गन्ने की मिठास compleet

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rajaarkey
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Re: गन्ने की मिठास

Unread post by rajaarkey » 14 Oct 2014 10:52

हरिया- बाबू जी आज तो आपने जब से हमे कहा है कि कल तुम्हे सुधिया चोदने को मिल जाएगी तब से क्या बताए बहुत लंड खड़ा हो रहा है, सच बाबू जी बड़ा ही मस्त माल है, काश रामू की जगह मैं सुधिया का बेटा होता तो दिन रात उसे नंगी ही अपने साथ रखता,

राज- हरिया एक बात तो है जिन औरतो की जंघे खूब मोटी होती है पेट खूब उभरा हुआ रहता है और गंद काफ़ी फैली और मोटी होती है वह औरते चोदने मे बड़ा मज़ा देती है,

हरिया- बाबू जी जब आप अपने से बड़ी उमर की औरत को चोदोगे तब और भी मज़ा आएगा, आज बाबूजी हम आपके लिए मस्त चिलम बना रहे है खूब मस्त नशा देती है,

हरिया के साथ मैने उसकी चिलम का कश इसलिए ले लिया कि आज हरिया की चिलम पीकर उसी की बीबी को चोदने का मोका मिल रहा था और रुक्मणी का बदन भी काफ़ी भरा हुआ था और गोरी भी बहुत थी मेरा लंड उसकी मोटी गंद देख कर खड़ा हो चुका था, हम लोगो ने चिलम ख़तम की अब कुच्छ अंधेरा होने चला था और हरिया ने रुक्मणी को बुलाया और कहा कि बाबा जी का पूरा ख्याल रखना और उनके लिए बढ़िया खाने की व्यवस्था करना मैं चंदा को लेकर आज खेतो मे ही सोउँगा,

उसके बाद हरिया चंदा के साथ खेतो की ओर चल देता है और मैं नशे मे मस्त होकर घर के काम मे लगी रुक्मणी को देख कर अपना लंड मसल रहा था, मुझे रुक्मणी चाल चलन से बहुत ही चालू और बिंदास नज़र आ रही थी जबकि मैं जब सुधिया से मिला था तो वह काफ़ी शर्मा रही थी,

रुक्मणी ने जब अपना काम समाप्त कर लिया तब वह मेरे पेरो के पास ज़मीन पर हाथ जोड़ कर बैठ गई और कहने लगी बाबा जी आप कहे तो आपके लिए खाना निकालु

राज- बेटी हम भोजन 10 बजे के बाद ही करेगे

रुक्मणी- बाबा जी अब हमारे घर मे सुख शांति रहेगी ना

राज- मैने रुक्मणी के गोरे-गोरे भरे हुए गालो को सहलाते हुए कहा बेटी तू चिंता मत कर चल अब घर के अंदर चल और मैं तुझे सभी विधि बता देता हू फिर उस हिसाब से तुझे पवित्र करके तेरी सभी समस्याओ से निजात दिलाता हू,

रुक्मणी अंदर आ गई और मैं भी अंदर आ गया रुक्मणी ने दरवाजा लगा लिया और मुझे बैठने को कहा और फिर मेरे सामने खड़ी होकर कहने लगी हाँ बाबा जी अब बताइए क्या करना है मुझे,

राज- बेटी सबसे पहले तुम्हे पूरी नंगी होकर स्नान करना होगा लेकिन ध्यान रहे स्नान करने के बाद बदन पोच्छना नही सीधे नंगी ही मेरे सामने आना होगा फिर मैं तुम्हारे बदन को अपने शुद्ध वस्त्रा से पोंच्छूंगा, रुक्मणी का चेहरा मेरी बाते सुन कर लाल हो चुका था और वह एक टक मुझे गौर से देखने लगी,


rajaarkey
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Re: गन्ने की मिठास

Unread post by rajaarkey » 14 Oct 2014 10:52

राज- क्या हुआ बेटी कुछ दिक्कत है क्या

रुक्मणी नही बाबा जी मैं अभी स्नान करके आती हू और फिर रुक्मणी आँगन मे मेरे सामने अपनी साडी उतारने लगी और फिर वह पेटिकोट और ब्लौज मे आ गई उसकी उठी हुई गंद और गोरा-गोरा मसल पेट देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया और रुक्मणी बड़े मस्त तरीके से अपने ब्लौज के बटन खोल कर उतारने लगी, रुक्मणी ने जैसे ही ब्लौज खोला उसके मोटे-मोटे दूध खुल कर बाहर आ गये फिर रुक्मणी ने अपने पेटिकोट का नाडा खोल कर जैसे ही पेटिकोट को छ्चोड़ा रुक्मणी पूरी नंगी मेरे सामने झुक कर अपने नंगे बदन पर पानी डाल कर नहाने लगी मैं तो उस भरे बदन की गोरी जवान औरत का नंगा रूप इतने करीब से देख कर पागल हो गया, मेरा लंड इतना ज़ोर से खड़ा था कि लग रहा था कि लंड की नशे फट जाएगी,

नहाने के बाद रुक्मणी पूरी नंगी खड़ी मेरी ओर देखने लगी जैसे पुच्छ रही हो कि अब क्या करना है मैने उसे इशारे से मेरे पास बुलाया और कहा कि देखो रुक्मणी अब मैं तुम्हारे पूरे बदन पर तेल लगा कर तुम्हे पवित्र करूँगा, क्या तुम इसके लिए तैयार हो

रुक्मणी- जी बाबा जी

राज - ठीक है एक आसान लो और उस पर बैठ जाओ और फिर रुक्मणी एक आसान ले कर अपनी दोनो मोटी जंघे फैला कर बैठ गई, रुक्मणी के चेहरे को देख कर लग रहा था कि वह खूब अंदर ही अंदर मस्ती से भर चुकी है,

मैने जब उसकी दोनो जाँघो पर तेल लगा कर उसकी मोटी मोटी जाँघो को मसलना शुरू किया तो रुक्मणी के मूह से सिसकी निकल गई,

राज- क्या हुआ रुक्मणी तुम आँखे बंद करके क्यो बैठी हो

रुक्मणी- बाबा जी आपके सहलाने से मुझे बहुत अच्छा लग रहा है

राज- बेटी हम तो तुम्हे अपनी बेटी समझ कर तुम्हे पवित्र कर रहे है, और फिर मैने खूब सारा तेल रुक्मणी के दोनो मोटे मोटे दूध पर डाल कर उसके दूध को खूब कस कस कर दबोचते हुए सहलाने लगा,

रुक्मणी- आह बाबा जी इस तरह तो कोई बेटा अपनी मा को भी पवित्र करेगा तो उसकी मा गरम हो जाएगी,

मैं रुक्मणी के दूध पेट और मोटी जाँघो पर तेल लगाने के बाद जैसे ही रुक्मणी की और देखा रुक्मणी ने मेरी ओर मुस्कुरा कर देखते हुए अपनी मोटी जाँघो को पूरी तरह खोल दिया और मैं रुक्मणी की पाव रोटी की तरह फुल्ली हुई चिकनी गुदाज चूत देख कर मस्त हो गया,

रुक्मणी- मुस्कुराते हुए क्या देख रहे है बाबा जी लगाइए ना तेल, मैने रुक्मणी की बात सुन कर जल्दी से उसकी फूली चूत को अपने हाथो से भर कर दबोच लिया,

रुकमनि- आह बाबा जी यह क्या कर रहे है आप तो मेरी चूत मे तेल लगाने के बजाय उसे दबोच दबोच कर मसल रहे है,

राज- बेटी तुम्हारी चूत को अंदर तक तेल लगा कर पवित्र करना होगा क्यो कि तुमने पराए मर्दो का लंड इसमे डलवा-डलवा कर इसे अशुद्ध कर दिया है तुम अपनी पीठ मेरे सीने से लगा कर अपनी जाँघो को थोड़ा फैला कर बैठ जाओ ता कि मैं तुम्हारे सीने पर और पीठ पर भी तेल लगा दू,

क्रमशः........


rajaarkey
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Re: गन्ने की मिठास

Unread post by rajaarkey » 14 Oct 2014 10:53

GANNE KI MITHAS--22

gataank se aage......................

ramu rukmani ki chut ko khub phaila kar chat raha tha aur iski vajah se uske land mai bahut tanav aa raha tha aur vah chanda ko khub ragad-ragad kar chod raha tha, chanda thukwane mai expert thi isliye ab vah apni gand uchal-uchal kar ramu ke land par bahut teji se mar rahi thi aur ramu bhi uske jordar dhakko ka jawab khub humach-humach kar de raha tha, tabhi ramu ne apna land bahar nikal kar khud niche let gaya aur chanda ko apne land par betha liya aur phir rukmani chachi ko apni chut apne muh mai rakh kar bethne ko kaha rukmani ne apni dono jangho ko ramu ke aaju baju karke uske muh mai apni chut khol kar beth gai,

ab chanda ramu ke land par tabiyat se kudne lagi aur idhar rukmani apni phuli chut ko ramu ko chusane lagi, dono ma betiya ghodi ki tarah masta rahi thi aur apni-apni chut se ramu ko ragad rahi thi pure kamare mai un randiyo ki chut ki madak gandh phail gai thi,

mai ramiya ki gulabi chut ko bade pyar se apne hontho mai daba kar khichta aur uske dane ko chuste huye soch raha tha ki jab ramiya ki chut itni khubsurat hai jab ki vah ganv ki londiya hai to phir meri khud ki bahan sangita to ramiya se kaphi badi ho gai hai aur uska badan bhi khub bhara hua hai to phir uski chut kitni mast hogi aur phir meri mummy rati ki chut kitni badi aur phuli hogi pata nahi mummy aur sangita apni chut ke bal saf karti hogi ya nahi, vaise mummy makup to bahut karti hai aur apne hontho par lipstick lagana kabhi nahi bhulti hai jarur mummy ka man bhi khub chdwane ka hota hoga,

udhar chanda oh ramu bhaiya bada mast land hai tumhara aur ramu ke land par kudte huye ramu ke muh ke upar apni chut phailaye bethi apni mummy ki pith se chipak jati hai aur uska pani chhut jata hai tabhi ramu chachi ki chut ke khade dane ko khub kas kar pakad leta hai aur uska bhi pani chanda ki chut mai chhut jata hai

rukmani aah aah karti hui apni chut ko lagatar ragad rahi thi aur chanda hafte huye ek aur ludhak jati hai tabhi rukmani ramu ke land ke upar se uth kar ulti hokar ghum kar ramu ke muh mai apni gand jhuka kar laga deti hai aur ramu ka ras se bhiga land apne muh mai bhar kar use chusne lagti hai, ramu ka land jaise hi chachi ke muh mai jata hai ramu chachi ki gand aur chut ke chhed ko khub phaila kar chusne aur chatne lagta hai,

ramiya se ab raha nahi ja raha tha aur vah bar-bar apni chut utha kar mere muh mai mar rahi thi kabhi-kabhi to vah puri takat se apni chut mere muh mai ragadne lag jati thi maine der karna thik nahi samjha aur ramiya ko khadi karke use aangan ki taraf le gaya, mai aaj ramiya ki chut mai apna mota land itna jor se pelna chahta tha ki ramiya bhi hamesha mere mote tagde land ko yaad kare,

maine ramiya ko ghodi bana kar jhuka diya aur uski gand ko khub achche se upar ki aur ubhar diya phir maine apne mote land par tel laga kar use khub chikna kar diya aur pichhe se ramiya ki chut mai apna land laga kar uski moti-moti gand ko khub kas kar daboch liya aur aisa jordar dhakka uski chut mai mara ki ramiya jor se chilla uthi,

oh baba ji mar gai re aa uske chehre par dard ubhar aaya aur uski aawaj sun kar sabhi ka dhyan is aur ho gaya halaki ramu ab chachi ke upar chadh kar chod raha tha lekin chanda vah aawaj sun kar uth kar bahar aakar hame dekhne lagi chanda ne jaise hi dekha ki mera aadhe se jyada land ramiya ki chut mai fasa hai maine chanda ko dekhte huye dusra jordar dhakka ramiya ki chut mai aisa mara ki mera pura land ramiya ki chut ko kholta hua jad tak sama kar uski mastani bur mai fit ho gaya aur ramiya aah si si oh baba ji bahut bada hai aapka mai mar jaungi aah aah oh.

mai ab ramiya ki chut ko dhire-dhire chdte huye uski moti gand ko phaila-phaila kar sahla raha tha tabhi chanda jo bade gaur se mere mote tagde land ko ramiya ki lal najar aa rahi chut mai aate jate dekh rahi thi, kahne lagi baba ji hame bhi ramiya didi ki tarah aise hi jor se chodege kya,

maine ramiya ki chut thokte huye kaha kyo tumhe ramu se maza nahi aaya kya

chanda- baba ji aaya to hai par jitna tej aap chodte hai utna tej to mere bapu bhi nahi chodte hai aur na ramu bhaiya, dekho na aapke itna tej chodne se ramiya didi ko kitna achcha lag raha hai,

ramiya- aah si si baba ji chanda thik kah rahi hai aah si aise hi jor se thokiye aap bahut mast chudai karte hai

maine ramiya ki bat sun kar uski chut ko khub kas-kas kar thokne laga aur ramiya khub sisiyane lagi

oh babaji bahut mota aur dande jaisa tana hua hai aapka land, sach baba ji aapka loda to meri ma sudhiya ke bhosde ke layak hai aur mariye aaj fad dijiye meri chut,

ramiya ki bur bilkul rasili ho gai thi aur jaha maine ek karara dhakka uski chut ki jad mai mara ramiya ek dam se mujhse kas kar chipak gai aur uski chut mere land ko daboche huye pani chhodne lagi, mai abhi jhad nahi paya tha aur ramiya sust pad gai tabhi chanda ne mere land ko ramiya ki chut se bahar khinch kar apne muh mai bhar kar chusne lagi,

chanda-baba ji aapka to mere bapu se bhi jyada mota aur tagda hai ise pichhe se meri chut mai dal kar khub kas-kas kar chod dijiye aur phir chanda apni moti gand utha kar kisi kutiya ki tarah jhuk kar apni gand hilane lagi uska gulabi bhosda dekh kar maine uski chut mai apna land laga kar achche se ragadne laga aur phir uski chut mai land laga kar ek tagda dhakka mar diya aur mera land kachch se chanda ki chut ko fadta hua addhe se jyada andar utar gaya aur chanda ne apni moti gand aur upar utha kar ulta mere land par dhakate huye oh baba ji bahut mast land hai aapka chodiye baba ji khub kas kar chodiye,

mai chanda ki chut thokte huye sochne laga jab yah jara si londiya itne mast tarike se apni chut mai mera tagda land lekar marwa rahi hai to meri bahan sangita kitne pyar se apne bhaiya ka land legi, mai soch raha tha ki mera land vakai bahut mota aur lamba hai,

udhar ramu chachi ki moti gand ke niche hath dal kar use upar uthaye huye uski chut mai satasat land pel raha tha aur rukmani apni moti jangho ko ramu ki kamar mai lapete khub mast tarike se chud rahi thi upar se ramu dhakka marta tab rukmani niche se apni gand utha kar ramu ke land par apni chut ka dhakka mar deti,

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udhar ramu bhi chachi ki chut mai pani chhod chuka tha aur chachi ke nange badan par leta hua sanse le raha tha, kuchh der bad ramu apni dhoti pahan kar bahar aa gaya aur phir chachi aur chanda aur ramiya ne bhi apne -apne kapde pahan liye, sham ke 4 baj chuke the aur chachi ne hamare liye nibu ka sharbat banaya aur sharbat pine ke bad ramu aur ramiya mujhse bida lekar apne ghar ki aur chal diye,

sham ko karib 6 baje hariya vapas aa gaya aur phir ghar ke aangan mai khat dal kar mujhe bethne ko kaha aur phir hariya apni chilam banane laga,

hariya- babu ji aaj to aapne jab se hame kaha hai ki kal tumhe sudhiya chodne ko mil jayegi tab se kya bataye bahut land khada ho raha hai, sach babu ji bada hi mast mal hai, kash ramu ki jagah mai sudhiya ka beta hota to din rat use nangi hi apne sath rakhta,

raj- hariya ek bat to hai jin aurto ki janghe khub moti hoti hai pet khub ubhara hua rahta hai aur gand kaphi phaily aur moti hoti hai vah aurte chodne mai bada maja deti hai,

hariya- babu ji jab aap apne se badi umar ki aurat ko chodoge tab aur bhi maja aayega, aaj babuji hum aapke liye mast chilam bana rahe hai khub mast nasha deti hai,

hariya ke sath maine uski chilam ka kash isliye le liya ki aaj hariya ki chilam pikar usi ki bibi ko chodne ka moka mil raha tha aur rukmani ka badan bhi kaphi bhara hua tha aur gori bhi bahut thi mera land uski moti gand dekh kar khada ho chuka tha, hum logo ni chilam khatam ki ab kuchh andhera hone chala tha aur hariya ne rukmani ko bulaya aur kaha ki baba ji ka pura khyal rakhna aur unke liye badhiya khane ki vyavastha karna mai chanda ko lekar aaj kheto mai hi sounga,

uske bad hariya chanda ke sath kheto ki aur chal deta hai aur mai nashe mai mast hokar ghar ke kam mai lagi rukmani ko dekh kar apna land masal raha tha, mujhe rukmani chal chalan se bahut hi chalu aur bindas najar aa rahi thi jabki mai jab sudhiya se mila tha to vah kaphi sharma rahi thi,

rukmani ne jab apna kam samapt kar liya tab vah mere pero ke pass jamin par hath jod kar beth gai aur kahne lagi baba ji aap kahe to aapke liye khana nikalu

raj- beti hum bhojan 10 baje ke bad hi karege

rukmani- baba ji ab hamare ghar mai sukh shanti rahegi na

raj- maine rukmani ke gore-gore bhare huye galo ko sahlate huye kaha beti tu chinta mat kar chal ab ghar ke andar chal aur mai tujhe sabhi vidhi bata deta hu phir us hisab se tujhe pavitra karke teri sabhi samashyao se nijat dilata hu,

rukmani andar aa gai aur mai bhi andar aa gaya rukmani ne darwaja laga liya aur mujhe bethne ko kaha aur phir mere samne khadi hokar kahne lagi ha baba ji ab bataiye kya karna hai mujhe,

raj- beti sabse pahle tumhe puri nangi hokar snan karna hoga lekin dhyan rahe snan karne ke bad badan pochhna nahi sidhe nangi hi mere samne aana hoga phir mai tumhare badan ko apne shuddh vastra se ponchhunga, rukmani ka chehra meri bate sun kar lal ho chuka tha aur vah ek tak mujhe gaur se dekhne lagi,

raj- kya hua beti kuch dikkat hai kya

rukmani nahi baba ji mai abhi snan karke aati hu aur phir rukmani aangan mai mere samne apni sadi utarne lagi aur phir vah petikot aur blauj mai aa gai uski uthi hui gand aur gora-gora masal pet dekh kar mera land khada ho gaya aur rukmani bade mast tarike se apne blauj ke button khol kar utarne lagi, rukmai ne jaise hi blauj khola uske mote-mote doodh khul kar bahar aa gaye phir rukmani ne apne petikot ka nada khol kar jaise hi petikot ko chhoda rukmani puri nangi mere samne jhuk kar apne nange badan par pani dal kar nahane lagi mai to us bhare badan ki gori jawan aurat ka nanga rup itne karib se dekh kar pagal ho gaya, mera land itna jor se khada tha ki lag raha tha ki land ki nashe fat jayegi,

nahane ke bad rukmani puri nangi khadi meri aur dekhne lagi jaise puchh rahi ho ki ab kya karna hai maine use ishare se mere pass bulaya aur kaha ki dekho rukmani ab mai tumhare pure badan par tel laga kar tumhe pavitra karunga, kya tum iske liye taiyar ho

rukmani- ji baba ji

raj - thik hai ek aasan lo aur us par beth jao aur phir rukmani ek aasan le kar apni dono moti janghe phaila kar beth gai, rukmani ke chehre ko dekh kar lag raha tha ki vah khub andar hi andar masti se bhar chuki hai,

maine jab uski dono jangho par tel laga kar uski moti moti jangho ko masalna shuru kiya to rukmani ke muh se siski nikal gai,

raj- kya hua rukmani tum aankhe band karke kyo bethi ho

rukmani- baba ji aapke sahlane se mujhe bahut achcha lag raha hai

raj- beti hum to tumhe apni beti samajh kar tumhe pavitra kar rahe hai, aur phir maine khub sara tel rukmani ke dono mote mote doodh mai dal kar uske doodh ko khub kas kas kar dabochte huye sahlane laga,

rukmani- aah baba ji is tarah to koi beta apni ma ko bhi pavitra karega to uski ma garam ho jayegi,

mai rukmani ke doodh pet aur moti jangho par tel lagane ke bad jaise hi rukmani ki aur dekha rukmani ne meri aur muskura kar dekhte huye apni moti jangho ko puri tarah khol diya aur mai rukmani ki pav roti ki tarah fully hui chikni gudaj chut dekh kar mast ho gaya,

rukmani- muskurate huye kya dekh rahe hai baba ji lagaiye na tel, maine rukmani ki bat sun kar jaldi se uski phuli chut ko apne hantho se bhar kar daboch liya,

rukamni- aah baba ji yah kya kar rahe hai aap to meri chut mai tel lagane ke bajay use daboch daboch kar masal rahe hai,

raj- beti tumhari chut ko andar tak tel laga kar pavitra karna hoga kyo ki tumne paraye mardo ka land isme dalwa-dalwa kar ise ashuddh kar diya hai tum apni pith mere sine se laga kar apni jangho ko thoda phaila kar beth jao ta ki mai tumhare sine par aur pith par bhi tel laga du,

kramashah........