उफफफफ्फ़ ये जवानी compleet

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rajaarkey
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Re: उफफफफ्फ़ ये जवानी

Unread post by rajaarkey » 13 Oct 2014 10:06

उफफफफ्फ़ ये जवानी 5 (लास्ट एपिसोड)

गतान्क से आगे………………………….

दोस्तो मैं यानी आपका दोस्त राज शर्मा हाजिर हूँ इस कहानी का अगला पार्ट लेकर..........

उसने लंड को चूत के छेद पर रख कर अंदर की ओर धकेलना शुरू किया तो मैं इस डर में थी कि कहीं शिवम मेरे पास आकर यह ना कह दे कि वो मुझे पहले चोद्ना चाहता है. मैने जब उसकी ओर देखा तो वो अब तक नीमा की चूत को ही चूस रहा था. उसका ध्यान पूरी तरह चूत चूसने की ओर ही था. मैने इस मौके का लाभ उठाने का मन बनाया और चूत की फांको को दोनो हाथो से पकड़ कर फैला दिया ताकि अजय का लंड अंदर जाने में किसी प्रकार की परेशानी ना हो.

और जब उसने मेरी चूत में लंड का सुपाड़ा डाल कर ज़ोर का धक्का मारा तो मैं सीसीया उठी. उसका लंड चूत के अंदर लेने का मन एका एक कुच्छ ज़्यादा ही बेताब हो गया. मैने जल्दी से उसका लंड एक हाथ से पकड़ कर अपनी चूत में डालने की कोशिश करनी शुरू कर दी. एक तरह मेरी मेहनत और दूसरी तरफ उसके धक्के, उसने एकदम से तेज़ धक्का मार कर लंड चूत के अंदर आधा पहुँचा दिया. ज़्यादा मोटा ना होने के बावजूद भी मुझे उसके लंड का झटका बहुत आनंद दे गया और मैं कमर उछल उछल कर उसका लंड चूत की गहराई में उतरवाने के लिए उतावली हो गयी.

तभी मैने शिवम की ओर देखा. वो भी नीमा को चोद्ने की तय्यारी कर रहा था. उसने थूक लगा कर नीमा की चूत में लंड घुसाया तो नीमा सिसकारी लेकर बोली, “उउईईईईईई दायया कितन मॉतााआ हाआाईयईईईईईईईईई. मेरी सखी देख रही है तेरे लवर का लंड. ये तो मेरी नाज़ुक चूत को फाड़ ही देगा. ऊऊओह गोद्द्द्द्द्द्द्दद्ड सस्स्स्स्स्स्सिईईईईईईईईईई ढीईईररररीईई

ढीईईरररीईए घुसााआआाआऊओ. मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है.”

वो मेरी ओर देख कर कह रही थी. उसकी हालत देखकर मुझे हँसी आ रही थी. क्योंकि मुझे मालूम था कि वो ज़रूर आक्टिंग कर रही होगी. क्योंकि वो पहले भी काई बार चुद्वा चुकी थी. इसका सबूत ज़रा ही देर में मिल गया, जब वो सिसकारी लेते हुए शिवम को लंड जड़ तक पहुँचाने के लिए कहने लगी. शिवम ने ज़ोरदार धक्का मार कर अपना लंड उसकी चूत की जड़ तक पहुँचा दिया था. इधर मेरी चूत में भी अजय के लंड के ज़ोरदार धक्के लग रहे थे. कुच्छ देर बार शिवम ने कहा, “अब हम लोग पार्ट्नर बदल ले तो कैसा रहेगा?”

वैसे तो मुझे मज़ा आ रहा था, मगर फिर भी तय्यार हो गयी. अजय ने मेरी चूत से लंड निकाल लिया. मैं शिवम के पास चली गयी. उसने नीमा की चूत से लंड निकाल कर मुझे घोड़ी बनाकर मेरी पीछे से चूत में लंड पेल दिया, एक झटके में आधा लंड मेरी चूत में समा गया, इस आसन में लंड चूत में जाने से मुझे थोड़ी परेशानी हुई मगर मैं झेल गाईउधर मैने देखा कि अजय ने नीमा की चूत में लंड घुसाया और तेज़ी से धक्के मारने लगा. साथ ही उसकी चूचियों को भी मसल्ने लगा. कुच्छ ही देर बाद हमने फिर पार्ट्नर बदल लिए. अब मेरी चूत में फिर से अजय का लंड था. उधर मैने देखा कि नीमा अब शिवम की गोद में बैठ कर उछल रही थी, और नीचे से शिवम का मोटा लंड उसकी चूत के अंदर बाहर हो रहा था. वो सिसकारी लेकर उसकी गोद में एक प्रकार से झूला झूल रही थी. मैने अजय की ओर इशारा किया तो उसने भी हामी भर दी. मैं उसकी कमर से लिपट गयी.

दोनो टांगे मैने उसकी कमर से लप्पेट दी थी और उसके गले में बाहें डाले, मैं झूला झूलते हुए चुद्वा रही थी. बहुत मस्ती भरी चुदाई थी. कुच्छ देर बाद लंड के धक्के खाते खाते मैं झड़ने लगी, मेरी चूत में संकुचन होने लगा जिससे अजय भी झड़ने लगा. उसका वीर्य रस मेरी चूत के कोने कोने में ठंडक दे रहा था, बहुत आनंद आ रहा था.

उसके बाद उसने मेरी चूत से लंड बाहर निकाल लिया. उधर वो दोनो भी झाड़

झुड कर अलग हो चुके थे. हम सबने खाने पीने का प्लान बनाया. दोनो समान मौजूद थे. मैं आम तौर पर नहीं पीती हूँ और ना ही नीमा पीती है, मगर उस दिन हम सबने विस्की पी. खा पी चूकने के बाद हम चारो फिर मस्ती करने लगे, मस्ती करते करते ही मैने फ़ैसला कर लिया था कि इस बार गांद में लंड डलवाएँगे. जब मैने अजय और शिवम को अपनी मंशा के बारे में बताया तो वो दोनो राज़ी हो गये. नीमा तो पहले से ही राज़ी थी शायद. हम सबने तेल का इंतज़ाम किया. तेल लगा कर गांद मरवाने का यह आइडिया नीमा का था. शायद वो पहले भी इस तरीके से गांद मरवा चुकी थी.

तेल आ जाने के बाद मैने शिवम के लंड को पहले मूह में लेकर चूस कर खड़ा किया और उसके बाद उसके खड़े लंड पर तेल चुपड दिया और मालिश करने लगी. उसके लंड की मालिश करके मैं उसके लंड को एकदम चिकना बना दिया था. उधर नीमा अजय के लंड को तेल से तर करने में लगी हुई थी. शिवम में लंड को पकड़ कर मैने कहा “इस बार तेल लगा हुआ है, पूरा मज़ा देना मुझे.”

“फ़िक्र मत करो मेरी जान.” वो मुस्कुरा कर बोला और उसने मेरी गांद के सुराख पर रगड़ता रहा उसके बाद एक ही धक्के में अपना आधा लंड मेरी गांद में डाल दिया. मेरे मूह से ना चाहते हुए भी सिसकारी निकलने लगी. जितनी आसानी से उसका लंड अपनी चूत में मैं डलवा लेती थी, उतनी आसानी से गांद में नहीं.

खैर जैसे ही उसने दूसरा धक्का मार कर लंड को और अंदर करना चाहा, मैं अपना काबू नहीं रख पाई और आगे की ओर गिरी ओ वो भी मेरे साथ मेरे बदन से लिपटा मेरे ऊपर गिर पड़ा. एका एक वो नीचे की ओर हो गया और मैं उसके ऊपर, दबाव से उसका सारा लंड मेरी गांद में समा गया. मैं मारे दर्द के चीखने लगी. हहाआाईयईईईईईईई फफफफफफफ़ाआद्द्द्दद्ड डीईईईईई

म्‍म्म्ममीईरररृिईई आआआआहह गगग्गगाआआआन्न्‍न्न्ँद्द्द्दद्ड कोइईई

ब्ब्ब्बाआककचहााअ ल्ल्ल्लूऊओ म्‍मम्मूउुज्ज्ज्झहीईई उूुउउफफफफफफफफफ्फ़

ऊऊऊओह म्‍म्म्मममममममममम. मैं उससे छ्छूटने के लिया हाथ पैर मारने लगी तो उसने मुझे खींच कर अपने से लिपटा लिया और तेज़ी से उच्छल उच्छल कर गांद में घुसे पड़े लंड को हरकत देना स्टार्ट कर दिया.

मेरी तो जान जा रही थी. ऐसा लग रहा था कि आज मेरी गांद ज़रूर फट

जाएगी. मैं बहुत मिन्नत करने लगी तो उसने मुझे बराबर लिटा दिया और तेज़ी से मेरी गांद मारने लगा. बगल में होने से वैसे तो मुझे उतना दर्द नहीं हो रहा था मगर उसका मोटा लंड तेज़ी से गांद के अंदर बाहर होने में मुझे परेशानी होने लगी. मैं नीमा की ओर नहीं देख पाई की वो कैसे गांद मराई का मज़ा ले रही है, क्योंकि मुझे खुद के दर्द से फ़ुर्सत नहीं थी.

शिवम काफ़ी देर से धक्के मार रहा था मगर वो झड़ने का नाम ही नहीं ले रहा था. तभी मैने पाया कि नीमा ज़ोर ज़ोर से उच्छल रही थी और अजय को बार बार मुक्त करने के लिए कह रही थी. कुच्छ देर बाद अजय ने लंड बाहर निकाल लिया. मेरे पास आकर बोला, “कहो तो लंड तुम्हारी चूत में डाल दूं. नीमा तो थक गयी है.”

मैने शिवम की ओर देखा तो उसने हामी भर दी तो मैने भी हां कह दिया. फिर मैं शिवम के सहयोग से उठ कर शिवम के ऊपर आ गयी, नीचे शिवम मेरी गांद में लंड डाले पड़ा हुआ था, ऊपर मैं चूत फैलाए हुए अजय का लंड डलवाने के लिए बेताब हो रही थी. अजय ने एक ही धक्के में अपना पूरा लंड मेरी चूत में उतार दिया. उसके बाद जब मुझे दोनो ओर से धक्के लगने लगे तो मुझे इतना मज़ा आया कि मैं बता नहीं सकती. बिल्कुल ब्लू फ़िल्मो की तरह का सीन इस समय हो रहा था, मैं गालिया देती हुई दोनो तरफ से चुद रही थी. नीमा पास खड़ी हम तीनो को मज़ा लेते देख रही थी. कुच्छ ही देर में हम तीनो झाड़ कर लस्त पस्त हो गये.

सुबह तक हमने कुल मिलकर 4 बार चुदाई का आनंद लिया. उसके बाद अगले दिन मैं नीमा के साथ पहले उसके घर गयी, फिर उसे अपने घर भी ले आई. ताकि मम्मी को यकीन हो जाए कि मैं रात भर उसी के घर पर थी. मम्मी को कुच्छ शक़ नहीं हो पाया.

आज भी हम चारो मिल कर ऐसे ही प्लॅन्स बनाते हैं और अजय के बंग्लो पर

चुदाई का आनंद उठाते हैं, अब तो उसमें शिवम के 2-3 दोस्त और भी शामिल हो गये हैं.

तो दोस्तो कैसी लगी ये कहानी फिर मिलेंगे एक नई कहानी के साथ तब के लिए अलविदा आपका दोस्त राज शर्मा

rajaarkey
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Re: उफफफफ्फ़ ये जवानी

Unread post by rajaarkey » 13 Oct 2014 10:06

Ufffff Ye Jawani 5 (Last Episode)

Gataank se aage………………………….

दोस्तो मैं यानी आपका दोस्त राज शर्मा हाजिर हूँ इस कहानी का अगला पार्ट लेकर

Usne lund ko choot ke chhed par rakh kar andar ki or dhakelna shuru kiya to main is dar mein thee ki kahin shivam mere paas aakar yeh na keh de ki wo mujhe pehle chodna chahta hai. Maine jab uski or dekha to wo ab tak neema ki choot ko hi choos raha thaa. Uska dhyaan poori tarah choot choosne ki or hi thaa. Maine is mauke ka laabh uthaane ka man banaya aur choot ki phaanko ko dono haatho se pakad kar faila diya taaki ajay ka lund andar jaane mein kisi prakaar ki pareshaani na ho.

Aur jab usne meri choot mein lund ka supaada daal kar zor ka dhakka maara to main sisiyaa uthi. Uska lund choot ke andar lene ka man eka ek kuchh jyada hi betaab ho gaya. Maine jaldi se uska lund ek haath se pakad kar apni choot mein daalne ki koshish karni shuru kar di. Ek tarah meri mehnat aur doosri taraf uske dhakke, usne ekdam se tez dhakka maar kar lund choot ke andar aadha pahuncha diya. Jyada mota na hone ke baawajood bhi mujhe uske lund ka jhatka bahut anand de gaya aur main kamar uchhaal uchhaal kar uska lund choot ki gehraai mein utarwaane ke liye utaawali ho gayee.

Tabhi maine shivam ki or dekha. Wo bhi neema ko chodne ki tayyari kar raha thaa. Usne thook laga kar neema ki choot mein lund ghusaaya to neema siskaari lekar boli, “Uuiiiiieeeeeee dayya kitan motaaaaaa haaaaaaiiiiiiiiiiii. Meri sakhi dekh rahi hai tere lover ka lund. Ye to meri naazuk choot ko faad hi dega. Ooooohhhhhhhh godddddddddd ssssssssiiiiiiiiiiii dheeeeeerrrreeeeee

dheeeeeerrreeeee ghusaaaaaaaaaaaooooooo. Mujhse bardasht nahin ho raha hai.”

Wo meri or dekh kar keh rahi thee. Uski haalat dekhkar mujhe hansi aa rahi thee. Kyonki mujhe maaloom thaa ki wo jaroor acting kar rahi hogi. Kyonki wo pehle bhi kayee baar chudwaa chuki thee. Iska sabot zara hi der mein mil gaya, jab wo siskaari lete hue shivam ko lund jad tak pahunchaane ke liye kehne lagi. Shivam ne zordaar dhakkaa maar kar apna lund uski choot ki jad tak pahuncha diya thaa. Idhar meri choot mein bhi ajay ke lund ke zordaar dhakke lag rahe the. Kuchh der baar shivam ne kaha, “Ab ham log partner badal le to kaisa rahega?”

Waise to mujhe maza aa raha thaa, magar phir bhi tayyar ho gayee. Ajay ne meri choot se lund nikaal liya. Main shivam ke paas chali gayee. Usne neema ki choot se lund nikaal kar mujhe ghodi banakar meri peeche se choot mein lund pel diya, ek jhatke mein aadha lund meri choot mein sama gaya, is aasan mein lund choot mein jaane se mujhe thodi pareshaani huee magar main jhel gayeeudhar maine dekha ki ajay ne neema ki choot mein lund ghusaaya aur tezi se dhakke maarne laga. Saath hi uski choochiyon ko bhi masalne laga. Kuchh hi der baad hamne phir partner badal liye. Am meri choot mein phir se ajay ka lund thaa. Udhar maine dekha ki neema ab shivam ki god mein baith kar uchhal rahi thee, aur neeche se shivam ka mota lund uski choot ke andar bahar ho raha thaa. Wo siskaari lekar uski god mein ek prakaar se jhoola jhool rahi thee. Maine ajay ki or ishaara kiya to usne bhi haami bhar di. Main uski kamar se lipat gayee.

Dono taange maine uski kamar se lappet di thee aur uske gale mein baahein dale, main jhoola jhoolte hue chudwaa rahi thee. Bahut masti bhari chudai thee. Kuchh der baad lund ke dhakke khaate khaat main jhadne lagi, meri choot mein sankuchan hone laga jisse ajay bhi jhande laga. Uska virya ras meri choot ke kone kone mein thandak de raha thaa, bahut anand aa raha thaa.

Uske baad usne meri choot se lund bahar nikaal liya. Udhar wo dono bhi jhad

jhuda kar alag ho chuke the. Ham sabne khaane peene ka plan banaya. Dono saman maujood the. Main aam taur par nahin peeti hoon aur na hi neema peeti hai, magar us din ham sabne whisky pee. Khaa pee chukne ke baad ham chaaro phir masti karne lage, masti karte karte hi maine faisala kar liya thaa ki is baar gaand mein lund dalwaayenge. Jab maine ajay aur shivam ko apni mansha ke bare mein bataya to wo dono raazi ho gaye. Neema to pehle se hi raazi thee shayad. Ham sabne tel ka intezaam kiya. Tel laga kar gaand marwaane ka yeh idea neema ka thaa. Shayad wo pehle bhi is tareeke se gaand marwa chuki thee.

Tel aa jaane ke baad maine shivam ke lund ko pehle mooh mein lekar choos kar khada kiya aur uske baad uske khade lund par tel chupad diya aur maalish karne lagi. Uske lund ki maalish karke main uske lund ko ekdam chikna bana diya thaa. Udhar neema ajay ke lund ko tel se tarr karne mein lagi huee thee. Shivam mein lund ko pakad kar maine kaha “Is baar tel laga hua hai, poora maza dena mujhe.”

“Fikr mat karo meri jaan.” Wo muskura kar bola aur usne meri gaand ke suraakh par ragadta raha uske baad ek hi dhakke mein apna aadha lund meri gaand mein daal diya. Mere mooh se na chahte hue bhi siskaari nikalne lagi. Jitni aasaani se uska lund apni choot mein main dalwa leti thee, utni aasaani se gaand mein nahin.

Khair jaise hi usne doosra dhakka maar kar lund ko aur andar karna chaha, main apna kaabu nahin rakh payee aur aage ki or giri o wo bhi mere saath mere badan se lipta mere oopar gir pada. Eka ek wo neeche ki or ho gaya aur main uske oopar, dabaav se uska saara lund meri gaand mein sama gay. Main mare dard ke cheekhne lagi. Hhhhhhaaaaaaiiiiiiiiii fffffffaaaadddddd diiiiiii

mmmmmeeeerrrriiiiii aaaaaaaahhhhhhh gggggaaaaaaaannnnndddddd koieeeeee

bbbbaaaccchhhhhaaaaa llllooooo mmmmuuujjjjhheeeeeee uuuuuffffffffff

ooooooohhhhhhhhh mmmmmmmmmmmmm. Main usse chhootne ke liya haath pair maarne lagi to usne m,ujhe kheench kar apne se liptaa liya aur tezi se uchhal uchhal kar gaand mein ghuse pade lund ko harkat dena start kar diya.

Meri to jaan jaa rahi thee. Aisa lag raha thaa ki aaj meri gaand jaroor fat

jayegi. Main bahut minnat karne lagi to usne mujhe barabar lita diya aur tezi se meri gaand maarne laga. Bagal mein hone se waise to mujhe utna dard nahin ho raha thaa magar uska mota lund tezi se gaand ke andar bahar hone mein mujhe pareshaani hone lagi. Main neema ki or nahin dekh payee ki wo kaise gaand maraai ka maza le rahi hai, kyonki mujhe khud ke dard se fursat nahin thee.

Shivam kaafi der se dhakke maar raha thaa magar wo jhadne ka naam hi nahin le raha thaa. Tabhi maine paaya ki neema zor zor se uchhal rahi thee aur ajay ko baar baar mukt karne kee liye keh rahi thee. Kuchh der baad ajay ne lund bahar nikaal liya. Mere paas aakar bola, “Kaho to lund tumhari choot mein daal doon. Neema to thak gayee hai.”

Maine shivam ki or dekha to usne haami bhar di to maine bhi haan keh diya. Phir main shivam ke sehyog se uth kar shivam ke oopar aa gayee, neeche shivam meri gaand mein lund dale pada hua thaa, oopar main choot failaaye hue ajay ka lund dalwaane ke liye betaab ho rahi thee. Ajay ne ek hi dhakke mein apna poora lund meri choot mein utaar diya. Uske baad jab mujhe dono or se dhakke lagne lage to mujhe itna maza aaya ki main bata nahin sakti. Bilkul blue filmo ki tarah ka scene is samay ho raha thaa, main gaaliyaa deti huee dono taraf se chud rahi thee. Neema paas khadi ham teeno ko maza lete dekh rahi thee. Kuchh hi der mein ham teeno jhad kar last past ho gaye.

Subah tak hamne kul milakar 4 baar chudai ka anad liya. Uske baad agle din main neema ke saath pehle uske ghar gayee, phir use apne ghar bhi le aayee. Taaki mummy ko yakeen ho jaaye ki main raat bhar usi ke ghar par thee. Mummy ko kuchh shaque nahin ho paaya.

Aaj bhi ham chaaro mil kar aise hi plans banate hain aur ajay ke banglow par

chudai ka anand utaate hain, ab to usmein shivam ke 2-3 dost aur bhi shammil ho gaye hain.