कुँवारियों का शिकार compleet

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rajaarkey
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Re: कुँवारियों का शिकार

Unread post by rajaarkey » 06 Dec 2014 15:13

कुँवारियों का शिकार--36

गतान्क से आगे..............

अगले दिन स्कूल से आने के बाद मैने फ्रेश होकर जल्दी लंच कर लिया और तोड़ा आराम करके नाहकार फ्रेश हो गया. प्राची के आते ही तनवी ने उसे लेकर मेरे पास आना था. थोड़ी देर मे ही तनवी प्राची को लेकर आ गयी. उसने हल्के फ़िरोज़ी रंग का टॉप और बर्म्यूडा शॉर्ट्स पहनी हुई थी और बिल्कुल लाइफ साइज़ गुड़िया लग रही थी. प्राची ने मुझे विश किया तो मैने आगे बढ़कर उसका हाथ पकड़ा और हेलो कहते हुए अपनी ओर खींचा. वो थोड़ा शर्मा गयी और नज़रे झुकाकर मेरी तरफ आ गयी. मैने उसे अपनी बाहों मे भर लिया और उसके गाल पर एक प्यारी सी किस करके कहा कि देखो शरमाने से काम नही चलेगा, हम दोस्त हैं और दोस्ती मे शर्म नही की जाती. उसने कहा कि ठीक है. फिर मैने उसको अपने साथ ही सोफे पर बिठा लिया और कहा कि तनवी बोल रही थी कि तुम सेक्स के बारे मे बिल्कुल अंजान हो और चाहती हो कि तुम्हे उसके मज़े का पूरा अनुभव कराया जाए.

प्राची का चेहरा पूरी तरह लाल हो गया और वो बोली के चाहती तो हूँ. मैने कहा कि मैं इसमे तुम्हारी पूरी मदद कर सकता हूँ अगर तुम चाहो तो. प्राची ने कहा कि उसे डर लगता है कि दर्द बहुत होगा. मैने कहा के देखो प्राची पहली बार करने पर दर्द तो होगा ही पर मैं इस बात का पूरा ख़याल रखता हूँ के दर्द कम से कम हो और पूरा मज़ा आए. उसके चेहरे पर दुविधा के भाव देखकर मैने कहा के ऐसा करते हैं के पहले मैं तनवी के साथ करता हूँ और तुम अच्छे से देख और समझ लो फिर अगर तुम्हारा दिल चाहे तो तुम भी करवा लेना. मैं कभी भी किसी के साथ ज़बरदस्ती नही करता. अगर तुम नही चाहोगी तो रहने देंगे. टेन्षन बिल्कुल नही लेना तुम. इस पर वो बोली की ठीक है. मैं उठकर दोनो को अपने बेडरूम मे ले आया.

अंदर आते ही मैने और तनवी ने अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए. प्राची दोनो को हैरानी से देखती रही. तनवी ने उसे कहा कि देख क्या रही हो, चलो अपने कपड़े तो उतारो. मैने भी उसको अपने साथ चिपकाते हुए कहा कि देखो प्राची हम आपस मे बाकी सब तो कर ही सकते हैं ना, तुम हमारे साथ स्पर्श सुख तो प्राप्त कर ही सकती हो और अगर नही चाहोगी तो तुम्हारी चुदाई नही करूँगा, और बहुत तरीके हैं मज़ा लेने के, वैसे ही मज़ा लो.

प्राची ने भी अपने कपड़े उतार दिए. मैं तो उसे देखता ही रह गया. छ्होटे छ्होटे उसके मम्मे, पतली लंबी टांगे, भरी हुई जंघें, पिचका हुआ पेट और गोरी रंगत मे उसकी नीली नसें दिख रही थी जो उसकी खूबसूरती को और भी बढ़ा रही थी. मैने आगे बढ़कर उसे अपने साथ चिपका कर उसके एक मम्मे पर अपना हाथ रख दिया और आहिस्ता से उसे दबाया और सहलाया. उसका अनार के दाने जैसा निपल कड़क होकर मेरी हथेली को गुदगुदाने लगा. मैने अपना मुँह नीचे करके उसके दूसरे मम्मे को अपने मुँह मे भर लिया. प्राची के मुँह से एक मादक सिसकारी निकली और वो ज़ोर से मेरे साथ चिपक गयी.

मैं उसे और तनवी को लेकर बेड पर आ गया. तनवी ने मेरे अपडे हुए लंड को हाथ मे लेकर प्राची को दिखाया और कहा देखो ये हैं लंड और चूत मे जब अंदर जाता है तो बहुत मज़ा आता है और असली मज़ा वही होता है. मैने तनवी और प्राची के बीच मे आकर दोनो के एक एक मम्मे को अपने हाथ मे लेकर सहलाना शुरू क्या. फिर मैने प्राची को कहा के वो तनवी की दूसरी साइड पर आ जाए और उसके मम्मे सहलाए. मैने तनवी को किस करना शुरू किया. फिर उसकी गर्दन पर अपने होंठ फिराते हुए उसके मम्मे को चूसा और अपने मुँह का नीचे कासफ़र जारी रखते हुए उसकी नाभि से हो कर उसकी चूत पर अपना मुँह टीका दिया. तनवी ने प्राची को उलट जाने के कहा और उसकी टांगे सहलाते हुए उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया और प्राची से कहा के मेरे लंड को सहलाए और अगर बुरा ना लगे तो उसको चूमे और लॉलिपोप की तरह चूसे.

प्राची ने बड़ी कोमलता से मेरा लंड अपने हाथ मे लिया और उसे चूमा, फिर अपनी ज़बान से उसके टोपे को छ्छू कर देखा और फिर टोपे तो अपने मुँह मे ले लिया. वो बहुत तेज़ी से लंड को चूसना सीख रही थी और थोड़ी देर मे ही वो बहुत अच्छी तरह से लंड को चूसने लगी. तनवी की कसमसाहट को देख कर मैं समझ गया कि वो मस्ती मे आ चुकी है. मैने प्यार से अपना लंड प्राची के मुँह से निकाला और तनवी की चूत के सुराख पर लगा दिया. फिर मैने प्राची से कहा के अच्छी तरह से देख ले की लंड चूत मे कैसे जाता है.

प्राची उठकर बैठ गयी और बहुत ध्यान से देखने लगी. मैने तनवी की चूत पर अपने लंड को रगड़ा और फिर उसकी दोनो पुट्तियों को फैला कर अपना लंड उसकी चूत मे दबाना शुरू कर दिया. तनवी ने एक सिसकारी ली और बोली एक ही झटके मे डाल दो ना पूरा अंदर. तो मैने हंसते हुए कहा के प्राची को भी तो समझाना है कि लंड कैसे चूत मे जाता है. आधा लंड जब तनवी की चूत मे घुस गया तो मैं रुक गया और लंड को बाहर खींच कर फिर अंदर डाल दिया. इस बार आधे से थोड़ा ज़्यादा अंदर कर दिया. मैने देखा की उत्तेजना के मारे प्राची का चेहरा तमतमा रहा था और उसने अपना एक हाथ अपने मम्मे पर रखा हुआ था और उसे दबा रही थी. प्रच ने अपना दूसरा हाथ बढ़ाकर मेरे लंड को च्छुआ, जैसे देख रही हो की ये कैसा डंडा है जो चूत को भेद कर अंदर बाहर हो रहा है. 3-4 घससों मे मैने अपना पूरा लंड तनवी की चूत मे डाल दिया और प्राची से कहा के देख लो पूरा लंड तनवी की चूत मे चला गया है और उसे कोई दर्द नही हुआ बल्कि मज़ा आ रहा है.

फिर मैने प्राची से कहा के देखती रहो अब मैं चुदाई शुरू करने जा रहा हूँ. मैने लंबे घस्से मारने शुरू कर दिए. अपना लंड मैं टोपे तक बाहर खींच लेता और फिर एक ही झटके मे पूरा तनवी की चूत मे डाल देता. हर घस्से पर तनवी के मुँह से एक मादक आआआआआआआः निकलती और वो अपनी गांद उठा कर लंड के अंदर आने का स्वागत करती. धीरे धीरे मैने घस्सो की रफ़्तार बढ़ानी शुरू कर दी और ये रफ़्तार इतनी बढ़ गयी की प्राची हैरानी से देख रही थी कि इतनी तेज़ी से मेरा लंड तनवी की चूत मे अंदर बाहर हो रहा है और तनवी को उसका बहुत मज़ा आ रहा है. फिर मैने अपने घस्सो का ज़ोर भी बढ़ाना शुरू कर दिया और अब हमारे शरीर आपस मे टकराने पर आवाज़े भी करने लगे.

करीब 10 मिनट की तगड़ी चुदाई के बाद तनवी झाड़ गयी और उसके साथ ही मैने अपनी रफ़्तार अत्यधिक तेज़ करके पूरे ज़ोर से धक्के मारने शुरू कर दिए और 10-15 करारे घस्से मार के मैं भी झाड़ गया और अपना लंड तनवी की चूत मे पूरा घुसा कर अपने वीर्य की पिचकारी छोड़ दी.

प्राची अपना उत्तेजना से लाल चेहरा घुमा घुमा कर कभी मेरा और कभी तनवी का चेहरा देख रही थी. तनवी के चेहरे पर असीक तृप्ति के भाव देखकर उसने एक झुरजुरी ली और बोली कि इतना मज़ा आता है. मैने हंस कर कहा कि हां मज़ा तो बहुत ही आता है चुदाई मे, पर तुम बताओ के तुम्हारा क्या ख्याल है ट्राइ करना चाहोगी या अभी और सोचना है. प्राची ने एक बार मेरी तरफ देखा और पूछा कि जो पहली बार दर्द होगा वो कितना होगा तो मैने कहा कि जितना इंजेक्षन लगवाने पर होता है उसी तरह का होगा बस थोड़ा सा ज़्यादा होगा. वो झेलने के बाद मज़े ही मज़े हैं, और सब से मज़े की बात ये है कि दर्द सिर्फ़ एक बार ही होगा और मज़े तुम बार बार ले सकोगी. दर्द फिर कभी नही होगा. इंजेक्षन की तरह नही की जितनी बार लग्वाओ उतनी बार दर्द होगा. ये सुनकर प्राची मुस्कुरा दी.

तनवी ने उठकर पास पड़े एक टवल से मेरे लंड और अपनी चूत को पोंच्छा और प्राची के पास आकर उसके मम्मे सहलाने लगी और बोली की लाडो तुमने देख ही लिया है कि ये जादू का डंडा जिसे लंड कहते हैं मेरी चूत मे कितनी तेज़ी से और ज़ोर से अंदर बाहर हो रहा था और मुझे कोई भी दर्द नही हुआ और मुझे भरपूर मज़ा आया. फिर उसने मेरे लंड को सहलाना शुरू कर दिया और मेरा लंड जो शिथिल पड़ गया था फिर से अकड़ने लगा. मैने प्राची को अपने पास खींच कर अपने ऊपेर लिटा लिया और उसे डीप किस करने लगा. अपना एक हाथ उसके कड़क मम्मे पर रखकर सहलाने लगा और दूसरा हाथ उसकी चूत पर फेरना शुरू कर दिया. धीरे धीरे प्राची की मस्ती बढ़ने लगी. दूसरी तरफ से तनवी ने भी एक हाथ से मेरे लंड को सहलाते हुए दूसरे हाथ से प्राची के शरीर को सहलाना शुरू कर दिया.

प्राची को मैने और ऊपेर करके उसके मम्मे को मुँह मे लेकर चुभलना शुरू किया और तनवी को बोला कि नीचे से वो प्राची को प्यार करे. क्या एहसास था. बहुत ही अनोखा था उसका स्पर्श. हाथ उसके जिस्म पर फिसल फिसल जा रहे थे. थोड़ी ही देर मे प्राची की साँसें तेज़ हो गयीं और वो इधर उधर मचलने लगी. मैने उसको सीधा करके लिटा दिया और तनवी को इशारे से ऊपर आने को कहा. मैने लूब्रिकेटिंग जेल्ली उठा कर उसकी चूत पर लगा दी और अपनी उंगली से उसे फैलाने लगा और उसकी चूत के छल्ले पर अपनी उंगली से दबाव डाला.

प्राची की चूत की फाँकें पूरी तरह से आपस मे चिपकी हुई थी और उसकी चूत का छल्ला बहुत टाइट था. मैने हल्का सा दबाव बढ़ाकर अपनी उंगली उसके अंदर कर दी और उसे इस तरह से दबा कर घुमाने लगा जिस से प्राची की चूत का छल्ला थोड़ा ढीला हो जाए. मेरे उंगली अंदर डालने पर प्राची चिहुनक गयी और बोली ये क्या कर रहे हैं. तनवी ने कहा कि तुम्हारी चूत का उद्घाटन करने की तैयारी कर रहे हैं.

फिर तनवी ने प्राची का ध्यान बटाने के लिए उसके साथ बातें करनी शुरू कर दीं. वो बोली कि प्राची तुम बहुत भाग्यशाली हो की राज जैसा समझदार और प्यार करने वाला तुम्हारी पहली चुदाई करने जा रहा है. तुम्हे इतना मज़ा देगा कि तुम सब कुच्छ भूल जाओगी और ऐसा मज़ा तुम्हे पहले कभी भी नही आया होगा. प्राची ने कहा कि मज़ा तो बाद मे आएगा, पर जो दर्द होगा पहले उसका क्या? तनवी हंस पड़ी और बोली कि प्राची तुम दर्द से डर रही हो, वो तो तुम्हे चाहे कोई भी चोदे या तुम खुद अपने हाथ से कोई भी चीज़ अपनी चूत मे डाल लो पहली बार तो होगा ही पर राज इतने प्यार से चुदाई करता है की तुम्हे दर्द कम से कम होगा और मज़ा ज़्यादा से ज़्यादा आएगा.

तुम बिल्कुल भी डरो नही दर्द होगा भी तो वो बहुत ही थोड़ी देर के लिए होगा और मज़ा इतना ज़्यादा होगा कि तुम्हारा दर्द उसमे खो जाएगा. चिंता की कोई बात ही नही है. राज को बहुत तजुर्बा है कुँवारी चूतो की पहली चुदाई का और मेरे सामने ही इसने 5-6 कुँवारी चूतो का उद्घाटन किया है और मेरी भी पहली चुदाई राज ने ही की थी. इसलिए मैं तुम्हे विश्वास दिलाती हूँ की चिंता की कोई भी बात नही है.

इधर अब मेरी दो उंगलियाँ प्राची की चूत मे जा चुकी थी और मैं उन्नको घुमा कर चूत के छल्ले को ढीला करने मे जुटा हुआ था. साथ ही मैं और तनवी दोनो मिलकर प्राची की उत्तेजना को बढ़ाने मे भी लगे हुए थे. मैं रह रह कर चूत के भज्नासे को छेड़ देता था और उसकी चिकनी जांघों को अपने दूसरे हाथ से सहला भी रहा था. तनवी कभी उसे डीप किस कर रही थी और कभी उसके मम्मे मुँह मे लेकर चूसने लगती तो कभी अपने हाथो मे लेकर उसके निपल चुटकी मे प्यार से मसल देती. प्राची के मुँह से अब हाआआआआआआआं, हूऊऊऊऊऊऊऊओन की आवाज़े आनी शुरू हो गयी थी.

मैने ढेर सारी लूब्रिकेटिंग जेल्ली प्राची की चूत मे लगा दी और अपने लंड पर भी अच्छी तरह से लगा कर उसे चिकना करके प्राची की टाइट चूत मे घुसने के काबिल बना दिया. फिर मैने तनवी को इशारा किया और प्राची की दोनो टांगे पूरी खोल कर अपने लंड को उसकी चूत की दरार पर रगड़ने लगा. प्राची अपनी तेज़ साँसों के साथ उत्तेजित हो चुकी नज़र आ रही थी और उसकी आँखे मूंदी हुई थी. मैने अपने लंड काटोपा उसकी चूत के छल्ले पर रख कर दबाव डालना शुरू किया. थोड़ी सी जगह बनते ही मैने एक हल्का सा झटका दिया और मेरा टोपा प्राची की चूत के छल्ले को पूरा फैला कर अंदर घुस गया. प्राची उच्छलने को हुई पर मेरे हाथों की उसकी जांघों पर पकड़ मज़बूत होने के कारण और तनवी के उसको कस के पकड़ने की वजह से बिल्कुल भी नही हिल सकी.

मैने पूछा के प्राची क्या हुआ? तो वो बोली के जैसे दर्द होने लगा था पर नही हुआ और अब बहुत भारी सा लग रहा है, क्या डाल दिया है? मैने कहा के हां डाल तो दिया है पर थोड़ा सा ही गया है अंदर और अब और भी अंदर जाएगा. पर तुम चिंता ना करो तुम्हे कुच्छ नही होगा हम दोनो हैं ना. मैने अपने लंड को अंदर बाहर हिलाना शुरू कर दिया और सिर्फ़ इतना ही की प्राची की चूत का छल्ला मेरे लंड पर जहाँ था वहीं रहे बस लंड के साथ ही अंदर को दब जाए और बाहर आ जाए. उधर तनवी ने प्राची को उत्तेजित करना चालू रखा हुआ था और उसी वजह से प्राची को कुच्छ समझ नही आ रहा था कि क्या हो रहा है और क्या होने जा रहा है. तनवी ने अपना एक हाथ नीचे करके प्राची के दाने को छेड़ना शुरू कर दिया और प्राची की आँखे फिर से मुन्दने लगी. मैने धीरे धीरे झूलते हुए एक ज़ोरदार धक्का मारा और मेरा लंड प्राची की सील को तोड़ता हुआ अंदर घुस गया.

प्राची के मुँह से एक ज़ोर की चीख निकली जो कमरे की दीवारों से टकरा कर रह गयी. बाहर भी चली जाती तो कुच्छ फिकर नही था क्यों कि बाहर कोई भी नही था. मैने अपने लंड को वहीं पर जाम कर दिया. प्राची की टांगे जो इस बीच मैने उठा दी थी बुरी तरह से काँप रही थी और उसकी आँखों से मोती झार रहे थे. तनवी ने उसको बड़े प्यार से सहलाते हुए कहा कि बस अब हो गया और जो भी दर्द होना था हो गया. अब तुम्हारी चूत आराम से लंड ले सकती है आगे कभी भी लंड घुसने मे दर्द नही होगा. मैं पहले की तरह ही लंड को हल्के हल्के अंदर बाहर कर रहा था लेकिन उतना ही जैसे पहले शुरू मे था. थोड़ी ही देर मे प्राची समान्य होती नज़र आई तो मैने अपने लंड को आधा इंच अंदर बाहर करना शुरू कर दिया लेकिन बहुत धीरे धीरे. अब इतना एक्सपीरियेन्स हो चुका था कि मैं ये सब मशीनी अंदाज़ मे करता था, मतलब की इसके लिए मुझे कुच्छ भी सोचना या कोई प्रयास नही करना पड़ता था सब अपने आप ही होता था.

थोड़ी देर और गुज़री और प्राची के चेहरे से सारा तनाव और दर्द की रेखायें मिट गयी थी और उनकी जगह एक मनमोहक मुस्कान ने ले ली थी. मैने पूछा के क्यों प्राची अब दर्द तो नही हो रहा. प्राची ने कहा के नही अब दर्द तो बहुत ही कम हो रहा है और मज़ा आना शुरू हो गया है, आप करते रहो. फिर क्या था मैने अपने लंड के धक्कों की लंबाई बढ़ानी शुरू कर दी और थोड़ी देर मे ही मेरा लंड आधा बाहर आकर अंदर जा रहा था. प्राची ने भी नीचे से अपनी गांद हिलानी शुरू कर दी थी और मज़े ले रही थी. हर धक्के के साथ मैं अपने लंड को थोड़ा और अंदर कर देता था. नतीजा ये की 15-20 धक्कों के बाद मेरे लंड का टोपा प्राची की बच्चेदानी के मुँह से जा टकराया और उसको गुदगुदा गया. वो मस्ती मे झूमती हुई बोली के ये क्या किया है. मैने प्यार से कहा के कुच्छ नही मेरा लंड पूरा अंदर घुस कर तुम्हारी बच्चेदानी के मुँह से टकराया है और तुम्हे गुदगुदा गया है. मैने उसे पूछा की उसे अच्छा लग रहा है या नही? प्राची बोली के बहुत मज़ा आ रहा है.

फिर मैने बड़े प्यार से प्राची की चुदाई शुरू कर दी. तनवी के साथ मैं एक बार झाड़ चुका था, इसलिए मुझे दुबारा झड़ने मे टाइम तो लगना ही था. मैं एक लयबद्ध तरीके से प्राची की चुदाई करने लगा. प्राची के गुदाज का स्पर्श मुझे बहुत रोमांचित कर रहा था और मैं उसका भरपूर आनंद ले रहा था. चुदन चुदाई का इस खेल का मैं पुराना खिलाड़ी हूँ, इसलिए मुझे मज़ा लेने के साथ साथ मज़ा देना भी खूब अच्छी तरह से आता है. मैं कभी अपने घिसों की रफ़्तार तेज़ कर देता और कभी कम और कभी लंबाई ज़्यादा और कभी कम.

क्रमशः......

KUNWARIYON KA SHIKAAR--36

gataank se aage..............

Agle din school se aane ke baad maine fresh hokar jaldi lunch kar liya aur thoda aaram karke nahakar fresh ho gaya. Prachi ke aate hi Tanvi ne use lekar mere paas aana tha. Thodi der me hi Tanvi Prachi ko lekar aa gayi. Usne halke firozi rang ka top aur Bermuda shorts pahani hui thee aur bilkul life size gudiya lag rahi thi. Prachi ne mujhe wish kiya to maine aage badhkar uska hath pakda aur hello kahte hue apni or kheencha. Wo thoda sharma gayi aur najare jhukaakar meri taraf aa gayi. Maine use apni bahon me bhar liya aur uske gaal par ek pyari si kis karke kaha ki dekho sharmaane se kaam nahi chalega, hum dost hain aur dosti me sharm nahi ki jaati. Usne kaha ki theek hai. Phir maine usko apne saath hi sofe par bitha liya aur kaha ki Tanvi bol rahi thi ki tum sex ke baare me bilkul anjaan ho aur chahti ho ki tumhe uske maze ka poora anubhav karaayaa jaaye.

Prachi ka chehra poori tarah laal ho gaya aur wo boli ke chahti to hoon. Maine kaha ki main isme tumhari poori madad kar sakta hoon agar tum chaho to. Prachi ne kaha ki use dar lagta hai ki dard bahut hoga. Maine kaha ke dekho Prachi pahli baar karne par dard to hoga hi par main is baat ka poora khayal rakhta hoon ke dard kam se kam ho aur poora maza aaye. Uske chehre par duvidha ke bhaav dekhkar maine kaha ke aisa karte hain ke pahle main Tanvi ke saath karta hoon aur tum achche se dekh aur samajh lo phir agar tumhaara dil chaahe to tum bhi karva lena. Main kabhi bhi kisi ke saath zabardasti nahi karta. Agar tum nahi chahogi to rahne denge. Tension bilkul nahi lena tum. Is par wo boli ki theek hai. Main uthkar dono ko apne bedroom me le aaya.

Andar aate hi maine aur Tanvi ne apne kapde utaarne shuru kar diye. Prachi dono ko hairani se dekhti rahi. Tanvi ne use kaha ki dekh kya rahi ho, chalo apne kapde to utaaro. Maine bhi usko apne saath chipkaate hue kaha ki deko Prachi hum aapas me baaki sab to kar hi sakte hain na, tum hamaare saath sparsh sukh to prapt kar hi sakti ho aur agar nahi chahogi to tumhaari chudayee nahi karoonga, aur bahut tareeke hain mazaa lene ke, vaise hi mazaa lo.

Prachi ne bhi apne kapde utaar diye. Main to use dekhta hi rah gaya. Chhote chhote uske mamme, patli lambi taange, bhari hui janghein, pichka hua pait aur gori rangat me uski neeli nasein dikh rahi thee jo uski khoobsoorti ko aur bhi badha rahi thee. Maine aage badhkar use apne saath chipka kar uske ek mamme par apna haath rakh diya aur aahista se use dabaya aur sehlaya. Uska anaar ke daaney jaisa nipple kadak hokar meri hatheli ko gudgudaane laga. Maine apna munh neeche karke uske doosre mamme ko apne munh me bhar liya. Prachi ke munh se ek maadak siskaari nikli aur wo zor se mere saath chipak gayi.

Main use aur Tanvi ko lekar bed par aa gaya. Tanvi ne mere apde hue lund ko haath me lekar Prachi ko dikhaya aur kaha dekho ye hain lund aur choot me jab andar jaata hai to bahut maza aata hai aur asli maza vahi hota hai. Maine Tanvi aur Prachi ke beech me aakar dono ke ek ek mamme ko apne haath me lekar sahalaanaa shuru kya. Phir maine Prachi ko kaha ke wo Tanvi ki doosri side par aa jaaye aur uske mamme sehlaaye. Maine Tanvi ko kis karna shuru kiya. Phir uski gardan par apne honth phirate hue uske mamme ko choosa aur apne munh ka neeche ka safar jaari rakhte hue uski nabhi se ho kar uski choot par apna munh tika diya. Tanvi ne Prachi ko ulat jaane ke kaha aur uski taange sehlaate hue uski choot ko chaatna shuru kar diya aur Prachi se kaha ke mere lund ko sehlaaye aur agar bura na lage to usko choomey aur lollipop ki tarah choosey.

Prachi ne badi komalta se mera lund apne haath me liya aur use chooma, phir apni zabaan se uske topey ko chhoo kar dekha aur phir topey to apne munh me le liya. Wo bahut tezi se lund ko choosna seekh rahi thi aur thodi der me hi wo bahut achchi tarah se lund ko choosne lagi. Tanvi ki kasmasahat ko dekh kar main samajh gaya ki wo masti me aa chuki hai. Maine pyar se apna lund Prachi ke munh se nikala aur Tanvi ki choot ke suraakh par lagaa diya. Phir maine Prachi se kaha ke achchi tarah se dekh le ki lund choot me kaise jaata hai.

Prachi uthkar baith gayee aur bahut dhyaan se dekhne lagi. Maine Tanvi ki choot par apne lund ko ragda aur phir uski dono puttiyon ko phaila kar apna lund uski choot me dabana shuru kar diya. Tanvi ne ek siskaari li aur boli ek hi jhatke me daal do na poora andar. To maine hanste hue kaha ke Prachi ko bhi to samjhana hai ki lund kaise choot me jaata hai. Aadha lund jab Tanvi ki choot me ghus gaya to main ruk gaya aur lund ko baahar kheench kar phir andar daal diya. Is baar aadhe se thoda zyada andar kar diya. Maine dekha ki uttejana ke maare Prachi ka chehra tamtamaa raha tha aur usne apna ek haath apne mamme par rakha hua thaa aur use dabaa rahi thi. Prach ne apna doosra haath badhakar mere lund ko chhua, jaise dekh rahi ho ki ye kaise danda hai jo choot ko bhed kar andar baahar ho raha hai. 3-4 ghasson me maine apna poora lund Tanvi ki choot me daal diya aur Prachi se kaha ke dekh lo poora lund Tanvi ki choot me chala gaya hai aur use koyi dard nahi hua balki maza aa raha hai.

Phir maine Prachi se kaha ke dekhti raho ab main chudayee shuru karne jaa raha hoon. Maine lambe ghassey maarne shuru kar diye. Apna lund main topey tak baahar kheench leta aur phir ek hi jhatke me poora Tanvi ki choot me daal deta. Har ghassey par Tanvi ke munh se ek maadak aaaaaaaaaaaaah nikalti aur wo apni gaand uthaa kar lund ke andar aane ka swaagat karti. Dheere dheere maine ghasson ki raftaar badhaani shuru kar di aur ye raftaar itni badh gayi ki Prachi hairaani se dekh rahi thi ki itni tezi se mera lund Tanvi ki choot me andar baahar ho raha hai aur Tanvi ko uska bahut mazaa aa raha hai. Phir maine apne ghasson ka zor bhi badhana shuru kar diya aur ab hamaare shareer aapas me takraane par aavaaje bhi karne lage.

Kareeb 10 min ki tagdi chudayee ke baad Tanvi jhad gayee aur uske saath hi maine apni raftaar atyadhik tez karke poor zor se dhakke maarne shuru kar diye aur 10-15 karaaey ghassey maar ke main bhi jhad gaya aur apna lund Tanvi ki choot me poora ghusa kar apne veerya ki pichkari chod di.

Prachi apna uttejana se laal chehra ghuma ghuma kar kabhi mera aur kabhi Tanvi ka chehra dekh rahi thi. Tanvi ke chehre par aseek tripti ke bhaav dekhkar usney ek jhurjhuri li aur boli ki itna mazaa aata hai. Maine hans kar kaha ki haan mazaa to bahut hi aata hai chudayee me, par tum batao ke tumhaara kya khyal hai try karna chahogi ya abhi aur sochna hai. Prachi ne ek baar meri taraf dekha aur poochha ki jo pahli baar dard hoga wo kitna hoga to maine kaha ki jitna injection lagwaane par hota hai usi tarah ka hoga bas thoda sa zyada hoga. Wo jhelne ke baad maze hi maze hain, aur sab se maze ki baat ye hai ki dard sirf ek baar hi hoga aur maze tum baar baar le sakogi. Dard phir kabhi nahi hoga. Injection ki tarah nahi ki jitni baar lagwao utni baar dard hoga. Ye sunkar Prachi muskura di.

Tanvi ne uthkar paas padey ek towel se mere lund aur apni choot ko ponchha aur Prachi ke paas aakar uske mamme sehlaane lagi aur boli ki lado tumne dekh hi liya hai ki ye jaadu ka danda jisey lund kahte hain meri choot me kitni tezi se aur zor se andar baahar ho raha tha aur mujhe koyi bhi dard nahi hua aur mujhe bharpoor maza aaya. Phir usne mere lund ko sehlaana shuru kar diya aur mera lund jo shithil pad gaya tha phir se akadne laga. Maine Prachi ko apne paas kheench kar apne ooper lita liya aur use deep kis karne laga. Apna ek haath uske kadak mamme par rakhkar sehlaane laga aur doosra haath uski choot par pherna shuru kar diya. Dheere dheere Prachi ki masti badhne lagi. Doosri taraf se Tanvi ne bhi ek haath se mere lund ko sehlaate hue doosre haath se Prachi ke shareer ko sahalaanaa shuru kar diya.

Prachi ko maine aur ooper karke uske mamme ko munh me lekar chubhlana shuru kiya aur Tanvi ko bola ki neeche se wo Prachi ko pyar kare. Kya ehsaas tha. Bahut hi anokha tha uska sparsh. Haath uske jism par phisal phisal jaa rahe the. Thodi hi der me Prachi ki saansein tez ho gayeen aur wo idhar udhar machalne lagi. Maine usko seedha karke lita diya aur Tanvi ko ishaare se opper aaney ko kaha. Maine lubricating jelly utha kar uski choot par laga di aur apni ungli se use phailaane laga aur uski choot ke challe par apni ungli se dabaav daala.

Prachi ki choot ki faankein poori tarah se aapas me chipki hui thee aur uski choot ka challa bahut tight tha. Maine halka sa dabaav badhaakar apni ungli uske andar kar di aur use is tarah se dabaa kar ghumaane laga jis se Prachi ki choot ka challa thoda dheela ho jaaye. Mere ungli andar daalne par Prachi chihunk gayee aur boli ye kya kar rahe hain. Tanvi ne kaha ki tumhaari choot ka udghaatan karne ki taiyaari kar rahe hain.

Phir Tanvi ne Prachi ka dhyan bataane ke liye uske saath baatein karni shuru kar deen. Wo boli ki Prachi tum bahut bhagyashaali ho ki Raj jaisa samajhdaar aur pyaar karne waala tumhaari pahli chudayee karne jaa raha hai. Tumhe itna maza dega ki tum sab kuchh bhool jaaogi aur aisa maza tumhe pahle kabhi bhi nahi aaya hoga. Prachi ne kaha ki maza to baad me aayega, par jo dard hoga pahle uska kya? Tanvi hans padi aur boli ki Prachi tum dard se dar rahi ho, wo to tumhe chahe koyi bhi chode ya tum khud apne haath se koyi bhi cheez apni choot me daal lo pahli baar to hoga hi par Raj itne pyar se chudaayee karta hai ki tumhe dard kam se kam hoga aur maza zyada se zyada aayega.

Tum bilkul bhi daro nahi dard hoga bhi to wo bahut hi thodi der ke liye hoga aur maza itna zyada hoga ki tumhaara dard usme kho jaayega. Chinta ki koyi baat hi nahi hai. Raj ko bahut tajurba hai kunwaari chooto ki pahli chudaayi ka aur mere saamne hi isne 5-6 kunwaari chooto ka udghaatan kiya hai aur meri bhi pahli chudayee Raj ne hi ki thi. Isliye main tumhe vishwaas dilaati hoon ki chinta ki koyi bhi baat nahi hai.

Idhar ab meri do ungliyaan Prachi ki choot me jaa chuki thee aur main unnko ghuma kar choot ke challe ko dheela karne me jutaa hua tha. Saath hi main aur Tanvi dono milkar Prachi ki uttejana ko badhane me bhi lage hue the. Main rah rah kar choot ke bhagnaase ko ched deta tha aur uski chikni jaanghon ko apne doosre haath se sehla bhi raha tha. Tanvi kabhi use deep kis kar rahi thi aur kabhi uske mamme munh me lekar choosne lagti to kabhi apne haatho me lekar uske nipple chutki me pyar se masal deti. Prachi ke munh se ab haaaaaaaaaaaaaaaan, hooooooooooooooooon ki aavaaje aani shuru ho gayi thee.

Maine dher saari lubricating jelly Prachi ki choot me lagaa di aur apne lund par bhi achchi tarah se laga kar use chikna karke Prachi ki tight choot me ghusne ke kaabil bana diya. Phir maine Tanvi ko ishaara kiya aur Prachi ki dono taange poori khol kar apne lund ko uski choot kee daraar par ragadne laga. Prachi apni tez saanson ke saath uttejit ho chuki nazar aa rahi thi aur uski aankhe mundi hui thee. Maine apne lund ka topa uski choot ke challe par rakh kar dabaav daalna shuru kiya. Thodi si jagah bante hi maine ek halka sa jhatka diya aur mera topa Prachi ki choot ke challe ko poora phaila kar andar ghus gaya. Prachi uchhalne ko hui par mere hathon ki uski janghon par pakad mazboot hone ke kaaran aur Tanvi ke usko kas ke pakadne ki vajah se bilkul bhi nahi hil saki.

Maine poochha ke Prachi kya hua? To wo boli ke jaise dard hone laga tha par nahi hua aur ab bahut bhaari sa lag raha hai, kya daal diya hai? Maine kaha ke haan daal to diya hai par thoda sa hi gaya hai andar aur ab aur bhi andar jaayega. Par tum chinta na karo tumhe kuchh nahi hoga ham dono hain na. Maine apne lund ko andar bahar hilana shuru kar diya aur sirf itna hi ki Prachi ki choot ka challa mere lund par jahan tha wahin rahe bas lund ke saath hi andar ko dab jaaye aur bahar aa jaaye. Udhar Tanvi ne Prachi ko utteji karna chaalu rakha hua tha aur ussi vajah se Prachi ko kuchh samajh nahi aa raha tha ki kya ho raha hai aur kya hone jaa raha hai. Tanvi ne apna ek haath neeche karke Prachi ke daane ko chedna shuru kar diya aur Prachi ki aankhe phir se mundne lagee. Maine dheere dheere jhoolte hue ek zordar dhakka maara aur mera lund Prachi ki seal ko todta hua andar ghus gaya.

Prachi ke munh se ek zor ki cheekh nikli jo kamre ki deewaron se takra kar rah gayi. Bahar bhi chali jaati to kuchh fikar nahi tha kyon ki bahar koyi bhi nahi tha. Maine apne lund ko waheen par jaam kar diya. Prachi ki taange jo is beech maine utha di thee buri tarah se kaamp rahi thee aur uski aankhon se moti jhar rahe the. Tanvi ne usko bade pyar se sehlaate hue kaha ki bas ab ho gaya aur jo bhi dard hona tha ho gaya. Ab tumhaari choot araam se lund le sakti hai aage kabhi bhi lund ghusne me dard nahi hoga. Main pahle ki tarah hi lund ko halke halke andar bahar kar raha tha lekin utna hi jaise pahle shuru me tha. Thodi hi der me Prachi samaanya hoti nazar aayi to maine apne lund ko aadha inch andar bahar karna shuru kar diya lekin bahut dheere dheere. Ab itna experience ho chuka tha ki main ye sab mashini andaz me karta tha, matlab ki iske liye mujhe kuchh bhi sochna ya koyi prayaas nahi karna padta tha sab apne aap hi hota tha.

Thodi der aur guzri aur Prachi ke chehre se saara tanaav aur dard ki rekhaayein mit gayi thee aur unnki jagah ek manmohak muskaan ne le li thi. Maine poochha ke kyon Prachi ab dard to nahi ho raha. Prachi ne kaha ke nahi ab dard to bahut hi kam ho raha hai aur mazaa aana shuru ho gaya hai, aap karte raho. Phir kya tha maine apne lund ke dhakkon ki lambayi badhaani shuru kar di aur thodi der me hi mera lund adha bahar aakar andar jaa raha tha. Prachi ne bhi neeche se apni gaand hilaani shuru kar di thi aur maze le rahi thi. Har dhakkey ke saath main apne lund ko thoda aur andar kar deta tha. Nateeja ye ki 15-20 dhakkon ke baad mere lund ka topa Prachi ki bachchedaanee ke munh se jaa takraaya aur usko gudgudaa gaya. Wo masti me jhoomti hui boli ke ye kya kiya hai. Maine pyaar se kaha ke kuchh nahi mera lund poora andar ghus kar tumhaari bachchedaanee ke munh se takraaya hai aur tumhe gudguda gaya hai. Maine use poochha ki use achha lag raha hai ya nahi? Prachi boli ke bahut maza aa raha hai.

Phir maine bade pyar se Prachi ki chudayee shuru kar di. Tanvi ke saath main ek baar jhad chuka tha, Isliye mujhe dubara jhadne me time to lagna hi tha. Main ek laybaddh tareeke se Prachi ki chudayee karne laga. Prachi ke gudaaj ka sparsh mujhe bahut romanchit kar raha tha aur main uska bharpoor anand le raha tha. Chudan chudayi ka is khel ka main purana khiladi hoon, Isliye mujhe maza leney ke saath saath maza dena bhi khoob achchi tarah se aata hai. Main kabhi apne ghison ki raftaar tez kar deta aur kabhi kam aur kabhi lambayi zyada aur kabhi kam.

kramashah......


rajaarkey
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Re: कुँवारियों का शिकार

Unread post by rajaarkey » 06 Dec 2014 15:22

कुँवारियों का शिकार--37

गतान्क से आगे..............

मैने प्राची के पुष्ट मम्मे जो अब पत्थर की तरह सख़्त हो रहे थे अपने हाथो मे पकड़े और उनके छ्होटे छ्होटे निपल्स को अपने अंगूठों से रगड़ने लगा. फिर मैने उसके एक निपल को अपने मुँह मे लेकर चुभलना शुरू कर दिया. दूसरा मम्मा मेरे हाथ की जाकड़ मे था और मैं उसे दबाने की नाकाम कोशिश कर रहा था. प्राची ने अपने दोनो हाथ लाकर मेरे सर पर रख दिए और दबाने लगी. फलस्वरूप उसके मम्मे पर मेरे मुँह का दबाव और बढ़ गया. मैने उसे चूसना शुरू कर दिया और अपने मुँह मे पूरा भरने की कोशिश की. मेरे दातों का हल्का सा दबाव उसके मम्मे पर था और मेरी जीभ उसके निपल से छेड़ छाड़ कर रही थी. अत्यधिक मज़े के कारण प्राची की आँखे मूंद रही थी और वो अधखुली आँखों से मुझे देख रही थी.

उधर मेरा लंड उसकी चूत मे लगातार अंदर बाहर हो रहा था और अब उसकी रफ़्तार भी तेज़ हो गयी थी. प्राची अब नीचे से अपनी गांद पूरी उठा कर लंड को तेज़ी से अंदर लेने का प्रयास कर रही थी और जब लंड पूरा अंदर घुस जाता तो धक्के के ज़ोर से उसकी गांद बेड पर जा टिकती और जब मैं अपना लंड बाहर निकालता तो वो गांद को बेड पर टिकाए लंड के अंदर घुसने का इंतेज़ार करती. थोड़ी हे देर मे प्राची के चेहरे के भाव बदले और मैं समझ गया कि वो झड़ने वाली है. मैने तुरंत अपने घस्सो की रफ़्तार और तेज़ करदी और साथ ही ज़ोर भी लगाना शुरू कर दिया. प्राची के मुँह से उउउउउउउउउउउन्ह, आआआआआआआः, ऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ की आवाज़े निकलने लगी और वो हान्फ्ते हुए बोली की और ज़ोर से करो, मुझे कुच्छ होने लगा है.

उधर तनवी बड़े मनोयोग से इस ज़बरदस्त चुदाई को देख रही थी और प्राची के जोश मे आते ही उसने अपना हाथ बढ़ाकर उसकी चूत के दाने को छेड़ना शुरू कर दिया और अपना मुँह प्राची की गर्दन पर रखकर उसकी फूली हुई नस पर अपनी जीभ फेरने लगी. इस दोहरे मज़े को प्राची सह नही सकी और जल्दी ही झाड़ गयी. उसका पूरा शरीर झंझनाने लगा और वो बोली के दीदी मुझे पकड़ लो मैं गयी. तनवी ने प्यार से उसके सर पर अपना हाथ रखा और कहा के कुच्छ नही होगा तुम्हे हम हैं ना. प्राची की चूत से पानी निकल कर नीचे टवल को भिगोने लगा. पानी के साथ साथ थोड़े खून के कतरे भी थे. इस सब के दौरान मैं अपने लंड को अंदर बाहर करता रहा और प्राची के समान्य होने का इंतेज़ार भी. थोड़ी देर मे प्राची ने अपने आँखे खोल कर मेरी तरफ एक लुभावनी मुस्कान के साथ देखा और बोली कि इतना मज़ा आया जो मैं सपने मे भी नही सोच सकती थी. मैने कहा के अभी तो और भी आएगा और आता ही रहेगा.

फिर मेरे झड़ने तक प्राची 2 बार और झड़ी और जब मेरे गरम गरम वीर्य की पिचकारी उसकी चूत मे बच्चेदानी पर पड़ी तो जैसे उसकी साँसें ही अटक गयीं. उसकी चूत झटके खाने लगी और मेरे वीर्य को जैसे नोचोड़ना चाहती हो. मैं भी मज़े से अपना लंड पूरा उसकी चूत मे डाल कर अपने वीर्य की बौच्चरें उसकी चूत मे छ्चोड़ता रहा और आख़िर मे उसके ऊपेर ढेर हो गया. फिर मैं पलटा और प्राची को अपने साथ चिपकालिया. प्राची ने भी मुझे अपनी बाहों मे कस लिया और दनादन ढेर सारे चुंबनों से मेरा पूरा चेहरा गीला कर दिया. मैने हाथ बढ़ा कर टवल से अपना लंड पोंच्छा और प्राची की चूत को भी पोंच्छ कर टवल नीचे फेंक दिया.

मैने तनवी को इशारा किया और वो उठकर बाथरूम मे चली गयी, प्राची के हॉट वॉटर ट्रीटमेंट के इंतज़ाम के लिए. थोड़ी देर मे ही मैने प्राची को अपनी गोद मे उठाया और उसे बाथरूम मे गरम पानी के टब मे बिठा दिया और कहा के तनवी तुम्हे सब समझा देगी कि ये क्या और क्यों है. मैं बाहर आकर उनका इंतेज़ार करने लगा. कुच्छ देर के बाद तनवी प्राची को सहारा देकर बाहर ले आई. प्राची की चाल मे अभी भी लंगड़ाहट थी पर वो मुस्कुराते हुए मेरे पास आई और मुझसे लिपट गयी. मैने उसे एक पेन किल्लर और एक आंटी-प्रेग्नेन्सी टॅबलेट खिला दी और उसको वही अपना पुराना लेक्चर पिलाया की बहुत ज़्यादा चुदाई की तरफ ध्यान ना देकर अपनी पढ़ाई करे एट्सेटरा.

कुच्छ देर बाद प्राची ने मुझसे पूछा कि इतनी अच्छी चुदाई कैसे सीखी, पर सबसे पहले ये बताओ कि सबसे पहले तुमने चुदाई कब की? मैने कहा कि आज ही सब पूछोगि क्या. प्राची तुनक कर बोली कि हां मुझे आज ही पता लगाना है, बताओ ना. मैने हंस कर कहा कि चलो ठीक है मैं अपनी पहली चुदाई से शुरू करता हूँ. तनवी भी बड़ी उत्सुकता से मेरे दूसरी तरफ आ कर बैठ गयी और बोली कि हां ये तो मैं भी सुनूँगी.

मैं अपनी पुरानी यादों मे खो गया. मुझे याद आई बड़ी बड़ी आँखों वाली नैना. उसे याद करके मैं मुस्कुराए बिना ना रह सका. मैने एक बार तनवी की तरफ देखा और फिर प्राची को देखते हुए मैने बोलना शुरू किया. निमा नाम था उसका. और वो मुझसे उमर मे बड़ी थी लेकिन केवल 10 दिन. वो शुरू से ही हमारे पड़ोसी थे. बात उन दिनों की है जब मैं 12थ क्लास मे था और अभी कुच्छ दिन पहले ही मैं 18 साल काहुआ था. हमारे स्कूल का आन्यूयल डे का फंक्षन था और वो उसमे म्यूज़िकल डॅन्स ड्रामा मे बादशाह अकबर का रोल कर रही थी.

मैं भी स्कूल फंक्षन मे पार्टिसिपेट कर रहा था. फाइनल ड्रेस रॅहर्सल के दिन वो मेरे पास आई और बोली के राज प्लीज़ मेरी हेल्प करो ड्रेस अप करने मे. अभी रॅहर्सल स्टार्ट होने मे बहुत टाइम था और मैं तो वहाँ जनरल सूपरविषन करने के लिए सबसे पहले पहुँचा ही था और वो बाकी सबसे पहले वहाँ आ गयी थी. मैने कहा के चलो मैं तुम्हे ड्रेस अप करवा देता हूँ फिर मेक-अप तुम सबसे पहले करवा लेना. उसने कहा के इसीलिए तो वो जल्दी आई है ताकि सबसे पहले उसका मेक-अप हो जाए. हम ड्रेसिंग रूम मे आ गये और उसने दरवाज़ा अंदर से लॉक कर दिया और अपने कपड़े उतारने लगी. सर्दी शुरू हो चुकी थी और उसने अपनी जीन्स के नीचे शॉर्ट लेगैंग्स पहनी हुई थी. ऊपेर शर्ट के नीचे उसने सिर्फ़ एक पतली सी अंडर शर्ट पहनी हुई थी और उसमे उसके 38 साइज़ के बिना ब्रा के मम्मे ग़ज़ब ढा रहे थे.

ठंड के कारण उसके अंगूर के दाने जैसे निपल उभरे हुए नज़र आ रहे थे. मैने उसे कहा के क्या बात है आज तुमने ब्रा भी नही पहनी है. वो मेरे साथ बहुत फ्रॅंक थी, इसलिए मुस्कुरा के बोली के ओये झल्ले अपने मम्मे नही दिखाने, इनको ब्रा मे नही पट्टी मे बाँधना है ताकि मेल चेस्ट लगे. मैने कहा के हां ये बात तो है. उसने अपने बॅग मे से पट्टी निकाली तो मैने वो पकड़ ली और उसके पीछे आ गया और उसको कहा कि अपनी अंडर शर्ट ऊपेर करे ताकि मैं पट्टी बाँध दूं. उसने अपनी शर्ट ऊपेर की तो मुझसे रहा नही गया और मैने अपने हाथ बढ़ा कर उसके दोनो सख़्त मम्मे अपने हाथ मे ले लिए और उन्हे दबाने लगा और अपने जलते हुए होंठ उसकी गर्दन पर रख दिए. उसके मम्मे अपने हाथो मे लेते ही मुझे एक ज़बरदस्त करेंट जैसा लगा और मेरा पूरा शरीर झानझणा गया.

ये मेरा पहला मौका था कि किसी के नंगे मम्मे मेरे हाथो मे थे और वो भी इतने सुडौल और बड़े साइज़ के. मैने उनका पूरा नाप तोल कर डाला. वो भी बहुत ज़ोर से काँप गयी, शायद उसके लिए भी ये पहली बारी थी. निमा ने एक ज़ोर के झुरजुरी ली और बोली ये क्या कर रहे हो कोई आ जाएगा. मैने कहा कि कुच्छ नही होगा दरवाज़ा तो तुमने लॉक कर दिया है कोई नही आएगा. मैने उसके मम्मों को बड़े प्यार से सहलाना और दबाना शुरू कर दिया तो वो मचल उठी और बोली की राज अभी नही प्लीज़ बाद मे करेंगे ये सब अभी तो मुझे जल्दी से तैयार होने दो. मैने कहा कि ठीक है पर पहले तुम पक्का वादा करो कि बाद मे हम ये सब करेंगे. वो बोली के गॉड प्रोमिस राज बाद मे करेंगे, दिल तो मेरा भी बहुत कर रहा है पर अभी तैयार होना है. फर्स्ट थिंग्स फर्स्ट. ना चाहते हुए भी मैने जल्दी से उसे तैयार होने मे हेल्प करी. उसके मम्मों पर पट्टी बाँध दी और उसको कहा कि अपने मम्मों को बाहर की तरफ कर दे ताकि चेस्ट फ्लॅट दिखे. फिर उसे चोगा पहनाया जो कि एक अंगरखा था और उसके फीते साइड पर थे. चूड़ीदार उसने खुद ही पहन लिया. और फिर मैं बाहर आ गया.

रॅहर्सल के ख़तम होते ही वो जल्दी से चेंज करके आई और मुझे बुलाने लगी. मैं तो चेंज कर ही चुका था और बाकी सबके चेंज करने काइंतेज़ार कर रहा था. मैने उसको कहा कि गर्ल्स की सारी प्रॉपर्टी वो संभलवा दे और मैं इधर बाय्स की सारी प्रॉपर्टी देख लेता हूँ. वो गयी और जल्दी से सारा काम निपटा कर आ गयी और मेरे हाथ मे रूम की की देते हुए बोली की लो मैं सारा काम कर आई हूँ. तब तक मैं भी फ्री होकर उसी का इंतेज़ार कर रहा था. उसने मुझे बड़ी अदा के साथ बताया कि वो मेरे साथ चल रही है मेरे घर क्योंकि उसे अपनी मूव्मेंट्स और क्यूयेस पूरी तरह याद नही हैं और इसके लिए उसने अपने मम्मी-पापा से पर्मिज़न भी ले ली है. मैं उसकी तरफ देख कर मस्कुराया और बोला कि बहुत चालाक हो तो वो बोली की राज क्या करूँ मेरा कई दिन से दिल कर रहा था और आज मौका मिला है तो चौका मारना चाहती हूँ. मैने कहा के नेकी और पूच्छ पूच्छ.

हम गार्ड को चाबियाँ देकर साइड गेट से निकल कर घर आ गये. डिन्नर का टाइम हो रहा था और मा-पापा मेरा इंतेज़ार कर रहे थे. निमा ने उनको नमस्ते की और बोली के आज वो अपनी रॅहर्सल से खुश नही है और अपने क्यूयेस और मूव्मेंट्स ठीक से याद करने मे मेरी मदद ले रही है. पापा ने कहा कि कोई दिक्कत नही है राज सब जानता है और तुम्हे अच्छे से प्रॅक्टीस करवा देगा. निमा बोली की जी सर और अगर देर हो गयी तो वो यहीं हमारे घर रह जाएगी और इसके लिए उसने अपने मम्मी-पापा से पर्मिज़न ले ली है. मा ने कहा के ठीक है तुम दोनो मुँह हाथ धो कर खाने की टेबल पर आओ और वो तब तक ऊपेर रूम तैयार कर देती हैं निमा के लिए. पापा ने कहा के ये ठीक रहेगा.

हम जल्दी से मुँह हाथ धो कर आ गये. तब तक मा भी रूम ठीक करके आ गयीं. फिर हमने खाना खाया और मैं और निमा ऊपेर जाने लगे. मा ने कहा कि देखो बहुत ज़्यादा देर मत जागना कल शो है, इसलिए जो रह जाए वो सुबह उठ कर याद कर लेना. हमने कहा के ठीक है, और ऊपेर आ गये. मैने जानबूझ कर अपने कमरे मे आ कर दरवाज़ा लॉक नही किया था. मैने टेप-रेकॉर्डर सेट करके बलेट की कॅसेट लगा दी. तब तक मा दो मग मे कॉफी और कुच्छ बिस्किट्स लेकर आ गयीं और बोलीं के अभी तुम्हे टाइम लगेगा, इसलिए मैं ये कॉफी ले आई हूँ, इस से चुस्ती आ जाएगी और नींद भी नही आएगी. फिर मुझे कहा के दरवाज़ा बंद करके प्रॅक्टीस करना, आवाज़ ज़्यादा ऊँची मत करना और देखो निमा से लड़ना नही. मैने कहा के क्या मा, मैं कोई लड़ता रहता हूँ? मा बोली के हां, देखा नही आज कितने दिनो बाद निमा आई है, तू ही लड़ता रहता था जो इसने आना बंद कर दिया. निमा बोली के नही आंटी अब हम नही लड़ते, अब बड़े हो गये हैं और आज तो मैं बिल्कुल भी नही लड़ूँगी, मुझे प्रॅक्टीस करनी है ताकि शो बहुत बढ़िया जाए. मैने भी वैसा ही कुच्छ कहा मा से और मा चली गयीं और जाते हुए दरवाज़ा भी बंद कर दिया.

मेरा बेडरूम काफ़ी बड़ा है और मेरे बेड के अलावा उसमे एक छ्होटी सेंटर टेबल, एक सेट और दो चेर्स भी रखी हैं. हम ने ये चेर्स, सेट और सेंटर टेबल एक साइड पे कर दी ताकि यही लगे की प्रॅक्टीस करने के लिए स्पेस बनाया है. मैने टेप-रेकॉर्डर ऑन किया और उसका वॉल्यूम मीडियम कर दिया ताकि अगर कोई दरवाज़े के बाहर आए तो उसे सुनाई दे पर नीचे किसी भी बेडरूम मे उसकी आवाज़ डिस्टर्ब ना करे. हमने अपनी कॉफी ख़तम की और मग्स ट्रे मे रख दिए और फिर मैने निमा की तरफ देखा और उसको पूछा की अब बताओ क्या प्रोग्राम है. उसने कहा कि जैसे तुम कहो. मैने कहा की अभी कुच्छ देर इंतेज़ार करते हैं, जैसे ही मा-पापा सो जायेंगे उसके बाद ही कुच्छ करेंगे. निमा भी मुस्कुरा के बोली कि हां ये ठीक रहेगा. फिर मैने उसे अपने पास खींच लिया और अपनी बाहों मे भर लिया. उसने भी अपनी बाहें उठाकर मेरे इर्द-गिर्द कस दीं. उसके मम्मे मेरी छाती मे गढ़ गये और मुझे गुदगुदाने लगे. मैने निमा का चेहरा अपनी तरफ घुमाया और उसे किस करने लगा. स्मूचिंग और नेक्किंग तो हम पहले भी करते रहे थे पर उसके आगे कभी नही बढ़े थे. मैने उसे कहा के अपनी अंडरशर्ट निकाल कर शर्ट वापिस पहन ले. उसने जल्दी से अपनी शर्ट उतारी और फिर अपनी अंडरशर्ट को उठाने के लिया अपने हाथ बढ़ाए.

मैने आगे बढ़कर उसकी अंडरशर्ट पकड़ा ली और कहा कि मुझे मदद करने दो. उसने अपने हाथ ऊपेर किए और मैने उसकी अंडरशर्ट उठा कर उसके सर से निकाल दी और उसकी पीठ पर अपने हाथ डाल कर उसे अपने साथ सटा लिया और उसके एक मम्मे को मुँह मे भरने की कोशिश करने लगा. हम दोनो बुरी तरह से काँपने लगे. निमा की आँखे मुन्दने लगी और उसने जल्दी से अपनी अंडरशर्ट से अपने हाथ आज़ाद किए और मुझे अपने साथ भींच लिया. मैने अलग होकर उसकी शर्ट उठाई और उसे पहनाने लगा. उसने भी बात को समझते हुए अपनी शर्ट पहन ली और बटन्स लगा लिए. फिर मैने उसे कहा की थोड़ी सी प्रॅक्टीस कर ही ले. वो अपनी मूव्मेंट्स करने लगी और मैने उसकी अंडरशर्ट उठाकर उसके बॅग मे च्छूपा दी. फिर मैने एक पेन और नोटेपद ले लिया और निमा की मूव्मेंट्स के बारे मे कुच्छ रिमार्क्स लिख सकूँ. अभी हम आधे तक भी नही पहुँचे थे कि दरवाज़ा खुला और मा ने अंदर आते हुए पूछा के कॉफी पी ली, कुच्छ और तो नही चाहिए? मैने टेप बंद कर दिया और कहा के नही मा और कुच्छ नही चाहिए और अगर चाहिए भी होगा तो मैं ले लूँगा आप चिंता नही करो.

मा ने कहा के ठीक है तुम्हारे पापा सो गये हैं और मैं भी सोने जा रही हूँ. मा ट्रे उठाकर चल दीं और जाते हुए दरवाज़ा भी बंद कर गयीं. मैने और निमा ने एक दूसरे को मुस्कुरा कर देखा और मैने टेप वापिस चला दिया. बलेट ख़तम हो गया तो मैने टेप रीवाइंड किया और दोबारा चला दिया. मैने कुच्छ रिमार्क्स सिर्फ़ दिखावे के लिए लिख दिए और निमा को भी पढ़वा दिए ताकि अगर कोई बात हो तो वो बता सके कि क्या कमी थी और कैसे उसे ठीक किया था हमने. निमा मेरी ओर देख कर मुस्कुरा दी और बोली कि राज तुम हर बात का पूरा ध्यान रखते हो. मैने कहा के ना रखूं तो पकड़े नही जायेंगे? फिर हमने थोड़ा और इंतेज़ार किया और जब लगा कि अब तो मा भी सो गयी होगी, मैने निमा को अपने पास खींच लिया और कहा कि अब नही रुका जाता.

निमा ने भी अपनी बाहें मेरे गले मे डाल दीं और बोली के वो तो बहुत देर से तैयार है. मेरे रूम मे दो हीटर लगे हुए थे. मैने उनको फुल पर कर दिया और निमा के कपड़े उतारने लगा. निमा को मैने कहा के मैं तुम्हारे कपड़े उतार रहा हूँ तुम मेरे कपड़े उतारो. कुच्छ ही देर मे हम दोनो पूरी तरह नंगे हो गये थे और एक दूसरे को देख रहे थे. मेरा लंड पूरा तना हुआ था और सर उठा कर खड़ा था. उधर निमा के मम्मे भी तने हुए सर उठा कर खड़े थे. फिर हम दोनो बढ़े और एक दूसरे की बाहों मे समा गये. मुझे तो कुच्छ पता ही नही था सेक्स का और मेरे पूच्छने पर निमा ने कहा कि वो भी बिल्कुल अंजान है. मैने कहा कि कोई बात नही मैने पॉर्न की वीडियो कॅसेट देखी थी और जैसे उसमे था वैसे ही करने की कोशिश करते हैं. निमा ने कहा कि ठीक है राज जैसे तुम बताते जाओगे मैं वैसे ही करती रहूंगी. मैं निमा को लेकर बेड पर आ गया और प्यार से उसका पूरा शरीर सहलाने लगा. वो उत्तेजित होने लगी और बोली के हाए राज बहुत अच्छा लग रहा है. मैने उसे कहा कि वो भी मुझे ऐसे ही सहलाए. उसने भी मेरे शरीर पर प्यार से हाथ फेरना शुरू कर दिया.

क्रमशः......

KUNWARIYON KA SHIKAAR--37

gataank se aage..............

Maine Prachi ke pusht mamme jo ab patthar ki tarah sakht ho rahe the apne haatho me pakde aur unke chhote chhote nipples ko apne angoothon se ragadne laga. Phir maine uske ek nipple ko apne munh me lekar chubhlana shuru kar diya. Doosra mamma mere haath ki jakad me tha aur main use dabaane ki nakaam koshish kar raha tha. Prachi ne apne dono haath lakar mere sar par rakh diye aur dabaane lagi. Phalswaroop uske mamme par mere munh ka dabaav aur badh gaya. Maine usse choosna shuru kar diya aur apne munh me poora bharne ki koshish ki. Mere daaton ka halka sa dabaav uske mamme par tha aur meri jeebh uske nipple se ched chaad kar rahi thi. Atyadhik maze ke kaaran Prachi ki aankhe mund rahi thee aur wo adhkhuli aankhon se mujhe dekh rahi thi.

Udar mera lund uski choot me lagataar andar bahar ho raha tha aur ab uski raftaar bhi tez ho gayee thi. Prachi ab neeche se apni gaand poori utha kar lund ko tezi se andar leney ka prayaas kar rahi thi aur jab lund poora andar ghus jaata to dhakkey ke zor se uski gaand bed par jaa tikti aur jab main apna lund baahar nikaalta to wo gaand ko bed par tikaaye lund ke andar ghusne ka intezaar karti. Thodi he der me Prachi ke chehre ke bhaav badle aur main samajh gaya ki wo jhadne waali hai. Maine turant apne ghasson ki raftaar aur tez kardi aur saath hi zor bhi lagaana shuru kar diya. Prachi ke munh se uuuuuuuuuuunh, aaaaaaaaaaaaaah, oooooooooooooooooooooh ki aavaaje nikalney lagee aur wo haanfte hue boli ki aur zor se karo, mujhe kuchh hone laga hai.

Udhar Tanvi bade manoyog se is zabardast chudayee ko dekh rahi thi aur Prachi ke josh me aate hi usne apna haath badhaakar uski choot ke daane ko chedna shuru kar diya aur apna munh Prachi ki gardan par rakhkar uski phooli hui nas par apni jeebh pherne lagi. Is dohre maze ko Prachi she nahi saki aur jaldi hi jhad gayee. Uska poora shareer jhanjhanaane laga aur wo boli ke didi mujhe pakad lo main gayee. Tanvi na pyar se uske sar par apna haath rakha aur kaha ke kuchh nahi hoga tumhe ham hain na. Prachi ki choot se paani nikal kar neeche towel ko bhigone laga. Paani ke saath saath thode khoon ke katre bhi the. Is sab ke dauraan main apne lund ko andar bahar karta raha aur Prachi ke samaanya hone ka intezaar bhi. Thodi der me Prachi ne apne aankhe khol kar meri taraf ek lubhaavni muskan ke saath dekha aur boli ki itna maza aaya jo main sapne me bhi nahi soch sakti thi. Maine kaha ke abhi to aur bhi aayega aur aata hi rahega.

Phir mere jhadne tak Prachi 2 baar aur jhadi aur jab mere garam garam veerya ki pichkaari uski choot me bachchedaanee par padi to jaise uski saansein hi atak gayeen. Uski choot jhatke khaane lagi aur mere veerya ko jaise nochodna chahti ho. Main bhi maze se apna lund poora uski choot me daal kar apne veerya ki bauchharein uski choot me chhodta raha aur aakhir me uske ooper dher ho gaya. Phir main palta aur Prachi ko apne saath chipka liya. Prachi ne bhi mujhe apni baahon me kas liya aur danadan dher saare chumbanon se mera poora chehra geela kar diya. Maine haath badha kar towel se apna lund ponchha aur Prachi ki choot ko bhi ponchh kar towel neeche pheink diya.

Maine Tanvi ko ishaara kiya aur wo uthkar bathroom me chali gayee, Prachi ke hot water treatment ke intezaam ke liye. Thodi der me hi maine Prachi ko apni god me uthaya aur use bathroom me garam paani ke tub me bitha diya aur kaha ke Tanvi tumhe sab samjha degi ki ye kya aur kyon hai. Main bahar aakar unnka intezaar karne laga. Kuchh der ke baad Tanvi Prachi ko sahara dekar bahar le aayee. Prachi ki chaal me abhi bhi langdahat thi par wo muskuraate hue mere paas aayi aur mujhse lipat gayee. Maine use ek pain killer aur ek anti-pregnancy tablet khila di aur usko wahi apna puraana lecture pilaya ki bahut zyada chudayee ki taraf dhyaan na dekar apni padhayi kare etc.

Kuchh der baad Prachi ne mujhse poochha ki itni achchi chudaayi kaise seekhi, par sabse pahle ye bataao ki sabse pahle tumne chudaayi kab kee? Maine kaha ki aaj hi sab poochhogi kya. Prachi tunak kar boli ki haan mujhe aaj hi pata lagana hai, bataao na. Maine hans kar kaha ki chalo theek hai main apni pahli chudayee se shuru karta hoon. Tanvi bhi badi utsukta se mere doosri taraf aa kar baith gayee aur boli ki haan ye to main bhi sunoongi.

Main apni puraani yaadon me kho gaya. Mujhe yaad aayee badi badi aankhon waali Naina. Use yaad karke main muskuraaye bina na rah saka. Maine ek baar Tanvi ki taraf dekha aur phir Prachi ko dekhte hue maine bolna shuru kiya. Nima naam tha uska. Aur wo mujhse umar me badi thi lekin kewal 10 din. Wo shuru se hi hamaare padosi the. Baat unn dinon ki hai jab main 12th class me tha aur abhi kuchh din pahle hi main 18 saal ka hua tha. Hamaare school ka annual day ka function tha aur wo usme musical dance drama me Badshah Akbar ka role kar rahi thi.

Main bhi school function me participate kar raha tha. Final Dress Rahearsal ke din wo mere paas aayi aur boli ke Raj please meri help karo dress up karne me. Abhi rahearsal start hone me bahut time tha aur main to wahaan general supervision karne ke liye sabse pahle pahuncha hi tha aur wo baaki sabse pahle wahaan aa gayi thi. Maine kaha ke chalo main tumhe dress up karwaa deta hoon phir make-up tum sabse pahle karwa lena. Usne kaha ke isiliye to wo jaldi aayi hai taki sabse pahle uska make-up ho jaaye. Hum dressing room me aa gaye aur usne darwaaza andar se lock kar diya aur apne kapde utaarne lagi. Sardi shuru ho chuki thi aur usne apni jeans ke neeche short leggings pahani hui thi. Ooper shirt ke neeche usne sirf ek patli si under shirt pahani hui thi aur usme uske 38 size ke bina bra ke mamme gazab dha rahe the.

Thand ke kaaran uske angoor ke daane jaise nipple ubhare hue nazar aa rahe the. Maine use kaha ke kya baat hai aaj tumne bra bhi nahi pahani hai. Wo mere saath bahut frank thi, Isliye muskura ke boli ke oye jhalle apne mamme nahi dikhaney, innko bra me nahi patti me baandhana hai taki male chest lage. Maine kaha ke haan ye baat to hai. Usne apne bag me se patti nikaali to maine wo pakad li aur uske peechhe aa gaya aur usko kaha ki apni under shirt ooper kare taaki main patti baandh doon. Usney apni shirt ooper ki to mujhse raha nahi gaya aur maine apne haath badha kar uske dono sakht mamme apne haath me le liye aur unhe dabaane laga aur apne jalte hue honth uski gardan par rakh diye. Uske mamme apne haatho me letey hi mujhe ek zabardast current jaisa laga aur mera poora shareer jhanjhana gaya.

Ye mera pehla mauka tha ki kisi ke nange mamme mere haatho me the aur wo bhi itne sudaul aur bade size ke. Maine unnka poora naap tol kar daala. Wo bhi bahut zor se kaamp gayi, shayad uske liye bhi ye pahli baari thi. Nima ne ek zor ke jhurjhuri li aur boli ye kya kar rahe ho koyi aa jaayega. Maine kaha ki kuchh nahi hoga darwaza to tumne lock kar diya hai koyi nahi aayega. Maine uske mammon ko bade pyaar se sahalaanaa aur dabaana shuru kar diya to wo machal uthi aur boli ki Raj abhi nahi please baad me karenge ye sab abhi to mujhe jaldi se taiyaar hone do. Maine kaha ki theek hai par pahle tum pakka vaadaa karo ki baad me hum ye sab karenge. Wo boli ke god promis Raj baad me karenge, dil to mera bhi bahut kar raha hai par abhi taiyaar hona hai. First things first. Na chahte hue bhi maine jaldi se use taiyaar hone me help kari. Uske mammon par patti baandh di aur usko kaha ki apne mammon ko baahar ki taraf kar de taaki chest flat dikhe. Phir use choga pehnaya jo ki ek angrakha tha aur uske pheete side par the. Choodidaar usne khud hi pahan liya. Aur phir main baahar aa gaya.

Rahearsal ke khatam hote hi wo jaldi se change karke aayi aur mujhe bulane lagi. Main to change kar hi chuka tha aur baaki sabke change karne ka intezaar kar raha tha. Maine usko kaha ki girls ki saari property wo sambhalwa de aur main idhar boys ki saari property dekh leta hoon. Wo gayi aur jaldi se saara kaam nipta kar aa gayi aur mere haath me room ki key detey hue boli ki lo main saara kaam kar aayi hoon. Tab tak main bhi free hokar ussi ka intezaar kar raha tha. Usne mujhe badi adaa ke saath bataya ki wo mere saath chal rahi hai mere ghar kyonki use apni movements aur cues poori tarah yaad nahi hain aur iske liye usney apne mummy-papa se permision bhi le li hai. Main uski taraf dekh kar mskuraya aur bola ki bahut chalaak ho to wo boli ki Raj kya karoon mera kai din se dil kar raha tha aur aaj mauka mila hai to chauka marna chahti hoon. Maine kaha ke neki aur poochh poochh.

Ham guard ko chabiyaan dekar side gate se nikal kar ghar aa gaye. Dinner ka time ho raha tha aur ma-papa mera intezaar kar rahe the. Nima ne unnko Namaste ki aur boli ke aaj wo apni rahearsal se khush nahi hai aur apne cues aur movements theek se yaad karne me meri madad le rahi hai. Papa ne kaha ki koyi dikkat nahi hai Raj sab jaanta hai aur tumhe achhe se practice karwa dega. Nima boli ki ji sar aur agar der ho gayi to wo yahin hamaare ghar rah jaayegi aur iske liye usne apne mummy-papa se permision le li hai. Ma ne kaha ke theek hai tum dono munh haath dho kar khaane ki table par aao aur wo tab tak ooper room taiyaar kar deti hain Nima ke liye. Papa ne kaha ke ye theek rahega.

Ham jaldi se munh haath dho kar aa gaye. Tab tak ma bhi room theek karke aa gayin. Phir hamne khana khaya aur main aur Nima ooper jaane lage. Ma ne kaha ki dekho bahut zyada der mat jaagna kal show hai, Isliye jo rah jaaye wo subah uth kar yaad kar lena. Hamne kaha ke theek hai, aur ooper aa gaye. Maine jaanboojh kar apne kamre me aa kar darwaza lock nahi kiya tha. Maine tape-recorder set karke balet ki cassette laga di. Tab tak ma do mug me coffee aur kuchh biscuits lekar aa gayeen aur bolin ke abhi tumhe time lagega, Isliye main ye coffee le aayi hoon, is se chusti aa jaayegi aur neend bhi nahi aayegi. Phir mujhe kaha ke darwaza band karke practice karna, awaaz zyada oonchi mat karna aur dekho Nima se ladna nahi. Maine kaha ke kya ma, main koyi ladta rahta hoon? Ma boli ke haan, dekha nahi aaj kitne dino baad Nima aayi hai, tu hi ladta rahta tha jo isne aana band kar diya. Nima boli ke nahi aunty ab ham nahi ladte, ab bade ho gaye hain aur aaj to main bilkul bhi nahi ladoongi, mujhe practice karni hai taki show bahut badhiya jaaye. Maine bhi vaisa hi kuchh kaha ma se aur ma chali gayeen aur jaate hue darwaza bhi band kar diya.

Mera bedroom kaafi bada hai aur mere bed ke alaawa usme ek chhoti centre table, ek settee aur do chairs bhi rakhi hain. Humne ye chairs, settee aur centre table ek side pe kar di taaki yahi lage ki practice karne ke liye space banaya hai. Maine tape-recorder on kiya aur uska volume medium kar diya taki agar koyi darwaazey ke bahar aaye to usse sunayi de par neeche kisi bhi bedroom me uski awaaz disturb na kare. Hamne apni coffee khatam ki aur mugs tray me rakh diye aur phir maine Nima ki taraf dekha aur usko poochha ki ab batao kya programme hai. Usne kaha ki jaise tum kaho. Maine kaha ki abhi kuchh der intezaar karte hain, jaise hi ma-papa so jaayeinge uske baad hi kuchh karenge. Nima bhi muskura ke boli ki haan ye theek rahega. Phir maine use apne paas kheench liya aur apni bahon me bhar liya. Usney bhi apni bahein uthakar mere ird-gird kas deen. Uske mamme meri chhati me gad gaye aur mujhe gudgudane lage. Maine Nima ka chehra apni taraf ghumaya aur use kis karne laga. Smooching aur necking to ham pahle bhi karte rahe the par uske aage kabhi nahi badhey the. Maine use kaha ke apni undershirt nikaal kar shirt waapis pahan le. Usne jaldi se apni shirt utaari aur phir apni undershirt ko uthaane ke liya apne haath badhaaye.

Maine aage badhkar uski undershirt pakad li aur kaha ki mujhe madad karne do. Usne apne haath ooper kiye aur maine uski undershirt utha kar uske sar se nikaal di aur uski peeth par apne haath daal kar use apne saath sataa liya aur uske ek mamme ko munh me bharne ki koshish karne laga. Hum dono buri tarah se kaampne lage. Nima ki aankhe mundne lagee aur usne jaldi se apni undershirt se apne haath azad kiye aur mujhe apne saath bheench liya. Maine alag hokar uski shirt uthaayi aur usse pehnaane laga. Usne bhi baat ko samajhte hue apni shirt pahan li aur buttons laga liye. Phir maine use kaha ki thodi si practice kar hi le. Wo apni movements karne lagi aur maine uski undershirt uthakar uske bag me chhupa di. Phir maine ek pen aur notepad le liya aur Nima ki movements ke baare me kuchh remarks likh sakoon. Abhi hum aadhe tak bhi nahi pahunche the ki darwaaza khula aur ma ne andar aate hue poochha ke coffee pi li, kuchh aur to nahi chahiye? Maine tape pause kar diya aur kaha ke nahi ma aur kuchh nahi chahiye aur agar chahiye bhi hoga to main le loonga aap chinta nahi karo.

Ma ne kaha ke theek hai tumhaare papa so gaye hain aur main bhi sone jaa rahi hoon. Ma tray uthakar chal deen aur jaate hue darwaza bhi band kar gayeen. Maine aur Nima ne ek doosre ko muskura kar dekha aur maine tape waapis chala diya. Balet khatam ho gaya to maine tape rewind kiya aur dobara chala diya. Maine kuchh remarks sirf dikhaawe ke liye likh diye aur Nima ko bhi padhwa diye taaki agar koyi baat ho to wo bataa sakey ki kya kami thi aur kaise use theek kiya tha hamne. Nima meri ore dekh kar muskura di aur boli ki Raj tum har baat ka poora dhyaan rakhte ho. Maine kaha ke na rakhoon to pakde nahi jaayeinge? Phir hamne thoda aur intezaar kiya aur jab laga ki ab to ma bhi so gayi hogi, maine Nima ko apne paas kheench liya aur kaha ki ab nahi ruka jaata.

Nima ne bhi apni bahein mere gale me daal deen aur boli ke wo to bahut der se taiyaar hai. Mere room me do heater lage hue the. Maine unnko full par kar diya aur Nima ke kapde utaarne laga. Nima ko maine kaha ke main tumhaare kapde utaar raha hoon tum mere kapde utaaro. Kuchh hi der me ham dono poori tarah nange ho gaye the aur ek doosre ko dekh rahe the. Mera lund poora tanaa hua tha aur sar utha kar khada tha. Udhar Nima ke mamme bhi taney hue sar utha kar khadey the. Phir ham dono badhey aur ek doosre ki baahon me samaa gaye. Mujhe to kuchh pata hi nahi tha sex ka aur mere poochhne par Nima ne kaha ki wo bhi bilkul anjaan hai. Maine kaha ki koyi baat nahi maine porn ki video cassette dekhi thi aur jaise usme tha vaise hi karne ki koshish karte hain. Nima ne kaha ki theek hai Raj jaise tum bataate jaaoge main vaise hi karti rahoongi. Main Nima ko lekar bed par aa gaya aur pyar se uska poora shareer sehlaane laga. Wo uttejit hone lagi aur boli ke haye Raj bahut achha lag raha hai. Maine use kaha ki wo bhi mujhe aise hi sehlaaye. Usne bhi mere shareer par pyar se haath pherna shuru kar diya.

kramashah......


rajaarkey
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Re: कुँवारियों का शिकार

Unread post by rajaarkey » 06 Dec 2014 15:25

कुँवारियों का शिकार--38 end

गतान्क से आगे..............

फिर मैने उसका हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया. उसने कहा कि ये तो बहुत गरम है. मैने कहा के हां ये भी गरम है और तुम्हारी चूत भी बहुत गरम है और जब दोनो मिलेंगे तो इन की गर्मी शांत होगी. निमा की चूत पर एक भी बाल नही था और वो एकदम सॉफ थी. उसकाफिगर था 38-25-38. बिल्कुल अवर ग्लास फिगर था और कहीं से भी मोटापा नही था. हम एक दूजे को सहलाने के साथ साथ किसिंग भी करते जा रहे थे. मेरे हाथो की आवारगी बढ़ रही थी और मैने अपना एक हाथ ले जाकर उसकी चिकनी चूत पर रख दिया. बहुत गरम थी उसकी चूत और पनिया भी गयी थी. उसकी चूत की फाँकें भी आपस मे चिपकी हुई थी, जिन्हें मैने अपनी एक उंगली से कुरेदा और उसकी चूत के सुराख पर मेरी उंगली जा लगी. यहाँ बहुत गीलापन था. मैने अपनी उंगली सुराख के अंदर करने की कोशिश की और हल्का सा दबाव डाला. मेरी उंगली थोड़ी सी निमा की चूत के अंदर घुस गयी और निमा चिहुन्क उठी. मैने पूछा कि क्या हुआ? निमा बोली कि कुच्छ नही बहुत अच्छा लग रहा है करते रहो.

मैं अपनी उंगली को उसकी चूत मे हिलाने लगा और जैसे ही मेरा अंगूठा सहारे के लिए उसकी चूत के ऊपेरी किनारे से टकराया तो निमा उच्छल पड़ी और उसके मुँह से एक सिसकारी निकली. मेरा अंगूठा उसके भज्नासे को रगड़ गया था जिसकी वजह से वो गंगना उठी थी. मैने एक बार फिर अपने अंगूठे से उसी जगह को रगड़ा तो निमा ने अपना हाथ मेरे हाथ पर रख दिया और बोली कि धीरे से करो इतना मज़ा सहा नही जाता. मैने कहा के अभी तो और भी ज़्यादा मज़ा आना है फिर क्या करोगी? निमा बोली के प्यार से धीरे धीरे करते रहो सब सह लूँगी. मैने उसको कहा कि तैयार हो जाओ और उससे पलट कर अपने ऊपेर खींच लिया. उसकी चौड़ी और गोल गांद अब मेरी आँखों के सामने थी और मैने उसकी जांघों से शुरू करके उसकी चूत पर अपनी जीभ को लगा दिया. निमा बहुत ज़ोर से काँप गयी और बोली कि ये क्या कर रहे हो? मैने कहा के वैसे ही कर रहा हूँ जैसे उस वीडियो मे देखा था. तुम भी मेरे लंड को अपने मुँह मे लेकर चूसो.

निमा ने अपना मुँह मेरे लंड पर लगा दिया और मेरे टोपे को किस करके अपनी जीभ से चाता. फिर अपना मुँह खोल कर मेरे लंड को मुँह मे भरने की कोशिश की. पूरा मुँह खोल कर उसने टोपे को अंदर ले लिया और अपने होंठ बंद करके चूसना शुरू कर दिया. मुझे इतना मज़ा आया कि मैं बता नही सकता. ये मेरा पहला मौका था कि मेरा लंड चूसा जा रहा था. मैने उसकी चूत की लकीर के दोनो तरफ अपने अंगूठे लगा कर उनको खोला ओआर अपनी जीभ उसकी लाल चूत पर लगा दी और चाटने लगा. निमा झुरजुरी लेकर काँपने लगी और उसने मेरे लंड को और ज़ोर से चूसना शुरू कर दिया. थोड़ी देर की चाटम चाती के बाद पहले निमा झड़ी और उसके कुच्छ सेकेंड बाद ही मैं भी झाड़ गया.

मेरा सारा वीर्य निमा पी गयी और मैं उसकी चूत से निकला सारा पानी चाट कर गया. मेरा लंड थोड़ा सा ढीला पड़ा पर निमा के चूस्ते रहने से 5 मिनिट मे ही फिर से अकड़ने लगा और पूरी सख्ती मे आ गया. उधर निमा भी चूत के लगातार चाते जाने से उत्तेजित हो गयी और मैने उसको पूछा कि चुदाई भी करना चाहती हो क्या? निमा बोली कि हां आज मौका मिला है तो सब कुच्छ करना चाहती हूँ. मैने कहा के ठीक है और उठकर बाथरूम से एक टवल और कोल्ड क्रीम की शीशी उठा लाया. निमा को सीधा करके मैने टवल उसकी गांद के नीच लगा दिया फोल्ड करके और कोल्ड क्रीम लेकर उसकी चूत पर लगा दी और अपने लंड पर भी लगाकर उसे चिकना कर लिया. फिर उसकी टांगे खोल कर अपनी दोनो तरफ कर दीं और अपना लंड हाथ मे लेकर उसकी चूत पर रगड़ने लगा.

निमा की उत्तेजना बहुत बढ़ गयी थी और वो बोली की राज जल्दी कर दो अब रहा नही जा रहा. मैने कहा कि ये जल्दी का काम नही है आराम से ही करने दो नही तो तुम्हे बहुत दर्द होगा. पहली बार लंड को चूत मे डालने पर दर्द होता है ये तो तुम जानती हो. वो बोली के हां जानती हूँ पर देर नही करो. मैने अपने लंड को उसकी चूत पर रगड़ते हुए उसकी चूत के छेद पर अटकाया और हल्का सा दबाव डाला. मेरा टोपा उसकी चूत मे घुस गया और वो एक दम चौंक गयी. मैने थोड़ा रुक कर फिर दबाव डाला तो मेरा लंड उसकी चूत मे और अंदर घुसा और उसकी कुंआरी झिल्ली से जा टकराया. मैं वहीं रुक गया. मैने अपने लंड को थोड़ा सा अंदर बाहर करना शुरू कर दिया. लंड तो ज़्यादा अंदर बाहर नही हो रहा था पर हल्की सी रगड़ ने निमा की उत्तेजना को बढ़ा दिया. फिर मैने लंड को अंदर करते हुए एक ज़ोर का धक्का लगाया.

लंड उसकी चूत मे उसकी सील को तोड़ता हुआ अंदर घुसता चला गया और वो ज़ोर से चीखने को हुई, पर मैने उसकी चीख को वहीं उसके मुँह पर अपना हाथ दबा कर रोक दिया. निमा की आँखे फटी रह गयीं और उनमे से आँसू गिरने लगे. मैने अपने लंड को वहीं जाम कर दिया और उसके आँसू पोंछ कर उसको पूचकार कर कहा कि बस अब हो गया है और मेरे ख्याल से अब तुम्हे दर्द नही होगा. निमा रुआंसे स्वर मे बोली कि बहुत दर्द हुआ, तुमने तो मेरी जान ही निकाल दी थी. मैने कहा के निमा दर्द तो होना ही था पर अब नही होगा ना मैं बहुत प्यार से चोदुन्गा. वो चुप रही और मैने धीरे-धीरे अपने लंड को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया. कुच्छ ही देर मे निमा को भी मज़ा आना शुरू हो गया और वो भी नीचे से हिलने लगी. मैने रफ़्तार के साथ-साथ अपने लंड को अंदर बाहर करने की लंबाई को भी बढ़ाना शुरू कर दिया.

निमा का दर्द गायब हो गया और वो अपनी गांद उठाकर मेरे लंड को अपनी चूत मे लेने लगी. मैने अपने हाथ उसके सख़्त मम्मों पर रख दिए और उन्हे दबाने लगा. निमा बोली के ज़ोर से दबाओ इन्नको. मैने उन्हे ज़ोर से दबाना शुरू कर दिया और थोड़ी देर बाद ही एक मम्मे को अपने मुँह मे लेकर उसके निपल को चूसने लगा. निमा अत्यधिक उत्तेजित हो उठी और बोली के हां अपने दाँतों मे लेकर हल्का-हल्का काटो इनको बारी-बारी से और मैने वैसे ही करना शुरू कर दिया. फिर निमा ने कहा कि अब ज़ोर से घस्से मारो बहुत मज़ा आ रहा है. मैने अपनी पूरी ताक़त से घस्से लगाने शुरू कर दिए और नतीजा ये हुआ के हम दोनो इकट्ठे ही झाड़ गये. मेरे वीर्य की गरम-गरम पिचकारी नीमा की चूत मे उसकी बच्चेदानी के मुँह से जा टकराई. कुच्छ ही देर मे मेरा लंड ढीला हो गया तो मैने उसे बाहर निकाल लिया और टवल से निमा की चूत से बहते खून मिले पानी को साफ कर दिया.

अब मुझे चिंता हुई और मैने निमा को कहा कि एक ग़लती हो गयी है कि मैने उसकी चूत मे ही डिसचार्ज कर दिया है, कही कोई गड़बड़ ना हो जाए. वो बोली के फिकर ना करो मेरी कॅनडा वाली मासी ने मम्मी को आंटी-प्रेग्नेन्सी टॅब्लेट्स भेजी हैं मम्मी कभी-कभी लेती है वो गोली और मैं भी चुप चाप एक निकाल के ले लूँगी. ये कोई नयी टॅब्लेट्स आई हैं, सेक्स के बाद अगले दिन भी ले लो तो प्रेग्नेन्सी नही होती. मुझे चैन पड़ा और मैने निमा को अपने साथ चिपका लिया. फिर निमा उठकर कपड़े पहन कर दूसरे कमरे मे चली गयी.

“वाउ, तुम तो बहुत पुराने चुड़क्कड़ निकले”, तनवी बोली. मैने कहा के पुराना तो हूँ ही, एक्सपीरियेन्स के कारण ही तो बढ़िया चुदाई करता हूँ. हम तीनों हंस पड़े. प्राची को मैने कहा कि तुम्हारे जाने का टाइम हो रहा है तुम तैयार हो जाओ. उसने जल्दी से अपने कपड़े पहने और जाने के लिए तैयार हो गयी. जाने से पहले उसने मुझे लीप किस किया और बोली कि लव यू तो नही पर मुझे तुम्हारी चुदाई से प्यार हो गया है. मैने कहा के अच्छी बात है मैं तुम्हे चुदाई का मज़ा देता रहूँगा पर ये ध्यान रहे की चुदाई के चक्कर मे अपनी पढ़ाई मत भूल जाना. उसने वादा किया कि उसकी फर्स्ट प्राइयारिटी पढ़ाई ही रहेगी और चली गयी.

मैने तनवी को अपनी बाहों मे भर लिया और कहा कि मैं बहुत खुश हूँ तुमसे और मुझे तुम पर नाज़ है. वो हंस दी और बोली कि राज हम दोनो एक दूजे के पूरक हैं. मैने कहा कि हां ये तो है.

फिर हमने इकट्ठे चाय पी और वो अपने रूम में चली गयी. मैं सोचने लगा कि तनवी का दखल मेरी ज़िंदगी में कितना ज़्यादा हो गया है और मैं उस पर कितना डिपेंड करने लगा हूँ.

अगले दिन मैने बहुत सोचा और आख़िर में एक फ़ैसला ले लिया. मैने तनवी से कहा कि दोपहर का खाना मेरे साथ खाए, क्योंकि मुझे कुच्छ बात करनी है. उसने कहा कि ठीक है.

दोपहर में हमने खाना इकट्ठे खाया और खाने के दौरान हमारे बीच कोई बात नही हुई. खाना खा के मैं तनवी को अपने बेडरूम में लेकर आ गया और उसको बिठाकर कहा के देखो तनवी तुम मेरा बहुत अच्छे से ख्याल रखती हो और मैं तुम्हारे ऊपेर बहुत ज़्यादा डिपेंड करने लगा गया हूँ.

तनवी ने मेरी तरफ देखा और बोली, “क्या कहना चाहते हो?”

मैने कहा, “तुम मुझे बहुत अच्छी तरह से समझ चुकी हो और मेरा मान ना है के शायद मुझ से भी अच्छी तरह तुम मुझे समझ सकती हो. और अब तो तुमने मेरे लिए वो काम किया है कि मैं सोच भी नही सकता था.”

तनवी ने पूचछा, “कौनसा काम?”

मैने केवल इतना कहा, “प्राची.”

वो हंस पड़ी और बोली, “वो तो मैं आगे भी करती रहूंगी हमेशा.”

मैने भी उससी लहजे में बिना रुके पूछा, “अगर मैं तुमसे शादी कर लूँ तो उसके बाद भी?”

एक बार तो तनवी सन्न रह गयी और मेरी आँखों में झाँकति रही फिर उसकी आँखें गीली हो गयीं और वो रुँधे गले से बोली, “फिर तो मरते दम तक.”

मैने उससे अपनी बाहों में भर लिया और कहा, “कल हम कोर्ट में शादी कर लेंगे और उसस्के बाद मंदिर में भी. और उसके लिए तुम अपने घर पर खबर कर दो ताकि वो भी आ जायें और मंदिर में हमारी शादी संपन्न करवा दें.”

हमारी शादी हो गयी और सब कुच्छ वैसे ही चल रहा है बस इतना अंतर आया है कि तनवी अब नीचे मेरे साथ मेरे दिल में रहती है.

दोस्तो, यह कहानी मैं यहाँ पर इसलिए ख़तम कर रहा हूँ ताकि यह बोर ना करने लगे. काफ़ी लड़कियों का परिचय आपको दे दिया है और अब कुच्छ नयापन लाना कठिन है. आशा है कि आप मेरी बात को समझेंगे.

धन्यवाद.

एंड

KUNWARIYON KA SHIKAAR--38

gataank se aage..............

Phir maine uska haath pakad kar apne lund par rakh diya. Usne kaha ki ye to bahut garam hai. Maine kaha ke haan ye bhi garam hai aur tumhaari choot bhi bahut garam hai aur jab dono mileinge to innki garmi shaant hogi. Nima ki choot par ek bhi baal nahi tha aur wo ekdum saaf thi. Uska figure tha 38-25-38. Bilkul hour glass figure tha aur kahin se bhi motapa nahi tha. Hum ek dooje ko sehlaane ke saath saath kising bhi karte ja rahe the. Mere haatho ki awaargi badh rahi thi aur maine apna ek haath le jaakar uski chikni choot par rakh diya. Bahut garam thi uski choot aur paniya bhi gayi thi. Uski choot ki faankein bhi aapas me chipki hui thee, jinhein maine apni ek ungli se kuredaa aur uski choot ke suraakh par meri ungli ja lagi. Yahaan bahut geelapan tha. Maine apni ungli suraakh ke andar karne ki koshish ki aur halka sa dabaav daala. Meri ungli thodi si Nima ki choot ke andar ghus gayi aur Nima chihunk uthi. Maine poochha ki kya hua? Nima boli ki kuchh nahi bahut achha lag raha hai karte raho.

Main apni ungli ko uski choot me hilaane laga aur jaise hi mera angootha sahaare ke liye uski choot ke ooperi kinaare se takraya to Nima uchhal padi aur uske munh se ek siskaari nikli. Mera angootha uske bhagnaase ko ragad gaya tha jiski vajah se wo gangana uthi thi. Maine ek baar phir apne angoothe se ussi jagah ko ragda to Nima ne apna haath mere haath par rakh diya aur boli ki dheere se karo itna maza saha nahi jaata. Maine kaha ke abhi to aur bhi zyada mazaa aana hai phir kya karogi? Nima boli ke pyar se dheere dheere karte raho sab seh loongi. Maine usko kaha ki taiyaar ho jao aur usse palat kar apne ooper kheench liya. Uski chaudi aur gol gaand ab meri aankhon ke saamne thi aur maine uski jaanghon se shuru karke uski choot par apni jeebh ko laga diya. Nima bahut zor se kaamp gayi aur boli ki ye kya kar rahe ho? Maine kaha ke vaise hi kar raha hoon jaise uss video me dekha tha. Tum bhi mere lund ko apne munh me lekar chooso.

Nima ne apna munh mere lund par laga diya aur mere topey ko kis karke apni jeebh se chaata. Phir apna munh khol kar mere lund ko munh me bharne ki koshish ki. Poora munh khol kar usne topey ko andar le liya aur apne honth band karke choosna shuru kar diya. Mujhe itna mazaa aaya ki main bataa nahi sakta. Ye mera pehla mauka tha ki mera lund choosa jaa raha tha. Maine uski choot ki lakeer ke dono taraf apne angoothey laga kar unnko khola auar apni jeebh uski laal choot par laga di aur chaatne laga. Nima jhurjhuri lekar kaampne lagi aur usne mere lund ko aur zor se choosna shuru kar diya. Thodi der ki chaatam chati ke baad pahle Nima jhadi aur uske kuchh second baad hi main bhi jhad gaya.

Mera saara veerya Nima pi gayee aur main uski choot se nikla saara paani chat kar gaya. Mera lund thoda sa dheela pada par Nima ke chooste rahne se 5 minute me hi phir se akadne laga aur poori sakhti me aa gaya. Udhar Nima bhi choot ke lagataar chaate jaane se utteji ho gayi aur maine usko poochha ki chudayee bhi karna chahti ho kya? Nima boli ki haan aaj mauka mila hai to sab kuchh karna chahti hoon. Maine kaha ke theek hai aur uthkar bathroom se ek towel aur cold cream ki shishi uta laaya. Nima ko seedha karke maine towel uski gaand ke neech laga diya fold karke aur cold cream lekar uski choot par laga di aur apne lund par bhi lagakar use chikna kar liya. Phir uski taange khol kar apni dono taraf kar deen aur apna lund haath me lekar uski choot par ragadne laga.

Nima ki uttejana bahut badh gayi thi aur wo boli ki Raj jaldi kar do ab raha nahi jaa raha. Maine kaha ki ye jaldi ka kaam nahi hai aaraam se hi karne do nahi to tumhe bahut dard hoga. Pahli baar lund ko choot me daalne par dard hota hai ye to tum jaanti ho. Wo boli ke haan jaanti hoon par der nahi karo. Maine apne lund ko uski choot par ragadte hue uski choot ke ched par atkaya aur halka sa dabaav daala. Mera topa uski choot me ghus gaya aur wo ek dum chaunk gayi. Maine thoda ruk kar phir dabav daala to mera lund uski choot me aur andar ghusa aur uski kumara jhilli se jaa takraya. Main wahin ruk gaya. Maine apne lund ko thoda sa andar bahar karna shuru kar diya. Lund to zyada andar bahar nahi ho raha tha par halki si ragad ne Nima ki uttejana ko badha diya. Phir maine lund ko andar karte hue ek zor ka dhakka lagaya.

Lund uski choot me uski seal ko todta hua andar ghussta chala gaya aur wo zor se cheekhne ko hui, par maine uski cheekh ko wahin uske munh par apna haath dabaa kar rok diya. Nima ki aaankhe phati rah gayeen aur unme se aansoo girne lage. Maine apne lund ko wahin jaam kar diya aur uske aansoo ponch kar usko puchkaar kar kaha ki bas ab ho gaya hai aur mere khyal se ab tumhe dard nahi hoga. Nima ruansey swar me boli ki bahut dard hua, tumne to meri jaan hi nikaal di thi. Maine kaha ke Nima dard to hona hi tha par ab nahi hoga na main bahut pyar se chodunga. Wo chup rahi aur maine dheere-dheere apne lund ko andar bahar karna shuru kar diya. Kuchh hi der me Nima ko bhi mazaa aana shuru ho gaya aur wo bhi neeche se hilne lagi. Maine raftaar ke saath-saath apne lund ko andar bahar karne ki lambaayi ko bhi badhana shuru kar diya.

Nima ka dard gayab ho gaya aur wo apni gaand uthakar mere lund ko apni choot me leney lagi. Maine apne haath uske sakht mammon par rakh diye aur unhe dabaane laga. Nima boli ke zor se dabaao innko. Maine unhe zor se dabaana shuru kar diya aur thodi der baad hi ek mamme ko apne munh me lekar uske nipple ko choosne laga. Nima atyadhik uttejit ho uthi aur boli ke haan apne daanton me lekar halka-halka kaato innko baari-baari se aur maine vaise hi karna shuru kar diya. Phir Nima ne kaha ki ab zor se ghassey maaro bahut mazaa aa raha hai. Maine apni poori taqat se ghassey lagaane shuru kar diye aur nateeja ye hua ke hum dono ikatthey hi jhad gaye. Mere veerya ki garam-garam pichkaari Neema ki choot me uski bachchedaanee ke munh se jaa takraayi. Kuchh hi der me mera lund dheela ho gaya to maine use bahar nikaal liya aur towel se Nima ki choot se behte khoon mile paani ko saaf kar diya.

Ab mujhe chinta hui aur maine Nima ko kaha ki ek galati ho gayi hai ki maine uski choot me hi discharge kar diya hai, kahi koyi gadbad na ho jaaye. Wo boli ke fikar na karo meri Canada waali maasi ne mummy ko anti-pregnancy tablets bheji hain mummy kabhi-kabhi leti hai wo goli aur main bhi chup chaap ek nikaal ke le loongi. Ye koyi nayi tablets aayi hain, sex ke baad agle din bhi le lo to pregnancy nahi hoti. Mujhe chain padi aur maine Nima ko apne saath chipka liya. Phir Nima uthkar kapde pahan kar doosre kamre me chali gayi.

“Wow, tum to bahut puraane chudakkad nikle”, Tanvi boli. Maine kaha ke puraana to hoon hi, experience ke kaaran hi to badhiya chudayee karta hoon. Ham teenon hans padey. Prachi ko maine kaha ki tumhaare jaane ka time ho raha hai tum taiyaar ho jao. Usne jaldi se apne kapde pehne aur jaane ke liye taiyaar ho gayi. Jaane se pahle usne mujhe lip kis kiya aur boli ki love you to nahi par mujhe tumhaari chudayee se pyar ho gaya hai. Maine kaha ke achchi baat hai main tumhe chudayee ka mazaa deta rahoonga par ye dhyan rahe ki chudayee ke chakkar me apni padhayee mat bhool jaana. Usne pRajse kiya ki uski first priority padhayee hi rahegi aur chali gayi.

Maine Tanvi ko apni bahon me bhar liya aur kaha ki main bahut khush hoon tumsey aur mujhe tum par naaz hai. Wo hans di aur boli ki Raj ham dono ek dooje ke poorak hain. Maine kaha ki haan ye to hai.

Phir hamne ikatthey chaye pi aur wo apne room mein chali gayi. Main sochne laga ki Tanvi ka dakhal meri zindagi mein kitna zyada ho gaya hai aur main usspar kitna depend karne laga hoon.

Agle din maine bahut socha aur aakhir mein ek faisla le liya. Maine Tanvi se kaha ki dopahar ka khana mere saath khaye, kyonki mujhe kuchh baat karni hai. Ussne kaha ki theek hai.

Dopahar mein hamne khana ikatthe khaya aur khane ke dauran hamarebeech koyi baat nahi hui. Khana kha ke main Tanvi ko apne bedroom mein lekar aa gaya aur ussko bithakar kaha ke dekho Tanvi tume mera bahut achhe se khyal rakhti ho aur main tumhaare ooper bahut zyada depend karne laga gaya hoon.

Tanvi ne meri taraf dekha aur boli, “Kya kehna chahte ho?”

Maine kaha, “Tum mujhe bahut achhi tarah se samajh chuki ho aur mera maan na hai ke shayad mujh se bhi achhi tarah tum mujhe samajh sakti ho. Aur ab to tumne merey liye wo kaam kiya hai ki main soch bhi nahi sakta tha.”

Tanvi ne poochha, “Kaunsa kaam?”

Maine kewal itna kaha, “Prachi.”

Wo hans padi aur boli, “Wo to main aage bhi karti rahoongi hamesha.”

Maine bhi ussi lehje mein bina ruke poochha, “Agar main tumse shaadi kar loon to usske baad bhi?”

Ek baar to Tanvi sann reh gayi aur meri aankhon mein jhaankti rahi phir usski aankhein geeli ho gayeen aur wo rundhe galey se boli, “Phir to marte dam tak.”

Maine ussey apni bahon mein bhar liya aur kaha, “Kal ham court mein shaadi kar lenge aur usske baad mandir mein bhi. Aur usske liye tum apne ghar par khabar kar do taaki wo bhi aa jayein aur mandir mein hamaari shaadi sampann karwa dein.”

Hamaari shaadi ho gayee aur sab kuchh vaise hi chal raha hai bas itna antar aaya hai ki Tanvi ab neeche mere saath merey dil mein rehti hai.

Dosto, yeh kahani main yahan par issliye khatam kar raha hoon taki yeh bore na karne lagey. Kaafi ladkiyon ka parichay aapko de diya hai aur ab kuchh nayapan laana kathin hai. Asha hai ki aap meri baat ko samjhenge.

DHANYAVAAD.

the end