हिन्दी सेक्सी कहानियाँ

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raj..
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Re: हिन्दी सेक्सी कहानियाँ

Unread post by raj.. » 07 Nov 2014 10:16

मूसल लंड से लडकी को चोदा|


मेरा नाम अजय है और मेरी उम्र 28 साल| मेरे पड़ोसी आंटी की 19 साल की बेटी निशा को शायद लंड खाने का चस्का लग गया था| वो इतनी कम उम्र में मोटे – मोटे भारी
चुचीयोँ की मालकिन बन गयी थी| वो मुझे उम्र में कुछ छोटी ज़रूर थी पर मेरे मूसल लंड को काम अग्नि से मुक्त कराने के लिये यकिनन उसकी चूत जरुर सही होगी यही सोच
कर मैँ उसे पटाने की सोचा| हम लोगोँ का घर आजू बाजू मेँ था और आसानी से बिना किसी को पता लगे हम आ जा सक्ते थे एक दूसरे के घर मेँ | अब जब भी निशा मेरे
कमरे में आया करती तो मैं काफी देर उससे बात करता और वो भी मुझसे खूब हंस – हंस कर बातेँ करती थी| मैंने उसे अपने चुदाई के जाल में फ़साने के लिए कोई भी तरीका
अपनाने की ठान लिया था| एक दिन जैसे ही निशा कमरे में आई तो मैंने हलके से दरवाज़े को बन्द कर दिया और उसके करीब बैठ कर उससे बात करने लगा| उस दिन घर मेँ कोई नहीँ था| मैं धीरे अपनी उँगलियों उसकी जांघ पर रख फिराने लगा, पर उसने कोई विरोध ना किया | मैं अब निशा से बातें करता हुआ उसकी जाँघों को सहलाता हुए उसे देखे जा रहा था और वो भी शांत हो कर सब कुछ देख सुन रही थी| मैँने फिर उसकी चूची को मसलना शुरु किया और वो भी खुद ही मजे से मेरे लंड को पकड कर हिलाने लगी|

घर के सभी लोग दोपहर के वक्त सो रहे थे और यहाँ हम दोनोँ भी एक दूसरे मेँ खो रहे थे| जल्दी ही मैंने उसके पूरे कपड़े उतार कर उसे एकदम नंगा कर दिया और वो भी कपडे
को निकलवाने मेँ मेरा साथ देने लगी| उसकी मस्तानी रसीली चिकनी चूत तो ऐसे थी जैसे पहाडियोँ से बहता हुआ कोई झरना| मैंने कुछ देर बाद उसकी चूत पर हाथ से दबाव डाला और उसकी टांगों को फैलाया और फिर अपने लंड से उसकी रसीली चूत पर घिसने लगा और फिर लंड को घुसा दियाउसके अन्दर| मेरे चुदाई के झटकोँ से अब निशा तडपने लगी| मैं बस लंड से ज़ोर दार धमाकेदार चुदाई के धक्के देता चला गया | मैंने आज उसकी चूत पर कोई रहम ना करने की कसम खाई थी|

इसलिये मैंने अब कुछ और ना सोच कर जी जान से उसे बस ऐसे ही चोदना ज़ारी रखा| निशा भी आहेँ भर कर सिसिया रही थी और मुझे और भी गर्म कर रही थी| निशा को गर्म
होते देख मेरे लंड मेँ और कडापन आ गया जिसे निशा ने भी फील किया फिर तो निशा भी अपनी चुदाई का मज़ा ले रही थी और वो भी मेरे लंड को चूत मेँ निगलने की कोशिश
कर रही थी| मैं काफी देर उसकी चूत को चोदा और आखिर में मेरा पानी भी निकल गया| उस दिन के बाद से जब भी मुझे कोई मौका मिलता मैँ निशा को पटक कर अपने मूसल
लंड से बिना किसी डर के चोद देता और निशा भी बडे शौक से मेरे लंड से चुदवाने मेँ आगे रहने लगी|






raj..
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Re: हिन्दी सेक्सी कहानियाँ

Unread post by raj.. » 07 Nov 2014 10:16

औरत के साथ सम्भोग का मज़ा

मैँ अनिल हूँ, एक 35 साल का शादीशुदा आदमी| मेरी बीवी को चोदते हुए मुझे 10 साल हो गये हैँ| मेरी बस एक ही कमजोरी है, शादीशुदा इंडियन औरत के साथ सम्भोग| मुझे रास्ते पर चलती हुई या गई मुहल्ले मेँ कोई भी शादीशुदा औरत दिख जाती है तो मेरा लंड फनफना कर खडा हो जाता है| ऐसा ही कुछ उस दिन हुआ जब मैँ अपने घर मेँ सोया हुआ था और बाहर से मैँने देखा कि एक औरत जिसकी उम्र करीब 30 साल की होगी, साडी मेँ सज धज कर कहीँ जा रही है|

मुझसे रहा नहीँ गया और मैँ उसके पीछे हो लिया| दोपहर का समय था, और सडक पर ज़्यादा लोग भी नहीँ थे| थोडी दूर जाने के बाद मैँने देखा कि वो औरत एक घर के बाहर रुक गयी और उसके आते ही दरवाजा खुल गया| वो यहाँ वहाँ देखकर अन्दर चली गयी| वो घर हमारे मोहल्ले के बनिये का था| मेरा दिल धडकने लगा क्योंकि बनिया एक बुड्ढा था जिसकी बीवी बच्चे उससे अलग रहते थे| मैँ घर के पास गया और खिडकी से अन्दर चुपके से झांक कर देखने लगा| अन्दर का सीन देखकर मेरा लंड फनफना कर खडा हो गया|

अन्दर वो औरत बुड्ढे के सामने ज़मीन पर बैठी थी, और बुड्ढा कुर्सी पर| औरत उसके लंड को पैंट से निकाल कर आईसक्रीम की तरह चूस रही थे| और वो आदमी सिसिया रहा था साथ मेँ औरत का मुँह अपने लंड पर ज़ोर ज़ोर से दबा रहा था| मुझसे रह नहीँ गया और मैँने अपने लंड को बाहर निकाल लिया और उसे हिलाने लगा| थोडी देर मेँ मैँने देखा कि वो आदमी उठा और उस औरत की साडी निकालने लगा| फिर दोनोँ ही पूरे नंगे हो गये| क्या माल थी वो औरत| एकदम पटाखा, गोरी गोरी, 36 28 36 का फिगर| वाह, मैँ तो जन्नत मेँ जैसे पहुंच गया था| फिर बनिये ने उस औरत को घुमाया और घोडी बनने को कहा| औरत झुकी और बनिये ने उसकी चूत को फैला कर उसमेँ अपना लंड डाल दिया और फिर धीरे धीरे धक्का मारने लगा| थोडी देर मेँ वो औरत सिसियाने लगी और बनिये ने भी अपने चोदने की स्पीड बढा दी|
यहाँ मैँने भी अपने लंड को कस कस के हिलाना शुरु कर दिया लेकिन मेरे लंड ने तो जैसे आज पिचकारी ना छोडने की कसम खाई थी| अचानक वो औरत मुडी और आदमी को नीचे लिटा कर खुद उसके ऊपर बैठ गयी| वाह उसकी गोरी गोरी मोटी गांड को वो उस बुड्ढे के लंड के ऊपर हिरन की तरह कुदा रही थी| बुड्ढा भी नीचे से उसे चोदे जा रहा था| वो औरत पागल रांड की तरह उस बुड्ढे पर कूदे जा रही थी और मुझे डर था कि कहीँ वो बुड्ढा इस चुदासी औरत की गांड और चूत के बीच मेँ पिस ना जाये| लेकिन वो बुड्धा भी बडा ताकतवर निकला| उसने फिर उस औरत को पटक दिया और अगा वहीँ उसे चोदने| दोनोँ इतनी ताकत से चुदाई करने लगे जैसे कुश्ती लड रहे होँ| थोडी देर मेँ ही बुड्ढा झडने लगा और मैँने देखा कि वो औरत उठी और बुड्ढे को लिटाकर उसके झडते हुए लंड को मुँह मेँ भर कर उसका ज्यूस पीने लगी|

सच मेँ ऐसी कामुक औरत मैँने आज तक नहीँ देखी थी| मैँने भी कसम खा लिया कि मैँ इस कामुक इंडियन औरत के साथ सम्भोग कैसे भी कर ही रहूंगा|

जैसे ही वो बनिया पूरी तरह से झड गया, वो औरत उठी और उसके मुरझाये लंड को फिर से खडा करने की कोशिश करने लगी| लेकिन वो बुड्ढा हांफते हुए उसे धकेल कर पलंग पर लेट गया| वो औरत गुस्से मेँ उसे देखकर कुर्सी पर बैठ गयी और फिर अपनी ऊंगली चूत मेँ डाल कर आगे पीछे करने लगी| यह देखकर तो मैँ मानो पागल हो गया| मुझे लगा अब मुझे हिम्मत जुटाना ही होगा| बस फिर क्या था मैँने अन्दर हाथ डाल कर दरवाजे की कुंडी खोल दिया और अन्दर आ गया चुपके से| अन्दर वो औरत आंख बन्द करके चूत घिस रही थे और बुड्ढा सो गया था| मैँने दरवाजा बन्द किया और अपने सारे पकडे निकाल कर लंड को उस औरत के मुँह के पास छुआ दिया| वो चौंक कर आंख खोली और मुझे मुस्कुराते हुए देखी तो उसके होश उड गये| उसने कुछ कहना चाहा लेकिन मैँने उसे इशारे से मना कर दिया| अचानक उसकी नज़र मेरे लंड पर गयी और वो बस मेरे 9’’ लम्बे और 3 इंच मोटे लन्ड को निहारने मेँ यह भी भूल गयी कि मैँ एक अजनबी हूँ और मेरे हाथ उसकी चूचियोँ से खेल रहे हैँ| उसने मेरे लंड को पकडा और अपने मुँह मेँ ले कर चूसने लगी| मेरे तो जैसे तोते उड गये| उसकी जीभ के स्पर्श से मेरे लंड मेँ रह रह कर करंट लगने लगे| मैँने उसके मुँह मेँ धीरे धीरे धक्के मारने शुरु कर दिये| वो मेरा मोटा ताजा लंड अपने मुँह मेँ अन्दर तक बडी आसानी से निगलने लगी| मैँ हैरान हो गया| अचानक मुझे लगा कि मैँ झडने वाला हूँ|

मैँने उसके मुँह से लंड बाहर निकाला और मेरा लंड झटके मारने लगा| फिर मैँने उसे उठने को कहा और खुद मैँ कुर्सी पर बैठ गया| अब उसने मेरे मुँह मेँ अपनी चूची दे दी और खुद मेरे लंड पर धीरे धीरे कर के अपनी चूत को उतारने लगी| मेरा लंड धीरे धीरे उसकी चूत की गहराई मापने लगा| मुझे लगा जैसे मैँ दूसरी दुनिया मेँ पहुंच गया हूँ| वो औरत अपने होठोँ को मेरे होठो पर रख कर चूसने लगी| बडी ही चुदासी औरत थी वो| तभी मुझे लगा कि वो अपनी स्पीड बढा रही है| मैँने भी धक्के लगाने शुरु कर दिये और उसकी कमर को ज़ोर से पकड लिया| लगा उसे चोदने| पूरे कमरे मेँ चुदाई का माहौल छा गया था| वो बुड्ढा खर्राटे ले कर सो गया था| उसे नहीँ पता चला कि कब मैँ आया और उसके घर मेँ ही चुदाई कर रहा हूँ|

अचानक थोडी देर मेँ वो औरत झडने लगी और उसने कस कर मुझे भींच लिया| लेकिन मेरा लंड अभी भी खडा था| वो उठी और कपडे पहनने लगी| मैँने उसे अपना लंड दिखाया जो कि अभी भी खडा था| उसने कुछ सोचा और मुझे कपडे पहनकर उसके पीछे आने का इशारा किया| मैँ समझ गया कि इस चुदासी इंडियन औरत के साथ सम्भोग अब दूसरी जगह इत्मिनान से करना होगा| मैँ उसके पीछे चल दिया और हम दोनोँ उस घर से निकल कर सडक पर आ गये|

घर के बाहर आने के बाद हम लोग एक रिक्शे मेँ बैठ कर जाने लगे| उस औरत ने बताया कि उसका नाम रीटा है और वो इस बनिये की रखैल है लेकिन यह बनिया उसे ठीक से चोद नहीँ पाता है| चुदाई के बदले वो इसे पैसे देता है| लेकिन उसे तो अब चुदाई का चस्का लग चुका है और इसे तगडा लंड चाहिये बिलकुल मेरे लंड की तरह जो इसकी चुत की चुदाई दिन रात कर सके बिना थके हुए|

थोडी देर मेँ हम उस औरत के घर पर पहुंच गये| वहाँ पर आकर हम दरवाजा बन्द करके अन्दर बेडरूम मेँ आ गये| मैँने उसे नंगा करना शुरु कर दिया और उसने भी मुझे नंगा कर दिया| फिर वो मुझे लिटा कर मुझ पर अपनी गांड रगडने लगी| उसके मोटे कुल्हे मेरे लंड को छू कर कुतुब मिनार बना रहे थे| मैने उसे चूमना चाहा लेकिन वो हटी और अपनी गांड को मेरे मुँह पर रख दी| मैँने उसकी चूत को मुँह मेँ घर लिया और लगा चूसने| ऐसा लगा जैसे मैँ चीज़ पिज़्ज़ा चख रहा हूँ| क्या मुलायम पिघली हुई चूत थी उसकी| वाह आज भी सोच कर लंड बेचैन हो जाता है| साली माल थी एक दम| मैँने आव ना देखा ताव उसे पटक कर उसके ऊपर चढ गया और उसके होठोँ को चूसने लगा| लेकिन जैसे ही मेरा लंड उसकी चूत को छुआ वो मुझे काटने लगी| मैँने उसकी चूत पर लंड को रगड कर अन्दर पेलना शुरु कर दिया| वो टांग उठा कर मेरे पूरे लंड को अन्दर लेने लगी| मेरा लौडा उसकी बच्चेदानी को छूने लगा| एक बार तो लगा जैसे वो अन्दर ही अटक जायेगा| थोडी देर मेँ वो कमर उठाने लगी और मुझे लगा जैसे मैँ नहीँ वो मुझे चोद रही हो| मुझे लगा अब मुझे इसे अपने लंड की असली ताकत दिखाना ही होगा| मैँने उसकी गांड को नीचे से पकड कर ज़ोरदार धक्के लगाने शुरु कर दिये| वो आह आह आह करके चिल्लाने लगी और मैँने उसकी चीख को अपनी जीत समझते हुए उसे और तेजी से चोदने लगा| वो कभी मुझे काटती तो कभी मुझे चूमती, नोचती| लेकिन उसकी हर अदा मुझे और उत्तेजित करती जा रही थी|

अचानक से वो चिल्लाने लगी जैसे मैँ उसे ज़बरदस्ती चोद रहा हूँ| उसके मुँह से आवाज़ निकल रही थी “ आह राजा आह चोद डाल आज मुझे, मत छोड किसी लायक मेरे राजा…” मुझे लगा अब तो यह मेरी रांड बन ही गयी समझो और मैँने उसे बेहिसाब चोदना जारी रखा| थोडी ही देर मेँ वो झडने लगी और एक लम्बी चीख उसके गले से निकली और जैसे ही वो झडी मैँ भी उसकी चूत मेँ झडने लगा| ऐसा अनुभव हुआ जैसे उसकी चूत मेरे लंड को चूस कर सारा पानी पी जाएगी| उस इंडियन औरत के साथ सम्भोग करके जैसे मैँ स्वर्ग की यात्रा कर के लौटा हूँ ऐसा मुझे फील होने लगा| उस दिन के बाद से हम जब मौका मिलता चुदाई करते और अपनी प्यास बुझाते और एक दूसरे मेँ समा जाते|



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Re: हिन्दी सेक्सी कहानियाँ

Unread post by raj.. » 07 Nov 2014 10:20


गर्म आंटी को अपने घर मेँ चोदा |

मेरा नाम अभय यादव है| आज मैँ आपको बरसात मेँ चूत मारने की कहानी सुनाने जा रहा हूँ| जिसे पढ कर आप लोगोँ का भी लंड टनटना जाएगा| एक दिन बारीश की वजह से मैँ घर कीओर औफीस से देर से निकला| फिर जब मैं औफीस से अपने घर की ओर तेज बारिश में लौट रहा था तो मैंने एक 40 साल की औरत को इंडियन गर्म आंटी को बारिश
मेँ अकले सडक पर खडा हुआ पाया| वो सडक पर अकेले थी और बस का इंतज़ार कर रही थी| मैँने उसे कहा कि रात अकली है और बस की हडताल है चलिये मैं घर तक छोड़ देता
हूँ| कुछ देर तक वो सोचती रही फिर मुस्कुरा कर दरवाजा खोली और अन्दर आ गई मेरे साथ चलने के लिये| उसके घर पर पहुंच कर उसे याद आया कि चाभी तो वो अपने पति
को दे आयी थी और उसका पति चाभी अपने साथ ले कर दुसरे शहर ले गया है| मैंने उसे एक रात के लिए अपने घर चलने को कहा| फिर जब मैं उसको अपने घर लेकर गया और
उनके गीले कपडे बदलने के लिये मैंने उसे अपना लुंगी और कुर्ता दे दिया| फिर वो मेरे सामने ही अपने कपड़ों को बदलने लगी| मेरी कामुक नज़र को वो ताड गई और मुझे और
भी ज़्यादा बदन दिखाने लगी और आहेँ भरते हुए बाल सुखाने लगी और मेरे लंड को खडा करने लगी|

मैं पगला गया और तुरंत आंटी के ऊपर चढ गया| उसके बाद तो मैंने उनकी गोल मटोल चुचीयोँ को दबाते हुए निप्पल्स को मुँह मेँ ले कर चूसने लगा| मैंने साथ ही आंटी के लिप्स को भी खूब ज़ोर ज़ोर से चूसा और कुछ देर बाद अपनी हथेली को उसकी चूत पर रगड़ते हुए अपनी उँगलियों को चूत में अन्दर बाहर करने लगा| आंटी ने भी कामवासना मेँ बहते हुए मुझे बिस्तर पर लिटाया और फिर मेरे लंड को मसलकर खूब अच्छे से अपने मुंह में भरकर चूसने लगी| मैंने तभी सोचा मुँह मेँ झडने से पहले उसकी चूत का दिल खोल कर मज़ा ले लिया और फिर मैँने अपने लंड को उसकी गीली चूत पर सटाते हुए ज़ोरदार झटकों के साथ उसकी चुत में घुसा दिया| आंटी भी अब अपनी गांड को उठाकर मेरे लंड को पूरी तरह अपनी चुत में भर लेना चाहती थी और मैंने उसकी चूत की इच्छा पूरी करने के लिये ज़ोरदार झटके देने लगा और फिर मैँ झड गया|

आखिर में मेरे लंड के झड़ने के बाद आंटी मेरे लंड को अपने मुंह में लौलीपोप के तरह भरकर चूसने लगी| उस दिन की सुबह तक मैं आंटी की चूत के साथ ऐसे ही खिलवाड़
करते हुए उसे जी जान लगा कर अपने मोटे लंड से पेलता रहा और फिर अगले दिन दोपहर को आंटी अपने सूखे हुए कपड़ों को पहन कर मेरे घर से चली गयी| मुझे ऐसा लग
रहा था जैसे ऊपर वाले ने मेरे लिए आसमान से एक चूत टपकाई हो| उसके बाद जब भी मौका मिला मैँने उस इंडियन गर्म आंटी को दिल लगा कर चोदा और उसकी चूत और मेरे
लंड की प्यास बुझाई|