दो भाई दो बहन compleet

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The Romantic
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Posts: 1803
Joined: 15 Oct 2014 17:19

Re: दो भाई दो बहन

Unread post by The Romantic » 21 Dec 2014 11:57

nice. waiting for more....

raj..
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Posts: 3402
Joined: 10 Oct 2014 01:37

Re: दो भाई दो बहन

Unread post by raj.. » 23 Dec 2014 00:40

23

गतान्क से आगे.......

राज को वो रात याद आने लगी जब उसने खड़े खड़े रिया के मुँह मे

अपना लंड डाल उसके मुँह को चोदा था....

शायद रिया भी उसी रात के ख़याल मे खोई हुई थी... "क्या चाहते हो

मेरे राजा... क्या आज फिर उसी दिन की तरह के मेरे मुँह को चोद्ना

चाहते हो...यही चाहते हो ना..." रिया ने उसकी पॅंट के उपर से उसके

लंड को मसल्ते हुए कहा.

राज जानता था कि उसे कुछ कहने की ज़रूरत नही है.. रिया सब कुछ

समझ जाती थी... यही तो फ़र्क था इन दोनो के बीच.... रिया उसकी

गोद से उतरी और उसके बगल मे गाड़ी की ज़मीन पर बैठ गयी... रिया

ने उसकी शर्ट को पॅंट के अंदर से बाहर खींच लिया... राज का पेट

और कमर नंगे हो गये... रिया झुक कर अपनी जीभ उसकी कमर और

पेट पर फिराने लगी.. एक झुरजुरी सी राज के बदन मे दौड़ गयी....

रिया ने उसकी पॅंट के बटन खोल दिए और उसे थोड़ा नीचे खिसका

दिया.... राज का लंड अंदर मचल उठा... वो भी उत्तेजना मे आज़ाद

होने के लिए के फड़फदा रहा था......रिया ने भी किसी भूकि बिल्ली

की तरह उसके लंड को पकड़ा और कपड़ों की क़ैद से आज़ाद कर दिया...

और फिर उसके सूपदे पर अपनी जीब फिराने लगी..

राज से सहन नही हो रहा था... घूटनो मे फँसी पॅंट उसे तकलीफ़

दे रही थी.. उसने थोड़ा सा उँचा उठाते हुए अपनी पॅंट को पूरी तरह

नीचे खिसका दिया और रिया के चेहरे को अपने लंड पर दबाने

लगा....."रिया चूसो इसे... देखो कैसे फड़फदा रहा है...ये."

रिया ने अपने मुँह को पूरी तरह ओओओ के रूप देते हुए खोला और उसके

लंड को अपने गले तक ले लिया... फिर अपनी थूक से भरी जीब को

उसके लंड से चिपकाते हुए उसे चूसने लगी....

सन्नाटे से भरी रात मे गाड़ी के अंदर 'स्पप्प्र स्पप्प्र' के आवाज़ गूंजने

लगी.... राज तो जैसे पागल हो गया.

"ऑश हाां चूवसो ऐसे ही चूऊवसो श अया हाां और ज़ोर से

चूसो." राज रिया के सिर को पकड़ नीचे से अपने लंड को और अंदर

तक घूसाते हुए बड़बड़ा उठा.

रिया उसके लंड को हाथो से पकड़ अपने मुँह को उपर नीचे कर जोरों

से उसके लंड को चूस रही थी....

थोड़ी ही देर मे राज के लंड ने उबाल खाना शुरू कर दिया....उत्तेजना

मे उसने अपना हाथ रिया के सिर पर से हटाया और गाड़ी की छत का

सहारा ले अपनी कमर उठा दी.... उसका लंड पहले से भी ज़्यादा उसके

गले के अंदर तक घुस गया....

जब उसका लंड पानी छोड़ने ही वाला था रिया ने अपना मुँह उसके लंड

पर से हटा लिया.

"ऑश रिया ये क्या किया तुमने... तुम्हे पता है मेरा छूटने ही वाला

था...." राज ने मायूसी भरे स्वर मे कहा.

"अभी नही मेरे राजा...." रिया धीरे से फुफूसा... "अभी मेरा

कुछ और करने का इरादा है."

रिया उठ कर उसके बगल मे बैठ गयी और अपनी छोटी स्कर्ट के अंदर

हाथ डाल दिया.. राज गहरी नज़रों से उसकी मुलायम टाँगो को देखता

रहा... इतने मे रिया ने अपनी पॅंटी उतार दी....

रिया एक बार फिर राज की गोद मे बैठ गयी... उसने अपनी शर्ट के

बटन खोल दिए.... उसकी सफेद ब्रा से ढाकी चुचियाँ नज़र आने

लगी... उसने अपने हाथ पीछे को किया और ब्रा का हुक खोल दिया

जिससे ब्रा ढीली पड़ गयी..... राज ने अपने हाथ बढ़ा कर ब्रा को

थोड़ा उपर किया और फिर उसकी चुचियों को मसल्ने लगा.

"ओ राज कितना अच्छा लग रहा है..." रिया ने उसकी गर्दन मे हाथ

डाल दिया.... "में कब्से इस दिन का इंतेज़ार कर रही थी.... कितना

तडपया है तुमने मुझे..... जब में जानती थी कि तुम मेरे पास ही

हो और अपनी बेहन को चोद रहे तो अपने आप को संभालना बहोत

मुश्किल हो जाता था राज... सच कहती हूँ में तुमसे बहोत प्यार

करती हूँ." रिया ने उसे चूमते हुए कहा.

raj..
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Posts: 3402
Joined: 10 Oct 2014 01:37

Re: दो भाई दो बहन

Unread post by raj.. » 23 Dec 2014 00:41

जब तुम दोनो की चुदाई की आवाज़ें मेरे कानो मे पड़ती तो दिल हमेशा

यही कहता कि वो रोमा नही में हूँ.... तुम्हारे सपने देखते हुए

मेने कितनी बार अपनी चूत की गर्मी को उंगलियों से शांत किया तुम्हे

बता नही सकती." रिया उसे जोरों से चूमते हुए बोल रही थी.

रिया के मुँह से प्यार का इज़हार और इकरार सुन वो और उत्तेजित हो

गया... वो उसके खड़े लंड पर अपनी गीली चूत लिए बैठी थी....

उसका लंड उसकी चूत के पास मचल रहा था. वो अपने कूल्हे हिला अपनी

चूत को उसके लंड पर घिस रही थी.

राज उसकी चुचियों को ज़ोर ज़ोर से मसल्ने लगा.... उसकी खड़े निपल

को भींचने लगा.... रिया भी अपनी चूत का दबाव उसके लंड पर

बढ़ा रही थी.

"ऑश राज तुम्हारा लंड कितना मोटा और तगड़ा है."

"और तुम्हारी मखमल सी मुलायम चूत किसी भट्टी की तरह सुलग

रही है... और गीली भी हो गयी है..." राज ने उसकी चुचियों पर

अपनी जीब घूमाते हुए बोला.

"हा राज अब नही रहा जाता." कहकर रिया थोड़ा सा उपर को उठी और

अपना हाथ नीचे कर उसके खड़े लंड को पकड़ अपनी चूत के मुँह पर

लगा दिया.... फिर धीरे से नीचे बैठते हुए उसने उसके लंड को

अपनी चूत के अंदर ले लिया.

राज ने भी अपनी कमर उचक कर अपने लंड को उसकी चूत के अंदर

तक थेल दिया.

"ऑश राज तुम्हारा लंड कितना अच्छा लग रहा है.. ओह ऊवू"

"रिया में तुम्हे पाना चाहता हूँ." राज ने धीरे से कहा.

"में तुम्हारे पास ही हूँ राज .... जब भी जैसे भी तुम चाहो."

रिया ने वादा किया.

रिया ने राज के कंधों को पकड़ा और उछल उछल कर धक्के लगाने

लगी.... रिया ने उसके पूरे लंड को अपनी चूत के अंदर ले लिया

था..... इस आसन से राज का लंड रिया की चूत की दीवारों को

रगड़ता हुआ उसकी चूत का अंदर बाहर हो रहा था.

राज ने अपने दोनो हाथ रिया के कुल्हों के नीचे लगाए और अपने लंड

को उसकी चूत के अंदर बाहर करने लगा...

'ऑश हां ऐसे ही चूड़ो.... किसी लड़की की चुदाई ऐसी ही की जाती

है.. अब ज़ोर ज़ोर से मुझे छोड़ूओ और मेरे चेहरे पर वो मुस्कान दे

दो जिसे में जिंदगी भर ना भूल पयूं."

राज ने अपनी शर्ट के बटन खोल कर अपनी छाती को नंगा कर दिया

और रिया उसकी नंगी छाती पर अपनी चुचियाँ रगड़ने लगी... दोनो

एक दूसरे के होठों को चूस्ते हुए चुदाई मे लगे हुए थे.

रिया धीरे धीरे उपर नीचे हो उसके लंड पर धक्के मार रही

थी... और राज भी नीचे से अपनी कमर उठा उसका साथ दे रहा था..

"हां राज आज ऐसे ही प्यार से मुझे प्यार करो.. धीरे धीरे आज

बहोत अच्छा लग रहा है.. ओह हाआँ ऐसे ही.. ओह्ह्ह्ह" रिया सिसक रही

थी.

राज ने उसकी चुचि को पकड़ अपने मुँह के पास किया और उसके निपल को

अपने दाँत से काट लिया... फिर मुँह ले चुलबुलाने लगा... फिर पूरी

चकुही मुँह मे ले चूसने लगा.. एक हाथ से दूसरी चुचि को मसल्ते

हुए वो एक चूची को जोरों से चूसने लगा..

'ऑश राज हाआँ ऐसे ही चूवसो....ऑश थोड़ा ज़ोर से... हां आज खा

जाओ मेरी चुचि को ....ओह हां और ज़ोर से मसालो... श ओह.."

रिया की उत्तेजना अपनी चरम सीमा पर पहुँच चुकी थी.

रिया अब जोरों से उछल उछल कर धक्के मार रही थी.. गाड़ी के अंदर

गर्मी बढ़ती जा रही थी और साथ ही दोनो का शरीर पसीने से नहा

गया था... रिया झड़ने के करीब पहुँच चुकी थी.... राज भी अब

उसका पूरे ज़ोर से साथ दे रहा था... दोनो के सिसीक़ियों की आवाज़ गाड़ी

मे गूँज रही थी....

"ऑश हाआँ आआआः ऑश हाआँ ऐसे ही ऑश में करीब ही हूँ राज

मेरा चूओटने वाला है..." रिया सिसक रही थी.

रिया जोरों से राज के लंड पर उछल रही थी.... उसकी चूत मे तनाव

बढ़ता जा रहा था....वो ज़ोर से उपर होकर एक ही झटके मे राज के

लंड पर बैठती चली गयी..... और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया.

"खुश हो ना मेरी जान." राज ने उसे चूमते हुए कहा.

"बहुत खुश हूँ." रिया अपनी गंद को उसके लंड पर घुमाते हुए

बोली... "लेकिन अभी खेल ख़तम नही हुआ है... है ना?"

"नही" राज ने कहा.

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