वाले है ?''

सुझान बिना कुछ जताने की चेष्टा करते हूए सरलतासे बोली , '' मुझे सोचने दो ...''

डॅनियल आश्चर्यसे उससे अलग होते हूए बोला, '' क्या ? ... मतलब ?''

'' मतलब मुझे सोचने दो की कितने जल्दसे जल्द हम विवाहबद्ध हो सकते है ...'' सुझान मुस्कुराते हूए बोली.

'' ओह माय स्वीट सुझी'' उसे खुशीसे अपनी बाहोंमें खिंचते हूए डॅनियलने कहा. वह अब उसपर आवेगयुक्त चुंबनोका वर्षाव करने लगा था.