Recession Ki Maar -रिसेशन की मार compleet

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rajaarkey
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Re: Recession Ki Maar -रिसेशन की मार

Unread post by rajaarkey » 13 Dec 2014 01:26

रिसेशन की मार पार्ट--7

गतान्क से आगे..........

जैसे ही मेरा ऑर्गॅज़म ख़तम हुआ तो मैं घुटनो के बल नीचे बैठ गई और राज के मूसल को अपने दोनो हाथो से पकड़ लिया और उसके हेल्मेट हेड को किस किया. मेरी निगाह उसके लंड से हट ही नही रही थी मैं कंटिन्यू उसके लंड को मस्ती भरी नज़रो से देखे जा रही थी. लंड के हॅड को अपने मूह मे ले के चूसने लगी. उसके लंड का हेड भी इतना मोटा था के मेरे मूह मे मुश्किल से ही आ रहा था. राज ने मेरे सर को पकड़ लिया और अपनी गंद आगे पीछे कर के मेरे मूह को चोदने लगा. उसका लंड का हेड और थोड़ा सा डंडा ही मेरे मूह मे आ सका था और मेरा मूह पूरे का पूरा खुल चुका था उसने थोडा और ज़ोर लगाया तो मेरा मूह कुछ ज़ियादा ही खुल गया और मुझे साँस लेने मे भी दिक्कत होने लगी. उसके लंड का सूपड़ा मेरे हलक से लग चुका था. मेरे मूह मे उसका लंड कुछ इतना भरा हुआ था के मुझे चूसना मुश्किल हो रहा था फिर भी मैं ट्राइ करती रही और थोड़ी ही देर मे अपने मूह को अड्जस्ट कर ही लिया और चूसने लगी. इतने मे ही एक लॉरी और सड़क से गयी तो उसकी रोशनी मे मुझे एक मिनिट के लिए उसका लंड मुझे इतनी करीब से दिखाई दिया जो बोहोत ही मस्त था तो मुझे उसके लंड पे बोहोत प्यार आ गया और मैं कुछ और जोश मे उसके लंड को ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी. राज का लंड को चूस्ते हुए मुझे तकरीबन 10 मिनिट हो चुके थे और अब मेरा मूह दरद करने लगा था. राज मेरे सर को अपने हाथो से पकड़ के मेरे मूह को पूरे जोश से चोद रहा था और मुझे महसूस हुआ के उसका लंड मेरे मूह के अंदर कुछ ज़ियादा ही फूलने लगा है और फिर देखते ही देखते उसके लंड से गरम गरम मलाई निकल के डाइरेक्ट मेरे हलक मे गिरने लगी. उसका लंड मेरे मूह मे कुछ ऐसा फँसा हुआ था के मैं उसको बाहर निकाल भी नही सकती थी और उसके लंड से मलाई निकलती ही रही शाएद 8 या 10 मोटी मोटी धारिया निकली और मुझे लगा जैसे मेरा पेट उसकी मलाई से भर गया हो. मेरे मूह से उसकी मलाई की एक

बूँद भी बाहर नही निकलने पाई, मैं उसकी सारी मलाई बड़े मज़े से खा चुकी थी.

राज ने मुझे मेरे बगल से पकड़ के ऊपेर उठाया एक ज़ोर का किस किया तो मैं उसके बदन से लिपट गयी और अपनी जीभ उसके मूह मे डाल के पॅशनेट किस करने लगी और फिर मैं ने राज के कान के लटकते हुए पोर्षन को अपने दांतो से पकड़ लिया और उसके कान मे आहिस्ता से बोली “ फक मी राज, फक मी, फुक्ककक मे प्लीआसससी राज्ज्ज”. आइ वॉंट यू टू फुक्कककककक म्‍म्मीईई चोद्द डालो राज प्लीज़्ज़ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज” मुझे सतीश की याद एक ही सेकेंड के लिए आई पर मैं अब अपनी सारी मान मर्यादा को भूल चुकी थी और मुझे चुदाने के लिए लंड चाहिए था बॅस और अब मैं किसी रंडी की तरह से राज से चोदने की भीक माँग रही थी. मैं तो जैसे चुदवाने को पागल हो गई थी.

उसने मेरी अंडर आर्म्स से पकड़ के मुझे उठाया और वोही लकड़ी के तख्ते पे हाफ लिटा दिया. उसका लंड थोडा भी नरम नही हुआ था और वैसे का वैसा ही फुल्ली एरेक्ट किसी मिज़ाइल की तरह से खड़ा था. मेरी गंद लकड़ी के प्लॅटफॉर्म के एड्ज पे थी. राज नीचे घुटनो के बल बैठ गया और उसने मेरी गरम गीली चूत का एक मस्त चुंबन लिया तो फॉरन ही मैं ने अपने दोनो हाथो से उसके सर को पकड़ लिया और ज़ोर से अपनी चूत पर दबा के पकड़ लिया. मेरे पैर उसके शोल्डर पे लपेटे हुए थे मैं अपनी गंद उठा उठा के उसके मूह मे अपनी चूत को रगड़ रही थी. वो चूत को चाटने मे पर्फेक्ट लग रहा था क्यॉंके सतीश ने मेरी चूत को बोहोत टाइम चॅटा था पर कभी ऐसे नही चॅटा था जैसे राज चाट रहा था. राज ने अपनी ज़ुबान को नीचे से ऊपेर तक ऐसे चॅटा जैसे आइस क्रीम के कोन से आइस क्रीम को चाट रहा हो. मेरी आँखें बंद हो गई थी और गंद तो बॅस हवा मे ही हिल थी. मेरी पूरी चूत को उसने अपने मूह मे ले के दांतो से काटा तो मेरी चूत इतना मज़ा बर्दाश्त नही कर सकी और मेरा बदन काँपने लगा और मैं उसके सर को अपने हाथो से अपनी चूत मे घुसेड के उसके मूह मे ही झाड़ गयी. एक मिनिट तक चूत से जूस निकलता ही रहा जिसे राज बड़े मज़े से चाट रहा था और फिर अपनी ज़ुबान को गोल कर के मेरी चूत के सुराख मे उसको घुसेड के अंदर बाहर कर के चोदने लगा और फिर मेरी क्लाइटॉरिस को दांतो से काट डाला तो मैं एक बार फिर से झाड़ गई. मेरी चूत की तो बुरी हालत हो रही थी एक दम से गीली गीली और भट्टी जैसी गरम हो गई थी. मेरे हाथ उसके सर पे थे और मैं अपनी चूत को उसके मूह से कंटिन्यू रगड़ रही थी. सतीश ने भी मेरी चूत को चॅटा था पर मुझे इतना मज़ा कभी नही आया था जितना आज राज के चाटने से आ रहा था और चूत से कंटिन्यू जूस की झड़ी लगी हुई थी.

मैं ने अपने हाथ से उसके सर को 2 – 3 बार धीरे से ठप थपाया तो वो समझ गया के अब मुझे चुदवाना है तो वो अपनी जगह से उठ खड़ा हुआ और अपने पैर ज़मीन से टीका के मेरे ऊपेर झुक गया और मेरे बूब्स को दबाने लगा और मुझे टंग सकिंग किस करने लगा. उसका लंड मेरी चूत के ऊपेर किसी गरम लोहे के रोड की तरह रखा हुआ महसूस हो रहा था. मैं ने अपने दोनो हाथो को हमारे बदन के बीच मे किया और उसके लंड को दोनो हाथो से पकड़ के अपनी चूत मे रगड़ना शुरू किया. उसके लंड का हेल्मेट मेरी चूत के सुराख मे अटक रहा था तो मुझे बोहोत अछा लग रहा था. उसके लंड से बोहोत ज़ियादा प्रेकुं निकल रहा था. राज ने थोडा प्रेशर दिया तो उसके लंड के सूपदे का थोड़ा सा पोर्षन मेरी चूत के सुराख मे घुसा तो मेरा बदन एक दम से अकड़ गया और मुझे दरद होने लगा पर आज मुझे यह दरद भी बोहोत ही अछा लग रहा था. मैं ने उसके लंड को अपनी चूत के सुरख मे अटका दिया और उसके दोनो चूतदो को पकड़ के मसल्ने लगी और अपनी ओर खेचने लगी और साथ ही अपनी गंद को भी उठा के उसके लंड को चूत मे लेने की कोशिश करने लगी. उसने थोड़ा और प्रेशर दिया तो लंड का सूपड़ा चूत के सुराख मे घुस गया तो मुझे लगा जैसे मेरी चूत फॅट रही है और मुझे चूत के अंदर जलन महसूस होने लगी पर मुझे ऐसे जलन से भी मज़ा आ रहा था.

राज एक हाथ से मेरे एक बूब को मसल रहा था और दूसरे बूब को मूह मे ले के चूस रहा था और निपल्स को काट भी रहा था तो मेरा मज़ा डबल हो रहा था. मैं उसके चूतदो को मसल रही थी और अपनी गंद ऊपेर उठा रही थी. उसने थोड़ा और प्रेशर दिया तो उसका लंड थोड़ा और अंदर मेरी चूत के सुराख मे घुस के अटक गया मेरे मूह से हल्की सी चीख निकल गयी सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स आआआआईईईईईईईई म्‍म्म्ममाआआआआ तो वो रुक गया पर मैं ने उसके चूतदो को ठप थपा के कंटिन्यू करने का का इशारा दिया तो उसने लंड को बहेर निकाल लिया लैकिन चूत उसके लंड पे कुछ इतनी टाइट थी के लंड बाहर भी नही निकल रहा था. लंड को बिना बाहर निकाले ही वो हिलने लगा. जैसे जैसे वो प्रेशर दे रहा था मेरी आँखें अपने सॉकेट से बाहर निकल रही थी और मेरा मूह खुलता जा रहा था और आँखो मे आँसू भी आ रहे थे पर यह आँसू पॅशन और मस्ती के थे. ऐसे आँसू औरतो को बोहोत पसंद होते है क्यॉंके यह बड़ी ही मस्ती के होते है और इतने मस्त लंड से मस्ती मे चुदाई के सपनो को पूरा होने के होते है. उसका अभी आधा लंड भी मेरी चूत के अंदर नही गया था और मेरा ऑर्गॅज़म स्टार्ट हो गया और मैं राज से बोहोत ज़ोर से चिपेट गयी मेरा बदन अकड़ गया और झड़ने लगी. मेरी चूत से फ्रेश जूस निकलने की वजह से चूत और गीली हो गई थी और उसके लंड का उतना ही भाग जितना चूत के अंदर था अंदर बाहर होने लगा. अब मेरी चूत थोड़ी और स्लिपरी हो गई थी. मेरे पैर उसकी कमर से लिपटे हुए

थे और मैं उसके चूतदो को मसल रही थी और वो मेरे बूब्स को चूस रहा था और मसल रहा था और मैं मस्ती मे चूर थी.

जैसे जैसे मेरी चूत पे उसके लंड का प्रेशर बढ़ रहा था मेरी साँसे गहरी हो रही थी और आँखे बाहर को निकल रही थी और मूह खुल रहा था ऐसा लग रहा था जैसे मेरी आँखो मे और मूह मे उसके लंड के प्रेशर का डाइरेक्ट कनेक्षन है जो नीचे से दबाने से ऊपेर से खुल रहा था. राज ने पूछा अगर तुम्है दरद हो रहा हो तो तुम्हारे पर्स मे जो क्रीम है वो निकाल लो और चूत मे लगा लो तो मैं ने बोला के नही इस टाइम मुझे रफ चुदाई चाहिए मेरी चूत बोहोत ही चुदासी हो रही है आइ वॉंट टू फील दा पेन ऑफ फक्किंग बाइ युवर लव्ली मिज़ाइल लंड राज. मैं किसी चुदासी रंडी की तरह से बोल रही थी तो वो मुस्कुरा दिया और बोला के ठीक है तुम ऐसे ही रफ चुदाई चाहती हो तो रेडी हो जाओ. अभी उसका लंड मेरी चूत मे आधा भी अंदर नही गया था और मुझे ऐसा महसूस हो रहा था के मेरी चूत फॅट जाएगी इतनी खुल गई थी मेरी चूत और उसके मोटे लंड से चूत का सुराख चौड़ा हो गया था. उसने बोला के अब गेट रेडी स्नेहा डार्लिंग टू गेट दा फक ऑफ युवर लाइफ तो मैं ने भी बोला के फक मी राज फक मी डॉन’ट स्टॉप टियर माइ चूत फाड़ डालो मेरी चूत को यह साली मुझे बोहोत तंग करती है फाड़ डालो यह रंडी चूत को इसका भोसड़ा बना डालो आज मदेर्चोद चूत का, जोश मे मैं अपने होश खो चुकी थी और पता नही मैं क्या क्या बोल रही थी बिल्कुल किसी बाज़ारु रंडी की तरह से गलियाँ बोले जा रही थी.

मेरे मूह से यह सब सुन के राज भी फुल मस्ती मे आ गया था और अब उसने मुझे शोल्डर्स से बोहोत टाइट पकड़ लिया था. उसके पैर नीचे ज़मीन पर थे और वो मेरे ऊपेर झुका हुआ था और बूब्स को चूस रहा था और लंड को मेरी चूत मे आगे पीछे कर रहा था. मैं तो बिना पूरी तरह से चुदवाये हुए ऑलमोस्ट 4 टाइम ऐसे ही झाड़ चुकी थी चूत बोहोत ही गीली हो चुकी थी और मेरी चूत के जूस से उसका लंड भीग चुका था और अब आधा लंड चूत के अंदर बाहर हो रहा था. मेरी चूत फुल्ली स्ट्रेच हो चुकी थी मुझे लग रहा था के अब अगर उसका लंड थोड़ा भी अंदर गया तो शाएद चूत फॅट जाए और उसकी धज्जियाँ उड़ जाए. मैं बर्दाश्त करती रही और एक सेकेंड के लिए राज ने अपना लंड चूत से पूरा बाहर निकाल लिया तो उतनी ही देर के लिए मुझे अपनी चूत एक दम से खाली खाली महसूस हुई और इस से पहले के मैं कुछ और सोचती राज ने अपना लंड पूरा हेड तक बाहर खींच के एक बोहोत ही ज़बरदस्त पवरफुल झटका मारा के मैं राज से बोहोत ज़ोर से लिपट गयी और उसके बदन को बोहोत टाइट पकड़ लिया और मेरी आँखों मे अंधेरा छा गया और सर मे जैसे लाखो पटाखे फूटने लगे मेरे मूह से एक बोहोत खोफ़नाक

चीख निकल गयी आआआआआआआआईईईईईईईईई म्‍म्म्मममममाआआआ म्‍म्म्ममममाआआआआआऐययईईईईईईईईईई म्‍म्म्ममाआआअरर्र्र्ररर गगगगगगगगगगगाआआआययययययययययईईईई र्र्र्र्र्र्र्रररीईईईईईई हीईईईईईईईईईईईईईईई निकाआाालल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्लूओ प्प्प्प्प्प्प्प्ल्ल्ल्ल्ल्ल्लीीईआआसस्स्स्स्स्सीईई और एक मिनिट के लिए ब्लॅकाउट. रोड से गुज़रती लॉरी के हॉर्न मे मेरी चीख दब के रह गई. राज का लंड मेरी चूत को फाड़ता हुआ बच्चे दानी से जा टकराया था और बच्चे दानी ऐसे मार से हिल गयी थी. मुझे लग रहा था जैसे किसी ने तलवार से मेरी चूत एक दो टुकड़े कर दिए हो. चूत मे अंदर बे इंतेहा जलन होने लगी और मुझे लगा के जैसे मेरी चूत मे से किसी कुँवारी लड़की की चूत फटने से जैसे खून निकलता है वैसे ही मेरी चूत से भी निकल रहा है. मैं उसके बदन के नीचे छट पटाने लगी पर उसके मज़बूत ग्रिप से बाहर नही निकल सकी.

राज एक मिनिट के लिए मेरे ऊपेर ऐसे ही पड़ा रहा और मेरे बूब्स को चूस्ता रहा. मैं अपने सेन्सस मे वापस आई तो मुझे लग रहा था जैसे मेरी चूत के अंदर कोई मोटा लोहे जैसा सख़्त मूसल घुसा हुआ हो. राज ने मेरी आँखो मे झाँक के देखा तो मेरी आँखो मे तकलीफ़ दिखाई दे रही थी पर जैसे ही मुझे अपने चुदासी होने का ख़याल आया तो मैं मुस्कुरा दी बॅस फिर क्या था राज ने मुझे चोदना शुरू कर दिया. उसके पवरफुल धक्को से मेरी चीखे निकल रही थी आआआईईईई म्‍म्म्माआआअ उउउफफफफफ्फ़ सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स द्द्धहीएररररीए हहाआआऐईईईईईई र्र्र्र्ररराआआअजजजज्ज्ज्ज आाआआईयईईीीइसस्स्स्स्स्स्स्सीईई ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हीईईई फफफफफफफफफफफफफ्फ़ आआईईईस्स्स्सीईए ह्हियैआइयैयीयीयियी कककचहूऊद्ददडूऊऊ र्र्र्ररराआआआआआजजजज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज म्‍म्म्ममममाआआज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ाआआआ हहाआआआईईईईई आआआआआ र्र्र्र्राआह्ह्ह्ह्ह्ह्हाआआअ हहाआआआऐययईईईईई उसका मूसल लंड मेरी चूत को फाड़ ही चुका था और अब बोहोत बुरी तरह से चोद रहा था. उसका लंड इतना मोटा था के मेरी चूत के पंखाड़ियाँ भी उसके लंड के साथ अंदर जा रही थी और उसके लंड के साथ ही वापस आ रही थी. वो बोहोट पवरफुल धक्के मार रहा था. मेरी आँखो से कंटिन्यू पेन और प्लेषर के मिक्स आँसू निकल रहे थे. मुझे अब मज़ा आने लगा था और अब मैं भी अपनी गंद उठा उठा के ऐसे मस्त मोटे और लोहे जैसे सख़्त लंड से चुदाई के पूरे मज़े ले रही थी.

राज 3 – 4 धक्के लगा के एक धक्का बोहोत ही ज़ोर से मारता और लंड को 15 – 20 सेकेंड्स के लिए चूत के अंदर ही रहने देता और ऐसा धक्के से उसका लंड डाइरेक्ट मेरी बच्चे दानी से लगता और मैं झाड़ जाती. मैं तो राज से लिपटी हुई

चुदवा रही थी और हर थोड़ी देर मे झाड़ रही थी मुझे लग रहा था जैसे मेरी चूत आज झाड़ झाड़ के खाली हो जाएगी. राज चोदता रहा ज़ोर ज़ोर से अपने लंड को मेरी चूत के अंदर घुसता रहा. थोड़ी ही देर मे मेरी चूत उसके इतने लंबे और मोटे लंड से अड्जस्ट हो चुकी थी. अब मैं भी अपनी गंद उठा उठा के रफ चुदाई के मज़े ले रही थी और राज को झुका के उसके साथ टंग सकिंग किस कर रही थी. राज मुझे बड़ी मस्ती मे चोद रहा था उसकी स्पीड कभी एक दम से तेज़ हो जाती कभी धीमी गति से चोद्ता. राज की मलाई एक टाइम निकल चुकी थी इसी लिए वो जल्दी नही झाड़ रहा था और पूरी रफ़्तार से चोद रहा था. उसके इतने मस्त मोटे लोहे जैसे लंड से चुदवाते टाइम मुझे अपने नीचे लकड़ी के तख्ते की सख्ती और रफनेस बिल्कुल भी महसूस नही हो रही थी और वो मुझे किसी फोम के गद्दे की तरह कंफर्टबल लग रहा था.

क्रमशः......................

Recession Ki Maar part--7

gataank se aage..........

Jaise hi mera orgasm khatam hua to mai ghutno ke bal neeche baith gai aur Raj ke musal ko apne dono hatho se pakad lia aur uske helmet head ko kiss kia. Meri nigaah uske Lund se hat hi nahi rahi thi mai continue uske Lund ko masti bhari nazro se dekhe ja rahi thi. Lund ke had ko apne muh mai le ke choosne lagi. Uske Lund ka head bhi itna mota tha ke mere muh mai mushkil se hi aa raha tha. Raj ne mere sar ko pakad lia aur apni gand aage peeche kar ke mere muh ko chodne laga. uska Lund ka head aur thoda sa danda hi mere muh mai aa saka tha aur mera muh poore ka poora khul chuka tha usne thoda aur zor lagaya to mera muh kuch ziada hi khul gaya aur mujhe saans lene mai bhi dikkat hone lagi. Uske Lund ka supada mere halak se lag chuka tha. Mere muh mai uska Lund kuch itna bhara hua tha ke mujhe choosna mushkil ho raha tha phir bhi mai try karti rahi aur thodi hi der mai apne muh ko adjust kar hi lia aur choosne lagi. Itne mai hi ek lorry aur sadak se gayee to uski roshni mai mujhe ek minute ke liye uska Lund mujhe itni kareeb se dihayee dia jo bohot hi mast tha to mujhe uske Lund pe bohot pyar aa gaya aur mai kuch aur josh mai uske lund ko zor zor se choosne lagi. Raj ka lund ko chooste hue mujhe takreeban 10 minute ho chuke the aur ab mera muh darad karne laga tha. Raj mere sar ko apne hatho se pakad ke mere muh ko poore josh se chod raha tha aur mujhe mehsoos hua ke uska lund mere muh ke ander kuch ziada hi phoolne laga hai aur phir dekhte hi dekhte uske lund se garam garam malayee nikal ke direct mere halak mai girne lagi. Uska Lund mere muh mai kuch aisa phansa hua tha ke mai usko baher nikal bhi nahi sakti thi aur uske lund se malayee nikalti hi rahi shaed 8 ya 10 moti moti dhariya nikli aur mujhe laga jaise mera pet uski malayee se bhar gaya ho. Mere muh se uski malayee ki ek

boond bhi baher nahi niakalne payee, mai uski sari malayee bade maze se kha chuki thi.

Raj ne mujhe mere baghal se pakad ke ooper uthaya ek zor ka kiss kia to mai uske badan se lipat gayee aur apni jeebh uske muh mai dal ke passionate kiss karne lagi aur phir mai ne raj ke kaan ke latakte hue portion ko apne dato se pakad lia aur uske kaan mai aahista se boli “ Fuck me Rajj, Fuck me, Fuckkk me pleeaasssee Rajjj”. I want you to fuccckkkk mmmeeeeee chodd dalo raaj pleeeeeaaasseee” Mujhe Satish ki yad ek hi second ke liye ayi par mai ab apni sari maan maryada ko bhool chuki thi aur mujhe chudne ke liye Lund chahiye tha bass aur ab mai kisi randi ki tarah se Raj se chodne ki bheek maang rahi thi. Mai to jaise chudwane ko pagal ho gai thi.

Usne meri under arms se pakad ke mujhe uthaya aur wohi lakdi ke takhte pe half lita dia. Uska Lund thoda bhi naram nahi hua tha aur waise ka waisa hi fully erect kisi missile ki tarah se khada tha. Meri gand lakdi ke platform ke edge pe thi. Raj neeche ghutno ke bal baith gaya aur usne meri garam geeli choot ka ek mast chumban lia to foran hi mei ne apne dono hatho se uske sar ko pakad lia aur zor se apni choot mai daba ke pakad lia. Mere pair uske shoulder pe lapete hue the mai apni gand utha utha ke uske muh mai apni choot ko ragad rahi thi. Wo choot ko chaatne mai perfect lag raha tha kyonke Satish ne meri choot ko bohot time chaata tha par kabhi aise nahi chata tha jaise Raj chaat raha tha. Raj ne apni zuban ko neeche se ooper tak aise chaata jaise ice cream ke cone se ice cream ko chaat raha ho. Meri aankhein band ho gai thi aur gand to bass hawa mai hi hil thi. Meri poori choot ko usne apne muh mai le ke dato se kata to meri choot itna maza bardasht nahi kar saki aur mera badan kaanpne laga aur mai uske sar ko apne hatho se apni choot mai ghused ke uske muh mai hi jhad gayee. Ek minute tak choot se juice nikalta hi raha jise Raj bade maze se chaat raha tha aur phir apni zuban ko gol kar ke meri choot ke surakh mai usko ghused ke ander baher kar ke chodne laga aur phir meri clitoris ko dato se kaat dala to mai ek bar phir se jhad gai. Meri choot ki to buri halat ho rahi thi ek dum se geeli geeli aur bhatti jaisi garam ho gai thi. Mere hath uske sar pe the aur mai apni choot ko uske muh se continue ragad rahi thi. Satish ne bhi meri choot ko chaata tha par mujhe itna maza kabhi nahi aya tha jitna aaj Raj ke chaatne se aa raha tha aur choot se continue juice ki jhadee lagi hui thi.

Mai ne apne hath se uske sar ko 2 – 3 baar dheere se thap thapaya to wo samajh gaya ke ab mujhe chudwana hai to wo apni jagah se uth khada hua aur apne pair zameen se tika ke mere ooper jhuk gaya aur mere boobs ko dabane laga aur mujhe tongue sucking kiss karne laga. Uska Lund meri choot ke ooper kisi garam lohe ke rod ki tarah rakha hua mehsoos ho raha tha. Mai ne apne dono hatho ko hamare badan ke beech mai kia aur uske lund ko dono hatho se pakad ke apni choot mao ragadna shuru kia. Uske lund ka helmet meri choot ke surakh mai atak raha tha to mujhe bohot acha lag raha tha. Uske lund se bohot ziada precum nikal raha tha. Raj ne thoda pressure dia to uske Lund ke supade ka thoda sa portion meri choot ke surakh mai ghusa to mera badan ek dum se akad gaya aur mujhe darad hone laga par aaj mujhe yeh darad bhi bohot hi acha lag raha tha. Mai ne uske Lund ko apni choot ke surakh mai atka dia aur uske dono chootado ko pakad ke masalne lagi aur apni or khechne lagi aur sath hi apni gand ko bhi utha ke uske Lund ko choot mai lene ki koshish karne lagi. Usne thoda aur pressure di to Lund ka supada choot ke surakh mai ghus gaya to mujhe laga jaise meri choot phat rahi hai aur mujhe choot ke ander jalan mehsoos hone lagi par mujhe aise jalan se bhi maza aa raha tha.

Raj ek hath se mere ek boob ko masal raha tha aur doosre boob ko muh mai le ke choos raha tha aur nipples ko kaat bhi raha tha to mera maza double ho raha tha. Mai uske chootado ko masal rahi thi aur apni gand ooper utha rahi thi. usne thoda aur pressure dia to uska Lund thoda aur ander meri choot ke surakh mai ghus ke atak gaya mere muh se halki si cheekh nikal gayee sssssssssssssss aaaaaaaaiiiiiiiiiiiiiiii mmmmmaaaaaaaaaa to wo ruk gaya par mai ne uske chootado ko thap thapa ke continue karne ka ka ishara dia to usne lund ko baher nikal lia laikin choot uske lund pe kuch itni tight thi ke lund baher bhi nahi nikal raha tha. Lund ko bina baher nikale hi wo hilne laga. jaise jaise wo pressure de raha tha meri aankhein apne socket se baher nikal rahi thi aur mera muh khulta ja raha tha aur aankho mai aansoo bhi aa rahe the par yeh aansoo passion aur masti ke the. Aise aansoo aurto ko bohot pasand hote hai kyonke yeh badi hi masti ke hote hai aur itne mast lund se masti mei chudai ke sapno ko poora hone ke hote hai. Uska abhi aadha Lund bhi meri choot ke ander nahi gaya tha aur mera orgasm start ho gaya aur mai Raj se bohot zor se chimat gayee mera badan akad gaya aur jhadne lagi. Meri choot se fresh juice nikalne ki wajah se choot aur geeeli ho gai thi aur uske lund ka utna hi bhaag jitna choot ke andedr tha ander baher hone laga. Ab meri choot thodi aur slippery ho gai thi. Mere pair uski kamar se lipte hue

the aur mai uske chootado ko masal rahi thi aur wo mere boobs ko choos raha tha aur masal raha tha aur mera masti mai chhoor thi.

Jaise jaise meri choot pe uske lund ka pressure badh raha tha meri sansei gehri ho rahi thi aur aankhain baher ko nikal rahi thi aur muh khul raha tha aisa lag raha tha jaise meri aankho mai aur muh mai uske Lund ke pressure ka direct connection hai jo neeche se dabane se ooper se khul raha tha. Raj ne poocha agar tumhai darad ho raha ho to tumhare purse mai jo cream hai wo nikal lo aur choot mai laga lo to mai ne bola ke nahi iss time mujhe rough chudai chahiye meri choot bohot hi chudasi ho rahi hai I want to feel the pain of fucking by your lovely missile lund raj. Mei kisi chudasi randi ki tarah se bol rahithi to wo muskura dia aur bola ke theek hai tum aise hi rough chudai chahti ho to ready ho jao. Abhi uska Lund meri choot mai aadha bhi ander nahi gaya tha aur mujhe aisa mehsoos ho raha tha ke meri choot phat jayegi itni khul gai thi meri choot aur uske mote lund se choot ka surakh chouda ho gaya tha. Usne bola ke ab get ready sneha darling to get the fuck of your life to mai ne bhi bola ke fuck me raj fuck me don’t stop tear my choot phaad dalo meri choot ko yeh Sali mujhe bohot tang karti hai phad dalo yeh randi choot ko iska bhosda bana dalo aaj maderchod choot ka, josh mai mai apne hosh kho chuki thi aur pata nahi mai kia kia bol rahi thi bilkul kisi bazaru randi ki tarah se galian bole ja rahi thi.

Mere muh se yeh sab sun ke raj bhi full masti mai aa gay tha aur ab usne mujhe shoulders se bohot tight pakad lia tha. Uske pair neeche zameen par the aur wo mere ooper jhuka hua tha aur boobs ko choos raha tha aur Lund ko meri choot mai aage peeche kar raha tha. Mai to bina poori tarah se chudwaye hue almost 4 time aise hi jhad chuki thi Choot bohot hi geeli ho chuki thi aur meri choot ke juice se uska Lund bheeg chuka tha aur ab aadha lund choot ke ander baher ho raha tha. Meri choot fully stretch ho chuki thi mujhe lag raha tha ke ab agar uska lund thoda bhi ander gaya to shaed choot phat jaye aur uski dhajjiyan ud jaye. Mai bardasht karti rahi aur ek second ke liye Raj ne apna Lund choot se poora baher nikal lia to utni hi der ke liye mujhe apni choot ek dum se khaali khaali mehsoos hui aur iss se pehle ke mai kuch aur sochti Raj ne apna Lund poora head tak baher kheck ke ek bohot hi zabardast powerful jhatka mara ke mai Raj se bohot lipat gayee aur uske badan ko bohot tight pakad lia aur meri aankhon mai andhera chha gaya aur sar mai jaise laakho pataakhe phootne lage mere muh se ek bohot khofnaak

cheek nikal gayee aaaaaaaaaaaaaaaaeeeeeeeeeeeeeeeeee mmmmmmmmaaaaaaaa mmmmmmmaaaaaaaaaaaaaiiiiiiiiiiiii mmmmmaaaaaaarrrrrrr gggggggggggaaaaaaaayyyyyyyyyyeeeeeeeeee rrrrrrrrrreeeeeeeeeeeeee hhhhhhhhhhhhhhheeeeeeeeeeeiiiiiiiiiiii nikaaaaaaaalllllllllllllooo ppppppppllllllleeeeeeeeeaaaassssssseeeeeee aur ek minute ke liye blackout. Road se guzarti lorry ke horn mai meri cheekh dab ke reh gai. Raj ka lund meri choot ko phaadta hua bache dani se ja takraya tha aur bache dani aise maar se hil gayee thi. Mujhe lag raha tha jaise kisi ne talwar se meri choot ek do tukde kar diye ho. Choot mai ander be inteha jalan hone lagi aur mujhe laga ke jaise meri choot mei se kisi kunwari ladki ki choot phatne se jaise khoon nikalta hai waise hi meri choot se bhi nikal raha hai. mai uske badan ke neeche chat patane lagi par uske mazboot grip se baher nahi nikal saki.

Raj ek minute ke liye mere ooper aise hi pada raha aur mere boobs ko choosta raha. Mai apne senses mai wapas ayee to mujhe lag raha tha jaise meri choot ke ander koi mota lohe jaisa sakht musal ghusa hua ho. Raj ne meri aankho mai jhaank ke dekha to meri aankho mai takleef dikhayee de rahi thi par jaise hi mujhe apne chudasi hone ka khayal aaya to mai muskura di bass phir kia tha Raj ne mujhe chodna shuru kar dia. Uske powerful dhakko se meri cheekhain nikal rahi thi aaaaaaeeeeeeee mmmmaaaaaaa uuuffffff ssssssssssssssss dddhhheeerrrreee hhhhhhhhaaaaaaaeeeeeeeeeeee rrrrrrraaaaaaajjjjjjj aaaaaaaaiiiiiiissssssssseeeeee hhhhhhhhiiiiiiii ffffffffffffff aaaaiiiiiisssseeeee hhhhiiiiiiiii cccchhhhhhooooddddoooooo rrrrrraaaaaaaaaaaajjjjjjjjjjjjj mmmmmmmaaaaaazzzzzzzzaaaaaaaa hhhhhhhhaaaaaaaaeeeeeeeeeee aaaaaaaaaa rrrrraaaahhhhhhhaaaaaaa hhhhhhhaaaaaaaaaiiiiiiii Uska musal Lund meri choot ko phaad hi chuka tha aur ab bohot buri tarah se chod raha tha. Uska Lund itna mota tha ke meri choot ke pankhadiyan bhi uske lund ke sath ander ja rahi thi aur uske lund ke sath hi wapas aa rahi thi. Yeh mast kahani the_great_warrior2000 at yahoo dot com ki likhi hui hai. Wo bohot powerful dhakke maar raha tha. Meri aankho se continue pain aur pleasure ke mix aansoo nikal rahe the. Mujhe ab maza aane laga tha aur ab mai bhi apni gand utha utha ke aise mast mote aur lohe jaise sakht Lund se chudai ke poore maze le rahi thi.

Raj 3 – 4 dhakke laga ke ek dhakka bohot hi zor se maarta aur lund ko 15 – 20 seconds ke liye choot ke ander hi rehne deta aur aisa dhakke se uska lund direct meri bache dani se lagta aur mai jhad jati. Mai to Raj se lipti hui

chudwa rahi thi aur har thodi der mai jhad rahi thi mujhe lag raha tha jaise meri choot aaj jhad jhad ke khaali ho jayegi. Raj chodata raha zor zor se apne Lund ko meri choot ke ander ghusata raha. Thodi hi der mai meri choot uske itne lambe aur mote lund se adjust ho chuki thi. Ab mai bhi apni gand utha utha ke rough chudai ke maze le rahi thi aur Raj ko jhuka ke uske sath tongue sucking kiss kar rahi thi. Raj mujhe badi masti mai chod raha tha uski speed kabhi ek dum se tez ho jati kabhi dheemi gati se chodta. Raj ki malayee ek time nikal chuki thi isi liye wo jaldi nahi jhad raha tha aur poori raftaar se chod raha tha. Uske itne mast mote lohe jaise lund se chudwate time mujhe apne neeche lakdi ke takhte ki sakhti aur roughness bilkul bhi mehsoos nahi ho rahi thi aur wo mujhe kisi foam ke gadde ki tarah comfortable lag raha tha.

kramashah......................


rajaarkey
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Re: Recession Ki Maar -रिसेशन की मार

Unread post by rajaarkey » 13 Dec 2014 01:26

रिसेशन की मार पार्ट--8

गतान्क से आगे..........

अब राज ने अपने दोनो हाथो से मेरे दोनो पैरो को पकड़ के चीर दिया और खड़े खड़े चोदने लगा आआआआअहह क्या बताउ कितना मज़ा आ रहा था मुझे तो बॅस जन्नत का ही मज़ा आ रहा था और मेरा मंन कर रहा था के हमारी बस आज की सारी रात यही रुकी रहे और राज मुझे सारी रात ऐसे ही चोद्ता रहे और चोद चोद के मेरी चूत का कचूमर निकाल दे. ऐसी पोज़िशन मे उसका लंड मेरी चूत के पूरा अंदर तक तो घुस रहा था पर पता नही क्या हुआ उसको उसने मुझे पलटा दिया और मुझे डॉगी स्टाइल मे कर दिया. मेरे पैर अब ज़मीन पर थे और मैं ब्रिक और वुडन प्लॅटफॉर्म पे झुकी हुई थी. राज मेरे पीछे से अपने लंड को चूत के सुराख से अड्जस्ट किया और अपने गीले लंड को मेरी गीली चूत के अंदर एक ही धक्के मे पूरा जड़ तक घुसेड दिया तो मेरी एक बार फिर से चीख निकल गई आआआअहह र्र्ररराआआआजजजज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज सस्स्स्स्स्स्स्सल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्लूऊऊऊऊऊओववववववववव. उसका मोटा गरम लंड मेरी सेन्सिटिव क्लाइटॉरिस से रगड़ खा रहा था तो मुझे बोहोत ही मज़ा आने लगा.. उसका लंड जैसे ही मेरी चूत के अंदर तक घुस गया, मैं एक बार फिर से झड़ने लगी. मेरी चूत आज जितने टाइम झड़ी थी शाएद पूरे मंथ मे नही झड़ी होगी. मेरे बूब्स अभी भी बहुत ही टाइट थे. मेरे सीने पे आगे पीछे हो रहे थे पर लटक नही रहे थे. राज ने मेरे बूब्स को पकड़ के दबाना शुरू किया और चोदने लगा. वो मेरे से अछा ख़ासा लंबा था इसी लिए ऐसे पोज़िशन मे बड़ी अछी तरह से चोद रहा था. अब राज के धक्के तेज़्ज़ होने लगे थे और उसने मेरे बूब्स को छ्चोड़ के मेरे शोल्डर्स को टाइट पकड़ लिया. उसकी ग्रिप ऐसी थी के मैं एक इंच भी आगे नही हिल सकती थी और मुझे लग रहा था के उसका लंड मेरी चूत को फाड़ता हुआ मेरे मूह से बाहर निकल आएगा. उसके एक एक धक्के से मेरे मूह से हप्प्प्प हमम्म जैसी आवाज़े निकल रही थी और मेरा मूह खुल रहा था. मेरी चूत और पेट उसके लंबे मोटे लंड से फुल हो गये थे. वो बोहोत पवरफुल चुदाई

कर रहा था और अब चुदाई की मस्त म्यूज़िकल थापा ठप पच पच की आवाज़ें आने लगी थी जिस से हम दोनो का जोश कुछ और बढ़ गया कभी कभी रोड से इक्का दुक्का लॉरीस गुज़रती तो थोड़ी सी रोशनी हो जाती फिर वोही अंधेरा.

अब राज ने एक बोहोत ही ज़ोर का धक्का मारा और लंड को चूत की गहराइयों तक ले गया और रुक गया जिस से मेरा सारा बदन हिल गया और मेरे मूह से ऊवुयियैआइयैआइयीयीयियी म्‍म्म्माआआआ निकला और फिर राज ने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाल लिया तो एक बार फिर से मेरी चूत खाली हो गयी और खुल बंद होने लगी और फिर देखते ही देखते राज ने मुझे पलटाया और हम एक दूसरे के आमने सामने था. राज ने थोडा सा झुक के दोनो हाथ मेरी गंद पर लगाए और मुझे ऊपेर खेच लिया तो मेरी टाँगें ऑटोमॅटिकली ही उसके बॅक से लिपट गयी. राज का लंड ऐसे फॅन फ़ना रहा था जैसे कोई बड़ा नाग साँप अपना फन्न निकाले अपनी बिल की तलाश मे इधर उधर देख रहा हो. राज का लंड उसके नवल से लगा हुआ और पेट के करीब ही था और ऑलमोस्ट 45 डिग्री के आंगल से खड़ा था. राज ने मुझे गंद मे हाथ दे के थोड़ा और ऊपेर उठाया तो मेरी गीली चूत के सुराख मे उसका लंड ऑटोमॅटिकली अटक गया और उसने मेरी गंद से थोड़ी ग्रिप लूज की तो जैसे ही मैं अपने पूरे वेट से थोडा नीचे को फिसल गई तो उसका लंड मेरी गीली फैली हुई चूत मे फ़चाक की आवाज़ से चूत के अंदर किसी मिज़ाइल की तरह से धँस गया. मेरा बदन एक दम से अकड़ गया और मैं उसके नेक मे अपने बाहें डाल के उस से लिपट गयी. अब राज मुझे खड़े ही खड़े चोदने लगा और मुझे ऐसे ही अपने लंड की सवारी करते कराते 2 स्टेप्स आगे बढ़ा और मुझे नीम के झाड़ के ट्रंक से टीका दिया और फिर मेरी चुदाई करना शुरू कर दिया. उसका लंड किसी जॅक हॅमर की तरह से मेरी चुदाई कर रहा था और मुझे लग रहा था के उसका लंड मेरी गंद को फाड़ता हुआ नीम के पेड़ मे घुस जाएगा. उसका लंड किसी हथौड़े की तरह से मेरी बच्चे दानी को मार रहा था. ऐसी चुदाई मे मुझे एक मिनिट भी नही लगा और मैं झड़ने लगी. मेरी चूत से कंटिन्यू जूस

निकलने की वजह से चूत समंदर बन चुकी थी और अब वो मुझे दीवानो और पागलो की तरह से चोद रहा था और मैं हैरान थी के राज मुझे आधे घंटे से ज़ियादा देर से चोद रहा था पर उसका लंड झड़ने का नाम ही नही ले रहा था. मुझे सतीश याद आया जो लंड को चूत मे डालने के बाद झड़ने के लिए 2 मिनिट से ज़ियादा नही लगता था पर राज का लौदा तो रुकने का नाम ही नही ले रहा था मैं ने सोचा के उसकी वाइफ क्या लकी होगी जो ऐसा शानदार लौदा और ऐसा मस्त चुदाई करने वाला हज़्बेंड मिला है. राज के धक्के अब अपनी फुल स्पीड पे पहुँच चुके थे और फिर उसने अपने लंड को पूरा हेड तक बाहर खेच लिया और उसी रफ़्तार से चूत के अंदर ठोंक दिया तो मैं उसके बदन से ज़ोर से लिपट गयी और चिल्ला पड़ी सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स आआआआआआहह म्‍म्म्मममममाआआ और बॅस राज के मिज़ाइल से मलाई की मोटे मोटे गरम गरम धारियाँ निकलने लगी और पहले ही धार के साथ मेरा बदन एक बार फिर से काँपने लगा और मैं फिर से झड़ने लगी. हम दोनो के बदन पसीने से भर चुके थे. राज अब पवरफुल और छोटे छोटे धक्के मार रहा था और एक दो सेकेंड के लिए लंड को चूत के अंदर ही रहने दे रहा था यह मुझे बोहोत ही अछा लग रहा था और हर धक्के के साथ ही उसकी मलाई की धार निकल रही थी और फिर 8 – 10 मोटी मोटी गरम गरम धारियों के बाद उसका झड़ना ख़तम हुआ. मेरा बदन ढीला पड़ चुका था और मैं अब उसके बदन से झूल रही थी. मैं फॉरन ही कंपेर करने लगी के सतीश की चुदाई और राज की चुदाई मे और दोनो के लंड से मलाई के निकलने का स्टाइल तो मुझे सतीश का स्टाइल एक दम से फैल लगा पर क्या कर सकती थी वो मेरा पति ही तो था और आख़िर मैं राज से कब तक चुदवा सकती थी क्यॉंके जैसे ही मुंबई पहुँच जाएगे पता नही फिर उस से मुलाकात होगी या नही. यह सब सोच रही थी पर उसके लंड के ऊपेर ही बैठी हुई थी. उसके लंड मे थोड़ी भी नर्मी नही आई थी और वो वैसे का वैसा ही आकड़ा हुआ मेरी चूत के अंदर फूल रहा था मैं सोचने लगी के यह राज का लंड नॅचुरल है या कोई गरम लोहे का डिल्डो है जो इतनी देर की चुदाई के बाद थोडा सा भी नरम नही हुआ. और हम दोनो पसीने से भर गये थे और गहरी गहरी साँसें ले रहे थे.

मैं राज के गले मे झूल रही थी, मेरी टाँगें अभी भी राज के बॅक पे लपेटी हुई थी और राज मुझे अपने लंड पे बिठाए हुए राज थोड़ा पीछे हट गया और उसी वुडन प्लॅटफॉर्म पे लेट गया. अब पोज़िशन ऐसी थी के राज नीचे लेटा हुआ था और उसका क़ुतुब मीनार जैसा लंड मेरी चूत के अंदर आकड़ा हुआ खड़ा था और मुझे अपने पेट मे महसूस हो रहा था. मैं ने राज से बोला के राज क्या मस्त लंड है तुम्हारा आधे घंटे से ज़ियादा देर से तुम मुझे चोद रहे हो और यह अभी तक ऐसे खड़ा है जैसे अभी तक किसी चूत को चोदा ही ना हो तो वो मुस्कुरा दिया और बोला के बस यह तुम्हारा ही है अब, मैं तो तुम्हारी मस्त टाइट चूत का दीवाना हो गया हू तुम पहली औरत हो जिसने मेरे लंड को पूरा अपनी चूत के अंदर लिया है. मेरी चूत से इतना जूस निकलने की वजह से मैं तो एक दम से मस्त हो गयी थी और थक चुकी थी इसी लिए मैं उसके लंड पे जॉकी की तरह से घुटने मोड़ के बैठ गयी और फिर उसके सीने पे सर रख दिया और उसके कान मैं धीरे से बोली के राज मुझे आज से पहले सेक्स का इतना मज़ा ज़िंदगी मे कभी नही मिला था जितना आज तुम ने दिया और अभी भी देखो तुम्हारा मूसल मेरी चूत मे कैसे घुसा हुआ है लगता है अभी और चोदना चाहता है तो वो मुस्कुरा दिया और बोला थे थॅंक्स स्नेहा फॉर ऑल थे प्लेषर यू गेव मी. मैं ने बोला के उसमे थॅंक्स की क्या बात है, थॅंक्स तो मुझे बोलना चाहिए के तुम ने मुझे वो मज़ा दिया जिसे मैं ज़िंदगी भर ना भूल पाउन्गि तो उसने कहा के पता है मैं कभी भी अपने लंड को अपनी वाइफ की चूत मे कंप्लीट नही डाल पाया तो मैने हैरत से पूछा वो क्यों ? तो उसने बोला के वो डालने ही नही देती इसी लिए मेरी सेक्स की भूक कभी ख़तम ही नही होती. वो तो बस खुद ही मेरे ऊपेर चढ़ के बैठ जाती है और बॅस लंड का सूपड़ा ही अंदर ले पाती है, खुद तो लंड का सूपड़ा अंदर लेते ही झाड़ जाती है और फिर चूस चूस के मेरी मलाई खा जाती है आज मैं ने फर्स्ट टाइम तुम्हारी इतनी मस्त चूत के अंदर तक अपना लंड डाल के तुम्हारी चूत का मज़ा लिया है तो मैं मुस्कुरा के बोली के युवर वाइफ डॅज़ंट’ नो व्हाट शी ईज़ मिस्सिंग इन हर लाइफ और फिर हम दोनो मुस्कुरा दिए.

मैं राज के ऊपेर लेटी हुई थी उसका लंड मुझे अपनी चूत मे बोहोत ही अछा लग रहा था. अभी तक हमारी मिक्स मलाई बाहर नही निकल पे थी क्यॉंके राज का लंड मेरी चूत पे किसी बॉटल के ढक्कन की तरह से टाइट बैठा हुआ था. राज ने आधा घंटे तक मुझे जाम के चोदा था इसी लिए मेरे बदन का एक एक जोड़ मस्ती मे थका हुआ था. राज ने मेरे बूब्स को एक बार फिर से चूसना शुरू कर दिया. मेरे बूब्स तो ऑलरेडी बोहोत ही सेन्सिटिव है इसी लिए मैं फिर से मूड मे आना शुरू हो गयी. मेरी चूत हम दोनो की मिक्स मलाई से भरी हुई थी और राज का लंड भीग रहा था इसी लिए स्लिपरी भी हो गया था. पहले मैं मूड मे आई और मैं उसके लंड पे आगे पीछे स्लिप हो के मज़े लेने लगी और फिर राज ने भी अपनी गंद उठा उठा के मुझे चोदना शुरू कर दिया.

ऐसी पोज़िशन मे राज का लंड मेरी चूत के बोहोट ही अंदर तक घुसा हुआ था और मुझे लग रहा था के मेरी बच्चे दानी के सुराख मे उसके लंड का सूपड़ा घुसा हुआ है जिस से मेरा मज़ा डबल हो गया था. थोड़ी देर ऐसे ही चोदने के बाद राज ने पोज़िशन चेंज कर ली और मुझे नीचे लिटा दिया और खुद मेरे ऊपेर सवार हो गया और धना धन चोदने लगा. जूस से भरी चूत बोहोत

स्लिपरी हो गयी थी. अब उसका लंड ईज़िली चूत के अंदर बाहर हो रहा था. इतने मोटे और लंबे लंड से चुदवाते हुए मेरी चूत फुल्ली स्ट्रेच हो के पूरी तरह से खुल चुकी थी और मेरी नाज़ुक चूत का सच मे भोसड़ा बन चुका था. दर्द तो अपनी जगह पे था पर मुझे गर्व भी महसूस हो रहा था के पता नही वो कोन्सि लकी लॅडीस होती है जिनको इतने शानदार लंड से ऐसी शानदार चुदाई का आनंद मिलता होगा आंड आइ फेल्ट आइ आम वन ऑफ दा लकीयेस्ट लॅडीस हू फाउंड सच आ वंडरफुल लंड इन माइ लाइफ, आंड विथ दिस थॉट आइ फेल्ट प्राउड ऑफ माइसेल्फ.

अब राज मुझे घचा घच चोद रहा था जिस से मेरा सारा बदन हिल रहा था और हम दोनो के बदन भी पसीने से भीग चुके थे. इतने मे ही होटेल की तरफ से कुछ आवाज़ें आने लगी तो हम दोनो ने एक साथ मूह घुमा कर देखा तो अंदाज़ा लगाया के हमारी बस का ड्राइवर वापस आ चुका है और अब फन बेल्ट को ठीक कर रहा है. अब हमारे पास इस जगह पर चुदाई का टाइम कम हो गया था इसी लिए अब राज मुझे बोहोत ही तूफ़ानी रफ़्तार से चोदने लगा पर उसके लंड से मलाई थी के निकलने का नाम ही नही ले रही थी. मेरी चूत का तो बुरा हाल हो गया था और वो सूज के डबल रोटी की तरह हो गयी थी. मैं तो पता नही कितने टाइम झाड़ चुकी थी ऐसा लगता था के मेरे जूस का स्टॉक आज ख़तम हो जाएगे. राज के धक्के बोहोत पवरफुल हो गये थे और दीवानो की तरह से चोद रहा था पूरा लंड सूपदे तक बाहर निकाल निकाल के मार रहा था और फिर फाइनली उसने एक बोहोत ही पवरफुल धक्का मारा तो मेरे मूह से फिर से चीख निकल गयी आआआआआईयईईईईईईईईईईईईईई र्र्र्र्र्र्ररराज्ज्जज फफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ और बॅस उसका लंड मेरी चूत के आखरी लिमिट्स तक घुस्स चुका था और उस्मै से गरम गरम मलाई की धारियाँ निकल्ने लगी और मेरी चूत को भरने लगी और मैं एक टाइम फिर से झाड़ गयी. मैं ने राज को बोहोत ज़ोर से पकड़ा हुआ था और उसको बे तहाशा किस कर रही थी और बोल रही थी के राज तुम सच मे मर्द हो. मुझे तो ऐसी चुदाई कभी भी नसीब नही हुई थी. अपनी चूत के मसल्स से उसके मोटे लंड को स्क्वीज़ करते हुए बोली के यह मुझे देदो राज हमेशा के लिए तो वो झुक के मुझे चूमने लगा और बोला के अरे मेरी जान आज से यह सिर्फ़ और सिर्फ़ तुम्हारा ही है. मैं अब इस टाइम पे अपने प्यारे पति सतीश को बिल्कुल ही भूल चुकी थी और राज से किसी रंडी की तरह से बोल रही थी के राज प्लीज़ मुझे कभी नही छोड़ना, आइ ऑल्वेज़ वांटेड टू बी विथ यू ऱाज प्लीज़ और मुझे हमेशा ही ऐसे मस्त लंड से चोदना प्लीज़ राज तो उसने मुझे चूमते हुए कहा के स्नेहा मेरी जान आज इतने सालो बाद तो मुझे कोई ऐसी मस्त लड़की मिली है जिसने मेरे लंड को पूरा अपनी चूत के अंदर ले के चुदवाया है मैं तुम्है कैसे भूल सकता हू या कैसे तुम्हे छोड़ के जा सकता हू. आइ नीड यू ऑल्वेज़ स्नेहा डार्लिंग तो मैं फिर से उसे चूमने लगी और बोली के यू आर माइ वंडरफुल लवर राज आंड आइ रियली लव यू फ्रॉम दा बॉटम ऑफ माइ हार्ट आंड सौल.

राज अभी भी मेरे बदन पे लेटा हुआ था और उसका मिज़ाइल मेरी चूत के अंदर ही फँसा हुआ था. उसने अपनी गंद ऊपेर कर के अपना मूसल बाहर खीचा तो मुझे लगा जैसे मेरी चूत उसके लंड के डंडे के साथ ही बाहर आ रही है और फिर मेरी चूत मे से इतनी देर से इकट्ठा हुआ जूस बह के बाहर निकलने लगा और मेरी गंद की क्रॅक से होता हुआ नीचे वुडन प्लांक पे गिरने लगा. मैं ने हाथ बढ़ा के अपनी शलवार को उठाया और उसकी चूत के ट्राइंगल वाले कपड़े से पहले तो राज के लंड को सॉफ किया फिर अपनी चूत से बहते जूस को उसी जगह से सॉफ किया तो अब मेरी शलवार पे भी मेरा और राज का जूस साथ ही रहा. और जब मैं अपनी शलवार पहनी तो चूत पे गीलापन मुझे बोहोत अछा लग रहा था और मैं सोचने लगी के क्यों ना मैं यह शलवार को हमेशा के लिए अपने पास बिना वॉशिंग के रख लू. उस टाइम अंधेरे मे तो मुझे कुछ नज़र नही आया था पर बाद मे देखा तो मेरी चूत से बोहोत सारा खून भी निकल चुका था ऐसा लग रहा था जैसे मेरी शादी शुदा कुँवारी चूत की सील एक बार फिर से टूटी हो.

हम दोनो वापस होटेल की तरफ आ गये और किसी ने भी नोटीस नही लिया के हम कहा गये थे और क्या कर के वापस आ रहे है. अब मैं राज से इतनी फ्री हो चुकी थी के उसके हाथो मे हाथ डाले उसकी वाइफ की तरह चल रही थी. जितनी देर मे फन बेल्ट ठीक होता हम ने एक एक कप गरमा गरम चाय का पिया और बॅस थोड़ी ही देर मे बस रेडी हो गयी और सारे पॅसेंजर्स अंदर बैठ गये और बस चलने लगी.

क्रमशः......................

Recession Ki Maar part--8

gataank se aage..........

Ab raj ne apne dono hatho se mere dono pairo ko pakad ke cheer dia aur khade khade chodne laga aaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhh kia batau kitna maza aa raha tha mujhe to bass jannat ka hi maza aa raha tha aur mera mann kar raha tha ke hamari buss aaj ki sari raat yahi ruki rahe aur raj mujhe sari raat aise hi chodta rahe aur chod chod ke meri choot ka kachoomar nikal de. Aisi position mai uska Lund meri choot ke poora ander tak to ghus raha tha par pata nahi kia hua usko usne mujhe palta dia aur mujhe doggy style mai kar dia. Mere pair ab zameen par the aur mai brick aur wooden platform pe jhuki hui thi. Raj mere peeche se apne lund ko choot ke surakh se adjust kia aur apne geele lund ko meri geeli choot ke ander ek hi dhakke mai poora jadd tak ghused dia to meri ek baar phir se cheekh nikal gayeee aaaaaaahhhhhhhhhh rrrrraaaaaaaajjjjjjjjjjjjjj sssssssssllllllllllllllooooooooooooowwwwww Uska mota garam lund meri sensitive clitoris se ragad kha raha tha to mujhe bohot hi maza aane laga.. Uska lund jaise hi meri choot ke ander tak ghus gaya, mai ek bar phir se jhadne lagi. Meri choot aaj jitney time jhadi thi shaed poore month mai nahi jhadi hogi. Mere boobs abhi bhi boho thi tight the. Mere seene pe aage peeche ho rahe the par latak nahi rahe the. Raj ne mere boobs ko pakd ke dabana shuru kia aur chodne laga. Wo mere se acha khasa lamba tha isi liye aise position mai badi achi tarah se chod raha tha. Ab Raj ke dhakke tezz hone lage the aur usne mere boobs ko chhod ke mere shoulders ko tight pakad lia. Uski grip aisi thi ke mai ek inch bhi aage nahi hil sakti thi aur mujhe lag raha tha ke uska lund meri choot ko phadta hua mere muh se baher nikal ayega. Uske ek ek dhakke se mere muh se hhhpppp hhhmmm jaisi awazin nikal rahi thi aur mera muh khul raha tha. Meri choot aur pet uske lambe mote lund se full ho gaye the. Wo bohot powerful chudai

kar raha tha aur ab chudai ki mast musical thapa thap pach pach ki awazein aane lagi thi jis se ham dono ka josh kuch aur badh ga Raj ne mere boobs ko pakd ke dabana shuru kia aur chodne laga. Wo mere se acha khasa lamba tha isi liye aise position mai badi achi tarah se chod raha tha. Ab Raj ke dhakke tezz hone lage the aur usne mere boobs ko chhod ke mere shoulders ko tight pakad lia. Uski grip aisi thi ke mai ek inch bhi aage nahi hil sakti thi aur mujhe lag raha tha ke uska lund meri choot ko phadta hua mere muh se baher nikal ayega. Uske ek ek dhakke se mere muh se hhhpppp hhhmmm jaisi awazin nikal rahi thi aur mera muh khul raha tha. Meri choot aur pet uske lambe mote lund se full ho gaye the. Wo bohot powerful chudai kar raha tha aur ab chudai ki mast musical thapa thap pach pach ki awazein aane lagi thi jis se ham dono ka josh kuch aur badh gaya tha.. Kabhi kabhi road se ikka dukka lorries guzarti to thodi si roshni ho jati phir wohi andhera.

Ab raj ne ek bohot hi zor ka dhakka mara aur Lund ko choot ki gehraiyon tak le gaya aur ruk gaya jis se mera sara badan hil gaya aur mere muh se oooooiiiiiiiiii mmmmaaaaaaaa nikla aur phir Raj ne apna Lund meri choot se baher nikal lia to ek bar phir se meri choot khaali ho gayee aur khul band hone lagi aur phir dekhte hi dekhte Raj ne mujhe paltaya aur ham ek doosre ke aamnse saamne tha. Raj ne thoda sa jhuk ke dono hath meri gand mai lagaye aur mujhe ooper khech lia to meri tangein automatically hi uske back se lipat gayee. Raj Ka Lund aise phan phana raha tha jaise koi bada naag saamp apna phann nikale apni bil ki talaash mai idhar udhar dekhraha ho. Raj ka Lund uske naval se laga hua aur pet ke kareeb hi tha aur almost 45 degree ke angle se khada tha. Raj ne mujhe gand mai hath de ke thoda aur ooper uthaya to meri geeli choot ke surakh mei uska Lund automatically atak gaya aur usne meri gand se thodi grip loose ki to jaise hi mai apne poore weight se thoda neeche ko phisal gai to uska Lund meri geeli phaili hui choot mai pachak ki awaz se choot ke ander kisi missile ki tarah se dhans gaya. mera badan ek dum se akad gaya aur mai uske neck mai apne bahein dal ke us se lipat gayee. Ab Raj mujhe khade hi khade chodne laga aur mujhe aise hi apne Lund ki sawari karate karaate 2 steps aage badha aur mujhe neem ke jhad ke trunk se tika dia aur phir meri chudai karna shuru kar dia. Uska Lund kisi jack hammer ki tarah se meri chudai kar raha tha aur mujhe lag raha tha ke uska Lund meri gand ko phaadta hua neem ke ped mai ghus jayega. Uska Lund kisi hathode ki tarah se meri bache dani ko maar raha tha. Aisi chudai mei mujhe ek minute bhi nahi laga aur mai jhadne lagi. Meri choot se continue juice

nikalne ki wajah se choot samandar ban chuki thi aur ab wo mujhe deewano aur pagalo ki tarah se chod raha tha aur mai hairaan thi ke Raj mujhe aadhe ghante se ziada der se chod raha tha par uska Lund jhadne ka naam hi nahi le raha tha. Mujhe satish yaad aaya jo Lund ko choot mai dalne ke bad jhadne ke liye 2 minute se ziada nahi lagta tha par Raj ka Louda to rukne ka naam hi nahi le raha tha mai ne socha ke uski wife kia lucky hogi jo aisa shandar louda aur aisa mast chudai karne wala husband mila hai. Raj ke dhakke ab apni full speed pe pohoch chuke the aur phir usne apne Lund ko poora head tak baher khech lia aur usi raftaar se choot ke ander thonk dia to mai uske badan se zor se lipat gayee aur chilla padi sssssssssssssssssssss aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh mmmmmmmmaaaaaa aur bass Raj ke missile se malayee ki mote mote garam garam dhariyan nikalne lagi aur pehle hi dhaar ke sath mera badan ek bar phir se kaampne laga aur mai phir se jhadne lagi. Ham dono ke badan paseene se bhar chuke the. Raj ab powerful aur chote chote dhakke maar raha tha aur ek do second ke liye Lund ko choot ke ander hi rehne de raha tha yeh mujhe bohot hi acha lag raha tha aur har dhakke ke sath hi uski malayee ki dhar nikal rahi thi aur phir 8 – 10 moti moti garam garam dhariyon ke bad uska jhadna khatam hua. Mera badan dheela pad chuka tha aur mai ab uske badan se jhool rahi thi. Mei foran hi compare karne lagi ke Satish ki chudai aur Raj ki chudai mai aur dono ke Lund se malayee ke nikalne ka style to mujhe Satish ka style ek dum se fail laga par kia kar sakti thi wo mera pati hi to tha aur aakhir mai Raj se kab tak chudwa sakti thi kyonke jaise hi Mumbai pohoch jayege pata nahi phir us se mulakat hogi ya nahi. Yeh sab soch rahi thi par uske Lund ke ooper hi baithi hui thi. Uske Lund mai thodi bhi narmi nahi aayee thi aur wo waise ka waisa hi akda hua meri choot ke ander phool raha tha mai sochne lagi ke Yeh Raj ka Lund natural hai ya koi garam lohe ka dildo hai jo itni der ki chudai ke baad thoda sa bhi naram nahi hua. Aur ham dono paseene se bhar gaye the aur gehri gehri saansein le rahe the.

Mai raj ke gale mai jhool rahi thi, meri tangein abhi bhi Raj ke back pe lapeti hui thi aur Raj mujhe apne Lund pe bithaye hue Raj thoda peeche hat gaya aur usi wooden platform pe let gaya. Ab position aisi thi ke Raj neeche leta hua tha aur uska Qutub Minar jaisa lund meri choot ke ander akda hua khada tha aur mujhe apne pet mai mehsoos ho raha tha. Mai ne Raj se bola ke Raj kia mast Lund hai tumhara aadhe ghante se ziada der se tum mujhe chod rahe ho aur yeh abhi tak aise khada hai jaise abhi tak kisi choot ko choda hi na ho to womuskura dia aur bola ke bas yeh tumhara hi hai ab, mai to tumhari

mast tight choot ka deewana ho gaya hu tum pehli aurat ho jisne mere Lund ko poora apni choot ke ander lia hai. Meri choot se itna juice nikalne ki wajah se mai to ek dum se mast ho gayee thi aur thak chuki thi isi liye mai uske Lund pe jockey ki tarah se ghutne mod ke baith gayee aur phir uske seene pe sar rakh dia aur uske kaan mai dheere se boli ke Raj mujhe aaj se pehle sex ka itna maza zindagi mai kabhi nahi mila tha jitna aaj tum ne dia aur abhi bhi dekho tumhara musal meri choot mai kaise ghusa hua hai lagta hai abhi aur chodna chahta hai to wo muskura dia aur bola the Thanks Sneha for all the pleasure you gave me. Mai ne bola ke usmai thanks ki kia bat hai, thanks to mujhe bolna chahiye ke tum ne mujhe wo maza dia jise mai zindagi bhar na bhool paungi to usne kaha ke pata hai mai kabhi bhi apne Lund ko apni wife ki choot mai complete nahi dal paya to mai hairat se poocha wo kyon ? to usne bola ke wo dalne hi nahi deti isi liye meri sex ki bhook kabhi khatam hi nahi hoti. Wo to bas khud hi mere ooper chhad ke baith jati hai aur bass lund ka supada hi ander le pati hai, khud to Lund ka supada ander lete hi jhad jati hai aur phir choos choos ke meri malayee kha jati hai aaj mai ne first time tumhari itni mast choot ke ander tak apna Lund dal ke tumhari choot ka maza liya hai to mai muskura ke boli ke your wife doesn’t know what she is missing in her life aur phir ham dono muskura diye.

Mai Raj ke ooper leti hui thi uska Lund mujhe apni choot mai bohot hi acha lag raha tha. Abhi tak hamari mix malayee baher nahi nikal payee thi kyonke Raj ka Lund meri choot pe kisi bottle ke dhakkan ki tarah se tight baitha hua tha. Raj ne aadha ghante tak mujhe jam ke choda tha isi liye mere badan ka ek ek jod masti mai thaka hua tha. Raj ne mere boobs ko ek bar phir se choosna shuru kar dia. Mere boobs to already bohot hi sensitive hai isi liye mai phir se mood mai aana shuru ho gayee. Meri choot ham dono ki mix malayee se bhari hui thi aur Raj ka Lund bheeg raha tha isi liye slippery bhi ho gaya tha. Pehle mai mood mai ayee aur mai uske lund pe aage peeche slip ho ke maze lene lagi aur phir Raj ne bhi apni gand utha utha ke mujhe chodna shuru kar dia.

Aisi position mai Raj ka Lund meri choot ke bohot hi ander tak ghusa hua tha aur mujhe lag raha tha ke meri bache dani ke surakh mai uske Lund ka supada ghusa hua hai jis se mera maza double ho gaya tha. Thodi der aise hi chodne ke bad Raj ne position change kar li aur mujhe neeche lita dia aur khud mere ooper sawar hogaya aur dhana dhan chodne laga. juice se bhari choot bohot

slippery ho gayee thi. ab uska Lund easily choot ke andr baher ho raha tha. Itne mote aur lambe lund se chodwate hue meri choot fully stretch ho ke poori tarah se khul chuki thi aur meri nazuk choot ka sach mai bhosda ban chuka tha. Darad to apni jagah pe tha par mujhe garv bhi mehsoos ho raha tha ke pata nahi wo konsi lucky ladies hoti hai jinko itne shandar Lund se aisi shandar chudwayee ka anand milta hoga and I felt I am one of the Luckiest ladies who found such a wonderful Lund in my life, and with this thought I felt proud of myself.

Ab Raj mujhe ghacha ghach chod raha tha jis se mera sara badan hil raha tha aur ham dono ke badan bhi paseene se bheeg chuke the. Itne mai hi hotel ki taraf se kuch awazein aane lagi to ham dono ne ek sath muh ghuma kar dekha to andaza lagaya ke hamari bus ka driver wapas aa chuka hai aur ab fan belt ko theek kar raha hai. Ab hamare pas iss jagah par chudai ka time kam ho gaya tha isi liye ab Raj mujhe bohot hi toofani raftaar se chodne laga par uske Lund se malayee thi ke nikalne ka naam hi nahi le rahi thi. Meri choot ka to bura haal ho gaya tha aur wo sooj ke double roti ki tarah ho gayee thi. Mai to pata nahi kitne time jhad chuki thi aisa lagta tha ke mere juice ka stock aaj khatam ho jayege. Raj ke dhakke bohot powerful ho gaye the aur deewano ki tarah se chod raha tha poora lund supade tak baher nikal nikal ke maar raha tha aur phir finally usne ek bohot hi powerful dhakka mara to mere muh se phir se cheek nikal gayeee aaaaaaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiii rrrrrrrrraajjjj ffffffffffffffffffffffff aur bass uska lund meri choot ke aakhri limits tak ghuss chuka tha aur usmai se garam garam malayee ki dhariyan nikalne lagi aur meri choot ko bharne lagi aur mai ek time phir se jhad gayee. Mai ne Raj ko bohot zor se pakda hua tha aur usko be tahasha kiss kar rahi thi aur bol rahi thi ke Raj tum sach mai mard ho. Mujhe to aisi chudai kabhi bhi naseeb nahi hui thi. Apni choot ke muscles se uske mote lund ko squeeze karte hue boli ke yeh mujhe dedo Raj hamesha ke liye to wo jhuk ke mujhe choomne laga aur bola ke arey meri jaan aaj se yeh sirf aur sirf tumhara hi hai. Mai ab iss time pe apne pyare pati Satish ko bilkul hi bhool chuki thi aur Raj se kisi randi ki tarah se bol rahi thi ke Raj please mujhe kabhi nahi chhorna, I always wanted to be with you RAjj please aur mujhe hamesha hi aise mast lund se chodna please rajj to usne mujhe choomte hue kaha ke Sneha meri jaan aaj itne saalo baad to mujhe koi aisi mast ladki mili hai jisne mere lund ko poora apni choot ke ander le ke chudwaya hai mai tumhai kaise bhool sakta hu ya kaise tumhai chhor ke ja sakta hu. I need you always sneha darling to

mai phir se use choomne lagi aur boli ke you are my wonderful lover Raj and I really love you from the bottom of my heart and soul.

Raj abhi bhi mere badan pe leta hua tha aur uska missile meri choot ke ander hi phansa hua tha. Usne apni gand ooper kar ke apna musal baher kheecha to mujhe laga jaise meri choot uske lund ke dande ke sath hi baher aa rahi hai aur phir meri choot mai se itni der se ikattha hua juice beh ke baher nikalne laga aur meri gand ki crack se hota hua neeche wooden plank pe girne laga. Mai ne hath badha ke apni shalwar ko uthaya aur uski choot ke triangle wale kapde se pehle to Raj ke lund ko saaf kia phir apni choot se behte juice ko usi jagah se saaf kia to ab meri shlawar pe bhi mera aur Raj ka juice saath hi raha. Aur jab mai apni Shalwar pehni to choot pe geelapan mujhe bohot acha lag raha tha aur mai sochne lagi ke kyon na mai yeh shalwar ko hamesha ke liye apne pas bina washing ke rakh lu. Uss time andhere mai to mujhe kuch nazar nahi aaya tha par baad mai dekha to meri choot se bohot sara khoon bhi nikal chuka tha aisa lag raha tha jaise meri shadi shuda kunwari choot ki seal ek bar phir se tooti ho.

Ham dono wapas hotel ki taraf aa gaye aur kisi ne bhi notice nahi lia ke ham kaha gaye the aur kia kar ke wapas aa rahe hai. Ab mai Raj se itni free ho chuki thi ke uske hatho mai hath dale uski wife ki tarah chal rahi thi. Jitni der mai fan belt theek hota ham ne ek ek cup garma garam chaye ka piya aur bass thodi hi der mai bus ready ho gayee aur sare passengers ander baith gaye aur buss chalne lagi.

kramashah......................


rajaarkey
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Re: Recession Ki Maar -रिसेशन की मार

Unread post by rajaarkey » 13 Dec 2014 01:27

रिसेशन की मार पार्ट--9

गतान्क से आगे..........

यहा से 1 घंटे के अंदर ही हमारी बस बेल्गौम पोहोच गयी और यहा पे भी बोहोत से पॅसेंजर्स उतर गये लैकिन यहा से कोई भी नया पॅसेंजर नही चढ़ा. बस मैं अब बोहोत ही कम लोग रह गये थे. मॅग्ज़िमम होंगे शाएद कोई 10 – 12 पॅसेंजर्स जो सामने वाली सीट्स पे बैठे थे और हम सब से पीछे से पहली वाली सीट पे बैठे थे. सब से लास्ट वाली सीट एक सिंगल लंबी सीट थी जहा पे लेटा भी जा सकता था पर इस टाइम तक तो हम वाहा नही लेटे थे. बेल्गौम मे बस ज़ियादा देर नही रुकी क्यॉंके ऑलरेडी बोहोत देर तक रुक चुकी थी और अगर ज़ियादा देर करते तो मुंबई पहुँचने मे और देरी हो जाती. आजकल इतने बोहोत सारे बस सर्विस निकले थे इसी लिए पॅसेंजर्स डिवाइड हो गये थे इसी लिए हमारी बस मे भी बॅस थोड़े से ही पॅसेंजर्स थे.

तकरीबन 3 बजे के करीब बस बेल्गौम से निकली और अब ड्राइवर भी बस को तेज़ी से चला रहा था. बस के सब ही पॅसेंजर्स सो चुके थे. बस मे एक दम से खामोशी छाई हुई थी. मैं और राज ही बॅस जाग रहे थे. किस्सिंग और स्क्वीज़िंग मे बिज़ी थे. राज ने अपना ट्रॅक पॅंट निकाल दिया था और मैने भी अपनी शलवार को निकाल दिया था. सामने समान रखने की जगह से शॉल को लटका दिया फिर ख़याल आया के सब पॅसेंजर्स सो रहे है तो फिर शॉल को अपने साइड मे रख लिया के कभी भी ऐसा टाइम आए तो शॉल को पैरो पे डाला जा सके. राज का लंड एक बार फिर से तंन के लोहे के खंबे की तरह से खड़ा हो गया था जिसे मैं अपनी मुट्ठी मे पकड़ के मूठ मार रही थी और राज मेरी चूत को मसाज कर रहा था. मेरी चूत तो बे इंतेहा गीली हो चुकी थी और राज के लंड के सुराख मे से भी प्री कम के मोटे मोटे ड्रॉप्स निकल रहे थे. मैं झुक के उसके लंड को अपने मूह मे ले के चूसने लगी. उसके प्री कम का टेस्ट भी बड़ा मस्त था. मैं ज़ुबान से उसके लंड के सूपद को चाट रही थी और कभी पूरा मूह के अंदर ले के चूस भी रही थी. अब मेरे से और बर्दाश्त नही हो रहा था मुझे एक बार फिर से यह लंड अपनी चूत के अंदर चाहिए था इसी लिए मैं अपनी जगह से उठ गयी और राज के लंड पे बैठने की कोशिश करने लगी. राज भी अपनी सीट से थोड़ा सा आगे को आ गया था तो मैं ने अपने पैर उसकी बॅक पे रख लिए और उसके लंड पे धीरे धीरे बैठने लगी. मेरी चूत फुल्ली स्ट्रेच हो रही थी और बड़ी मुश्किल से मैं उसके लंड पे बैठ ही गयी. मुझे उसका लंड अपने पेट मे महसूस होने लगा. मैं राज को किस करने लगे. हमारी आँखो मे नींद बिल्कुल भी नही थी और ऐसे चुदाई के अड्वेंचर बार बार भी नही आते इसी लिए हम ऐसे मोके का भरपूर फ़ायदा उठना चाह रहे थे. मेरे शर्ट के अंदर हाथ डाल के राज मेरे बूब्स को मसल रहा था. और फिर उसने शर्ट को भी उतार दिया तो मैं ने भी उसके टी-शर्ट को ऊपेर खेच के निकाल दिया. ऐसे पब्लिक मैं नंगे होने का भी एक अनोखा अनुभव था. हम दोनो ऐसी बस मे जहा और लोग भी थे नंगे हो के एक दूसरे को नंगे देख के मुस्कुरा दिए. राज अब मेरे बूब्स को चूसने लगा और निपल्स को भी काटने लगा. ऐसी चुदाई का मज़ा आ रहा था. बस कभी कभी उछल पड़ती तो उसके लंड से चूत बाहर निकल जाता और फिर एक ठप्प की आवाज़ के साथ फिर से लंड पे गिर जाती तो मेरी मूह से हल्की सी मस्ती भरी चीख निकल जाती. राज के लंड के चूत मे घुसते ही मैं झड़ने लगी. मैं बस उसके लंड पे ऐसे ही बैठी रही. चुदाई नही हो रही थी बॅस कभी जब बस किसी गड्ढे मे से उछलती तो लंड अंदर बाहर हो जाता अदरवाइज़ मैं लंड की सवारी कर रही थी मुझे अपनी चूत मे इतना मोटा मूसल मज़ा दे रहा था. मेरी चूत तो हर थोड़ी देर मे अपना जूस छोड़ देती तो लंड मेरे जूस से गीला हो जाता.

ऐसे ही छोटे छोटे रोड साइड विलेजस गुज़र रहे थे थोड़ी देर के लिए बाहर से रोशनी आ जाती पर बस तेज़ी से चल रही थी तो किसी को भी बाहर से अंदर का कुछ भी दिखाई नही दे सकता था और इतनी रात मे कोई जाग भी नही रहा था बस हर तरफ सन्नाटा था. राज मेरे बूब्स चूस रहा था मैं उसके लंड को अपने चूत के अंदर डाले बैठी थी उसके गले मे बाहें डाले हुए थे. एक दम से बस बोहोत ज़ोर से उछली तो उसका लंड मेरी चूत से पूरा बाहर निकल गया और फिर मैं अपनी पूरे वेट के साथ उसके लंड पे जैसे गिर गयी तो लंड बोहोत ज़ोर से मेरी चूत मे घुस गया और मेरी चीख निकल गयी ऊऊऊऊओिईईईईईईईईईईईईईईईई सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स फफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ और झटका इतना ज़बरदस्त था के मेरी चूत से जूस निकल गया और मुझे लगा जैसे उसका लंड मेरे मूह तक आ गया हो.

अभी मैं अपने आपको उसके लंड पे अड्जस्ट नही कर पाई थी के एक और झटका लगा और फिर से लंड आधे से ज़ियादा बाहर निकल गया और मैं फिर से उसके लंड पे पूरी ताक़त से गिरी तो मेरी बच्चे दानी हिल गयी. थोड़ी ही देर मे बस मेन रोड से नीचे उतर गयी और एक डाइवर्षन ले लिया यहा कुछ रोड का काम चल रहा था शाएद. बस कच्चे रास्ते से गुज़र रही थी और मैं उसके हर एक झटके के साथ ही लंड पे उछल रही थी. उसका लंड मेरी चूत के जूस से बोहोत ही गीला हो चुका था. ऐसे झटको से मेरी टाँगो मे दरद हो रहा था तो मैं पोज़िशन चेंज कर के उसकी गोदी मे बैठ गयी. अब मेरी पीठ उसके मूह के सामने थी और. राज के थाइस पे बैठी थी उसका लंड मेरी चूत मे घुसा हुआ था. मेरा दोनो पैर उसके थाइस के दोनो तरफ थे ऐसी पोज़िशन मे मेरी चूत भी खुली हुई थी. अब जो बस के झटके लग रहे थे बड़ा मज़ा दे रहे थे. लंड बार बार अंदर बाहर हो रहा था और मैं भी अपने पैर बस के फ्लोर पे रख के खुद भी कभी कभी उछल रही थी तो चुदाई के मज़ा बोहोत आ रहा था. राज मेरे बूब्स को दबा रहा था और मैं उसके लंड पे उछाल रही थी कुछ तो बस के झटको की वजह से कुछ खुद ही उछल के चुदवा रही थी. राज ने अपने लंड के बेस मे पकड़ा हुआ था. कच्ची रोड के एक रफ से गड्ढे से बस जो उछली तो उसका पूरा लंड एक बार फिर से मेरी चूत से बाहर निकल गया और जैसे ही मैं वापस उसके लंड पे बैठने लगी उसका गीला लंड चूत के सुराख का रास्ता भूल के गंद मे एक ही झटके मे पूरा जड़ तक घुस्स चुका था मैं चीखी ऊऊऊओिईईईईईईईईईईईईई सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स म्‍म्म्ममममममममाआआआआआआआअ हहाआआआआआईईईईईई गंद के मसल्स रिलॅक्स थे और मैं इतनी ज़ोर से लंड पे बैठी थे के एक ही झटके मे पूरे का पूरा मूसल लंड गंद को फड़ता हुआ अंदर घुस चुका था. इस से पहले के मैं उसके लंड से उठ जाती, राज ने अपनी टाँगें मेरी टाँगो के ऊपेर रख के दबा लिया और अपने हाथ से मेरे शोल्डर को पकड़ लिया और ज़ोर

से अपनी ओर दबा लिया ता के मैं उठ नही पाऊ. उसका लंड मेरी गंद को फाड़ चुका था और मुझे बोहोत ही दरद हो रहा था, मैं छटपटा रही थी पर उसकी पवरफुल ग्रिप से निकलना इतना आसान भी नही थी. ऐसे मे बस फिर से उछलने लगी थी तो उसका लंड भी मेरी फटी गंद के अंदर बाहर हो रहा था और फिर थोड़ी ही देर मइए उसका लंड मुझे अछा लगने लगा और मैं उस से मज़े से गंद मरवाने लगी. अब मैं उसकी ग्रिप से निकलने की कोशिश भी नही कर रही थी. राज का एक हाथ मेरी चूत की मसाज कर रहा था और दूसरा हाथ मेरे बूब्स को मसल रहा था और वो खुद मेरी बॅक पे किस कर रहा था. उसके मोटे लोहे जैसे सख़्त लंड पे मेरी गंद बोहोत ही टाइट लग रही थी. राज का लंड ऐसी मीठी मीठी ग्रिप को सिहार नही सका और मेरी गंद के अंदर ही अपने गरम गरम मलाई की पिचकारिया मारने लगा. उसकी मलाई गंद मे फील करते ही मैं भी झड़ने लगी. आज एक ही रात मे राज ने मेरी चूत और गंद दोनो ही मार मार के फाड़ डाली थी. राज बोहोत ही खुश था के उसका पूरे का पूरा लंड मैं अपनी चूत मे भी ले चुकी थी और अपनी गंद मे भी. मुझे भी खुशी इस बात की थी के जो खुशी राज की वाइफ ने उसको नही दी वो मैं ने दी है.

थोड़ी देर के बाद हम ऐसे ही नंगे लास्ट वाली सीट पे चले गये और राज सीट पे लेट गया और मैं उसके ऊपेर 69 की पोज़िशन मे लेट गई और उसका मूसल लंड चूसने लगी जहा पे मुझे हम दोनो की मिक्स मलाई का टेस्ट आने लगा जो बोहोत ही स्वादिष्ट था. वो मेरी चूत के अंदर अपनी जीभ डाल के चाटने लगा. जब कभी बस थोड़ा भी उछाल भरती तो मेरा बदन भी थोड़ा सा ऊपेर उठ जाता और वापस जब गिरता तो राज के दाँत मेरी चूत के अंदर लगते तो मुझे बोहोत ही मज़ा आता. वो बड़े मस्त स्टाइल मे मेरी चूत को चूस रहा था जिकी वजह से मैं फॉरन ही झाड़ गयी पर राज के लंड से मलाई निकलने का नाम ही नही ले रही थी. वो ऑलरेडी 2 टाइम झाड़ चुका था और अपने लंड पे मेरे मूह का आनंद महसूस कर रहा था कभी कभी अपनी गंद उठा के मेरे मूह मे अपना पूरा लंड घुसेड़ने की कोशिश करता पर मैं उसके लंड को पूरा नही ले पा रही थी. थोड़ी ही देर के बाद हमने पोज़िशन चेंज कर दी और अब मैं नीचे लेटी थी और राज मेरे ऊपेर आ गया था और मेरे मूह को अपने लंड से चोद रहा था. मेरा मूह उसके मोटे लंड से भर गया था. अब पोज़िशन चेंज हो चुकी थी और जब बस रोड पे थोड़ा भी उछाल भरती तो उसका लंड मेरे मूह के अंदर तक घुस जाता जिसे मैं फॉरन ही बाहर निकाल देती. राज के लंड के डंडे पे मेरे दाँत लग रहे थे जिस से उसको बोहोत ही मज़ा आ रहा था. एक दो टाइम तो बस के उछलने से उसके लंड का सूपड़ा मेरे हलक तक चला गया था और मेरे मूह से उउउउउउउउउउउग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्घ्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह जैसी आवाज़ निकल गयी. राज का लंड अब फुल मस्ती मे आ गया था और राज एक

दम से पलट गया और एक ही झटके मे उसने मेरी गीली चूत मे अपना गीला लंड घुसेड डाला तो मुझे महसूस हुआ जैसे कोई मिज़ाइल मेरी चूत मे घुस्स गया हो और मेरे मूह से फफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ की आवाज़ निकल गयी और उसका मूसल जैसा मोटा और लोहे जैसा सख़्त लंड मेरी चूत के गहराइयों मे घुस्स गया और वो मुझे धना धन चोदने लगा. सीट पे उतनी कंफर्टबल तो नही थी पर क्या करू उसका लंड मेरी चूत मे बोहोत ही मज़ा दे रहा था और मैं मस्ती मे चुदवा रही थी इस टाइम पे मुझे यह भी याद नही रहा था के मैं मुंबई क्यों जा रही हू और यह के मैं एक शादी शुदा महिला हू. मुझे तो बॅस चुदना था और मैं ज़िंदगी मे कभी इतनी चुदासी नही हुई जितनी आज हो रही थी. बस की उछाल के साथ उसका लंड मेरी बचे दानी को ज़ोर से मारता तो मेरा जूस निकल जाता. वो अब मुझे पागलो की तरह से चोद रहा था और मैं मस्ती मे चुदवा रही थी. तकरीबन आधे घंटे की चुदाई के दोरान मे ऑलमोस्ट 10 – 15 टाइम झाड़ चुकी थी तब कही जा के राज ने एक ज़बरदस्त शॉट मारा तो मेरा पूरा बदन हिल गया और उसका लंड मेरी बचे दानी के सुराख मे घुस्स गया और उसके लंड से गाढ़ी गाढ़ी गरम गरम मलाई की धार निकल ने लगी. 8 – 10 धारियाँ निकलने के बाद उसका लंड शांत हुआ पर ढीला नही हुआ. मुझे असचर्या हो रहा था के राज का लंड आख़िर कोन्से मेटीरियल का बना हुआ है जो नरम होने का नाम ही नही ले रहा है और इतनी देर से चुदाई करने के बावजूद अभी तक नरम नही हुआ. मुझे लगा के शाएद ऐसे लंड की कल्पना हर लड़की करती होगी आंड आइ वाज़ नो डिफरेंट दट अदर गर्ल्स. मैं भी चाह रही थी के यह लंड मुझे कंटिन्यू मिलता रहे

हम कुछ देर वैसे ही लेटे रहे. राज का लंड मेरी चूत के अंदर ही फूल पिचाक रहा था. थोड़ी ही देर मैं बस की स्पीड कुछ कम होने लगी तो ख़याल आया के शाएद बस रुकने वाली होगी इसी लिए हम अपनी सीट पे वापस आ गये और अपने कपड़े पहेन लिए. सच मे बस 5 मिनिट के अंदर ही किसी रोड साइड ढाबे पे रुक गयी और ड्राइवर पिशाब करने के लिए नीचे उतर गया. सब ही पॅसेंजर बोहोत गहरी नींद सो रहे थे शाएद किसी को पता भी नही चला था के बस रुकी है. टाइम देखा तो सुबह के ऑलमोस्ट 5 बज रहे थे और बाहर अब थोड़ा थोड़ा उजाला लगने लगा था. बस वाहा से 5 मिनिट के अंदर ही वापस निकल गयी.

मेरी आँख खुली तो तकरीबन सुबह के 8 बज रहे थे और बस खानदला घाट से गुज़र रही थी. रास्ता किसी साँप की तरह से बल खा रहा था, दोनो रोड के दोनो तरफ झाड़िया और दूर दूर तक ग्रीनरी फैली हुई थी बाहर का सीन बोहोत ही खूबसोरात लग रहा था. घाट पे चढ़ते हुए बस काफ़ी स्लो चल रही थी. पहले तो मई इतने फर्स्ट क्लास सीन मई खोई रही फिर मुझे

अचानक ख़याल आया के बस अब मुंबई के करीब आ गयी है और फिर याद आ गया के मैं अकेले मुंबई को क्यों जा रही हू और बॅस यह सोचते ही मेरे बदन से पसीने छ्छूटने लगे दिल बड़ी ज़ोर ज़ोर से धड़कने लगा. देखा तो राज भी अब जागने लगा था. राज को देख के मेरे मंन को थोड़ी शांति मिली के चलो राज तो है वो कुछ ना कुछ मेरा साथ तो दे ही देगा यह सोच के थोड़ा इत्मेनान आ गया. बस खंडाला घाट से ऊपेर चढ़ने के बाद फिर से स्पीड से चलने लगी और फिर वाहा किसी जगह रुक गयी तो ड्राइवर ने बोला के आप लोग यहा ब्रेकफास्ट ले लो. बस के सारे ही पॅसेंजर्स जाग चुके थे और सब ही नीचे उतर गये. बोहतो थोड़े से ही तो पॅसेंजर थे ऐसा लगता थे के बस ऑलमोस्ट खाली ही जा रही है क्यॉंके आजकल कॉंपिटेशन बढ़ गया था और बोहोत सारी बस सर्वीसज़ स्टार्ट हो चुकी थी.

क्रमशः......................

Recession Ki Maar part--9

gataank se aage..........

Yaha se 1 ghante ke ander hi hamari Bus Belgaum pohoch gayee aur yaha pe bhi bohot se passengers utar gaye laikin yaha se koi bhi naya passenger nahi chhadha. Bus mai ab bohot hi kam log reh gaye the. Maximum honge shaed koi 10 – 12 passengers jo saamne wali seats pe baithe the aur ham sab se peeche se pehli wali seat pe baithe the. Sab se last wali seat ek single lambi seat thi jaha pe leta bhi ja sakta tha par iss time tak to ham waha nahi lete the. Belgaum mai bus ziada der nahi ruki kyonke already bohot der tak ruk chuki thi aur agar ziada der karte to Mumbai pohochne mai aur deri ho jati. Aajkal itne bohot sare bus service nikle the isi liye passengers divide ho gaye the isi liye hamari bus mai bhi bass thode se hi passengers the.

Takreeban 3 baje ke kareeb bus Belgaum se nikli aur ab driver bhi bus ko tezi se chala rha tha. Bus ke sab hi passengers so chuke the. Bus mai ek dum se khamishi chayee hui thi. Mai aur Raj hi bass jaag rahe the. kissing aur squeezing mai busy the. Raj ne apne track pant nikal dia tha aur maine bhi apni shalwar ko nikal dia tha. Samne saman rakhne ki jagah se shawl ko latka dia phir khayal aaya ke sab passengers so rahe hai to phir shawl ko apne side mai rakh lia ke kabhi bhi aisa time aye to shawl ko pairo pe dala ja sake. Raj ka lund ek bar phir se tann ke lohe ke khambe ki tarah se khada ho gaya tha jise mai apni muthe mai pakad ke muth mar rahi thi aur Raj meri choot ko massage kar raha tha. Meri choot to be inteha geeli ho chuki thi aur Raj ke lund ke surakh mai se bhi pre cum ke mote mote drops nikal rahe the. Mai jhuk ke uske lund ko apne muh mai le ke choosne lagi. Uske pre cum ka taste bhi bada mast tha. Mai zuban se uske Lund ke supade ko chaat rahi thi aur kabhi poora muh ke ander le ke choos bhi rahi thi. Ab mere se aur bardasht nahi ho raha tha mujhe ek bar phir se yeh lund apni choot ke ander chahiye tha isi liye mai pani jagah se uth gayee aur Raj ke lund pe baithne ki koshish karne lagi. Raj bhi apni seat se thoda sa aage ko aa gaya tha to mai ne apne pair urki back pe rakh liye aur uske lund pe dheere dheere baithne lagi. Meri choot fully stretch ho rahi thi aur badi mushkil se mai uske lund pe baith hi gayee. Mujhe uska lund apne pet mai mehsoos hone laga. Mai Raj ko kiss karne lage. Hamari aankho mai neend bilkul bhi nahi thi aur aise chudai ke adventure bar bar bhi nahi aate isi liye ham aise moke ka bharpoor faida uthana chah rahe the. Mere shirt ke ander hath dal ke Raj mere boobs ko masal raha tha. Aur phir usne shirt ko bhi utar dia to mai ne bhi uske T-shirt ko ooper khech ke nikal dia. Aise public mai nange hone ka bhi ek anokha anubhav tha. Ham dono aisi bus mai jaha aur log bhi the nange ho ke ek doosre ko nange dekh ke muskura diye. Raj ab mere boobs ko choosne laga aur nipples ko bhi katne laga. Aisi chudai ka maza aa raha tha. Bus kabhi kabhi uchal padti to uske Lund se choot baher nikal jati aur phir ek thapp ki awaz ke sath phir se Lund pe gir jati to meri muh se halki si masti bhari cheekh nikal jati. Raj ke Lund ke choot mei ghuste hi mai jhadne lagi. Mai bas uske Lund pe aise hi baithi rahi. Chudia nahi ho rahi thi bass kabhi jab bus kisi gadhe mai se uchalti to lund ander baher ho jata otherwise mai Lund ki sawari kar rahi thi mujhe apni choot mei itna mota musal maza de raha tha. Meri choot to har thodi der mai apna juice chhor deti to Lund mere juice se geela ho jata.

Aise hi chote chote road side villages guzar rahe the thodi der ke liye baher se roshni aa jati par bus tezi se chal rahi thi to kisi ko bhi baher se ander ka kuch bhi dikhayee nahi de sakta tha aur itni rat mai koi jaag bhi nahi raha tha bas har taraf sannata tha. Raj mere boobs choos raha tha mai uske Lund ko apne choot ke ander dale baithi thi uske gale mai bahein dale hue the. Ek dum se bus bohot zor se uchli to uska Lund meri choot se poora baher nikal gaya aur phir mai apni poore weight ke sath uske Lund pe jaise gir gayee to Lund bohot zor se meri choot mai ghus gaya aur meri cheekh nikal gayee oooooooooiiiiiiiiiiiiiiiiiii sssssssssssssssssssssss fffffffffffffffffffff aur jhatka itna zabardast tha ke meri choot se juice nikal gaya aur mujhe laga jaise uska Lund mere muh tak aa gaya ho.

Abhi mai apne aapko uske Lund pe adjust nahi kar payee the ke ek aur jhatka laga aur phir se Lund aadhe se ziada baher nikal gaya aur mai phir se uske lund pe poori takat se giri to meri bache dani hil gayee. Thodi hi der mai bus main road se neeceh utar gayee aur ek diversion le lia yaha kuch road ka kaam chal raha tha shaed. Bus kacche raste se guzar rahi thi aur mai uske har ek jhatke ke sath hi lund pe uchal rahi thi. Uska Lund meri choot ke juice se bohot hi geela ho chuka tha. Aise jhatko se meri tango mai darad ho raha tha to mai position change kar ke uski godi mai baith gayee. Ab meri peeth uske muh ke samne thi aur. Raj ke thighs pe baithi thi uska Lund meri choot mai ghusa hua tha. Mera dono pair uske thighs ke dono taraf the aisi position mai meri choot bhi khuli hui thi. Ab jo bus ke jhatke lag rahe the bada maza de rahe the. Lund bar bar andre baher ho raha tha aur mai bhi apne pair bus ke floor pe rakh ke khud bhi kabhi kabhi uchal rahi thi to chudai ke maza bohot aa raha tha. Raj mere boobs ko daba raha tha aur mai uske lund pe uchal rahi thi kuch to bus ke jhatko ki wajah se kuch khud hi uchal ke chudwa rahi thi. Raj ne apne Lund ke base mai pakda hua tha. Kacchi road ke ek rough se gadhe se bus jo uchli to uska poora lund ek bar phir se meri choot se baher nikal gaya aur jaise hi mai wapas uske lund pe baithne lagi uska geela Lund choot ke surakh ka raasta bhool ke gand mai ek hi jhatke mai poora jadd tak ghuss chuka tha mai cheekhi oooooooiiiiiiiiiiiiiiii ssssssssssssssss mmmmmmmmmmmaaaaaaaaaaaaaaaaa hhhhhhhhaaaaaaaaaaaaeeeeeeeeeeee Gand ke muscles relax the aur mai itni zor se lund pe baithi the ke ek hi jhatke mai poore ka poora musal Lund gand ko phadta hua ander ghus chuka tha. Is se pahle ke mai uske Lund se uth jati, Raj ne apni tangein meri tango ke ooper rakh ke daba lia aur apne hath se mere shoulder ko pakad lia aur zor

se apni or daba lia taa ke mai uth anhi paoo. Uska Lund meri gand ko phad chuka tha aur mujhe bohot hi darad ho raha tha, mai chatpata rahi thi par uski powerful grip se nikalna itna aasaan bhi nahi thi. Aise mai buss phir se uchalne lagi thi to uska Lund bhi meri phati gand ke ander baher ho raha tha aur phir thodi hi der mai uska Lund mujhe acha lagne laga aur mai us se maze se gand marwane lagi. Ab mai uski grip se nikalne ki koshish bhi nahi kar rahi thi. Raj ka ek hath meri choot ka massage kar raha tha aur doosra hath mere boobs ko masal raha tha aur wo khud meri back pe kiss kar raha tha. Uske mote lohe jaise sakht lund pe meri gand bohot hi tight lag rahi thi. Raj ka lund aisi meethi meethi grip ko sihaar nahi saka aur meri gand ke ander hi apne garam garam malayee ki pichkariya maarne laga. Uski malayee gand mai feel karte hi mai bhi jhadne lagi. Aaj ek hi raat mai Raj ne meri Choot aur Gand dono hi maar maar ke phaad dali thi. Raj bohot hi khush tha ke uska poore ka poora Lund mai apni choot mai bhi le chuki thi aur apni gand mai bhi. Mujhe bhi khushi iss baat ki thi ke jo khushi Raj ke wife ne usko nahi di wo mai ne di hai.

Thodi der ke bad ham aise hi nange last wali seat pe chale gaye aur Raj seat pe let gaya aur mai uske ooper 69 ki position mai let gai aur uska Musal lund choosne lagi jaha pe mujhe ham dono ki mix malayee ka taste aane laga jo bohot hi swadisht tha. Wo meri choot ke ander apni jeebh dal ke chaatne laga. Jab kabhi bus thoda bhi uchal bharti to mera badan bhi thoda sa ooper uth jaa aur wapas jab gira to Raj ke dant meri choot ke ander lagte to mujhe bohot hi maza aata. Wo bade mast style mai meri choot ko choos raha tha jiki wajah se mai foran hi jhad gayee par Raj ke lund se malayee nikalne ka naam hi nahi le rahi thi. Wo already 2 time jhad chuka tha aur apne Lund pe mere muh ka anand mehsoos kar raha tha kabhi kabhi apni gand utha ke mere muh mai apna poora lund ghusedne ki koshish karta par mai uske lund ko poora nahi le pa rahi thi. Thodi hi der ke bad ham position change kar diey aur ab mai neeche leti thi aur Raj mere ooper aa gya tha aur mere muh ko apne Lund se chod raha tha. Mera muh uske mote lund se bhar gaya tha. Ab position change ho chuki thi aur jab bus road pe thoda bhi uchal bharti to uska lune mere muh ke ander tak ghus jata jise mai foran hi baher nikal deti. Raj ke lund ke dande pe mere dant lag rahe the jis se usko bohot hi maza aa raha tha. Ek do time to bus ke uchalne se uske lund ka supada mere halak tak chala gaya tha aur mere muh se uuuuuuuuuuuggggggggggghhhhhhhhhhhhhh jaisi awaz nikal gayee. Raj ka Lund ab full masti mai aa gaya tha aur Raj ek

dum se palat gaya aur ek hi jhatke mai usne meri geeli choot mei apna geela Lund ghused dala to mujhe mehsoos hua jaise koi missile meri choot mei ghuss gaya ho aur mere muh se fffffffffffffffffffffffffffffffffffffff ki awaz nikal gayee aur uska musal jaisa mota aur lohe jaisa sakht lund meri choot ke gehraiyon mai ghuss gaya aur wo mujhe dhana dhan chodne laga. Seat pe utni comfortable to nahi thi par kia karu uska Lund meri choot mai bohot hi maza de raha tha aur mai masti mai chudwa rahi thi iss time pe mujhe yeh bhi yad nahi raha tha ke mai Mumbai kyon ja rahi hu aur yeh ke mai ek shadi shuda mahila hu. Mujhe to bass chudna tha aur mai zindagi mai kabhi itni chudasi nahi hui jitni aaj ho rahi thi. Bus ki uchal ke sath uska lund meri bache dani ko zor se marta to mera juice nikal jata. Wo ab mujhe pagalo ki tarah se chod raha tha aur mai masti mai chudwa rahi thi. Takreeban aadhe ghante ki chudai ke doran mai almost 10 – 15 time jhad chuki thi tab kahi ja ke Raj ne ek zabardast shot mara to mera poora badan hil gaya aur uska lund meri bache dani ke surakh mai ghuss gaya aur uske lund se gaadhi gaadhi garam garam malayee ki dhar nikal ne lagi. 8 – 10 dhariyan nikalne ke bad uska Lund shant hua par dheela nahi hua. Mujeh ascharya ho raha tha ke Raj ka Lund aakhir konse material ka bana hua hai jo naram hone ka naam hi nahi le raha hai aur itni der se chudai karne ke bawajood abhi tak naram nahi hua. Mujhe laga ke shaed aise Lund ki kalpana har ladki karti hogi and I was no different that other girls. Mai bhi chah rahi thi ke yeh Lund mujhe continue milta rahe

Ham kuch der waise hi lete rahe. Raj ka Lund meri choot ke ander hi phool pichak raha tha. Thodi hi der mai bus ki speed kuch kam hone lagi to khayal aaye ke shaed bus rukne wali hogi isi liye ham apni seat pe wapas aa gaye aur apne kapde pehen liye. Sach mai bus 5 minute ke ander hi kisi road side dhabe pe ruk gayee aur Driver pishab karne ke liye neeche utar gaya. Sab hi passenger bohot gehri neend so rahe the shaed kisi ko pata bhi nahi chala tha ke bus ruki hai. Time dekha to subah ke almost 5 baj rahe the aur baher ab thoda thoda ujala lagne laga tha. Bus waha se 5 minute ke ander hi wapas nikal gayee.

Meri aankh khuli to takreeban subah ke 8 baj rahe the aur bus Khanadala Ghat se guzar rahi thi. Rasta kisi saamp ki tarah se bal kha raha tha, dono road ke dono taraf jhadiya aur door door tak greenery phaili hui thi baher ka scene bohot hi khoobsorat lag raha tha. Ghat pe chadhate hue bus kaafi slow chal rahi thi. Pehle to mai itne first class scene mai khoi rahi phir mujhe

achaanak khayal aaya ke bus ab Mumbai ke kareeb aa gayee hai aur phir yaad aa gaya ke mai akel Mumbai ko kyon ja rahi hu aur bass yeh sochte hi mere badan se paseene chhootne lage dil badi zor zor se dhadakne laga. Dekha to Raj bhi ab jaagne laga tha. Raj ko dekh ke mere mann ko thodi shanti mili ke chalo Raj to hai wo kuch na kuch mera sath to de hi dega yeh soch ke thoda itmenan aa gaya. Bus Khandala ghat se ooper chadne ke bad phir se speed se chalne kagi aur phir waha kisi jagah ruk gayee to driver ne bola ke aap log yaha breakfast le lo. Bus ke sare hi passengers jaag chuke the aur sab hi neeche utar gaye. Bohto thode se hi to passenger the aisa lagta the ke bus almost khali hi ja rahi hai kyonke aajkal competition badh gaya tha aur bohot sari bus services start ho chuki thi.

kramashah......................