गन्ने की मिठास compleet

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rajaarkey
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Re: गन्ने की मिठास

Unread post by rajaarkey » 15 Oct 2014 02:27

गन्ने की मिठास--32

गतान्क से आगे......................

हरिया- एक बार इधर देख तो भौजी देख कैसे पहाड़ी आलू की तरह फूला हुआ है मेरा गुलाबी सूपड़ा

सुधिया- एक नज़र हरिया के लोदे पर मार कर उसे कंधे पर मारती हुई मुस्कुराकर चल कमिने सुबह से तुझे बस एक ही चीज़ नज़र आती है और कोई काम नही है तेरे पास,

संगीता- तू तो कह रही थी तेरा बाबा सुधिया को चोदने गया है पर सुधिया तो उसे भगा रही है

चंदा- अरे तुम चुपचाप देखती जाओ

हरिया- भौजी थोड़ा घाघरा उपर कर के बैठा करो हमे कुच्छ भी नज़र नही आता है और हरिया सुधिया के आगे गिरे घाघरे को उठा कर उसकी जाँघो तक चढ़ा देता है और सुधिया उसको मुस्कुराकर देखती हुई उसी के सामने अपनी चूत को खोल कर खुजलाते हुए वापस घास काटने लगती है,

सुधिया- अपने माथे का पसीना पोछ्ते हुए हाय राम ऐसी गर्मी मे कैसे काम किया जाए बड़ी प्यास लग आई और फिर सुधिया उठ कर पानी पीने लगती है उसके मूह से पानी गिरता हुआ उसकी आगे से पूरी चोली गीला कर देता है और सुधिया के मोटे मोटे दूध पूरे भीगे नज़र आने लगते है, थोड़ा पानी सुधिया के पेट और नाभि से नीचे गिरने लगता है और हरिया सुधिया के पेट और उसकी गहरी नाभि को एक दम से चाट लेता है,

सुधिया- उसका मूह दूर धकेलते हुए, अरे कमिने बोलता क्यो नही क्या चाहिए तुझे, सुबह से कुत्ते की तरह मेरी गंद के पीछे लगा हुआ है, ना जाने कहा से सुन्घ्ता हुआ मेरे पीछे पीछे आ जाता है,

हरिया- भौजी बस एक बस पिला दे

सुधिया- क्या पिला दू

हरिया- अपना मूत पीला दे भौजी,तेरी मुतति हुई चूत चाटने का मज़ा ही कुच्छ और है

संगीता- चंदा तेरा बाबा कितना गंदा है देख सुधिया चाची से क्या कह रहा है

चंदा- अरे दीदी तुम नही जानती इन मर्दो को औरत का मूत पीने मे कितना मज़ा आता है,

एक बार अगर तुम अपने भैया से कह दो ना कि भैया मेरा पेशाब चाट लो तो तुम्हारे भैया पागल हो जाएगे और तुम्हारी पूरी चूत चाट जाएगे, तुम कभी देखना जब तुम भैया से कहोगी कि तुम्हे पेशाब लगी है तब देखना तुम्हारे भैया का लंड ज़रूर खड़ा हो जाता होगा,

हरिया- भौजी तुझे बाबाजी की कसम अगर तू मुझे अभी के अभी अपना मूत ना पिलाए तो

सुधिया- कुत्ते कही के उन महान बाबाजी की कसम देता है और फिर सुधिया वही खड़ी खड़ी अपना घाघरा उठा कर हरिया को अपनी फूली हुई चूत दिखाते हुए ले हरामी ले पी मेरा मूत, चाट ले जी भर के

सुधिया का इतना कहना था कि हरिया घुटनो के बल सुधिया की चूत के आगे मूह लगा कर बैठ गया और सुधिया ने थोड़ा सा अपनी चूत को और उपर उठा कर हरिया के मूह से लगा कर छुल्ल से खड़े खड़े हरिया के मूह मे अपनी पेशाब की मोटी धार मारनी शुरू कर दी,

हरिया के मूह मे जैसे ही सुधिया का मूत पड़ा हरिया ने अपना हाथ पिछे लेजा कर सुधिया की गुदाज मोटी गंद को अपने हाथो मई दबोच कर उसकी फूली हुई चूत से अपना मूह कस के भिड़ा दिया और पागल कुत्ते की तरह सुधिया की चूत को चाटने लगा, हरिया ने जैसे ही सुधिया की चूत को अपने मूह मे भर लिया सुधिया का मूत एक दम से रुक गया और सुधिया अपने हाथो से अपने मोटे मोटे दूध दबाती हुई कहने लगी चाट कुत्ते पी ले अपनी भौजी की चूत से मूत,


rajaarkey
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Re: गन्ने की मिठास

Unread post by rajaarkey » 15 Oct 2014 02:28

हरिया- रुक क्यो गई और मूत मेरे मूह मे अपनी चूत रगड़ रगड़ कर मूत साली रंडी आज मैं तेरी चूत का सारा रस पी जाउन्गा, सुधिया ने अपनी चूत मे ताक़त लगा कर फिर से थोड़ा सा पेशाब हरिया के मूह मे किया और हरिया फिर से सुधिया की चूत को खूब कस कस कर अपने होंठो से पीने लगा, उसने सुधिया के भज्नाशे को अपने होंठो के बीच दबा कर कस कर चूसना चालू कर दिया और सुधिया खड़ी खड़ी अपनी चूत उठा उठा कर हरिया के मूह पर मारने लगी,

हरिया अपने दोनो हाथो से सुधिया की चूत को फैला फैला कर अपनी लंबी जीभ निकाल कर सुधिया की चूत को चाट रहा था,

उधर संगीता वह नज़ारा देख कर एक दम सन्न रह गई थी और उसकी चूत के पानी से पॅंटी पूरी गीली हो गई थी

चंदा- क्या हुआ दीदी अच्छा लग रहा है ना

संगीता- चंदा क्या तेरे बाबा तेरे साथ भी ऐसा ही करते है

चंदा- हाँ दीदी बाबा खूब चूत चाटना पसंद करते है लेकिन तूहरे भैया तो मेरे बाबा से भी ज़्यादा चूत चाटना पसंद करते है,

संगीता- क्या मेरे भैया ने तेरी भी चूत ऐसे ही चाती थी

चंदा- हाँ दीदी और वह जब मेरे मोटे मोटे दूध दबा दबा कर मेरी चूत चाट रहे थे तो बड़ा मज़ा आ रहा था, लाओ मैं तुम्हारे दूध दबाती जाती हू और तुम सामने का नज़ारा देखो तुम्हे बहुत अच्छा लगेगा, उसके बाद चंदा ने जैसे ही संगीता के मोटे मोटे दूध को उसकी पतली सी टीशर्ट के उपर से दबाया संगीता वही गन्नो के बीच अपनी गंद टिका कर बैठ गई और अपने उपर के जिस्म का वजन चंदा के उपर दे दिया,

चंदा उसके मोटे मोटे दूध को बड़े प्यार से सहलाती हुई कहने लगी अब देखना दीदी बाबा कैसे रगड़ रगड़ कर अपने मोटे लंड से सुधिया चाची की चूत और गंद मारेंगे,

हरिया लगातार सुधिया की चूत उसे खड़ी करके चाट रहा था और सुधिया उसके सर को अपनी चूत मे दबाती हुई आह आह करती हुई कह रही थी चाट और चाट हरामी चोद अपनी भौजी को खूब कस कस कर पी उसकी चूत का रस,

हरिया ने सुधिया की फांको को खूब चौड़ा करके उसके छेद मे अपनी जीभ डाल कर उसका रस चूसना शुरू कर दिया और सुधिया ने हरिया के मूह मे चूत का सारा पानी छ्चोड़ दिया और एक दम से ज़मीन पर बैठ कर हरिया की धोती से उसके लंड को बाहर निकाल कर उसके टोपे को चाटने लगी,

संगीता ने जब हरिया का मोटा तना हुआ लंड देखा जिसे सुधिया बड़े प्यार से चाट रही थी तब संगीता ने चंदा से कहा हाय चंदा तेरे बाबा का लंड कितना बड़ा है इतना मोटा लंड तेरी चूत मे कैसे घुसता होगा,

चंदा ने तुरंत अपनी छ्होटी सी फ्रांक उपर करके संगीता को अपनी चूत को थोडा फैला कर अपनी चूत का छेद दिखाते हुए कहा देखो दीदी यह छेद, जब बाबा का लंड घुसता है तो यह अपने आप और भी फैल कर बड़ा हो जाता है, अब तो मैं अपने बाबा का पूरा लंड इसमे भर लेती हू,

संगीता- पर चंदा मेरी चूत तो तेरी चूत से बड़ी है पर उसका छेद बहुत छ्होटा है

चंदा- दीदी अभी तक आप की चूत मे कोई मस्त लंड घुसा नही है ना इसलिए, एक बार आप अपने भैया का लंड इसमे डलवा लो फिर देखना आप अपने भैया से रोज चुदे बिना नही रह पओगि, चंदा देखो दीदी ज़रा मेरी चूत मे अपनी तीन उंगलिया एक साथ डाल कर देखो, चंदा के कहने पर संगीता ने उसकी चूत मे अपनी तीन उंगलिया डाली और उसकी तीनो उंगलिया चंदा की चूत मे घुस गई,

चंदा ने भी संगीता की जीन्स के उपर से उसकी चूत को कस कर दबोच लिया और संगीता आह करते हुए चंदा से लिपट गई,

चंदा एक दम एक्सपर्ट थी उसने संगीता की टीशर्ट को उपर उठा कर उसके पके हुए आम को बाहर खींच कर कस कस कर उसके मोटे मोटे पके आमो को मसलना शुरू कर दिया,

संगीता चंदा की चूत को खुरेदते हुए हरिया के मोटे लंड को देख रही थी जिसे सुधिया बड़े प्यार से चूस रही थी, हरिया थोड़ा झुका हुआ सुधिया के मोटे मोटे दूध को खूब ज़ोर ज़ोर से मसल रहा था,

कुच्छ देर बाद हरिया ने सुधिया को घोड़ी बना कर उसका घाघरा पिछे से उठा कर उसके नंगे चूतादो पर कस कर थप्पड़ मारते हुए उसकी गुदा मे उंगली डाल कर उसकी गुदा को खूब फैला कर चाटने लगा और साथ ही साथ सुधिया की चूत की फांको को खोल कर उसके छेद को अपनी जीभ से सहलाने लगा, सुधिया खूब अपनी गंद मटकाने लगी और हरिया उसकी गंद मे कस कस कर तमाचे मारता हुआ,

ले मोथेर्चोद बहुत मोटी गंद है तेरी आज तेरी गंद और चूत मार मार कर फाड़ दूँगा,

सुधिया- अपनी मोटी गंद हिला कर कहती है अरे हरिया कुत्ते भोक्ता ही रहेगा या मेरी चूत मे अपना मूसल लंड भी डालेगा,

हरिया- अरे मेरी रंडी सुधिया भौजी ले संभाल मेरे मूसल को और फिर हरिया ने एक करारा धक्का सुधिया की चूत मे मार दिया और उसका पूरा लंड सुधिया की चिकनी चूत को चीरता हुआ अंदर तक जाकर धस गया और सुधिया के मूह से एक सिसकी निकल गई, हरिया अब सुधिया की गंद दबा दबा कर उसकी चूत मे अपना लंड खूब रगड़ रगड़ कर पेलने लगा और सुधिया अपने मोटे मोटे चूतड़ हरिया के लंड पर मारने लगी,

rajaarkey
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Re: गन्ने की मिठास

Unread post by rajaarkey » 15 Oct 2014 02:29

उधर संगीता के मोटे मोटे बोबे दबा दबा कर चंदा ने उसे पागल कर दिया था और अपनी आँखो के सामने पहली बार किसी गदराई औरत की चूत किसी मोटे लंड से ठूकते देख कर संगीता की चूत खूब चिकना गई थी,

कुछ समय बाद जब हरिया सुधिया को चोद चुका तब चंदा संगीता को चुपचाप वापस अपने झोपड़ी के पास ले आई और फिर खाट पर बैठ कर संगीता के मोटे मोटे दूध को दबाती हुई,

चंदा- क्यो दीदी मज़ा आया कि नही,

संगीता- मुस्कुराते हुए बहुत मज़ा आया चंदा लेकिन अब मुझे बहुत जोरो की पेशाब लगी है

चंदा- संगीता के बोबे मसल्ते हुए, पहले यह बताओ कि तुम्हारा मन अपनी चूत मे अपने भैया का लंड लेने का कर रहा है कि नही,

संगीता- आह थोड़ा धीरे दबा चंदा, मेरा मन तो बहुत कर रहा है चुदने का लेकिन मेरी ऐसी किस्मत कहाँ

चंदा- कस कर संगीता के बोबे दबाती हुई, अरे दीदी जब भी तुम्हारे भैया तुम्हे अपने गले लगाते है ना तब तुम अपने मोटे मोटे दूध को खूब कस कर उनके सीने से दबाया करो फिर देखना तुम्हारे इन मोटे मोटे आमो के मुलायम और ठोस उभार से तुम्हारे भैया का मस्त लोडा कितनी जल्दी खड़ा होता है,

संगीता- पर क्या पता चंदा मेरे भैया मुझे चोदना चाहते है कि नही

चंदा- संगीता की जाँघो को फैला कर उसके जीन्स के उपर से उसकी चूत को दबा कर देखती हुई, अरे दीदी तुम एक बार कहो तो कि तुम्हे अपने भैया के लंड से चुदना है फिर मई तुम्हे आसान तरीका बता देती हू,

संगीता- बता देना पर पहले मुझे यह बता मैं पेशाब कहाँ करू मुझे बहुत ज़ोर से मूत आ रहा है

चंदा- दीदी अभी अपनी चूत को अपनी मोटी जाँघो के बीच कस कर दबा कर बैठी रहो जब तक तुम्हारे भैया नही आ जाते, जब वह आ जाए तो उनसे धीरे से शरमाने का नाटक करती हुई कहना भैया मुझे बहुत ज़ोर से पेशाब लगी है, फिर देखना तुम्हारी बात सुनते ही तुम्हारे भैया को तुम्हारी फूली हुई चूत दिखने लगेगी और उनका लंड खड़ा हो जाएगा, फिर वह तुम्हे कही एक तरफ मूतने के लिए ले जाएगे तब तुम जानबूझ कर ऐसी जगह मुतना जहा से तुम्हारे भैया आराम से तुम्हारे मोटे मोटे नंगे चूतादो और तुम्हारी गंद की दरार देख सके, उसके बाद तुम खूब देर तक मुतना और जब मूत आना बंद हो जाए तब अपनी चूत को वही बैठी बैठी रगड़ रगड़ कर खूब लाल कर लेना जब तुम्हे ज़्यादा देर हो जाएगी तब भैया कहेगे क्या हुआ संगीता हो गया क्या,

तब फिर तुम वही करना जो मैं तुम्हे बता रही हू और फिर संगीता को चंदा ने कुच्छ और भी टिप्स दिए और फिर उसे एक गन्ना लाकर चूसने को दे दिया,

संगीता- गन्ना चूस्ते हुए अरे चंदा भैया ना जाने कब आएगे तब तक क्या मैं अपना पेशाब रोके बैठे रहूंगी,

चंदा-हस्ते हुए दीदी अब अपने भाई का मोटा लोडा जो अपनी चूत मे डलवाना हो तो थोड़े समय तो अपना पेशाब रोक कर रखना ही होगा, पर हाँ यह ज़रूर ध्यान रखना कि अपनी पॅंटी मे ही मत मूत देना,

संगीता- हस्ते हुए तू बहुत चुड़क्कड़ और छीनाल है साली, दिखती कितनी भोली और शरीफ है लेकिन अपने बाबा का लंड भी बड़े प्यार से खा जाती है,

चंदा- सबसे ज़्यादा चटोरा तो तुम्हारा भैया है जो सारी गाँव की औरतो की चूत चाटता फिरता है और फिर भी उसका पेट नही भरा तो आज वह तुम्हे भी यहाँ ले आया,

संगीता- के मतलब है तेरा

चंदा- यही कि तुम जानती हो तुम्हारे भैया तुम्हे यहाँ क्यो लाए है,

संगीता- हाँ गन्ने चुसवाने के लिए

चंदा- ज़ोर से हस्ते हुए, हाँ वो तो है पर तुम यह नही जानती कि तुम्हारे भैया तुम्हे यहाँ चोदने के लिए लाए है और वो जो सामने आम का बगीचा दिखाई दे रहा है ना उधर ज़्यादातर कोई नही जाता है और तुम अपने भैया को कहना कि तुम्हे वह बगीचा घूमना है फिर वहाँ जाकर तुम कहना तुम्हे पेशाब लगी है और फिर देखना तुम्हारे भैया तुम्हे उसी बगीचे मे खूब रगड़ रगड़ कर चोदेन्गे,

क्रमशः........