दामिनी compleet

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rajaarkey
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Re: दामिनी

Unread post by rajaarkey » 23 Dec 2014 08:45

आंटी की चूत से पानी नीचे टपक रहा था ..उनसे रहा नहीं गया ..और अपने हाथों को पीछे करते हुए अपनी चूतड़ को जोरों से फैलाया , गान्ड का होल और भी खूल गया ..उसके अंदर वाइन तो थी ही पहले से , वो पापा के कड़क लंड पर अपनी गान्ड का होल रख बैठ गयीं ......

उफफफ्फ़ क्या नज़ारा था ...पापा के चाटने से और वाइन की मौज़ूदगी से गान्ड अंदर काफ़ी मुलायम था और खुला भी था ..उनका आधा लंड फतच से आंटी की गान्ड में था ..

." हाईईईईईई मर गयी मैं ...उफफफ्फ़ जीजू पूरा पेल दो ना ....आधे में मत रोको ...आआआआआआः आज गान्ड और चूत दोनों की खूजली साथ साथ मीटानी है .......अभी आ जा ना .....सामने से मेरी चूत फाड़ दे ना मेरे राजा ..आआ.." आंटी मदहोशी में बके जा रहीं थी

तभी पापा नेआंटी की कमर को जाकड़ थोड़ा उपर कर लिया और नीचे अपने लौडे को पुश किया ....पूरा लौडा उनकी गान्ड में जड़ तक अंदर था ...और आंटी ने अपने पैर फैला दिए उनके पंजे नीचे कालीन पर ही टीके थे ...और अपनी पीठ पापा के सीने से लगाते हुए , उन पर पीठ के बल लेट गयी , पापा ने उन्हें अपने हाथों से जाकड़ लिया ..उनका चेहरा अपनी तरफ घूमाते हुए आंटी के होंठ चूस रहे थे ..और लौडा अंदर ही अंदर गान्ड में हिला रहे थे .....आंटी को अब गान्ड में लंड का दर्द नहीं था और मज़ा आ रहा था ..

उनकी चूत खुली थी और पानी रीस रहा था ...तभी मम्मी ने भैया को कहा " अरे देखता क्या है ...देखता नहीं पायल की चूत कितनी खुली है ? पेल दे अपना कड़क लौडा ..उन्हें भी आज एक साथ दो दो लौडे का मज़ा लेने दे ना .....हमारी चिंता छोड़ ,,हमें देखने मैं ही कितनी मस्ती आ रही है..."

और उन्होने भैया का कड़क लौडा अपने हाथों में लेते हुए पायल आंटी की चूत के उपर रख दिया ..भैया ने आंटी की कमर जकड़ते हुए एक जोरदार धक्का लगाया और उनका लॉडा भी जड़ तक अंदर था ...

मैने ऐसी चुदाई आज तक नहीं देखी थे , पापा का लौडा गान्ड में और भैया का उनकी चूत में और पायल आंटी मस्ती में कराह रहीं थी ...

भैया धक्के लगाए जा रहे थे

भैया का लौडा जब अंदर जाता ..उनके बॉल्स पापा के लौडे को छूते ....इस स्पर्श से दोनों की मस्ती और बढ़ जाती ... पापा अपना लंड अंदर ही अंदर हिला रहे थे ...घूमा रहे थे ...

हम दोनों मम्मी और मैं अपनी चूत उंगली से सहलाए जा रहे थे ...

क्या चुदाई हो रही थी आज आंटी की .वो मस्ती में कराह रही थी , सीसक रही थी ..चिल्ला रहीं थी

" हाँ मेरे राजा ..मेरे जीजू राजा ..हाँ हाँ ऐसे गान्ड में लौडा पेले रहो ....उफफफ्फ़ अभी ..मारो मारो ..चोदो ..फाड़ दो आज मेरी चूत ..रौंद डालो .....अया ....उईईईई "

और भैया का लंड पापा के लंड से छूता हुआ लगातार अंदर बाहर हो रहा था ..आंटी की चूत के हर हिस्से में रौंद रहा था ..और

फिर उनका धक्का और , और , और तेज़ होता गया ..पापा भी उनके धक्के से सिहर जाते .उनका लंड भी भैया के लंड से घिस रहा था

और फिर भैया अपना लंड आंटी की चूत में धंसाए धंसाए ही झडने लगे ....झट्के पे झटका खा रहा था उनका लौडा ..उनका चूतड़ उछाल रहा था ....उनका वीर्या चूत से रीस्ता हुआ गान्ड की तरफ जा रहा था ....गान्ड और गीली हो रही थी पापा के लंड में भी वीर्या लग रहा था ..पापा ने इस मौके का फ़ायदा उठाते हुए ऑंटी के वीर्य से गीली गान्ड में लंड अंदर बाहर करना चालू कर दिया ......आह आंटी तो मानो स्वर्ग में थी ..चूत की चुदाई ख़त्म होते ही गान्ड की शुरू हो गयी थी ..उनका पूरा बदन कांप रहा था ..पापा ज़्यादा देर टिक नहीं सके ..पहले से काफ़ी मस्ती में थे ..दो चार धक्कों के बाद उन्होने भी अपना लंड गान्ड के अंदर डाले रखा और बुरी तरह झडने लगे ....और आंटी की चूत से तो बस गंगा बहे जा रही थी ... चूत से उनका रस और भैया का वीर्य रीस रहा था और गान्ड में पापा का वीर्य भर गया था

भैया और पापा के बीच आंटी पापा की गोद में पडी थी , निढाल , पस्त , आँखें बंद और होंठों पर एक तृप्ति और मस्ती से भरी मुस्कान .

rajaarkey
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Re: दामिनी

Unread post by rajaarkey » 23 Dec 2014 08:46

आज पायल आंटी ने दीखा दिया वो भी सेक्स की देवी ना सही तो सेक्स की बहुत ही जानी मानी पुजारन तो थी ही ...

उस रात हम सब एक अजीब ही मस्ती , आनंद और मदहोशी के सागर में गोते लगा रहे थे . एक दूसरे के नशे में चूर ..वहाँ कौन किस के साथ था , किसके साथ क्या कर रह था किसी को कोई होश नहीं था ..बस एक दूसरे के बदन से खेल रहे थे ...मज़ा ले रहे थे ....

पायल आंटी तो आज इतनी मस्त हो गयीं थी , दो दो राउंड चुदाई के बाद एक दम ढीली और मस्त थी ....टाँगें फैलाए , हाथ फैलाए नीचे कालीन पर आँखें बंद किए मंद मंद मुस्कुरा रहीं थी ...उनकी चूत और गान्ड से वीर्य , वाइन और चूत रस रीस रहे थे ..

पापा और भैया अब तक फिर से वापस अपने रंग में आ चूके थे .....पापा सोफे पर बैठे थे और भैया नीचे कालीन पर .

पापा ने मुझे अपनी गोद में उठा लिया ...मैं भी अपनी टाँगें उनकी कमर के गिर्द रखते हुए उनसे चिपक गयी ... उन्होने मुझे अपने और करीब कर लिया और मेरे होंठ चूसने लगे ....चुचियाँ मसल्ने लगे ..और मैने उनके मुरझाए लौडे से खेलना चालू कर दिया ....

और भैया मम्मी के उपर लेट गये उनको अपने सीने से चिपका लिया और उनके भरे भरे मुलायम होंठों को चूसना शुरू कर दिया ...उनका लौडा मम्मी की कमरबन्द से टकरा रहा था ..उनके बदन में सिहरन उठ जाती .और लौडा कड़क होता जा रहा था ... मम्मी के गहने भी कम सेक्सी नहीं थे ....उन्होने अपनी बाहें भैया के पीठ पर रख अपनी चूड़ियों से उन्ँके पीठ रगड रही थी और कमरबन्द उनके लौडे को ..भैया मस्ती में थे ...और उनका होंठ चूसना और तेज़ होता जाता ....पीठ और लौडे में गुदगुदी होती थी ...भैया इतनी मस्ती में आ गये थे उन्होने मम्मी के मुँह को बुरी तरह अपने मुँह से लगाया , जैसे उनका मुँह खा जाएँगे ...और पूरा मुँह चूस रहे थे.... जीभ चूस रहे थे ..मम्मी का थूक और लार अंदर लिए जा रहे थे ...

क्रमशः……………………..


rajaarkey
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Re: दामिनी

Unread post by rajaarkey » 23 Dec 2014 08:46



Daamini--36

gataank se aage…………………..

Payal aunty to bas uchaal paDee wines ke bottles ko dekh " Are wah ..Jeeju aap bhi jante ho mehfil mein kaise rang zamana hai.....chudaai ki round ke baad wine ka ek round ...phir masti ka aalaam aur phir dhakkam pel chudaai ....ufffff .jeeju I love youuuuuuuu....."

Aur jhat uthte hue Papa ke haath se tray le lee aur table par rakha aur sab ke liye drinks banane lageen .

Sabhi ne cheers kiya " AAj ki chudaai ke naaam .... " aur sab wahin kaleen par neeche baith kar drinks ke saath snacks bhi le rahe THE ...

Papa aur Payal aunty ek saath chipak sofe par baith gaye ...kabhi Papa apne munh se Payal Aunty ke munh mein wine Daal dete to kabhi Payal Aunty ke munh se Papa poore ka poora drink choos leTe ....

aur sab se mast idea to Bhaiyaa ne lagaya ..unhone apna tannaya lauDa mere munh mein sirf mere honthon par rakha aur apni glass se louDe par wine Daalna chaaloo kiya aur mujhe lauDa choosne ko kaha ,, main jaise jaise lauDa choosti wine bhi mere munh mein jata , uff sataasat use chaaTi aur phir choosne lagi.....kya taste tha ..wine , virya aur choot ras ke mila joola taste .....


Phir thodi der baad MAMMI ne unka lauDa mere hathon se jhapat liya aur apne munh mein daal liya ...aur unhone bhi is adbhut taste wale wine ka maza liya ....

hum sab masti mein aa chooke THE ....hum sab par ek ajeeb hi shoroor chaya tha , nashe mein madhosh THE jhoom rahe THE ....

Papa aur Payal Aunty ek doosre se leepte sofe par baithe THE .ek doosre se masti kar rahe THE ...Papa ka lauDa unke haath mein tha ....use Payal Aunty sehlateen , nichodteen , bheenchteen , chamdi upar neeche karteen ...wo Papa ke lund ke liye pagal thi , kabhi jhook kar use choom leTeen ....kabhi choosne lagteen..Papa to pehle se hi masti mein THE , aur phir Payal Aunty ke in harkaton se wo bhi sihar rahe THE ..pagal ho rahe THE..unhone Aunty ko buri tarah apne seene se laga rakha tha ,,Aunty ki chuchiyaan unke seene se chipakee thi , Papa ne ek choochi apne munh mein liya aur joron se choosne lage ...aur doosra hath unki choot mein rakhte hue unke soft chooot ko ungliyon se masalne lage ..Aunty kanp uthi .unka chuTaD uchaal raha tha ...aur unhone Papa ke lund ko apni moothiyon se aur bhi jakad liya ...unke supaDe ki chhed se lagatar pani rees raha tha aur Aunty ke haath mein hi kadak aur kadak hota ja raha tha ...

Phir na jane Papa ko kya soojha unhone apna haath jo choot sehla raha tha use wahan se hataya aur Aunty ke soft par sudaul chuTaD ke neeche se le jate hue unki gaanD ki chhed mein ek ungli rakh dheere dheere hilane lage ...use andar nahi le gaye .....Aunty masti mein sihar uthi ...phir Papa ne unko apne samne khada kar liya ...aunty ki kamar thodi jhooka dee ..ab Aunty ki gaanD unke munh ke samne tha ..Papa ne Aunty ki chuTaD apne hathon se phailate hue unki gaanD ki chhed khol dee aur apni laplapati jeebh se toot paDe ....chaaTne lage Aunty ki gaanD ..phir unhone wine ki bottle se thodi wine gaanD ke hole mein Daal dee ...Aunty sihar gayeen ....aur Papa us mast , soft aur sugandheet gaanD se wine sataasat chaaT rahe THE ..mujhe laga Papa shayad aaj Aunty ki gaanD marne hi wale hain ....

HUm teenon bas ek doosre se chipake Papa aur Aunty ki masti dekh rahe THE ... Bhaiyaa ka lauDa bhi is masti ko dekh jhoom raha tha ..lehra raha tha ...

Aunty hai hai ker raheen thi ..masti ki lehron mein gote laga raheen thi .....Papa ka lauDa to itna kadak tha , aur hil raha tha ..Papa unke chuTaD sehla rahe THE , gaanD chaaT rahe THE aur kabhi kabh neeche hath le ja unki chuchiyaan bi masal dete

Aunty ki choot se pani neeche tapak raha tha ..unse raha nahin gaya ..aur apne hathon ko peeche karte hue apni chuTaD ko joron se phhailaya , gaanD ka hole aur bhi khool gaya ..uske andar wine to thee he pehle se , wo Papa ke kadak lund par apni gaanD ka hole rakh baith gayeen ......