तीन घोड़िया एक घुड़सवार compleet

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rajaarkey
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Joined: 10 Oct 2014 04:39

Re: तीन घोड़िया एक घुड़सवार

Unread post by rajaarkey » 03 Nov 2014 01:22

अच्छा भाभी मैं आपको एक बात बताना चाहती हू पर आप यह बात किसी को बोलना नही, अरे पगली तेरे मेरे बीच की बात किसी को बोलने वाली होती है क्या, तू बिंदास बोल क्या बात है, भाभी अजय है ना, आरती हाँ, भाभी अजय बहुत ज़्यादा चुड़क्कड़ है वह मम्मी को भी चोदना चाहता है, आरती बनते हुए, तू ये क्या कह रही है, हाँ भाभी मुझे अजय ने ही ये बात बताई है, क्या अजय ने खुद तुमसे कहा कि वह अपनी मम्मी की चूत भी मारना चाहता है, नही भाभी उसने खुद नही कहा बल्कि मैने ही उसकी चोरी पकड़ ली थी तो आख़िर उसे मेरे सामने सच्चाई बताना ही पड़ी, आरती तूने कौन सी चोरी पकड़ ली थी अजय की , वो भाभी मैने अजय को मम्मी की पॅंटी को सूंघ सूंघ कर अपना लंड हिलाते हुए देखा था,

आरती क्या अजय अपनी मम्मी की पॅंटी सुन्घ्ता है, हाँ भाभी और ये तो कुछ भी नही वो तो मम्मी को रोज नंगी नहाते हुए भी देखता है, आरती बनते हुए तू क्या कह रही है, अजय इतना चुड़क्कड़ है कि अपनी ही मम्मी को नंगी नहाते हुए देखता है, और अपनी मम्मी की ही चूत मारना चाहता है, हाँ भाभी और मुझे तो लगता है कि वह जब मम्मी सो जाती होगी तो मम्मी की चूत भी सहला देता होगा, वैसे भी भाभी मैने देखा है वह दिन रात मम्मी की गंद के पीछे ही लगा रहता है, पहले मैं सोचती थी कि मा बेटे का प्यार है, पर अब मेरी समझ मे आया कि अजय दिन भर मम्मी से इतना चिपकता क्यो है, और जब देखो तब मम्मी के मोटे मोटे दूध मे अपना मूह क्यो छुपा लेता है, वह ज़रूर मम्मी के मोटे दूध का मज़ा लेने के इरादे से ही ऐसा करता है, और तो और दिनभर किसी ना किसी बहाने से मम्मी के गालो पे कभी हाथ फेरेगा और कभी मम्मी के गालो को चूम लेगा, ज़रूर मम्मी के गालो को चूमते हुए उसका लंड खड़ा हो जाता होगा, अच्छा और क्या क्या बताया अजय ने, भाभी वो तो बड़ा बेशर्म है, आरती क्यो, भाभी वो कह रहा था कि दीदी मैं तुम्हे और मम्मी दोनो को एक साथ नंगी करके अपने ख्यालो मे जाने कब से चोद्ता आ रहा हू, भाभी उसकी तो ये हालत है कि मम्मी की चूत और गंद के नाम पर उसका लंड तुरंत झटके मारने लगता है.

अच्छा रश्मि कही ऐसा तो नही कि तुम्हारी मम्मी भी उससे अपनी चूत मरवाना चाहती हो, रश्मि अपनी चूत अपनी सलवार के उपर से मसल्ते हुए हो सकता है भाभी, क्यो कि मम्मी भी आजकल उसको कुछ ज़्यादा ही अपनी चूचियो से चिपकाने लगी है और जब अजय मम्मी से चिपकता है तो मम्मी भी उसको अपनी बाहो मे कसे पड़ी रहती है, मुझे तो लगता है मम्मी ने ज़रूर अजय का लंड देख लिया है तभी अजय का चिपकना उसे अच्छा लगता है और उसकी चूत पानी छोड़ने लगती होगी, आरती हाँ रश्मि ये बात तू बिल्कुल सही कह रही है, एक बार मैने भी देखा था कि अजय तेरी मम्मी से चिपका उनके गालो को चूम रहा था और तेरी मम्मी अजय की जाँघो पर हाथ फेर रही थी फिर अचानक तेरा आना हुया और मम्मी उठ कर बालकनी की तरफ चली गई तब मैने देखा वह साडी के उपर से ही अपनी चूत का पानी पोछने की कोशिश कर रही थी, भाभी अजय बता रहा था कि मम्मी बहुत चुदासी है वह रोज बाथरूम मई नंगी होकर अपनी चूत रगड़ रगड़ के मूठ मारती है, रश्मि भाभी मुझे तो लगता है कि मम्मी अजय के लंड से ज़रूर चुद के रहेगी, आरती रश्मि के दूध दबाते हुए हाँ जैसे मेरी बन्नो रानी अपने भैया के लंड से चुद चुकी है और दोनो हँसने लगी,

अच्छा रश्मि अगर अजय इतना चुड़क्कड़ है तो ज़रूर मेरे बारे मे भी कुछ ना कुछ सोचता होगा, तुझे उसने मेरे बारे मे कुछ नही कहा, नही भाभी उसने आपके बारे मे कोई बात नही की, आरती तूने भी उससे कुछ नही पुंच्छा मेरे बारे मे, रश्मि नही भाभी मैने कुछ भी बात आपके बारे मे नही की, पर भाभी ये बात आपने बिल्कुल ठीक कही है, मुझे उससे आपके बारे मे पुच्छना चाहिए था, मुझे तो लगता है भाभी वो आपको भी चोदना चाहता होगा, क्योकि जो अपनी बहन चोद चुक्का हो और अपनी मा को चोदना चाहता हो वो भला अपनी भाभी को कैसे छ्चोड़ सकता है, आरती हाँ ये तो तू बिल्कुल ठीक कह रही है, जब उसकी नीयत अपनी मा और बहन पर खराब है तो भला भाभी पर क्यो नही होगी, आरती अच्छा तुझे कभी उसकी किसी बात से ऐसा लगा है कि वह मुझे भी चोदना चाहता है, नही भाभी ऐसा तो मुझे कुछ नही लगा लेकिन, आरती लेकिन क्या, लेकिन भाभी मैने हमेशा उसकी आपकी मोटी गंद को घूरते ज़रूर देखा है, शायद वह आपकी गंद को बहुत पसंद करता है, आरती हो सकता है,

रश्मि अच्छा भाभी एक बात पुंच्छू, आरती हा पुंच्छो, भाभी क्या आप अजय से चुदना चाहती हो सच सच बताना भाभी आपको मेरी कसम, आरती अब तूने कसम दे दी है तो मैं सच ही बोलूँगी दरअसल तेरे मूह से अजय के लंड की तारीफ सुन कर मेरा भी दिल चुदने को करने लगा है लेकिन डरती हू कही किसी को पता चल गया तो, अरे भाभी आप क्यो चिंता करती हो किसी को कुछ पता नही चलेगा, आरती लेकिन यह सब होगा कैसे, रश्मि आप कहे तो मैं अजय से बात करू, रश्मि ना बाबा ना ऐसे सीधे अजय से बात करना ठीक नही होगा, तो फिर कैसे क्या करे भाभी, एक काम करते है कल रात को तुम अपने रूम मे अजय को बुलाकर उससे चुदाई करवाती रहना और दरवाजा खुला रखना मैं तुम दोनो को रंगे हाथो पकड़ लूँगी, फिर अजय से हम दोनो मिलकर जो चाहेगी वो करवायगे और वो मना नही कर पाएगा, गुड आइडिया भाभी, आरती लेकिन तुम अजय से कुछ नही कहना हमारे प्लान के बारे मे. और फिर आरती रूम से बाहर आ गई.

rajaarkey
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Re: तीन घोड़िया एक घुड़सवार

Unread post by rajaarkey » 03 Nov 2014 01:23

दरअसल आरती की इच्छा थी कि वह दोनो भाई बहन के साथ खुद भी नंगी होकर चुदे और अजय भी यहा चाहता था कि भाभी और बहन को एक साथ नंगी करके बारी बारी से दोनो मस्तानी घोड़ियो की चूत मारे , आरती अगर सीधे सीधे रश्मि को बोलती कि तीनो मिलकर चुदाई करे तो शायद वह हाँ नही कह पाती इसलिए आरती को यह योजना बनाना पड़ी. आरती ने अजय को अपने रूम मे बुलाया और सारी बाते समझा दी तब अजय ने अपनी भाभी के होंठो को चूम लिया, यू आर ग्रेट भाभी, भाभी तुम और दीदी दोनो एक साथ नंगी कैसी लगोगी मेरा तो अभी से लंड आकड़ा जा रहा है, अजय हमारे इस प्लान की एक कड़ी तो मैं तुमसे बताना भूल गई, वह क्या भाभी, अजय इस खेल मे हमे एक रिश्कि कदम उठना होगा तभी तुम अपनी मम्मी की चूत मार पाओगे नही तो तुमाहरी मम्मी तुमसे चुदवाने के लिए कभी खुद नही कहेगी, क्यो की भले ही वह जान चुकी है कि तुम उसको चोदना चाहते हो लेकिन उसके दिल मे बैठे डर की वजह से वो तुमसे कभी नही कह पाएगी की बेटा मेरी चूत मार दे, तो फिर हमे क्या करना होगा भाभी,

देखो अजय यह तभी हो पाएगा जब घर मे रात को तुम्हारे भैया और पापा ना हो, लेकिन ये कैसे होगा भाभी, आरती उसकी भी मैने ईक तरकीब सोच ली है, तुम्हारे भैया कल ऑफीस के काम से तीन दिनो के लिए बाहर जा रहे है, अब तुम्हे किसी तरह अपने पापा के रात के दूध मे एक दो नींद की गोलिया डालनी होगी ताकि तुम्हारे पापा आराम से सो जाए और बिल्कुल भी रिस्क ना रहेगा, भाभी ये काम आप मुझ पर छ्चोड़ दीजिए, ओके अब कल जब तुम रश्मि के रूम मे जाओगे तो दरवाजा के कुण्डी खोलकर ओर खिड़की खोल कर खिड़की मे केवक परदा लगा देना, और रूम की लाइट ऑन करके रश्मि और तुम दोनो नंगे हो कर चुदाई करना, और हाँ रश्मि को हमारी प्लॅनिंग के बारे मे पता नही चलना चाहिए ओके भाभी, बस यू समझ लो अब तुम्हारी मा की चूत तुमसे ज़्यादा दूर नही है, अजय ओह भाभी, और अजय ने अपनी भाभी के होंठो को चूम लिया और उसके मोटे दूध को अपने हाथो से दबा दिया, अजय लेकिन भाभी इन सब मे मम्मी कैसे मुझसे चुदेगि, आरती वो सब तुम वक्त पर छ्चोड़ दो, यह मेरा चलाया हुआ तीर है ग़लती से अगर तुम्हारी मम्मी की चूत पर लग गया तो समझो वह अपनी चूत का दर्द तुमसे ही मिटवाएगी. ओह भाभी आइ लव यू मेरी जान और अजय ने भाभी की चुचियो को कस कस कर मसलना शुरू कर दिया, और फिर आरती रूम से बाहर आ गई.

सुबह सुबह रश्मि, अजय, आरती और गीता चाइ पीते हुए एक दूसरे से बाते कर रहे थे, आरती ने इशारे से अजय की ओर प्रश्नावाचक तरीके से अपनी गर्देन हिलाई तो अजय ने मुस्कुरा कर हाँ मे गर्देन हिला दी तब आरती भी मुश्कुरा कर रश्मि की और देखने लगी वह बिल्कुल सुहागरात मे दुल्हन चुदने के बाद जैसी दिखाई देती है ऐसी दिख रही थी. आरती के चेहरे पर एक हल्की सी मुस्कान फैल गई. रश्मि नहाने के लिए बाथरूम मे जा चुकी थी और गीता बाहर सब्जी वाले से सब्जिया लेने चली गई, आरती किचन मे खड़ी होकर काम कर रही थी अजय पीछे से जाकर अपनी भाभी के मोटे चूतादो को मसल्ते हुए उसकी चूतादो की दरार मे अपना हाथो से सहलाते हुए चिपक गया..ओह भाभी रात को दीदी को चोद कर मज़ा आ गया.

आरती - रात को अपनी बहन को चोद कर मन नही भरा देवेर जी जो अपनी भाभी की गंद मसल रहे हो. ओह भाभी क्या करू मेरे घर की तीनो औरतो की गंद ने मुझे पागल कर दिया है मेरा लंड इन मोटी मोटी गंद को देख कर बैठने का नाम ही नही लेता है. आरती तो फिर देवेर जी आपने मेरी गंद क्यो नही मारी, अरे भाभी गंद तो मे अपनी मम्मी की मारूँगा उसकी गंद देख कर तो खड़े खड़े अपनी मा की गंद मे लंड फसाने का मन करता है, बात तो सही है देवेर जी सासू जी की गंद इतनी मोटी है कि कोई भी उनकी गंद ही मारना चाहेगा, पर भाभी क्या हमारा प्लान सक्सेस हो जाएगा. देवेर जी बिल्कुल सक्सेस होगा बस तुम कल की प्लानिनिग से पहले मेरे बताए अनुसार थोड़ी तैयारी और कर लो, तब सो फीसदी तुम्हारा काम हो जाएगा, वह क्या भाभी, आरती बस तुम अपनी मम्मी को थोड़ा अपनी बाहो मे लेकर उसकी चूत गीली कर दो और एक बार उसकी चूत किसी बहाने से सहला दो तो उसे भी इशारा मिल जाएगा की उसका बेटा उसे चोदना चाहता है.

और यह काम तुम्हारे लिए कोई मुश्किल नही है क्यो कि मेने देखा है तुम तो बात बात मे अपनी मम्मी के गथिले बदन को दबोच लेते हो और उसके मोटे मोटे दूध मे अपना मूह डाल देते हो और उस समय सासू जी की चूत मे भी कीड़े रेंगने लगते है क्यो कि उनके चेहरे पर चुदस पन के भाव उभर आते है, पर भाभी आपने यह कब नोटीस किया, अरे कल जब तुम सोफे पर अपनी मम्मी से चिपक कर अपना मूह उसके दूध से रगड़ रहे थे और अपना हाथ उसकी मोटी जाँघो पर फेर रहे थे और जब तुम उठ कर बाहर गये तो मेने देखा तुम्हारे जाने के बाद तुम्हारी मम्मी अपनी चूत का पानी अपनी साडी के उपर से ही पोछ रही थी. मुझे लगता है तुम्हारी मम्मी ने भी तुम्हारा लंड देख लिया है इसी लिए जब तुम उससे चिपकते हो तो तुम्हारे मर्दाना आगोश मे उसकी चूत भी गीली हो जाती है, तुम एक बार किसी बहाने से अपनी मम्मी से कुछ देर चिपक जाओ मेरी गारंटी है वह गरम हो जाएगी फिर तुम अपनी मम्मी की चूत पर कैसे भी कर के अपने हाथो से उसकी चूत पर एक थपकी मार दो, वह समझ जाएगी ऑरा आगे का रास्ता खुद ही खोल देगी.

क्रमशः......................


rajaarkey
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Re: तीन घोड़िया एक घुड़सवार

Unread post by rajaarkey » 03 Nov 2014 01:23

Teen Ghodiya Ek Ghudsawaar--6

gataank se aage...................

Rashmi ajay ki in sab bato ko sun kar pani pani ho chuki thi aura jay ka land muthiyate huye, ajay ek kam karega, ha didi bolo, rashmi sisiyate huye ajay maine ye dekha hai ki mummy ken am par tera land khub jhtke khane lagta hai, lagta hai tu mummy ki chut aur gand phad dena chahta hai, mummy ko nangi karke khub humach humach ke chodna chahta hai, ajay rashmi ki chut aur doodh masalte huye ha didi tumne bilkul mere man ki bat kah di hai, rashmi achcha ajay to phir ek kam kart u mujhe mummy samajh kar mujhe bhi apne muh par baitha le aur meri mastani bhosdi ko apni mummy ki rasili phuli hui bhosdi samajh kar uska ras chus dal aur rashmi yah kah kar bed par nangi hi khadi ho gai

ajay seedha let gaya tab rashmi ne ajay ke aaju baju dono tange rakh kar seedhi ajay ke muh me apni ras se bhari chut ko rakh diya aur ajay apni bahan ki chut ko chatne laga, ab rashmi jor jor se apni chut ajay ke muh me dabati hui, le beta chat le apmi mummy ki mastani bhosdi ko, chus ha chus aise hi chus aah aise hi chus beta apni mummy ki chut kha ja beta aah aah puri kha ja beta apni ma ki chut, khub chus ajay apni mummy ki chut chus chus kar lal kar de mere lal, ajay rashmi ke muh se in kamuk bato ko sun kar apna hath apni bahan ki gand ke neeche rakh kar paglo ki tarah apni pyari didi ki chut ko chatne laga, vah apni didi ki chut ki dono phanko ko apne hatho se achchi tarah phaila kar aise kas kas ke chat raha tha jaise bachche choklet ke raper par lagi choklet chatte hai, uski is tarah ki chut chatai se rashmi jaldi hi apne chote bhai ke muh me apni chut ka sara pani chhodne lagi aur uska bhai apni bahan ke sare chut ras ko chat chat kar peene laga,

ab rashmi se bardast nahi ho raha tha aur vah ludhak kar bed par gir gai aur a jay ke land ke land ko pakad kar apni aur khichne lagi ajay uska ishara samajhte hi apni bahan ki dono moti jangho ko phaila kar apne land ko apni bahan ki chut mai ek jhatke me andar tak pel diya jisse rashmi chhatpatane lagi ajay ne apni didi ki gand ke neeche hath le jakar uski chut mai apne land se jabardast hamle shuru kar use hachak hachak kar chodne laga, uski rafter itni tej thi ki pura bed charmara utha aur pure kamre mai phacha phach phacha phach ki awaj gunjne lagi, rashmi unh unh ki awaj nilal rahi thi aura jay apni bahan ko kas kas kar chode ja raha tha, ajay upar se jhatka chut me marta tab rashmi neehe se jhatka land me marti, dono aur se puri takat se ek dusre ki jangho ki jado mai kas kas kar thokar pad rahi thi aur dono swarg ke jhule mai jhul rahe the, ek lambi ghamasan chut land ki thukai ke bad dono ne apna apna ras uglna shuru kar diya aur ek dusar ko kas kar puri takat se jakad liya aur kuch pal ke bad dono shant ho gaye aur ek dusre ke hontho ko chumte huye ek dusre ki aur muskurane lage, ajay ne ghadi dekhi to 6:30 samay ho chukka tha dono ne apne apne kapde pahne aur ajay room se bahar nikal gaya.

Aarti subah uthte hi sabse pahle rashmi ke room mai pahuch gai, rashmi apne bed par padi padi pankhe ki aur dekh rahi thi aur bhabhi ko dekhte hi uth baithi aur ek chudas se thaki hui muskan uske chehre par bikhar gai, aarti ne aate hi apni pyari nanad ke mote doodh ko dabate huye kyo meri nanad rani rat bhar soi nahi kya, rashmi apni bhabhi ke gale mai hath dal kar uska gal chumte huye o bhabhi aisa maza mujhe jindagi mai kabhi nahi mila aur ye sab aap ke karan sambhav ho saka, aur aarti ke galo ko ek bar phir chum leti hai, aarti achcha sari rat ajay ne tujhe choda hai kya, ha bhabhi bas ye hi samajh lo ajay ka land nahi musal hai, meri to nas nas mai ek meetha sa dard uth raha hai, aarti bante huye kya itna mast hai ajay ka land, ha bhabhi, use aap ajay ka nahi ghode ka land kah sakti hai, puri rat us ghode ne mujhe kas kas kar choda hai, banno rani jab ek bhai apni bahan ko chodta hai to aisi jabardast chudai hi hoti hai, tujhe isi liye jyada maza aaya hai kyo ki tu apne sage bhai se jo chud rahi thi,

Achcha bhabhi mai aapko ek bat batana chahti hu par aap yah bat kisi ko bolna nahi, are pagli tere mere beech ki bat kisi ko bolne wali hoti hai kya, tu bindas bol kya bat hai, bhabhi ajay hai na, aarti ha, bhabhi ajay bahut jyada chudakkad hai vah mummy ko bhi chodna chahta hai, aarti bante huye, tu ye kya kah rahi hai, ha bhabhi mujhe ajay ne hi ye bat batai hai, kya ajay ne khud tumse kaha ki vah apni mummy ki chut bhi marna chahta hai, nahi bhabhi usne khud nahi kaha balki maine hi uski chori pakad li thi to aakhir use mere samne sachchai batana hi pada, aarti tune kaun si chori pakad li thi ajay ki , vo bhabhi maine ajay ko mummy ki panty ko sungh sungh kar apna land hilate huye dekha tha,

aarti kya ajay apni mummy ki panty sunghta hai, ha bhabhi aur ye to kuch bhi nahi vo to mummy ko roj nangi nahate huye bhi dekhta hai, aarti bante huye tu kya kah rahi hai, ajay itna chudakkad hai ki apni hi mummy ko nangi nahate huye dekhta hai, aur apni mummy ki hi chut marna chahta hai, ha bhabhi aur mujhe to lagta hai ki vah jab mummy so jati hogi to mummy ki chut bhi sahla deta hoga, vaise bhi bhabhi maine dekha hai vah din rat mummy ki gand ke peeche hi laga rahta hai, pahle mai sochti thi ki ma bête ka pyar hai, par ab meri samajh mai aaya ki ajay din bhar mummy se itna chipakta kyo hai, aur jab dekho tab mummy ke mote mote doodh mai apna muh kyo chupa leta hai, vah jarur mummy ke mote doodh ka maza lene ke irade se hi aisa karta hai, aur to aur dinbhar kisi na kisi bahane se mummy ke galo pe kabhi hath pherega aur kabhi mummy ke galo ko chum lega, jarur mummy ke galo ko chumte huye uska land khada ho jata hoga, achcha aur kya kya bataya ajay ne, bhabhi vo to bada besharm hai, aarti kyo, bhabhi vo kah raha tha ki didi mai tumhe aur mummy dono ko ek sath nangi karke apne khyalo mai jane kab se chodta aa raha hu, bhabhi uski to ye halat hai ki mummy ki chut aur gand ke nam par uska land turant jhatke marne lagta hai.

Achcha rashmi kahi aisa to nahi ki tumhari mummy bhi usse apni chut marwana chahti ho, rashmi apni chut apni salwar ke upar se masalte huye ho sakta hai bhabhi, kyo ki mummy bhi aajkal usko kuch jyada hi apni chchatiyo se chipakne lagi hai aur jab ajay mummy se chipakta hai to mummy bhi usko apni baho mai kase padi rahti hai, mujhe to lagta hai mummy ne jarur ajay ka land dekh liya hai tabhi ajay ka chipakna use achcha lagta hai aur uski chut pani chodne lagti hogi, aarti ha rashmi ye bat tu bilkul sahi kah rahi hai, ek bar maine bhi dekha tha ki ajay teri mummy se chipka unke galo ko chum raha tha aur teri mummy ajay ki jangho par hath pher rahi thi phir achanak tera aana huya aur mummy uth kar balkani ki taraph chali gai tab maine dekha vah sadi ke upar se hi apni chut ka pani pochne ki koshish kar rahi thi, bhabhi ajay bata raha tha kimummy bahut chudasi hai vah roj bathroom mai nangi hokar apni chut ragad ragad ke muth marti hai, rashmi bhabhi mujhe to lagta hai ki mummy ajay ke land se jarur chud ke rahegi, aarti rashmi ke doodh dabate huye ha jaise meri banno rani apne bhaiya ke land se chud chuki hai aur dono hansne lagi,

Achcha rashmi agar ajay itna chudakkad hai to jarur mere bare mai bhi kuch na kuch sochta hoga, tujhe usne mere bare mai kuch nahi kaha, nahi bhabhi usne aapke bare mai koi bat nahi ki, aarti tune bhi usse kuch nahi punchha mere bare mai, rashmi nahi bhabhi maine kuch bhi bat apke bare mai nahi ki, par bhabhi ye bat aapne bilkul thik kahi hai, mujhe usse aapke bare mai puchhna chahiye tha, mujhe to lagta hai bhabhi vo aapko bhi chodna chahta hoga, kyoki jo apni bahan chod chukka ho aur apni ma ko chodna chahta ho vo bhala apni bhabhi ko kaise chhod sakta hai, aarti ha ye to tu bilkul thik kah rahi hai, jab uski neeyat apni ma aur bahan par kharab hai to bhala bhabhi par kyo nahi hogi, aarti achcha tujhe kabhi uski kisi bat se aisa laga hai ki vah mujhe bhi chodna chahta hai, nahi bhabhi aisa to mujhe kuch nahi laga lekin, aarti lekin kya, lekin bhabhi maine hamesha uski aapki moti gand ko ghurte jarur dekha hai, shayad vah aapki gand ko bahut pasand karta hai, aarti ho sakta hai,