हिन्दी में मस्त कहानियाँ

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The Romantic
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Re: हिन्दी में मस्त कहानियाँ

Unread post by The Romantic » 14 Dec 2014 14:11

खूब चुदाया पिकनिक में

मैं हूँ ४५ साल की मिसेज साजिया खान और एक सेक्स एजूकेशन के कॉलेज में लड़के लड़कियों को सेक्स पढ़ाती हूँ। उन्हें सेक्स के बारे में सारी बातें बताती हूँ और फिर प्रैक्टिकल करके भी बताती हूँ। आज यहाँ मैं कुछ लड़के लड़कियों के साथ पिकनिक पर आई हूँ। यह एक गोपनीय प्राइवेट गेस्ट हाउस है। मेरे सामने एक यंग ग्रुप बैठा हुआ है जिसमे लड़के और लड़कियां है जिनकी उम्र २० से लेकर २५ साल तक है। जब सबने दो दो पैग शराब पी ली और तीसरा चालू किया तब मैंने बोलना शुरू किया।

मैंने (साजिया खान) कहा :- अच्छा तो मेरे भोसड़ी वालों और भोसड़ी वालियों, मादर चोदों और मादर चोदियों आज मैं इस पिकनिक में तुम सबका वेलकम करती हूँ। सबकी चूत और लण्ड को सलाम करती हूँ। सबसे पहले मैं चाहती हूँ कि तुम सब लोग अपना अपना खुलकर पूरा परिचय दो । सेक्स में तुम्हारा क्या अनुभव है ? क्या करते हो और क्या करना पसदं करते हो या करती हो सब बताओ ? सबसे पहले मैं बताती हूँ - मैं मादर चोद बड़ी हरामी औरत हूँ और इस कॉलेज में मैं पिछले ५ साल से अपनी माँ चुदा रही हूँ। मैं गैर मर्दों से खूब चुदवाती हूँ और अपने मरद को परायी बीवियां चोदने देती हूँ। मैं हर एक लण्ड से बहुत प्यार करती हूँ। मेरी बेटी भी बुर चोदी मेरी तरह हरामी है। वह खुद तो चुदवाती ही है लेकिन अपनी माँ चुदाने में बहुत आगे रहती है। उसे माँ का भोसड़ा चुदाने में बेहद मज़ा आता है। मेरी चूंचियां मस्त है। लो देखो मेरी चूंचियां और देखो मेरा भोसड़ा ? मैंने अपने कपडे उतार कर फेंक दिया और नंगी नंगी खड़ी होकर बातें करने लगी। इसी तरह तुम सबको नंगे और नंगी होना पडेगा क्योंकि यहाँ कपडे पहनना सख्त मना है। तुम अपना परिचय देती जाओ और नंगी होती जाओ।
शकीरा बोली :- तो सुनो मेरी भोसड़ी वाली साजिया मैं २३ साल की एक बदचलन लड़की हूँ। मुझे किसी को भी अपनी बुर देने में कोई संकोच नहीं होता ? लोग आते है और मेरी बुर लेते है। चुदाने में मैं बड़ी एक्सपर्ट हूँ और मुझसे ज्यादा मेरी अम्मी एक्सपर्ट है। मेरी अम्मी अपनी बेटी अपने सामने खूब चुदवाती है। मैं भी अपनी माँ चुदाने में मज़ा लेती हूँ। जो भी मेरे घर आता है उससे मैं कहती हूँ मेरी माँ चोद के जाओ । मुझे बिना झांट वाले लण्ड बहुत पसंद है। मैं खूब चाटती हूँ लण्ड और मुठ्ठ मार कर वीर्य पीती हूँ। जबसे मैं लण्ड पीने लगी हूँ तबसे मेरी चूंचियां बड़ी बड़ी हो गयी है। मेरी गांड मस्त हो गयी है। लो देखो मेरी चूंची, मेरी चूत मेरी गांड ? ऐसा कह कर शकीरा एकदम नंगी हो गयी और चारों तरफ घूम घूम कर अपना बदन दिखाया।
रिदा बोली :- बहन चोदों, माँ का लौड़ों सुनो मैं २५ साल की हूँ। मैं १५ साल की उमर से लण्ड पकड़ती आ रही हूँ। सैकड़ों लण्ड पकड़ चुकी हूँ और अपने मुंह में घुसेड़ चुकी हूँ। मुठ्ठ मारना और लण्ड पीना मैंने बहुत पहले सीख लिया था। १८ साल की उम्र से लण्ड बुर में घुसा रही हूँ। मेरे घर में चोदने और चुदाने को बड़ा अच्छा माना जाता है। जो जितने लोगों से चुदवाती है उसका उतना ही नाम होता है। मैं अपनी माँ के सामने चुदवाती हूँ और माँ मेरे सामने चुदवाती है। मैं अपनी बहन भी चुदवाती हूँ। मुझे जो भी लण्ड पकड़ में आता है वो मैं अपनी माँ के भोसड़ा में घुसा देती हूँ। फिर बहन की बुर में भी घुसेड़ देती हूँ और अपनी बुर में भी ? मैं अपने सारे कपडे खोल देती हूँ आज तुम सब लोग मुझे नंगी देखो ।
टोनी बोला :- मैं एक बिंदास लड़का हूँ और लड़कियों के नजदीक रहना पसंद करता हूँ। मुझे चूंचियां दबाने का बेहद शौक है। मैं लड़कियों को लण्ड पकड़ाता हूँ , लण्ड पिलाता हूँ। सबसे पहले मैंने अपनी भाभी की बुर चोदी फिर उसकी बहन की बुर ? मेरे मोहल्ले में एक सिमरन आँटी रहती है वह मेरा लण्ड बड़े प्रेम से चूसती है। मुझे छोटी छोटी झांट वाली चूत बहुत पसंद है। मैं ग्रुप में लड़कियां चोद कर बड़ा मज़ा लेता हूँ। मैं अपनी झांटें भी लड़कियों से बनवाता हूँ और लौड़ा हमेशा चिकना रखता हूँ। लो तुम सब लोग भी देखो मेरा लौड़ा और मेरे पेल्हड़ ? ऐसा कह कर टोनी एकदम नंगा हो गया।
फ़िरोज़ बोला :- मैडम पता नहीं क्यों मेरा लण्ड साला हमेशा खड़ा है। क्लास में जब पढ़ाती है तो लण्ड खड़ा हो जाता है। पहली बार एक लड़की ने मेरा खड़ा लण्ड देख लिया। वह बगल में बैठी थी। उसने हाथ बढाकर लण्ड पकड़ लिया। मैंने कहा अरे यार ये क्या कर रही हो ? वह बोली अबे भोसड़ी के चुप रह ? मुझे पकडे रहने दे ? जब क्लास ख़तम हो गयी तो वह मुझे अपने घर ले गयी और मेरा लण्ड अपनी माँ को पकड़ा दिया । उस दिन मैंने लड़की चोदने के पहले उसकी माँ चोदी ? फिर तो लण्ड पकड़ने वाली लड़कियों कि लाईन लग गयी। आज क्लास में जो लड़की मेरे अगल बगल बैठती है वह मेरा लण्ड पकडे बैठी रहती है। मैं लड़की चोदता हूँ और लड़की की माँ चोदता हूँ। लो सब लोग देख लो मेरा लौड़ा ? वह एकदम नंगा हो गया।
समीरा बोली :- पहली बात तो मैं बता दूं कि ये फ़िरोज़ भोसड़ी का मेरी माँ चोदता है। इसका लौड़ा मुझे भी पसंद है और मेरी माँ को भी ? मैं पिछले दो साल से अपनी माँ चुदा रही हूँ। एक बार मैंने अपनी अम्मी को खालू का लण्ड पीते हुए देख लिया ? तब अम्मी ने मुझे वहीँ खालू का लण्ड पकड़ा दिया और बोली लो समीरा लण्ड पियो। अब तुम २२ साल की हो यही उम्र है लण्ड पीने की ? अम्मी ने मेरे सर पे हाथ रख कर दबाया तो लण्ड मेरे मुंह में घुस गया। बस मैं पीने लगी लण्ड ? मुझे शराब के साथ लण्ड पीने का बड़ा शौक है। २/३ लण्ड से एक साथ खुले आम सबके सामने चुदाना अच्छा लगता है। लो अब तुम लोग देखो मेरी चूत मेरी गांड और मेरी चूंचियां ? वह फ़टाफ़ट कपडे उतार कर बिलकुल नंगी खड़ी हो गयी सबके सामने ?
पीटर बोला :- यार मेरे तीन शौक है पहला शराब पीना दूसरा डांस करना और तीसरा लड़कियां चोदना ? मैंने कॉलेज की कई लड़कियां चोदी है। कई टीचरें भी चोदी है। कविता मेम मुझसे चुदवाती है। ज़ारा मेम तो मेरा लौड़ा खूब चूसती है और शबीना मेम तो बुर चुदाने के साथ साथ अपनी गांड भी मरवाती है। मेरी बहन है मिस जूली। वह भी लड़कों के लण्ड खूब पकड़ती है और मेरे कई दोस्तों से चुदवाती है। मैं उसकी सहेलियों की बुर चोदता हूँ। ज़ारा और शबीना तो अपनी माँ भी चुदवाती है मुझसे ? तुम लोग भी देखो मेरा लण्ड ?
मैंने कहा :- हां हां मैं जानती हूँ ज़ारा और शबीना को अपनी माँ चुदाने का बड़ा शौक है यार ?
विकी बोला :- मैडम यह आपने बहुत अच्छा किया कम से कम खुले आम यहाँ सबको अपना लौड़ा तो दिखा पाऊंगा ? और सबकी चूत चूंचियां और गांड देखूँगा ? कॉलेज में तो छुप छुप कर लण्ड पकड़ाना पड़ता है। ये बुर चोदी लड़कियां पढने नहीं बल्कि लण्ड पकड़ने आती है। सब ससुरी शराब पीने, सिगरट पीने और लण्ड पीने आती है। कॉलेज के बगल में एक होटल है वहाँ ये लड़कियां लड़को को ले जाती है और उनके लण्ड पीती है। मैं तो रोज़ वहीँ लण्ड पिलाता हूँ अपना ? ये भोसड़ी वाली गज़ाला बैठी है न यहाँ ये तो दो दो लण्ड एक साथ पीती है। मुझे लड़कियों से मुठ्ठ मरवाने में ज्यादा मज़ा आता है। मैं बुर में नहीं मुंह में लौड़ा पेलता हूँ। देखो ये मेरा मस्ताना लौड़ा ? वह एकदम से नंगा हो गया।
गज़ाला बोली :- अभी भोसड़ी का विकी जो बता रहा था वह सही है। मैं दो दो लण्ड एक साथ पीती हूँ। मेरे घर में मेरी अम्मी, मेरी खाला, मेरी दीदी और मेरी भाभी सब दो दो लण्ड पीती है और सब मिल कर एक दूसरे की बुर में लौड़ा पेलती है। मैं अपनी माँ की बुर, खाला की बुर, दीदी की बुर और भाभी की बुर चोदती हूँ। ये सब मेरी बुर चोदती है। ऐसा करने में सबको ख़ुशी होती है और किसी को भी कतई शर्म नहीं आती ? हमारे घर में चोदने और चुदने की पूरी आज़ादी है। बस एक ही नारा है की लण्ड का मज़ा लो और बुर का मज़ा दो। मैं तो अपने अब्बा का भी लण्ड पीती हूँ। मेरी खाला ने ही पहली बार उसका लण्ड मुझे पिला दिया था तबसे रास्ता खुल गया। अब तुम लोग भी पिलाओ मुझे अपना अपना लण्ड ? और लो देख लो मुझे पूरी नंगी। वह कपडे खोल कर नंगी खड़ी हो गयी।
ताहिर बोला :- सच बताऊ साजिया मैडम, मेरे घर में कोई ऐसी कोई चूत नहीं है जसमे मैंने लण्ड न पेला हो ? अपनी खाला की बुर चोदी है मैंने, भाभी की बुर चोदी है, मामी की बुर चोदी है, दीदी की बुर चोदी है, तब तक साजिया मेम बोली अबे अपनी माँ की बुर नहीं चोदी क्या ? मेरी माँ तलाक देकर किसी और के साथ निकाह करके चली गयी । पर मुझे सबसे ज्यादा मज़ा भाभी की बहन चोदने में आया ? कॉलेज में मैंने वहीदा मेम का भोसड़ा चोदा है और अभी अभी जो आई है शबाना मेम उसे लण्ड का मुठ्ठ मरवा चुका हूँ। शबाना ने उस दिन मेरे कान में कहा ताहिर इतवार को मेरे घर आना मुझे चोदने ? मुझे लगता है की वह अपनी माँ भी चुदायेगी। अब मैं अपनी पैंट खोलता हूँ तुम लोग देखो मेरा लौड़ा ? बस ताहिर एकदम नंगा हो गया। तो दोस्तों, इस तरह इस पिकनिक में १० लोग हो गए।
५ लण्ड - टोनी, फ़िरोज़, पीटर, विकी और ताहिर
५ चूत - शकीरा, रिदा, समीरा, गज़ाला और मैं साजिया
सभी लड़कियां नंगी नंगी सोफा पर बैठ गयी और उनके सामने लड़के भी नंगे नंगे सोफे पर नंगे बैठ गये मैंने कहा यह पिकनिक दो दिन तक चलेगी और तब तक कोई भी कपडे नहीं पहनेगा। सब नंगे रहेंगें और सभी नंगी रहेंगी। नंगे आना नंगे जाना, नंगे खाना, नंगे पीना, नंगे सोना, नंगे जागना, नंगे चुदाना, नंगे चोदना ?
मारो मुठ्ठ - पियो लण्ड
आज के प्रोग्राम की शुरुआत मुठ्ठ मारने से होगी। मैं जानती हूँ की जितना मज़ा लड़कियों को मुठ्ठ मारने में आता है उतना ही मज़ा लड़कों को मुठ्ठ मरवाने में आता है। लड़कियों के मुठ्ठ मारने से जब लण्ड झड़ने लगता है तो उन्हें जीत का अहसास होता है। लड़कियां खुश होती है की मैंने लण्ड का जूस निकाल लिया ? फिर उस जूस को पीकर मस्त हो जाती है लड़कियां। उनकी चूंचियां बढ़ने लगती है और जिस्म में एक नयी चमक आने लगती है। लड़कियों से मुठ्ठ मरवाने में लड़कों के लण्ड बढ़ने लगते है. मोटे होने लगते है लण्ड ? और ज्यादा ताकतवर होते जाते है लण्ड ? इसलिए सबसे पहले लड़कियां लड़कों के लण्ड का मुठ्ठ मारेंगी और लण्ड पियेंगी। कौन किसका लण्ड पियेगी यह लाटरी से निकाला जायेगा ?
मैंने लड़कों के नाम की एक एक पर्ची बनाई और लड़कियों से कहा एक एक पर्ची उठाओ। सबने पर्ची उठा ली। आखिर में जो बची वह मेरी थी। सबसे पहले मैंने अपनी पर्ची खोली तो उसमे पीटर का नाम था। मतलब मैं पीटर का लण्ड पियूंगी ? शकीरा की पर्ची में टोनी का नाम निकला ? रिदा विकी का लण्ड पियेगी ? समीरा ताहिर का मुठ्ठ मार के लण्ड पियेगी ? गज़ाला फ़िरोज़ के लण्ड का सड़का लगाएगी और फिर उसका जूस पियेगी। नाम आने के बाद सबने अपने अपने लण्ड पकड़ लिया। लड़कियां सहलाने लगी लण्ड ? हिलाने लगी लण्ड ? धीरे धीरे खड़े होने लगे सबके लण्ड ? सभी लड़कियों के हाथ में एक एक लण्ड था मगर निगाह सबकी सबके लण्ड पर थी। उसी तरह लड़के भी सबकी चूंचियां और चूत देख देख कर मज़ा ले रहे थे। धीरे धीरे मुठ्ठ मारने की स्पीड बढती गयी। मैं भी सबके साथ पीटर का लौड़ा मुठ्ठी से पकड़ दनादन ऊपर नीचे कर रही थी। फरोज़ और ताहिर के कटे लण्ड है। उनके लण्ड की खाल सुपाड़े तक जाती ही नहीं ? इसलिए समीरा और गज़ाला ने लण्ड मुंह के डाल कर चूसा, लण्ड चिकना किया और फिर मुठ्ठ मारना शुरू किया। चारों तरफ चप्प चप्प, चपर चपर चिप्प चिप्प पुच्च पुच्च फुच्च फुचक की आवाजें आने लगी।
सबसे पहले रिदा ने विकी का लौड़ा गिरा दिया। उसका निकलता हुआ वीर्य पूरा का पूरा अपने मुंह में ले लिया और चाटने लगी लण्ड ? शकीरा ने रफ़्तार बढ़ाई तो टोनी के लण्ड के मुंह से निकलने लगा जूस। शकीरा उसे पूरा पी गयी और सुपाड़ा चाटने लगी। इतने में गज़ाला ने फ़िरोज़ का लौड़ा गिरा दिया। उसका लण्ड उगलने लगा सफ़ेद सफ़ेद गरम गरम लावा। गज़ाला ने सारा अपने मुंह में ले लिया और खूब मजे से पिया लण्ड ? अब बची मैं और समीरा ? समीरा ने स्पीड बढ़ायी तो ताहिर का लण्ड निकालने लगा मक्खन समीरा ने जबान निकाली और सारा मक्खन खा गयी फिर लौड़ा मुंह में घुसाया और खूब चाटा ? मैंने कहा अबे पीटर के लण्ड साल तू क्यों पीछे है माँ दर चोद ? तेरी माँ का भोसड़ा जल्दी से निकला। तेरी बहन की बुर चोदूँगी साले आजा भोसड़ी वाले। मेरी गालियां सुन कर उसका लण्ड निकालने लगा गरम गरम वीर्य। मैंने पूरा लौड़ा अपने मुंह में घुसा लिया और अंदर ही अंदर पी गयी। मुझे भी जितना मज़ा चुदाने में आता है उतना ही मज़ा मुठ्ठ मार कर लण्ड पीने में आता है।
अदल बदल के चोदो बुर - अदल बदल के पकड़ो लण्ड
अब मैं दो ग्रुप बनाती हूँ।
पहला ग्रुप - शकीरा और समीरा मिलकर पीटर और विकी से चुदवायेंगी।
दूसरा ग्रुप - गज़ाला, रिदा और मैं (सजिया) मिलकर टोनी, फ़िरोज़ और ताहिर से चुदवायेंगी।
शकीरा फ़ौरन उठी और पीटर से चिपक गयी। उसे देख कर समीरा विकी की बाहों में घुस गयी।
इधर गज़ाला ने टोनी को अपनी तरफ खींच लिया, रिदा फ़िरोज़ से लिपट गयी और मैं ताहिर की बाहों में समा गयी। पहले सबने लौड़ा हिलाया फिर उसे मुंह में घुसेड़ कर खूब चाटा और फिर बार बार सुपाड़ा निकाल निकाल कर लौड़ा चूसा। जब पूरी मस्ती छा गयी तब सब लड़कियों ने लौड़ा अपनी अपनी बुर में पेलना शुरू किया। देखते ही देखते पाँचों लण्ड बुर में घुस गये ? फिर क्या बार बार अंदर बाहर करते हुए चोदने लगे चूत ?
गज़ाला बोली - यार आज पहली बार एक साथ पांच पांच बुर चुदती हुई देख रही हूँ।
शकीरा - हां मैं तो पहली बार पांच टन टनाते हुए लण्ड एक साथ देख रही हूँ। मेरी चूत में आग लग गयी
रिदा - यार मेरा मन तो इन पाँचों से अपनी माँ चुदाने का हो रहा है। अपनी बहन चुदाने का हो रहा है। इतने मस्त लौड़ों से चुदवाकर मेरी माँ का भोसड़ा साला मस्त हो जायेगा ?
मैंने कहा :- तो फिर किसी दिन इन पाँचों को बुला ले अपने घर में और चुदा ले अपनी माँ और अपनी बहन, भोसड़ी वाली रिदा ? मैं तो बहुत दिनों से सोंच रही थी की कैसे इन लोगों से एक साथ चुदवाऊँ ?
समीरा - यार फ़िरोज़ तो मेरी माँ चोदता ही है। अब मैं बाकी चार लोगों से अपनी माँ जरुर चुदवाऊँगी। आज मुझे विकी का लौड़ा मेरी चूत में घुस कर बड़ा मज़ा दे रहा है। ग्रुप में चुदाने का मज़ा कुछ और ही होता है ? इतने में पीटर ने लण्ड शकीरा की बुर से निकाल कर समीरा की बुर में घुसेड़ दिया। विकी ने समीरा की बुर से निकाल कर शकीरा की बुर में पेल दिया लण्ड ? लण्ड बदला तो मज़ा और आने लगा। तब तक इधर टोनी रिदा को चोदने लगा। फ़िरोज़ रिदा की बुर से लौड़ा निकाल कर मुझे चोदने लगा और ताहिर ने मेरी चूत से लण्ड निकाला और गज़ाला की चूत में घुसा दिया। थोड़ी देर में लड़कों ने पीछे से चोदना शुरू किया। लड़कियां सब कुतिया बन कर चुदाने लगीं। अपनी अपनी गांड और चूंचियां हिला हिला कर चुदाने लगीं। दूसरे ग्रुप में लड़कों ने एक दूसरे को आँख मारी तो टोनी ने अपना लौड़ा मेरी बुर में पीछे घुसा दिया। फ़िरोज़ ने गज़ाला की चूत में और ताहिर ने रिदा की चूत में ? अब रिदा को ताहिर के लण्ड का मज़ा मिलने लगा। गज़ाला बोली हाय फ़िरोज़ बड़ा मज़ा आ रहा है। यार मैं तुम सबको अपने घर ले चलूंगी और अपनी माँ को अपनी भाभी को और अपनी खाला को दो दो लण्ड पिलाऊंगी तब मज़ा आएगा ? जब मैं अपनी माँ के भोसड़ा में लण्ड पेलूँगा भाभी की बुर चुदवाऊँगी और खाला का भोसड़ा चोदूँगी तो और मज़ा आएगा ? उसके बाद एक एक करके लण्ड झड़ने लगे। सबने फिर झड़ते हुए लण्ड पीने का मज़ा लिया।
इतने में दोपहर हो गयी तो फिर लंच होने लगा। खाना खा कर सब लोग आराम करने लगे और नींद आ गयी। शाम को करीब ६ बजे सब लोग उठ बैठे और ७ बजे फिर जम गयी महफ़िल। सबके हाथ में आ गया एक एक गिलास शराब का। मैंने कहा अब ग्रुप में लोग बदल जायेंगे। पहले ग्रुप की लड़कियां अब दूसरे ग्रुप के लड़कों से चुदवायेंगी । दूसरे ग्रुप के लड़के पहले ग्रुप की लड़कियां चोदेंगे। शकीरा और समीरा अब टोनी, फ़िरोज़ और ताहिर से चुदायेगी। यानी तीन लण्ड मिलकर दो चूत अदल बदल कर चोदेंगें। इसी तरह दूसरे ग्रुप की लड़कियां गज़ाला, रिदा और मैं साजिया पीटर और विकी से चुदवाएगीं। यहाँ दो लण्ड मिलकर तीन बुर अदल बदल कर चोदेंगें। चुदाई जब शुरू हुई तो बड़ा मज़ा। लकड़े कभी बुर बदल लेते और लड़कियां कभी लण्ड बदल लेती। इस तरह की चुदाई सबके लिए नयी थी। सबको एक अनोखा मज़ा आ रहा था।
रिदा बोली :- मेम आप इसी तरह की चुदाई एक दिन क्लास में करवा दीजिये। कितना मज़ा आएगा जब १४/१५ लड़कियां २०/२२ लड़कों से लण्ड अदल बदल कर चुदवायेंगी। इसमें तो कॉलेज की कुछ और मेम भी साथ देंगी। मैंने कहा :- हां साथ क्या वो तो मादर चोद खुद चुदवाने लगेंगी। मैं एक बार ऐसा करके जरुर दिखाऊंगी।
इस तरह रात भर लड़के लड़कियां चोदते रहे। लड़कियां लड़कों से ख़ुशी ख़ुशी चुदवाती रही।

=०=०=०=०० =०=०=०=०=०=० समाप्त

raj..
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Re: हिन्दी में मस्त कहानियाँ

Unread post by raj.. » 15 Dec 2014 01:33

रसीली चूत में



हैलो दोस्तो, मेरा नाम विक्की है, मैं जालंधर पंजाब से हूँ, मेरा कद पांच फुट दस इन्च है और मेरा रंग एकदम गोरा है, मेरा जिस्म दुबला है।

लड़कियाँ मुझे बहुत लाइन देती हैं, पर वक्त की कमी के कारण कभी किसी के पीछे नहीं पड़ा।

यह कहानी मेरी और मेरी गर्ल-फ्रेण्ड किरण (बदला हुआ नाम) के बीच की है। मैं किरण को 3 साल से देखता और जानता था, पर उससे कभी बात करने की हिम्मत नहीं हुई, किरण का रंग साफ है और उसके जिस्म की नाप 34-30-38 है।

उससे दोस्ती की चाहत में मैंने अपने दोस्त से उसका नम्बर लिया और फिर उसको मैसेज किया, पर उसने कोई जबाव नहीं दिया जो कि मुझे बहुत बुरा लगा।

जब मैंने अपने दोस्त को इसके बारे में बताया तो उसने मुझे इधर उधर से पता करके बताया कि उसने नम्बर बदल लिया है।

इसके बाद 2-3 दिन के बाद उसने मुझे किरण का नया नम्बर लाकर दिया।

मैंने फिर एक मैसेज किया और हमारी बात शुरू हो गई। थोड़े दिन तो मैं अंजान बना रहा फिर मैंने उसको अपने बारे में बताया तो वो खुश हो गई और बोली- मैं तुको जानती हूँ और तुमको पसन्द करती हूँ।

ऐसे ही हमारी महीने भर मैसेज पर बात होती रही।

एक दिन मैंने उससे मिलने का बोला तो वो कहने लगी कि थोड़े दिन रूको।

थोड़े दिन के बाद उसने सोमवार को मिलने का प्रोग्राम बनाया और सुबह मुझे 11 बजे मंदिर के पास आकर पिक करने को कहा।

मैं वक्त का बहुत पाबंद हूँ, तो मैं दस मिनट पहले ही घर से तैयार होकर निकल पड़ा।

बाजार से एक गिफ्ट-शॉप से उसके लिए एक प्यारा सा तोहफा लिया और उसकी कॉल का इन्तजार करने लगा।

जब उसकी कॉल आई तो मैंने उसको पिक किया और बाइक पर लेकर पास के एक रेस्टोरेंट में चला गया, जहाँ अलग केबिन बने हुए थे।

हम एक केबिन में बगल-बगल में बैठ गए। वेटर हमें पानी वगैरह दे गया और मैंने भी उसे ऑर्डर देकर जाने दिया।

इसकी बाद किरण और मैं आपस में बात करने लगे।

फिर मैंने उसे ‘आई लव यू’ बोला और उसने मुझसे भी अपने प्यार का इजहार किया।

मैंने खुश होकर उसे अपने आलिंगन में ले लिया और गालों पर अपने प्यार की पहली पप्पी ले ली जिसका उसने कोई विरोध नहीं किया।

इसके बाद वेटर आकर सामान देकर चला गया। मैंने वेटर को कुछ पैसे दिए, वो सब समझ कर चला गया।

मैंने थोड़ा उसको अपने हाथों से खिलाया और उसके खाए हुए आधे ग्रास को खुद खा लिया, वो मुझे प्यार भरी नजरों से देखने लगी और उसने अपनी बाँहें मेरी ओर बढ़ा दीं।

हम दोनों एक-दूसरे की बाँहों में लिपट गए और चुम्मियाँ करने लगे।

वो अपने होंठों से क्या कमाल की चुम्मी कर रही थी। हम चुम्बन करते और एक ग्रास प्लेट से उठा कर कुछ खाते, ऐसा करते हुए हम दोनों लगातार एक-दूसरे की आँखों में प्यार से देख रहे थे।

मैंने उसके मम्मों को अपने हाथों से सहला दिया, जब उसकी मूक स्वीकृति मिली तो मैंने उसकी चूचियों को जोर से भींच कर मसक दिया, उसने एक मस्त ‘आह’ भरी।

मैंने ऐसे ही दस मिनट तक चुम्बन किया और ऊपर से ही उसको सहलाता रहा।

उसके बाद हम अलग हुए और फिर थोड़ी देर बात करने के बाद हम अपनी प्रेम-लीला में शुरू हो गए।

अब की बार मैंने अपने हाथ उसके टॉप के अन्दर डाल कर उसकी चूचियों को दबाने लगा और वो और ज़ोर से मज़े लेकर मुझे चूमने लगी।

मैंने उसका हाथ अपने लंड पर रख दिया जो उसने पहले तो हटा लिया, फिर मैंने उसके दोनों कबूतरों को ब्रा को हटा कर निकाल लिया और उसकी टी-शर्ट को ऊपर करके उसके दूध को पीने लगा।

क्या बताऊँ दोस्तों कितना मज़ा आ रहा था..

मैं तो छोटे बच्चों की तरह ‘लपलप’ करके उसके दूध को चूस रहा था और वो सिसकारियाँ लिए जा रही थी।

ऐसे ही बारी-बारी से उसकी दोनों मम्मों को खूब चूसा।

किरण की आँखों में अब वासना की आग झलकने लगी थी। अब की बार फिर हम फ्रेंच किस करने लगे और इस बार मैंने कुछ आगे बढ़ते हुए उसकी पैन्ट का बटन खोल कर अपने हाथ को दहकती भट्टी पर ले गया जो बिल्कुल गीली हो गई थी।
अब वो मेरी छाती पर हाथ घुमा रही थी, फिर उसने अपना हाथ मेरी पैन्ट पर बँधी बैल्ट पर रख दिया तो मैंने मौके को देखते हुए कहा- अगर खोलना है तो खोल लो।

तो वो कुछ नहीं बोली और मैंने बैल्ट खोल कर उसका हाथ अपने लंड पर रख दिया।

उसने भी अपने हाथों में लौड़े को पकड़ कर उसको मसलना शुरू कर दिया। उसकी आँखें मदमस्त हो कर वासना से भरी हुई थीं।

मैंने भी हिम्मत करके पूछा- क्या चुदाई करने का मन कर रहा है?

तो उसने अपना सिर ‘हाँ’ में हिलाया, तो मुझे तो बिन मांगे जन्नत मिलने जैसा लगा।

मैंने कहा- तो चलो इधर से चलते हैं।

उसके बाद बिल दे कर वहाँ से निकल कर पास के ही एक होटल में उसको ले गया।
वहाँ जाते समय रास्ते में कन्डोम ले लिए क्योंकि यह दोनों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी है और होटल में एक कमरा बुक कर लिया।

कमरे में जाकर तो बस हम एक-दूसरे पर टूट पड़े, पहले उसको बाँहों में लेकर उसके नरम-नरम होंठों को 5 मिनट तक खूब चूमा और वो भी चूमने में मेरा पूरा साथ दे रही थी।

मैंने उसके कपड़े उतारने शुरू किए उसने उस दिन काले रंग की चुस्त पैन्ट और नारंगी टी-शर्ट पहनी हुई थी।

मैंने जब उसकी टी-शर्ट उतारी तो उसके अन्दर उसने हल्के गुलाबी रंग की ब्रा पहनी हुई थी जिसमें उसके मम्मे बाहर आने को तड़फ़ रहे थे, पता नहीं उस छोटी सी ब्रा में उसके 34 साइज़ के मम्मों को कैसे कसती होगी।

मैं तो उन पर बस टूट पड़ा और एक-एक करके दोनों मम्मों को मसलने और चूसने लगा, जिसमें उसे भी बहुत मज़ा आ रहा था।

वो भी मेरे बालों में हाथ फेर रही थी और इस पल का पूरा मज़ा ले रही थी।
फिर मैंने पीछे हाथ ले जाकर उसकी ब्रा उतार दी और उसके दोनों कबूतर जो काफ़ी देर से क़ैद में फड़फड़ा रहे थे, एकदम से उछल कर बाहर आ गए।

हाय.. क्या बड़े-बड़े तने हुए मम्मे थे..

मैं कभी एक चूचुक को चूस रहा था तो कभी दूसरे को.. उसके मुँह से बहुत मादक आवाजें आ रही थीं।

‘उफ्फ़ ह्म्म्मम ईहह ह्म्म्मूस मम्म्ह’

मैं पूरी मस्ती से उसके मम्मों को चूसने में लगा हुआ था।

उसके बाद मैंने उसको अपने नीचे लिटाया और उसकी पैन्ट का बटन खोल कर उसकी पैन्ट को उतारा, जिसमें उसने मेरी पूरी मदद की।
कसम से लाल रंग की पैन्टी में वो बहुत ही खूबसूरत लग रही थी। उसकी इस खूबसूरती तो देख कर मुझे उस पर बहुत प्यार आया और फिर हमारे होंठ मिल गए जो 2-3 मिनट तक आपस में ही उलझे रहे, जिसका मैंने पूरा मज़ा लिया।

इसके बाद जब मैंने उसकी पैन्टी उतारनी चाही तो उसने मुझे रोक दिया।
‘तुम भी तो पहली अपने कपड़े उतारो..’

तो मैंने कहा- तुम ही उतार दो न..

पहले उसने मेरी शर्ट.. फिर बनियान उतारी और चेहरे से मेरी छाती पर चुम्बन करते हुए वो छाती से पेट पर आ गई और फिर उसने मेरी पैन्ट को खोलना शुरू किया।

मुझे झटका लगा जब उसने मेरी पैन्ट और अंडरवियर एक साथ खोल दिए और मेरे खड़े हुए लंड को अपने हाथ में पकड़ कर खेलने लगी।

मुझे और अधिक हैरानी तो तब हुई जब उसने मेरे बिना कहे ही मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया। मैं तो जन्नत की सैर करने लगा।

अब मैंने उसको पूरा नंगा कर दिया।

उसकी कमनीय काया को देख कर मुझे नशा हो गया।

आप भी जरा इसको पढ़ कर अपने लौड़े को सहला लीजिए।
उसकी तनी हुई चूचियाँ उस पर गुलाबी चूचुक और चूत… बिल्कुल साफ़ झांट रहित.. चूत की लकीर के बीच दाना तो ऐसे छुपा था जैसे कमलगटा का बीज.. लहराते केश.. बड़ी-बड़ी आँखें.. मस्त माल थी।

दोस्तो.. मेरा लवड़ा तो आसमान की तरफ मुँह बाए खड़ा था।

उसको मैंने अपनी गोद में उठाया और बिस्तर पर लिटा दिया और बस अब चुदाई की लीला आरम्भ हो गई।

मुझे अब ये अंदाजा तो हो गया था कि ये लौंडिया खेली-खाई है क्योंकि इतनी जल्दी जब कोई लौंडिया लौड़े को चूसना शुरू कर देगी तो वो एक चुदी-चुदाई है ये तो पक्का है।

मुझे भी कौन सा फर्क पड़ना था मेरे लौड़े को भी चूत की भूख थी सो अपना लौड़ा उसकी चूत पर अभी घिसना ही शुरू किया था कि मादरचोदी ने अपनी गांड उठा कर ‘गप्प’ से अपनी रसीली चूत में मेरा लवड़ा खा लिया।

‘आह्ह..’
लौड़े ने चूत को चीर दिया और उस रसभरी नदी में डुबकियाँ लगाना चालू कर दीं।

उसकी तरफ से भी पूरी मस्ती से जबाव मिल रहा था। मेरे होंठ उसके चूचकों को चूसते जा रहे थे और वो निरंतर सीत्कार करती हुई अपनी चूत को ऊपर उठा कर चुदाए जा रही थी।

करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद वो अकड़ गई और ‘आह्ह..’ की आवाज के साथ झड़ गई।

उसकी चूत के लिसलिसे पानी ने जब चिकनाई पैदा कर दी तब मुझे अहसास हुआ कि कंडोम तो लगाया ही नहीं था।

खैर मैंने भी धकापेल करके उसकी चूत में ही अपनी धार छोड़ दी। वो अपनी बाँहें मेरे जिस्म से लिपटाए हुए रस को अपनी चूत में पीती रही और मैं भी निढाल होकर उसके ऊपर ही ढेर हो गया।

कुछ देर बाद उठे और हम दोनों ने अपने कपड़े पहने और होटल से बाहर निकल आए।
आज फिर मुझे तो उस चुदाई के बारे में सोच कर ही मुठ मारने का मन हो गया है।




The Romantic
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Re: हिन्दी में मस्त कहानियाँ

Unread post by The Romantic » 16 Dec 2014 17:00

दो- दो बेटों ने चोद डाला
रविराम69 (मस्तराम)

पटकथा : कैसे एक माँ को उसके दो- दो बेटों ने चोद डाला.. उसकी छूट की बैंड बजा डाला

हाय फ्रेंड्स मेरा नाम सीमा है हम घर में 4 लोग है में मेरा पति ओर 2 बच्चे है मेरी उम्र 35 साल है मेरी फिगर 38-32-38 है मुझे सेक्स का बहुत शौक है रोज में अपने पति से सेक्स के लिये कहती हूँ लेकिन वो कभी कभी ही करते है और सिर्फ़ वो सिर्फ़ चूत में लंड डाल कर चोदते थे इसमे मेरे पति 5 मिनिट में ही झड़ जाते थे जिससे में सटिस्फाइड नही होती थी ओर में मायूस हो जाती थी ओर उंगली से अपने आप को संतुष्ट करके सो जाती थी.


ये रोज का काम बन गया था मेरे दिमाग़ में एक ख्याल आया जैसे की मैने आपको बताया है मेरे दो बेटे है बड़ा वाला राजू 20 साल का ओर छोटा टिंकू 18 साल का मैने उनको मुर्गा बनाने की सोची मैने छुट्टी वाले दिन अपने बड़े बेटे को सुबह नहलाने का ठान लिया था मैने सुबह उठकर 10 बजे उसे उठाया ओर नहाने को कहा ओर बोला तो बहुत काला हो गया है तुझे आज में नहलाऊँगी तो वो मना करने लगा में ज़बरदस्ती उसके साथे बाथरूम में चली गयी उस टाइम मैने एक पतला सा गाउन पहना था मैने उसको कपड़े उतारने को कहा थोड़ी आना कानी के बाद उसने मेरी बात मान ली.


मैने उस पर पानी डाल के उसके साबुन लगाना शुरू किया ओर उसके अंडरवेयर के पास हाथ लगाने लगी मैने उससे बोला चल अब अंडरवेयर भी उतार ओर ज़बरदस्ती उसका अंडरवेयर उतरवा दिया मैने उसका लंड देखा वो बेठा हुआ था 4 इंच का लग रहा था फिर मैने उस पर हाथ फेरना शुरू किया उसने कहा मम्मी गुदगुदी होती है मत करो थोड़ी देर में उसका लंड खड़ा हो गया में देख कर दंग थी की उसका लंड 6 इंच लंबा ओर 2 इंच मोटा था में उस पर हाथ फेर रही थी ओर वो मुझे मना कर रहा था तभी 5 मिनिट के बाद उसने बोला मम्मी मेरा पेशाब निकलने वाला है ओर उसका स्पर्म निकल गया ओर वो थोड़ा घबरा गया ओर कहने लगा.


मम्मी मेरा पेशाब निकल गया लेकिन वो तो बहुत गाड़ा है तभी मुझे पता चला इसे सेक्स के बारे में कुछ नही पता तभी मैने उससे कहा इससे पहले कभी ऐसा नही हुआ तो उसने मना कर दिया ओर कहने लगा मम्मी आपने मेरी लूली को पकड़ा हुआ था मुझे बहुत मज़ा आ रहा था की तभी पेशाब निकल गया तभी मैने उससे कहा अब तो तू बड़ा हो गया है ओर उसको नहला कर अपना गाउन उतारने लगी तब मैने उसको बाहर भेज दिया फिर में भी नहा कर बाहर आई ओर अपने काम में लग गयी दोपहर को 2 बजे वो मेरे पास आया ओर मेरे पास लेट गया तभी मेरे दिमाग़ ने कहा अब इसको शिक्षा दी जाये

तभी मैने उसको कहा तेरी कोई गर्लफ्रेंड है तो उसने मना कर दिया तभी मैने उससे फिर कहा अब तू बड़ा हो गया है कोई गर्लफ्रेंड बना लो तो उसने मुझे कहा क्या मम्मी उससे क्या होगा तभी मैने उसको कहा की तू उसके साथ घूमने जाना ओर ऐश करना ओर फिर उसके पापा आ गये ओर उन्होने कहा मुझे अभी मुंबई जाना है 6 दिन के लिये ओर वो चले गये.


अगले दिन मैने उसे फिर नहलाया ओर फिर उसका स्पर्म निकल गया तभी मैने उसको कहा क्या बेटे तू ये रोज रोज क्या करता है तो वो बोला मम्मी आप जब भी हाथ लगाते हो तो ये बड़ा हो जाता है ओर पेशाब कर देता है तभी मैने उसको बताया बेटा ये स्पर्म है ओर ये निकलना अच्छा होता है तो उसने पूछा क्या तभी मैने फिर देखा उसका लंड तंबू जैसा खड़ा था मैने उससे कहा बेटे जब लड़का बड़ा हो जाता है तो यही होता है ओर उसे बताना शुरू किया की तू इसको आगे पीछे किया कर जिससे तुझे मज़ा आयेगा ओर मैने उसकी मूठ मारनी शुरू कर दी 10 मिनिट के बाद वो फिर संतुष्ट हो गया तभी मैने उससे पूछा मज़ा आया तो उसने कहा बहुत आया ओर

मैने उसे ये भी समझाया की ये चीज़ किसी को मत बताना ओर जब भी उसको यह करना हो तो वो बाथरूम में ही करे ओर उसके बाद नेक्स्ट दिन वो फिर मेरे पास आया ओर कहने लगा मम्मी मैने आज भी किया ओर मुझे बहुत मज़ा आया.


तभी शाम के टाइम जब में उसके रूम में गयी तभी मैने देखा वो मूठ मार रहा था तभी मैने उसे टोक दिया ओर उससे कहा इसे ज़्यादा मत करो सेहत पर असर पड़ता है ओर उसे अपने कमरे में अन्दर ले गई ओर उसको बताना शुरू किया मैने उसको ज़ब कुछ बताया की ये किस काम आता है ओर इसके रस को ऐसे वेस्ट नही करते इन सब बातो से वो बहुत एग्ज़ाइटेड हो गया ओर बूब्स देखने की ज़िद करने लगा तभी मैने उससे गुस्सा किया ओर कहा माँ बेटा ये नही करते ऐसे ही 2-3 दिन निकल गये ओर में अपने छोटे बेटे को तैयार करने लगी.


फिर उसे भी ज़ब कुछ सीखाने लगी ओर उसके साथ ही नंगी हो कर नहा लेती ऐसे ही एक दिन मेरा बड़ा बेटा ओर छोटा बेटा बात कर रहे थे तभी मैने उनकी बाते सुनी उन्होने मूठ मारने की बात की लेकिन एक दूसरे को ये नही बताया की ये सब किसने सीखाया है मेरा बड़ा बेटा बहुत ज़्यादा एग्ज़ाइटेड रहता था ओर जब भी में नहाने जाती या कपड़े चेंज करती वो मुझे चुपचुप के देखता रहता में उसकी यह सब चीज़े नोट कर रही थी ओर बीच बीच में वो मुझे बताता भी रहता मम्मी मैने मूठ मारी थी ओर एक दिन जब वो मूठ मार रहा तो मैने देखा

उसके हाथ में एक किताब थी जिसमे नंगी फोटो थी मैने उसे देखा तो उसने वो छुपा दी और मेरे ज़ोर से बोलने पर उसने वो किताब दे दी ओर में वो ले कर चली गयी अगली दोपहर को वो मेरे कमरे में आया ओर बोला वो किताब प्लीज दे दो तो मैने उसको बोला क्या करेगा तो उसने साफ साफ़ कह दिया आप तो अपने बूब्स दिखाती नही हो तो उसमे ही देखूँगा.


तभी मैने उसे समझाया की इतनी मूठ नही मारते तभी वो बिना कुछ बोले ही चला गया तभी मुझे वो मेरे लायक तैयार लगा ओर शाम को हमारे घर पर में ओर राजू ही थे मेरे पति ओर टिंकू अपनी बुआ के घर गये थे तभी मैने राजू को थोड़ी जानकारी दी और उसको थोड़ा प्यार करके बोली मेरा बेटा नाराज़ है तो वो कुछ नही बोला तभी मैने उसका हाथ अपने बूब्स पर रख दिया वो बिल्कुल पागलो की तरह मुझे देखने लगा

तभी मैने उससे कहा जैसा में कहूँगी वैसा ही कर ना तो वो मान गया मैने अपनी कमीज़ ओर ब्रा उतार दी जिससे मेरे बूब्स कबूतर की तरह आज़ाद हो गये ओर राजू का हाथ उन पर रख दिया ओर उसको दबाने की पर्मिशन दे दी ओर उसे चूसने को भी कहा मुझे अब मज़ा आ रहा था ओर राजू मेरे एक बूब्स को सक कर रहा था ओर दूसरे को दबा रहा था ओर मेरा एक हाथ उसके लंड पर पहुँच गया था ओर दूसरे से में अपनी चूत रग़ड रही थी.


तभी राजू ने कहा मम्मी आप क्या कर रहे हो तभी मैने उसको कहा की आज में तुझे सब सीखा दूँगी ओर मैने उसको कपड़े उतारने को कहा ओर उसको पूरा नंगा कर दिया ओर अपनी भी पेंटी उतार दी ओर उसको 69 की पोज़िशन में लेटने को कहा तो वो कहने लगा ये क्या होता है तभी मैने उसे 69 की पोजिशन में अपने उपर लिया ओर उसको अपनी चूत चाटने को कहा तो वो चाटने लगा ओर उंगली भी करने लगा ओर में उसका लंड चूस रही थी तभी में गर्म हो गयी ओर उसको अपने उपर लेकर कहा अब तू जाकर तेल की बोतल ले आ ओर जो में कहती रही वो करता रहा.


फिर मैने उसके लंड पर तेल लगाया तो वो पूछने लगा ये क्या लगा रहे हो तो मैने उसको बताया की जब पहली बार कोई लड़का किसी औरत की चूत में लंड डालता है तो उसकी थोड़ी टोपी की खाल खीच जाती है जिससे दर्द होता है पर तेल लगाने से लंड बिल्कुल स्मूद जाता है ओर उसका लंड चूत पर लगवा के उसे धक्का देने को कहा पर राजू नया खिलाड़ी था जिससे की धक्का देते ही उसका लंड फिसल कर नीचे चला गया तभी मैने उसका लंड पकड़ कर चूत पर रखा ओर धक्का देने को कहा राजू ने एक बार में ही आधा लंड अंदर डाला ओर मेरी चीख निकल गयी क्योकी उसका लंड मोटा था तभी उसने कहा क्या हुआ मम्मी तभी मैने उसको इशारा करते हुये एक ओर धक्का मारने को कहा जिससे उसका 6 इंच लंबा लंड मेरी चूत में घुस गया ओर उसने मुझे धक्के देने शुरू कर दिये.


में भी अपनी गांड नीचे से हिला कर उसका साथ दे रही थी उसके धक्के इतने जोरदार थे की में बहुत जल्दी झड़ गयी थी ओर 10 मिनिट के बाद मैं उसको ओर तेज बोलते बोलते ही झड़ गयी मगर वो मुझे चोदे जा रहा था ओर 30 मिनिट के बाद उसने मुझे कहा की मम्मी में झड़ने वाला हूँ ओर वो झड़ता हुआ मेरे उपर ही लेट गया उसने मेरी चूत में ही अपना स्पर्म छोड़ दिया तब तक में 2 बार झड़ चुकी थी 10 मिनिट के बाद जब हम अलग हुये तो राजू ने मुझे किस देते हुये कहा मम्मी आपने मुझे मज़ा दिला दिया ओर वो मेरे साइड में लेट गया 10 मिनिट के बाद जब मैने उसके लंड को देखा तो वो फिर खड़ा हुआ था तभी मैने उसको कहा ये फिर केसे खड़ा कर लिया

तभी उसने हँसते हुये कहा मम्मी इसको आपकी चूत बहुत पसंद आई है ओर वो फिर मेरे उपर आ गया उस रात हमने 5 बार चुदाई की ओर हम सो गये. अगले दिन हम सुबह 11 बजे उठे तो मुझसे उठा नही जा रहा था राजू की चुदाई से मेरी चूत बहुत दर्द हो रही थी में हिम्मत करके उठी ओर राजू को उठा कर नहाने चली गयी तभी पीछे पीछे राजू भी बाथरूम में आ गया ओर मेरी चूत को हाथ लगाने लगा मैने उसे चुदाई करने से मना कर दिया ओर

उसको अपनी चूत दिखाई तो वो समझ गया अब ये सिलसिला रोज चलता रहा लेकिन 4 महीने बाद राजू को हॉस्टल जाना पड़ गया ओर में फिर टिंकू को पटाने की सोचने लगी ओर कामयाब भी हो गयी टिंकू ने भी मुझे चोदा मगर 6 महीने में ही राजू हॉस्टल से आ गया ओर तभी राजू फिर से शुरू हो गया. तभी मैने अल्टरनेट डेट बना दी की जिससे मुझे मेरे दोनो बेटे चोद सके फिर मेरे दिमाग़ में दोनो से एक साथ चुदने का मन हुआ ओर मैने दोनो को एक साथ करके अपनी चुदाई करवाई ओर दोस्तो कैसी लगी मेरी कहानी.