तीन देवियाँ compleet

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raj..
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Re: तीन देवियाँ

Unread post by raj.. » 12 Nov 2014 03:47

ऋतु जब ऊपेर आई तो कमरा अछा ख़ासा डार्क था वो समझी शाएद हम सो गये तो उसने धीरे से पुकारा दीदी !!!! तो अनु ने कहा आ जा ऋतु इधर आ जा. मैं और अनु दोनो पीठ के बल सीधे ऐसे लेटे थे के हम दोनो के बीच मे थोड़ी जगह थी और हमारी टाँगें भी थोड़ी थोड़ी खुली हुई थी. ऋतु जब कमरे मे अंदर आई तो कमरे मे अंधेरा था कुछ नज़र नही आ रहा था. अनु ने ऋतु से कहा के आ जा और हम दोनो के बीचे मे बैठ के हमारी दोनो की टाँगो को दबा. ऋतु थोड़ी देर दूर मे खड़ी रही उसे कुछ दिखाई नही दे रहा था थोड़ी देर के बाद उसकी आँखें अंधेरे मे अड्जस्ट हो गई और वो अंधेर मे देखने के काबिल हो गई तो बेड की ओर बढ़ी और बेड के ऊपेर आ गयी और हमारे टाँगो के बीच मे घुटने मोड़ के बैठ गयी. अनु ने कहा के ऐसे ही बैठ के दोनो की टाँगो को दोनो हाथो से दबाओ और मसाज करो. ऋतु ने अपना एक हाथ मेरी टांग पे रखा दूसरा हाथ अनु की टांग पे रखा और अपने छोटे छोटे हाथो से दबाना शुरू किया तो अनु ने कहा ऊपेर तक दबा तो ऋतु थोड़ा और ऊपेर की ओर खिसक गयी और हम दोनो के ऑलमोस्ट सेंटर मे बैठ गयी और दोनो हाथो से दोनो के थाइस पे हाथ रख दिया और दबाने लगी. अभी तक ऋतु को पता नही चला था के हम नंगे लेटे है. अनु ने कहा ऋतु, शॉल के अंदर हाथ डाल के आराम से मसाज करो तो ऋतु ने दोनो की टाँगो पे से शॉल हटा के अपना हाथ हमारी थाइस पे रखा और एक दम से घबरा के अपना हाथ हटा लिया तो अनु हस्ते हुए पूछने लगी के क्या हुआ तो ऋतु बोली के दीदी आप ने सलवार नही पहनी क्या तो मैं ने कहा के अरे ऋतु इतनी गर्मी तो पड़ रही है ऐसे मे क्या सलवार और क्या कमीज़ चल तू दबाना शुरू कर तो उसने फिर से हमारे नंगे थाइस पे अपने हाथ रख दिए और दबाना शुरू कर दिया तो मैं ने बोला के और थोड़ा ऊपेर तक दबा ना तो वो

अपने हाथ और ऊपेर तक ले गयी और ऑलमोस्ट जाँघो तक उसके हाथ लगने लगे तो ऋतु फिर चोंक गयी और बोली के दीदी आप ने चड्डी भी नही पहनी क्या तो हम दोनो हस्ने लगे और बोले के यहा कोई मरद तो नही है और लड़कियाँ एक दूसरे से ना कुछ छुपाटी है और ना ही शरमाती तू भी तो लड़की है हम से कभी नही शर्मा ना समझ गयी ना. चल अब ऐसे ही ऊपेर तक दबा. प्लॅनिंग के मुताबिक हम दोनो ने अपने हाथो से उसके दोनो हाथो को पकड़ लिया औ अपने थाइस पे अंदर तक खेच लिया और जैसे ही ऋतु का हाथ हमारी नंगी चूतो पे पड़ा तो ऋतु ने कहा छी दीदी आप चड्डी पहेन लो ना प्लीज़ मुझे शरम आ रही है और अंधेरे मे ही उसने अपनी आँखें बंद कर ली तो हम दोनो फिर से हंस दिए और बोले के अभी तो तुझे बताया था के लड़कियाँ दूसरी लड़कियों से नही शरमाते है तो तू क्यों शर्मा रही है और फिर उसके दोनो हाथो को पकड़ के अपनी चूतो पे रख के अपनी थाइस को टाइट पकड़ लिया जिस से उसके हाथ हमारी चूतो पे लगे रहे. मैं ने ऋतु से बोला के चल अब यहा दबा तो उसने कहा ची दीदी कैसी बातें कर रही हो इसे भी कोई दबा ते है तो मैं ने कहा हा तुझे नही पता के इसको दबाने से कितना मज़ा आता है तो उसने शरम से अपनी गर्दन झुका ली. उसके हाथ अभी भी हमारी जाँघो मे दबे हुए थे और फिर हम दोनो ने उसके हाथ को पकड़ के अपनी चूतो पे आगे पीछे कर के मसलना शुरू कर दिया और बोला के ऐसे कर और ऐसे ही मसाज कर तो ऋतु कुछ बोली नही और जैसा हम ने बोला था वैसा ही अपने हाथो से हमारी चूतो का मसाज करने लगी.

मैं ने कहा ऋतु तुझे गर्मी नही लग रही तो उसने बोला का हा दीदी बोहोत गर्मी लग रही है और यहा तो फॅन भी नही चल रहा है तो मैं ने बोला के चल तू भी अपने कपड़े उतार दे तो उसने बोला के नही दीदी रहने दो कोई बात नही तो मैं ने फिर थोडा सा कड़क आवाज़ मे बोला के चल ऋतु जैसा मैं कह रही हू वैसा ही कर तो शाएद वो डर गयी और उसने शरमाते हुए अपनी शर्ट उतार दी तो मैं ने कहा के चल हम दोनो ने भी सलवार नही पहनी है तो तू कैसे पहेन सकती है चल उतार इसे भी और अपने हाथ बढ़ा के उसकी सलवार का नाडा खोल दिया तो वो अपनी जगह से थोड़ा सा उठी और अपनी सलवार को निकाल दिया. अब ऋतु भी हमारे बीच मे नंगी बैठी थी और फिर से हमारे थाइस को दबाने लगी तो मैं ने कहा के ऋतु जैसा अभी तुझे बताया था वैसे ही मसाज कर तो उसने कुछ नही कहा और सिर्फ़ थाइस को ही मसाज करती रही तो मैं ने उसका हाथ पकड़ के अपनी चूत पे रख दिया तो उसने फॉरन ही अपना दूसरा हाथ भी अनु की चूत पे रख दिया और अपने छोटे छोटे हाथो की हथेली से हमारी चिकनी चूतो को सहलाने लगी तो मैं ने और अनु ने अपने अपने हाथ उसके मुड़े हुए थाइस पे रख दिए और उसके पतले पतले थाइस

को मसाज करने लगे और पूछा के कैसा लग रहा है तो ऋतु बोली के बोहोत अछा लग रहा है तो हम ने बोला के हमै भी बोहोत मज़ा आ रहा है. और ऐसे ही सहलाते सहलाते हम ने भी उसकी चूत पे हाथ रखा तो वो घबरा के खड़ी हो गयी तो अनु हंस के बोली के चल बैठ और जैसा हम बोलते है वैसा ही कर. अब पोज़िशन ऐसी थी के ऋतु घुटने मोड़ के हमारे बीच मे बैठी थी और कभी कभी अपनी गंद बेड से उठा के घुटनो के बल हो जाती थी और उसके दोनो हाथ हमारी चूतो पे थे और वो अपने दोनो हाथो की हथेलिओं से हम दोनो की चूतो का एक साथ मसाज कर रही थी हम्दोनो को उसके छोटे छोटे हाथ के स्पर्श से बोहोत ही मज़ा आने लगा था और हम ने उसका हाथ अपनी जाँघो से टाइट पकड़ लिया और झड़ने लगे. जैसे ही हमारी चूत का रस्स उसके हाथ से लगा तो उसने अपने हाथ खेच लिया और बोली के दीदी तुम्हारा पिशाब निकल रहा है जा के बाथरूम मे कर लो तो हम दोनो फिर से हंस दिए और बोला के अरे पगली यह पिशाब नही है यह तो हरमा रस है जो मसाज करने से निकलता है तो उसने कुछ बोला नही शाएद उसकी कुछ भी समझ मे नही आया. हमारे हाथ उसकी थाइस को सहलाते सहलाते उसकी चूत को भी टच कर रहे थे तो उसने भी अपनी टाँगें थोड़ी सी खोल दी शाएद उसको भी अब मज़ा आने लगा था.

हम ने ऋतु को पकड़ के हमारे बीच मे लिटा लिया और उसकी छोटी छोटी छातियाँ मसल्ने लगे और किस करके उसके निपल्स जो अभी पूरी तरह से बाहर भी नही आए थे उनको अपने मूह मे ले के चूसना शुरू कर दिया और अपने हाथ से उसकी छोटी सी मक्खन जैसी चिकनी चूत का मसाज करने लगे तो ऋतु के मूह से फॉरन ही सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स आआआआअहह जैसे आवाज़ें निकाल ने लगी और उसने अपनी टाँगें बोहोत चौड़ी कर ली और घुटने मोड़ के पूरी टाँगें खोल दी और अपनी गंद उठा उठा के अपनी चूत को हमारी उंगलिओ से रगड़ने लगी. मैं ने पूछा कैसा लग रहा है ऋतु तो वो बोली के बोहोत अछा लग रहा है दीदी मुझे बोहोत मज़ा आ रहा है. मैं और अनु दोनो करवट से लेटे थे उसकी छोटे से चुचिओ के उभार को चूस रहे थे और उसकी चूत के दाने को उंगली से मसल रहे थे. थोड़ी ही देर मे ऋतु ने भी अपनी टाँगें बोहोत ज़ोर से बंद करली और हमारे हाथो को अपने जाँघो मे दबा के पकड़ लिया उसका बदन अकड़ गया था और फिर धीरे धीरे वो गहरी गहरी साँसें लेती हुई अपनी टाइट ग्रिप को लूस कर दिया और सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स जैसी आवाज़ें निकालती हुई गहरी साँसें लेने लगी उसकी आँखें बंद हो चुकी थी और उसकी कच्ची कुँवारी छोटी सी बेबी चूत मे से जूस निकलने लगा जिसे मैं ने अनु ने चाट लिया वाह क्या बताउ

कितना मीठा उसकी कुँवारी चूत का पहला जूस मज़ा ही आगेया उसका जूस चाटने मे..

अनु जो ऋतु की चूत को चाटने के लिए उतावली हो रही थी, अपने दोनो हाथ उसकी बगल मे डाल के उसको अपने नंगे बदन के ऊपेर खेच लिया और अपनी चुचिओ पे उसको बिठा लिया तो ऋतु भी अपने घुटने मोडके अनु के सीने पे बैठ गयी.

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कामुक कहानियाँ

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क्रमशः........


raj..
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Re: तीन देवियाँ

Unread post by raj.. » 12 Nov 2014 03:48

Teen Deviyaan paart -11

gataank se aage..................

Mera Lund kuch der ke liye naram ho gaya tha par jaise hi thodi thandi hawa lagi wo phir se khada hone laga aur dekhte hi dekhte poori tarah se akad gaya aur spring ki tarah se hilne laga. Mai ne Shalu ka hath pakad ke apne Lund pe rakh dia jise use ab aasaani se pakad lia aur dabane lagi aur boli ke Rajj tum bade kharab ho itna bada aur itna mota mere halak ke ander tak ghusa dia meri to jaan hi nikli ja rahi thi to mai ne kaha ke mere Lund ki jaan bhi to nikall nikall ke tumhare halak mai chali gayee to wo kuch boli tum bade shaitaan ho aur muskura di aur Lund ko dabate hue boli ke sach mai yeh to bohot hi bada aur mota hai to mai ne kaha tumhai pasand aaya ? to usne bola ke tum shaitan ho mujhe kia pata mai to aaj pehli bar kisi ka apne hath mai lia hai.

Lagta tha ke ab Shalu thoda sa free ho gayee hai to uski chikni makkhan jaisi choot pe hath pherte hue mai ne poocha ke kia baat hai aaj isko itna chikna bana ke ayee ho to wo kuch nahi boli to mai ne poocha kia Ritu se apni chikni choot ko chatwane aur uski choot ko chaat ke uske sath maza lene ka irada tha to usne muskuraate hue dheere se apna sarr haa mai hila dia. Phir mai ne poocha ke tumhai chudwane mai maza nahi aata kia jo chootein hi chaat ti aur chatwati rehte ho tum log to usne kaha ke pata nahi Rajj kyon mujhe chudwana acha nahi lagta lesbianism mai jo maza hai wo kisi male ke sath chudwane mai nahi hai aur phir ladkiyan safe bhi to rehti hai pregnancy ka darr bhi to nahi rehta aur ladkiyan sath mai soti hai to bhi kisi ko koi shakk nahi hota isi liye ham ko ek doosre ke sath hi maza aata hai. Yeh kahani The Great Warrior ki likhi hui hai

Mai ne poocha ke acha yeh batao ke tum logo ne yah sab kaise start kia aur Ritu ko kaise pataya wo to abhi itni choti si ladki hai abhi woh poori tarah se jawan bhi to nahi hui to Shalu ne haste hue kaha ke Ritu ko mai ne aur Anu ne mil ke pataya. Actually mai aur Anu to apne school ke zamane se hi yeh sab karte hai. Tumhai to pata hai ke mai kabhi kabhi raat ko yahi ruk jati thi aur Anu ke sath hi so jati thi to mai ne kaha haa mujhe pata hai to us ne kuch sochte hue kaha haa shaed ham log 9th ke exam ki tayari kar rahe the aur Anu ko kisi magazine se ek sex ki photo mili jise ham ne sab logo ke so jane ke bad bed mai lete lete chori chuppe dekha jismei do nangi ladkiyan ek doosre ki chootein chaat rahi thi. Ab Shalu Choot aur Lund jaise shabdo ka upyog karne lagi thi. Bass phir kia tha ham dono garam ho gaye aur dono pehle to ek doosre ki chuchion ko daba te rahe phir ek doosre ki choot ko salwar ke ooper se

hi masalne lage aur dekhte hi dekhte dono ne ek doosre ki salwar mai hath dal dia aur ek doosre ki nangi chooton ko apne hatho se sehlaane aur masalne lage aur thodi hi der mai hamain maza aane laga dono badi tezi se ek doosre ki choot ko masal rahe the aur phir hamari chooton mai se juice jaisa kuch nikalne laga aur hamain bohot maza aaya. Uss waqt tak hamari choot pe jhatein bhi nahi ugi thi chikni chikni thi hamari chootein.

Thodi hi der ke bad ham dono blanket ke ander hi nange ho gaye aur ek doosre ki lemon jaisi chuchion ko dabane lage aur chuchion ki nipples ko muh mai le ke choosa jaise chote bache doodh peete hai usi tarah se uske bad ham ne socha ke kyon na photo jaise position mai kia jaye aur phir ham dono blanket ke ander hi ander usi position mai aa gaye aur ham ek doosre ki choot ko kiss karne aur chaatne lage. Dono ki chooton se pehle hi juice nikal chuka tha namkeen tha par acha lag raha tha. Thodi der tak aise hi chooste chooste hamara juice phir se nikla aur hamai bohot hi maza aaya. Phir ham apne kapde pehen kar so gaye. Hamei aisa karne ke baad badi achi neend ayee aur ham subah der tak sote rahe. Phir to hamai chootein chaatne aur chuchion ko choosne mai bada maza aane laga aur ham log exam ke khatam hone tak almost daily hi yeh karte rahe. Jab bhi ham thodi der ke liye akele hote tab ham mokka dekh ke Kiss kar lete aur ek doosre ki chuchion ko shirt ke ooper se masal bhi dete aur Baad mai jab bhi mouka milta ham ek doosre ki chootein chaat lete.

Mai aur Shalu nange hi the to mai ne usko sofe se uthaya aur apne kamre ki taraf le gaya aur bahana yeh banaya ke Ritu so rahi hai kahi jaag na jaye chalo mere kamre mai chalte hain waha ham itmenan se baat karenge. Mai aur Shalu mere kamre mai aa gaye aur mai ne kamre ka darwaaza band kar dia par lock nahi kia kyonke mujhe yakeen tha ke Ritu kuch hi der mai mere kamre mai aa jayegi isi liye bass close kar dia aur lock nahi kia. Phir Shalu ko bed pe lita dia aur mai bhi uske sath hi let gaya. Letne se pehle kamre ki light bhi band kar di thi kyonke mera manna hai ke raat ke andhere mai insaan wo kar leta hai ho din ke ujaale mai nahi kar pata. This story is written by The Great Warrior. Mai ne socha ke Shalu bhi andhere mai kuch ziada hi free ho jayegi aur maza bhi legi.. Mere kamre mai andhera tha barish abhi bhi ruk ruk ke ho rahi thi aur kabhi kabhi bijli bhi chamak jati thi jis se achanak kuch light aa jati kamra roshni se chamak jata aur phir se andhera ho jata. Mai

aur Shalu ek doosre ki taraf muh kar ke karwat se lete the mera Lund Shalu ke hath mai tha jise wo ab khud se hi daane lagi thi aur aage peeche kar ke muth jaisa bhi mar rahi thi mai uske chuchion ko masal bhi raha tha aur choos bhi raha tha. Karwat se leite hi leite mai ne Shalu ki tang utha ke apne hips pe rakh li jis se uski choot kuch khul gayee aur mai thoda us uske kareeb ho gaya jis se mere Lund ka supada uski choot se takra raha tha jise Shalu bade maze se daba rahi thi. Lund mai se pre cum bhi nikalna shuru ho gaya tha. Ab Shalu bhi masti mai aa gayee thi aur mere Lund ke dande ko pakad ke Lund ke helmet jaise supade ko apni khuli pankhadiyon ki choot mei ghiss rahi thi aur clitoris ko ragad rahi thi aur sath hi uske muh se aaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh aur oooooooooooooiiiiiiiiiiiiiii jaisi awazein bhi nikal rahi thi. Mere Lund se nikalta chikna pre cum aur uski choot mai se nikalta juice dono mil ke uski choot ko bohot slippery bana chuke the. Wo Idhar mere lund ko apni choot mai ragad rahi thi aur apni baat continue rakhe hue thi.

Shalu ne apni baat continue karte hue kaha ke Isi tarah se din guzarte rahe. Phir ek din Ritu ko tumhare uncle gaon se le ke aa gaye. Choti si ladki dubli patli sanwli colour ki. Bohot chote chote se uske chuchian to nahi thi bass chuchion ke ubhaar the samjho. Ritu gaoon ki ek bholi bhali si ladki thi use kuch bhi nahi maloom tha. Actually ek din Anu ne Ritu ko bathroom mai nange dekh lia wo pishab kar rahi thi uski choot se badi madhur sssssssssssssssrrrrrrrrrrrrrrrrrrr ki seetee jaisi music nikal rahi thi jo Anu ko achi lagi aur wo usko pishab karte dekhti rahi uske bad Ritu uthi aur nahaane lagi. Ritu nangi thi. uske chote chote chuchion ke ubaar aur patli lakeer jaisi bina balo wali chikni baby choot ke pankhadiyan ek dooser se mile hue the jo Anu ko bohot ache lage aur tabhi Anu ne Ritu ki choot ko chaatne ka faisla kar lia aur mujhe bataya to mai ne kaha ke theek hai koi bat nahi kisi raat ka programme rakho us din Ritu ko bhi fit kar dete hain. Aur phir ek raat ka programme ban gaya. Uss waqt tak ham college mai aa chuke the aur ham dono nange ho ke bade maze se ek doosre ki chuchion ko chooste aur chooton ko chaat te aur maze lete the. Jis din ka programme bana uss din Anu to Ritu ki choot ko chaatne ke liye utauli ho rahi thi. Ham raat ke khaane ke baad ooper aa gayee ham dono let gaye uss waqt tak Khushboo didi ki shadi ho chuki thi aur yeh kamra khali tha aur tumhai kuch khabar bhi nahi hoti thi tum mast neend so jate the aur ham tumhai ghaas bhi nahi dalte the to tum bhi hamari koi care nahi karte the.

Khair uss raat khane ke baad ooper aane se pehle Anu ne Ritu ko bol dia tha ke Mem sab ke pair dabaane ke bad jab wo so jaye to tum ooper hamare pas aa jaana hamai kuch kaam hai to usne kaha theek hai didi aa jaugi. Usko kia khabar thi ke aaj uski choti si patle pankhadiyon wali choot ko chaat chaat ke ham uski kunwari choot ka sara rass peene wale the. Wo apna sara kaam khatam kar ke raat takreeban 11 baje ke baad ooper aa gayee. Uss raat badi garmi pad rahi thi ham dono bina kuch kapde pehne nange hi lete the. Un dino colleges ko chuttian thi aur tum uncle ke pas Mastipur gaye hue the aur hamara raasta bhi saaf tha ooper koi bhi nahi tha. Ritu ke ooper aane se pehle hi ham ne kamre ki light band kar di thi aur apne nange badano par patli si shawl dali li thi taa ke Ritu ko foran pata na chale ke ham nange lete hain..

Ritu jab ooper ayee to kamra acha khasa dark tha wo samjhi shaed ham so gaye to usne dheere se pukara didi !!!! to Anu ne kaha aa ja Ritu idhar aa ja. Mai aur Anu dono peeth ke bal seedhe aise lete the ke ham dono ke beech mai thodi jagah thi aur hamari tangein bhi thodi thodi khuli hui thi. Ritu jab kamre mai ander ayee to kamre mai andhera tha kuch nazar nahi aa raha tha. Anu ne Ritu se kaha ke aa ja aur ham dono ke beeche mai baith ke hamari dono ki tango ko daba. Ritu thodi der door mai khadi rahi use kuch dikhayee nahi de raha tha thodi der ke bad uski ankhein andhere mai adjust ho gai aur wo andher mai dekhne ke kabil ho gayye to bed ki or badhi aur bed ke ooper aa gayee aur hamare tango ke beech mai ghutne mod ke baith gayee. Yeh kahani The Great Warrior ki likhi hui hai Anu ne kaha ke aise hi baith ke dono ki tango ko dono hatho se dabao aur massage karo. Ritu ne apna ek hath meri tang pe rakha doosra hath Anu ki tang pe rakha aur apne chote chote hatho se dabana shuru kia to Anu ne kaha ooper tak daba to Ritu thoda aur ooper ki or khisak gayee aur ham dono ke almost center mai baith gayee aur dono hatho se dono ke thighs pe hath rakh dia aur dabane lagi. Abhi tak Ritu ko pata nahi chala tha ke ham nange lete hai. Anu ne kaha Ritu, Shawl ke ander hath dal ke araam se massage karo to Ritu ne dono ki tango pe se shawl hata ke apna hath hamari thighs pe rakha aur ek dam se ghabra ke apna hath hata lia to Anu haste hue poochne lagi ke kia hua to Ritu boli ke didi aap ne salwar nahi pehni kia to mai ne kaha ke arey Ritu itni garmi to pad rahi hai aise mai kia salwar aur kia kameez chal tu dabana shuru kar to usne phir se hamare nange thighs pe apne hath rakh diye aur dabana shuru kar dia to mai ne bola ke aur thoda ooper tak daba na to wo

apne hath aur ooper tak le gayee aur almost jhango tak uske hath lagne lage to Ritu phir chonk gayee aur boli ke didi aap ne chaddi bhi nahi pehni kia to ham dono hasne lage aur bole ke yaha koi marad to nahi hai aur ladkiyan ek doosre se na kuch chupaati hai aur na hi sharmati tu bhi to ladki hai ham se kabhi nahi sharma na samajh gayee na. Chal ab aise hi ooper tak daba. Planning ke mutabik ham dono ne apne hatho se uske dono hatho ko pakad lia au apne thighs pe ander tak khech lia aur jaise hi Ritu ka hath hamari nangi chooto pe pada to Ritu ne kaha Chi didi aap chaddi pehen lo na please mujhe sharam aa rahi hai aur andhere mei hi usne apni aankhein band kar li to ham dono phir se hans diye aur bole ke abhi to tujhe bataya tha ke ladkiyan doosri ladkiyon se nahi sharmate hai to tu kyon sharma rahi hai aur phir uske dono hatho ko pakad ke apni chooton pe rakh ke apni thighs ko tight pakad lia jis se uske hath hamari chooton pe lage rahe. Mai ne Ritu se bola ke chal ab yaha daba to usne kaha Chi didi kaisi batein kar rahi ho ise bhi koi daba te hai to mai ne kaha haa tujhe nahi pata ke isko dabane se kitna maza aata hai to usne sharam se apni gardan jhuka li. Uske hath abhi bhi hamari jhango mei dabe hue the aur phir ham dono ne uske hath ko pakad ke apni chooto pe aage peeche kar ke masalna shru kar dia aur bola ke aise kar aur aise hi massage kar to Ritu kuch boli nahi aur jaisa ham ne bola tha waisa hi apne hatho se hamari chooton ka massage karne lagi.

Mai ne kaha Ritu tujhe garmi nahi lag rahi to usne bola ka haa didi bohot garmi lag rahi hai aur yaha to fan bhi nahi chal raha hai to mai ne bola ke chal tu bhi apne kapde utar de to usne bola ke nahi didi rehne do koi bat nahi to mai ne phir thoda sa kadak awaz mai bola ke chal Ritu jaisa mai keh rahi hu waisa hi kar to shaed wo dar gayee aur usne sharmate hue apni shirt utar di to mai ne kaha ke chal ham dono ne bhi salwar nahi pehni hai to tu kaise pehen sakti hai chal utar isey bhi aur apne hath badha ke uski salwar ka nada khol dia to wo apni jagah se thoda sa uthi aur apni salwar ko nikal dia. Ab Ritu bhi hamare beech mai nangi baithi thi aur phir se hamare thighs ko dabane lagi to mai ne kaha ke Ritu jaisa abhi tujhe bataya tha waise hi massage kar to usne kuch nahi kaha aur sirf thighs ko hi massage karti rahi to mai ne uska hath pakad ke apni choot pe rakh dia to usne foran hi apna doosra hath bhi Anu ki choot pe rakh dia aur apne chote chote hatho ki hatheli se hamari chikni chooton ko sehlaane lagi to mai ne aur Anu ne apne apne hath uske mude hue thighs pe rakh diye aur uske patle patle thighs

ko massage karne lage aur poocha ke kaisa lag raha hai to Ritu boli ke bohot acha lag raha hai to ham ne bola ke hamai bhi bohot maza aa raha hai. This story is written by The Great Warrior. Aur aise hi sehlaate sehlaate ham ne bhi uski choot pe hath rakha to wo ghabraa ke khadi ho gayee to Anu hans ke boli ke chal baith aur jaisa ham bolte hai waisa hi kar. Ab position aisi thi ke Ritu ghutne mod ke hamare beech mai baithi thi aur kabhi kabhi apni gand bed se utha ke ghutno ke bal ho jaati thi aur uske dono hath hamari chooton pe the aur wo apne dono hatho ki hathelion se ham dono ki chooton ka ek sath massage kar rahi thi hamdono ko uske chote chote hath ke sparsh se bohot hi maza aane laga tha aur ham ne uska hath apni jhango se tight pakad lia aur jhadne lage. Jaise hi hamari choot ka rass uske hath se laga to usne apne hath khech lia aur boli ke didi tumhara pishab nikal raha hai ja ke bathroom mai karlo to ham dono phir se hans diye aur bola ke are pagli yah pishab nahi hai yeh to harama Rass hai jo massage karne se nikalta hai to usne kuch bola nahi shaed uski kuch bhi samajh mai nahi aaya. Hamare hath uski thighs ko sehlaate sehlaate uski choot ko bhi touch kar rahe the to usne bhi apni tangein thodi si khol di shaed usko bhi ab maza aane laga tha.

Ham ne Ritu ko pakad ke hamare beech mai lita lia aur uske chote chote chaatiyan masalne lage aur kiss karke uske nipples jo abhi poori tarah se baher bhi nahi aye the unko apne muh mai le ke choosna shuru kar dia aur apne hath se uski choti si makkhan jaisi chikni choot ka massage karne lage to Ritu ke muh se foran hi ssssssssssssssssssssssssssssssss aaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhh jaise awazein nikal ne lagi aur usne apni tangein bohot choudi kar li aur ghutne mod ke poori tangein khol di aur apni gand utha utha ke apni choot ko hamari unglio se ragadne lagi. Mai ne poocha kaisa lag raha hai Ritu to woh boli ke bohot acha lag raha hai didi mujhe bohot maza aa raha hai. Mai aur Anu dono karwat se lete the uski chote se chuchion ke ubhaar ko choos rahe the aur uski choot ke dane ko ungli se masal rahe the. Thodi hi der mai Ritu ne bhi apni tangein bohot zor se band karli aur hamare hatho ko apne jhango mei daba ke pakad lia uska badan akad gaya tha aur phir dheere dheere wo gheri gehri saansein leti hui apni tight grip ko loose kar dia aur sssssssssssssssssssssssssssssss jaisi awazein nikalti hui gehri saansein lene lagi uski aankhein band ho chuki thi aur uski kacchi kunwari choti si baby choot mai se juice nikalne laga jise mai ne Anu ne chaat lia wah kia batau

kitna meetha uski kunwari choot ka pehla juice maza hi aagaya uska juice chaatne mai..

Anu jo Ritu ki choot ko chaatne ke liye utauli ho rahi thi, apne dono hath uski baghal mei dal ke usko apne nange badan ke ooper khech lia aur apne chuchion pe usko bitha lia to Ritu bhi apne ghutne modke Anu ke seene pe baith gayee.

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kaamuk kahaaniyaan

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kramashah........


raj..
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Re: तीन देवियाँ

Unread post by raj.. » 12 Nov 2014 03:49

कामुक-कहानियाँ

तीन देवियाँ पार्ट -12

गतान्क से आगे..................

अनु की चुचिओ पे ऋतु की चूत थी जिसे अनु अपनी चुचिओ से रगड़ रही थी. अनु अपने निपल्स ऋतु के चूत के अंदर डाल के मसल रही थी फिर अनु ने ऋतु की गंद पे हाथ रख के अपनी ओर खेचा तो वो आगे की ओर स्लिप हो गयी और अनु ने ऋतु को अपने मूह पे बिठा लिया और उसकी छोटी सी मस्त चूत पे किस कर ने लगी. कमरा अंधेरा था पर हमारी आँखें अंधेरे मे देखेने के लिए अड्जस्ट हो चुकी थी. ऋतु की मूह से एक शब्द भी नही निकल रहा था वो हैरान हो रही थी के उसके साथ यह क्या हो रहा है और दीदी उसके साथ क्या कर रही है. अनु तो बड़े मज़े से ऋतु की चूत पे किस कर रही थी और अपनी ज़ुबान से चाट भी रही थी. शाएद ऋतु को भी अब मज़ा आने लगा था और वो भी ऑटोमॅटिकली अपने गंद आगे पीछे कर के अपनी बिना झटों वाली काउन्ली कुँवारी चूत को अनु के मूह पे रगड़ रही थी. अनु अपने पूरा मूह खोल को उसकी चूत को अपनी डातों से काटने लगी जिस से ऋतु को कुछ ज़ियादा ही मज़ा आने लगा और वो आआआआअहह द्द्द्द्द्द्द्द्द्दीईईइद्द्द्

द्द्द्द्द्द्द्दीईईईइ ऊऊऊऊओह क्क्कीईइआआआ कककककाआररर्र्ररर र्र्ररराआआहहिईीई हूऊऊओ हहाआआआआऐईईईईईईईई जसी आवाज़ें निकाल रही थी..

मैं ऋतु की चिकनी गंद पे हाथ फिरा रही थी और उसकी गंद के सुराख मे उंगली डालने की कोशिश कर रही थी पर उसकी गंद बोहोत ही टाइट थी जिस्मै मेरी उंगली भी नही जा रही थी. ऋतु तो अनु के मूह पे अपनी चूत को घिस्स रही थी. मैं ऋतु से बोली के हे ऋतु चल अब पलट जा और दीदी की चूत को भी प्यार कर तो उसको कुछ समझ नही आया और वो उठने लगी तो मैं ने कहा ऐसे नही पगली ऐसे और ऋतु को अनु के ऊपेर 69 की पोज़िशन मे सेट कर दिया. अब ऋतु अनु के मूह पे अपनी चूत रख लेती थी और अनु की चूत पे किस कर रही थी. अनु ने अपने टाँगें घुटनो से मोड़ ली और ऋतु का सर पकड़ के अपनी जाँघो के बीच चूत मे घुसा दिया और खुद अपना मूह खोल के उसकी पूरी की पूरी चूत की पंखाड़ियों को अपने मूह मे भर के काट डाला तो ऋतु का बदन फिर से अकड़ गया और वो काँपने लगी और कांपति हुई आवाज़ मे बोली के द्द्दीईईद्द्द्दीईईईईई म्‍म्मीईईईरर्र्ररराआआआआअ प्प्प्पीईस्स्स्श्ह्ह्हाआब्ब्ब्ब

नीइक्काआआआअल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल र्र्र्र्र्र्ररराआआहहाा हाआआआआईईईईईई डीईएद्द्दड़डीईई हहाययईईए सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स ऊऊऊऊऊऊओौर वो बड़ी ज़ोर से हिलने लगी और फिर उसकी कुँवारी चूत मे से मीठा मीठा कुँवारा रस निकलने लगा जिसे अनु बड़े मज़े से चाट रही थी. जितनी देर ऋतु का ऑर्गॅज़म चलता रहा ऋतु ने अनु की चूत को चाटना बंद कर दिया था और उसका आकड़ा हुआ बदन धीरे धीरे रिलॅक्स होने लगा और वो गहरी गहरी साँसें लेने लगी शाएद उसकी ज़िंदगी का पहला ऑर्गॅज़म था उसका मूह अभी भी अनु की चूत के सामने था ऋतु के नाक से गहरी गहरी और गरम गरम साँसें निकल रही थी जो अनु की चूत को एक नया मज़ा दे रही थी. थोड़ी देर मे अनु ने अपने गंद उठा के अपनी चूत को ऋतु के मूह पे रगड़ना शुरू किया तो ऋतु भी शाएद समझ गयी के उसे क्या करना है और वो भी जैसा अनु ने उसकी चूत को काटा था और चूसा था एग्ज़ॅक्ट्ली वियसे ही अनु की चूत को चाटने और काटने लगी . अनु तो पुरानी खिलाड़ी थी, अपनी गंद उठा उठा के अपनी चूत ऋतु के मूह से रगड़ रही थी और फिर जब ऋतु ने भी अनु की चूत को अपने दांतो से पकड़ के काट डाला तो अनु ऊऊऊऊऊऊीीईईईईईईईईई और आआआआआआहह सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स हहाआआआआआ जैसे आवाज़ें निकलने लगी और काँपते हुए झड़ने लगी, आँखें बंद करके झड़ती ही रही शाएद उसकी ज़िंदगी का सब से फर्स्ट क्लास ऑर्गॅज़म था जो एक छोटी सी कुँवारी लड़की के चाटने से उसको मिला था.

जब ऋतु अनु की चूत चाट चुकी तो मैं भी पीठ के बाल लेट गयी और ऋतु से बोली चल ऋतु अब मेरे पास आ जा और मुझे भी चखने दे तेरी कुँवारी चूत तो वो बिना कुछ कहे मेरे पास आ गयी और मेरे साथ डाइरेक्ट 69 की पोज़िशन मे हो गयी और डाइरेक्ट मेरी चूत मे मूह घुसा के चूसना चालू कर दिया. थोड़ी ही देर मे ऋतु चूत चाटने का स्टाइल समझ गयी थी. अभी उसको सही तरीके से ज़ुबान अंदर तक डालना समझ नही आया था इसी लिए वो थोड़ी थोड़ी देर मे चूत की पंखाड़ियों को काट रही थी ऐसे काटने मे भी बड़ा मज़ा मिल रहा था.. उसकी पतली लकीर जैसी चूत की पंखाड़िया अनु के चूसने और काटने से थोड़ी सी लाल हो गयी थी और थोड़ी सी सूज के मोटी भी गयी थी. मैं ने ऋतु से बोला के हे ऋतु अब इधर पलट जा और जैसे मरद लोग औरतों को चोद्ते है वैसे चोद तो उसकी समझ मे कुछ नही आया तो मैं ने उसको अपनी टाँगो के बीचे मे ले लिया फिर भी वो कुछ नही समझ सकी तो मैं ने उसको नीचे लिटा दिया और उसकी टाँगें खोल के अपने टाँगों को उसके टाँगो के बीच मे लंबा करके पीछे कर दिया और उसकी चूत से अपनी

चूत को रगड़ने लगी तो ऑटोमॅटिकली उसने अपनी टाँगें मेरे बॅक पे लपेट ली और मैं अपनी गंद उठा उठा के अपनी चूत को उसकी चूत पे ज़ोर ज़ोर से मारने लगी जिस से पच पच पच की आवाज़ आने लगी और कमरे का महॉल सेक्सी हो गया.

अपने हाथो से उसकी छोटी छोटी लेमन साइज़ की चुचिओ को पकड़ के मैं उसकी चुचिओ को मसल्ने लगी पर उसकी चुचियाँ कुछ इतनी छोटी थी के मेरे हाथ मे पूरी नही आ रही थी तो मैं ने उसको अपने मूह मे ले के चूसना शुरू किया तो अनु ने अपना हाथ मेरे सर पे रख के अपनी छाती मे घुसा लिया और मज़े से उसकी आँखें बंद होने लगी. मैं ऋतु को ज़ोर ज़ोर से चोद रही थी मेरी चूत बोहोत ज़ोर से ऋतु की चूत पे पड़ रही थी मेरा जूस तो निकलने के लिए रेडी हो गया था पर मुझे पता नही चला के ऋतु कितने देर मे झड़ने वाली है तो मैं अब अपनी पोज़िशन चेंज कर के ऋतु के ऊपेर आ गयी और उसके मूह पे अपनी चूत को रख के रगड़ने लगी और उसकी चूत को चाटने लगी 69 की पोसीटिओज्ञ मे ऋतु घुटने मोड़ के लेटी थी. अपने हाथो को ऋतु की गंद के नीचे रख के थोड़ा सा उठाया तो ऋतु ने अपने टाँगें खोल दी तो मैं ने अपनी ज़ुबान उसकी चूत के अंदर ही अंदर ऊपेर नीचे करने लगी और उसकी चूत के दाने को अपने होंठो से पकड़ लिया और फिर धीरे से चूत के दाने को दांतो से काटा तो उसका बदन अकड़ गया उसके मूह से आआआआअहह द्द्ददडिईईईयययद्द्द्द्द्ददडिईईईईईईईईईईईई सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स निकला और उसने अपनी झंगो मे मेरा सर बड़ी ज़ोर से दबा के पकड़ लिया और झड़ने लगी उसकी चूत मे से मीठा मीठा जूस निकलने लगा जिसे मैं मज़े ले ले के पीने लगी और साथ ही मे भी इतनी मस्त हो गयी थी के उसके मूह को ज़ोर ज़ोर से चोदने लगी. ऋतु का मूह उसके ऑर्गॅज़म के टाइम पे खुल गया था तो मेरी चूत के अंदर उसके दाँत लग रहे थे. मैं अपनी चूत को ऋतु के मुँह पर दबाते हुए झड़ने लगी और अपनी चूत का सारा रस्स ऋतु के खुले मूह मे डाल दिया जिसे वो बड़े मज़े से पी गयी. और बॅस इसी तरह से ऋतु भी हमारे साथ शामिल हो गयी. उसकी चुचिओ को चूसने की वजह से ही तो उसकी चुचियाँ अब कुछ दिखाई देने लगी है और पकड़ने के काबिल हुई हैं उसने हंस के कहा.

शालु से यह सब सुनते सुनते मेरा लंड अब बोहोत ही मस्ती मे आ चुका था पर शालु मेरे लंड को अपनी चूत मे ऐसे रगड़ रही थी जैसे वो अपनी उंगली से अपनी क्लाइटॉरिस का मसाज कर रही हो. जब मैं ने धीरे से एक धक्का मारा तो मेरे लंड का सूपड़ा उसकी चूत के सुराख मे अटक गया तो वो चोंक गयी और पीछे हट ती हुई बोली के नही प्लीज़ राज यह नही करो ना

तुम चाहते हो तो मैं एक बार और चूस के तुम्हारी मलाई निकाल देती हू पर इसको अंदर नही डालो प्लीज़ एक तो तुम्हारा लंड इतना बाद मोटा और लोहे जैसा सख़्त है यह मेरी चूत को फाड़ डालेगा और मैं नही ले सकती इसको अंदर प्लीईईससस्स और फिर बदनामी भी होगी तो मैं ने कहा अरे क्यों फिकर करती हो तुम्है कुछ नही होगा मैं ने उसको केवाई जेल्ली ( क्रीम ) दिखाते हुए कहा के इस से तुम प्रेग्नेंट नही होगी और आसानी से मेरा लंड भी अंदर चला जाएगा तो उसने कहा नही प्लीज़ राज हम ऐसे ही मज़े ले लेते है ना और लंड को दबाते हुए बोली के इस मूसल को अंदर नही डालो प्लीज़ मैं तुम से बिनती करती हू भगवान के लिए मुझे छोड़ दो तो मैं ने कहा के अरे पगली भगवान के लिए छोड़ दू ?? , तो काइया भगवान आएगे तुम्हारी सील तोड़ने के लिए तो वो हस्ने लगी और बोली के बड़े शैतान हो तुम मेरा मतलब है के फॉर गोद’स सेक लीव मी अलोन. मैं ने तो तय कर लिया था के आज तो शालु की चूत और गंद दोनो फाड़ना है और यह के ऐसा मोका फिर कब मिलेगा क्या पता. यह सब सोचा पर मैं ने उस से कुछ नही कहा और उसके मूह मे अपनी ज़ुबान डाल के किस करने लगा थोड़ी देर तक तो उसके बदन कई कोई मूव्मेंट नही हुई पर थोड़ी ही देर मे वो भी मेरी ज़ुबान को चूसने लगी शाएद उसको भी अब अछा लगने लगा था. मैं उसको किस करते करते उसकी चुचियाँ दबा रहा था निपल्स को थंब और उंगली के बीच मे मसल रहा था थोड़ी ही देर के बाद उसकी चूत के पंखदिओं मे उंगली डाल के उसकी चूत के दाने को रगड़ने लगा जिस से वो फुल मूड मे आ गयी और उसकी चूत बोहोत ही गीली हो गयी. शालु बोहोत देर से मेरे लंड को अपनी चूत मे घिस्स रही थी और जब मे उसकी चुचिओ को चूस्ते हुए उसकी क्लाइटॉरिस को रगड़ रहा था तो उसके मूह से ऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ और सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स हहाआआआआआआआआआआऐईईईईईईईईईईई जैसी आवाज़ें निकलने लगी और मेरे हाथ को अपने जाँघो मे दबा के पकड़ लिया और गहरी गहरी साँसें लेती हुई आँखें बंद किए हुए हिल हिल के झड़ने लगी. मैं अपने हाथ को उसकी टाइट बंद की हुई जाँघो मे ही रहने दिया. थोड़ी देर के बाद जब उसका झड़ना ख़तम हुआ और उसकी साँसें ठीक हुई तो उसने खुद से ही मुझे किस किया और मेरे लंड के डंडे को पकड़ के दबाती हुई बोली के थॅंक्स राज आज तुम ने बोहोत मज़ा दिया. मैं ने दिल मे सोचा के असली मज़ा तो अभी बाकी है मेरी शालु रानी.