चाचा चाची की चुदाई Uncle aunty sex fuck long

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Fuck_Me
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Re: चाचा चाची की चुदाई Uncle aunty sex fuck long

Unread post by Fuck_Me » 15 Aug 2015 06:44

अगले दिन गीता ने बेड पेर नही चदडार बिछाई और उस पेर फूलो की पंखुरिया डाली. कमरे में धूप और अगरबत्ती जलाई. सूरज के लिए केसर बादाम का दूध रखा. सोना और लक्ष्मी को सज़ा धज़ा कर बिस्तेर पेर घूँघट निकल कर बेताया गया. " गीता तू कितनी उस्ताद है, ये सब देख कर तो हिजड़े का लंड भी थाटे मारने लग जाए बेचारा सूरज कहा टिकता है,' वो हस्ते हुए बोली. " एक ही तो घर का मर्द है चाचिजी उसका लंड तो कारक रखना ही परेगा,' गीता ने कहा. गीता ने सूरज के दूध मे कामोत्तेजक दवा भी दाल दी थी.
सूरज को भी गीता ने नहलाया उसके झाँत सॉफ किए और नया कुर्ता पाजामा पहना कर रूम मे लाई,' लो सूरज बाबू एक साथ दो दो कुँवारी चुतो के मज़े लुटो,' गीता बोली. सूरज को सोना ने दूध पकराया थोड़ी देर बाद उसकी इंद्री में तनाव महसूस होने लगा. सूरज से सब्र नही हुआ वो सोना के पास पहुचा और उसका घूँघट हटा कर उसके गुलाबी हॉट चूमने लगा. धीरे धीरे उसने सोना के सारे कापरे उतार डाले और उसके टाइट और गोल बूब्स ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा, सोना को दर्द हो रहा था. सूरज उसके निपल्स पागलो की तरह चूसने लगा. फिर वो सोना के गोरे और पतले पेट को चूमने लगा. सोना की टॅंगो को चूमने के बाद सूरज ने उसको उल्टा किया और उसकी उभरी हुई गांद को काटने नोचने लगा.' सूरज की जीभ ने लल्ड ही सोना की गांद का च्छेद ढूँढ लिया और वो उसको चूसने लगा चाटने लगा,' ये क्या कर रहे हो बाबूजू ये तो गंदी जगह है,' सोना ने कहा,' अरे देखना ये गंदी जगह कैसे शौक से मेरा लंड खाएगी, अब तक तो तेरी गांद से समान बाहर आता था आज अंडर जाएगा,' सूरज बोला. उधर लक्ष्मी ने सूरज के कापरे खोल दिए थे और उसके फैल रहे लंड का वी मसल रही थी. सूरज ने लक्ष्मी को सोना के पास लिटाया और उसके हॉट चूमने लगा, फिर वो बारी बारी से दोनो के बूब्स दबाने लगा. सूरज दोनो के बीच मे आ गया. अब वो लक्ष्मी के छ्होटे छ्होटे निपल्स खा रहा था और हाथो से सोना की च्चाटिया मसल रहा था. गीता ने तब तक लक्ष्मी को भी पूरा नंगा कर दिया.
" अब लंड अंडर दाल कर इनकी सील तोडो बेटा,' चाचिजी बोली और सूरज के सुपरे पेर तेल मलने लगी. गीता ने भी अपने हाथो में तेल लिया और सूरज के लंड पेर और आँड पेर मसलने लगी. सूरज का लंड पूरी तरह आकर चुका था, ये देख गीता ने सोना को लिटाया और उसकी चूत में कुप्पी से कोई आधा कप तेल दाल दिया,' इस तेल से सूरज का मूसल अंडर जाएगा बेटा तू घबराना मत पहली बार में थोडा दर्द होगा,' उसने सोना से कहा. सूरज अब पूरी तरह उत्तेजित था वो सोना के उपेर आया और अपना मोटा सुपरा उसकी कुँवारी चूत पेर रख दिया. गीता ने नीचे से हाथ दाल कर लंड का मूह चूत के मूह पेर रख दिया और पीछे आ कर सूरज की गांद को हल्का सा धक्का दिया, जैसे ही सूरज के सुपरे का आधा हिस्सा सोना की चूत मे गया वो चीखी,' उउउइ मा में मार जौंगी बहुत दर्द है. ये सुन कर सोना की मा उसके पास आई और उसके सिर पेर हाथ फेरने लगी,' आराम से ले बेटा धीरे धीरे,' उसने सोना से कहा,' बाबूजी एकद्ूम पूरा मत डालना लर्की की चूत फट जाएगी,' वो सूरज से बोली,' चिंता मत करो तबीयत से धीरे धीरे पूरा मज़ा देते हुए चोदुन्गा इसकी कुँवारी चूत, ये कह कर सूरज ने लंड बाहर निकाला और फिर से धक्का दिया, सोना की चीखे जारी रही. कोई दो मिनिट के बाद सूरज का सुपरा सोना की चूत में सरका, वो दर्द से रो रही थी,' बेटा चुदाई मत रोकना, ये तो खुशी के आँसू हेँ,' चाचिजी बोली. उधर गीता ने सोना की चूत के दोनो हॉट पाकर कर फैला रखे थे. सूरज अपनी गांद हिलता रहा कोई 5 मिनिट बाद उसका आधा लंड अंडर घुसा. उसका लंड तेल और सोना की चूत के खून से पूरा भर गया था. सूरज को 5-7 मिनिट बाद लगा वो बंड कर दे,' चाचिजी आज इसकी सील टूटी है ज़्यादा चोदुन्गा तो इसको दर्द होगा इसलिए इसको ले जाओ अब जब इसका दर्द हटेगा तब ही इसकी चुदाई करूँगा,' सूरज बोला. गीता सोना को बाथरूम ले गयी वाहा उसने उसकी चूत धोइ और उसको दूसरे रूम मे ले जाकर लेटा दिया. सूरज अब लक्ष्मी की चूत चाट रहा था. एकद्ूम छ्होटी और टाइट चूत थी उसकी जिसमे सूरज की उंगली तक जाना मुश्किल था. सूरज कुतो की तरह उसकी कुवारि चूत चट रहा था. जब वो थोड़ी खुली तो उसने अपनी जीभ से उसकी चूत को चोद्न शुरू कर दिया उत्तेजना मे लक्ष्मी अपनी छ्होटी गांद को उपेर नीचे कर रही थी.
जब लक्ष्मी की चूत फूल गयी तो सूरज को लगा अब चोट करने का सही समय है. उसने अपना सुपरा चूत के मूह पेर रखा और सरकने लगा,' ऊई मा में मार जौंगी इतना मोटा लंड इसमे नही जा सकता,' वो बोली,' चिंता मत कर जान तू बस एक बार जाने दे अंडर फिर तू खुद इसको बार बार माँगेगी,' सूरज ने कहा और अपना सुपरा अंडर सरका दिया. लक्ष्मी का दर्द से मूह लाल हो गया. वो रोटी जा रही थी, चाचिजी और गीता ने उसकी एक एक टाँग पकरी हुई थी. सूरज ने लंड सरकाना जारी रखा मगर आधे से ज़्यादा जा नही पाया. गीता अब लक्ष्मी को भी धो कर दूसरे रूम मे ले गयी. " मेरी दो बेटियो की सील तोड़ी है अपने इसलिए आज की रात तो चुदाई का इनाम सिर्फ़ में लूँगी,' बहादुर की वाइफ बोली. सूरज ने उसको घोड़ी बनाया और लंड सरका दिया. चाचिजी को वो किस कर रहा था और बहादुर की वाइफ को चोद्ता जा रहा था. कोई दो मिनिट बाद उसका पूरा का पूरा लंड अंडर चला गया अब उसने स्पीड बढ़ा दी,' ले रंडी कुवारि चूत चुद्वने का इनाम' ये कहते हुए सूरज ने कोई आधा कप पानी की पिचकारी उसकी चूत मे छ्चोड़ दी. वो भी साथ ही झड़ी. रात में सूरज ने उसको 3 बार और चोदा.
कोई 4-5 साल तक सूरज का मर्दनापान बरक़रार रहा, और उसके बाद वो फिर गान्डू बन गया. उधर चाचिजी और सूरज का लरका अशोक बरा होने लगा था. चाचिजी और गीता वैसे बूढ़ी हो गयी थी लेकिन चूत की आग बिल्ूल ठंडी नहीं हुई थी. अशोक के लंड से कोई 6 साल की उम्र से ही दोनो औरतो ने खेलना शुरू कर दिया था. वी उसके लंड की मालिश छ्होटी उम्र से ही करती थी. और तो और सारी चुदाई उसके सामने खुले आम चलती थी ताकि वो सब कुछ सीखता जाए. डस साल की उम्र मे गीता ने अशोक को चूत चाटना सीखा दिया, वो एक साल मे चूत चाटने का एक्सपर्ट बन गया था. 12 साल की उमरा मे अशोक अपने गुप्तँग से खेलने लग गया था, और दोनो औरते ये देख कर बड़ी खुश होती थी. गीता और चाचिजी अशोक को नहलाती और नंगे ही उसके साथ सो जाती. ब्लू फिल्म भी चलती रहती और घर के जानवर भी खुले आम चुदाई करते. एक दिन घर के कुत्ते को कुतिया की चुदाई करते देख अशोक बड़ा एग्ज़ाइटेड हुआ और उनके अलग होते ही कुत्ते को बंद कर कुतिया पेर चढ़ गया,' चाचिजी आपका बेटा अपनी पहली चुदाई कर रहा है देखो,' ये कहते ही चाचिजी भी आ गयी. गीता ने कहा,' अशोक बेटा आराम से चोदो इसको अपना वीरया नियालने में जल्दी मत करना देखा नही कुत्ते ने कितनी देर तक इसको चोदा था,' गीता बोली. अशोक नेकॉई 10 मिनिट तक गांद हिलाई मगर उसका पानी शायद बनना शुरू नही हुआ था इसलिए वो हट गया. " आज रात अशोक को असली चुदाई का पहला पाठ पढ़ाएँगे इसको असली मदारचोड़ बनाएँगे,' गीता बोली.
इस दौरान घर मे एक छ्होटा नौकर भी रख लिया था, उसका नाम था राजा, वो कोई 14-15 साल का था और एकद्ूम दुबला पतला था
रात को अशोक हलाल होने वाले बकरे की तरह दोनो औरतो के कमरे मे पहुचा. " देख गीता शुरू शुरू मे ये अपनी मा से शरमाएगा, तू एक बार इसकी हिम्मत खोल दे मे उसके बाद ओंगी,' चाचिजी ने कहा. गीता को जैसे मूह माँगी मुराद मिल गयी, वो तुरंत नंगी हो गयी,' आजा बेटा तेरे कापरे निकल देती हू,' उसने अशोक से कहा. अशोक शरमाते शरमाते उसके पास पहुचा, गीता ने उसका शर्ट उतारा फिर निकेर चड्डी तो वो पहनता नही था, अशोक का लंड एकद्ूम करक हो कर छत की तरफ देख रहा था,' ला बेटा पहले थोड़ी मालिश कर दू तेरी सू सू की,' गीता बोली. गीता ने अंडर से संडे का तेल निकाला और अशोक के खरे लंड के निचले हिस्से पेर धीरे धीरे तेल मसालने लगी एग्ज़ाइट्मेंट के मारे अशोक टाँगे मिला लेता. लंड के साथ साथ वो अशोक की मीडियम साइज़ की गोलिओ पेर भी अपनी हथेली फिरती, थोड़ा हाथ नीचे लेकर वो अशोक की गांद पेर भी तेल लगाती जा रही थी, थोड़ी देर बाद उसने अशोक के लंड की पिटाई करना शुरू कर दिया,' क्यू बे इस उम्र मे तू इतना मोटा हो कर अपनी मा और चाची को चोद्ने चला है भद्वे,' ये कह कर धीरे धीरे वो उसके लंड को मारती और फिर उसके लंड के उपरी हिस्से को पूरा तेल से गीला कर दिया. अशोक का बुरा हाल था, अब गीता ने उसके सुपरे की चमरी आगे पीछे करनी शुरू कर दी, अशोक की चमरी अभी टाइट थी और उसको पीछे लेने मे दर्द होता था उसके पूरे टंके भी नही खुले थे,' दर्द हो रहा है चाची,' वो बोला, " आबे दर्द तो होगा ही मगर टंके पूरे नही खुलेंगे तो चोदु कैसे बनेगा,' गीता बोली और चमरी धीरे धीरे खिसकती रही,' अब अशोक का लंड पूरा तय्यार था, मगर गीता जानती थी वो दो मिनिट मे पानी छोर देगा,' कहा निकलेगा तू पानी?' गीता ने पूछा,' चूत मे' अशोक बोला,' किसकी चूत?' गीता ने पूछा,' भद्वे तेरी मा ने तुझे इसलिए पाल पॉस कर बड़ा किया की तू अपना कुँवारा लंड किसी दूसरी चूत मे डाले?' ये कह कर वो फिर लंड को पीटने लगी,' बोल कहा डालेगा इसको?" गीता बोली,' मा की चूत मे चाचिजी,' अशोक बोला,' इतना सुनते ही गीता ने आवाज़ दी,' आजो कमरे मे लोहा गरम है.' ये सुनकर अशोक की मा कमरे मे आई और गेटा के हाथ मे खरे हुए तेल से चिकने अपने बेटे के हथियार को देख कर डंग रह गयी,' गीता इतनी छ्होटी उम्र मे तूने ऐसा मोटा लंड देखा है कभी?" उसने पूछा,' नही चाचिजी इसका लॉडा कमाल का है और ये मा की तरह पूरा चोदु बनेगा,' कह कर वो हस्ने लगी.

उधर अशोक का बुरा हाल था,' अब लेटो चाचिजी लरका पिचकारी छ्चोड़ने वाला है, इसका गरम पानी तुरंत चूत मे पी लो,' वो बोली.' चाचिजी ने एक सेकेंड मे सारे कापरे उतारे और टाँगे चौर कर दी,' आजा मेरे लाल, जिस जगह से निकला उस जगह मे वापस जा,' उन्होने कहा और अशोक को भींच लिया, पीछे से गीता ने लंड को चूत के मूह पेर रख अशोक की गांद को धक्का दे देया, एक ही मिनिट मे उसका गीला लंड अपनी मा की चूत मे सरक गया,' ओह मेरे बेटे आज मे धान्या हुई, हूर मा की इचा होती है अपने बेटे का लंड ले मगर लाखो मे एक मा की ही ये इचा पूरी हो पति है, चोद मेरे बेटे चोद अपनी मा की चूत,' वो बोली. अशोक की गांद तेज़ी से हिल रही थी वो स्पीड से मा को चोद रहा था इतना तेज़ की उसकी मा हाँफने लगी,' ओह मेरे राजा तूने तेरी मा को आज फिर जवान कर दिया,' वो बोली.' अशोक चोदे जा रहा था मगर कोई दो मिनिट मे उसे लगा उसके लंड मे से कुछ निकालने वाला है,' मा मेरे लंड मे से कुछ मूत जैसा गरम गरम बाहर आ रहा है,' वो बोला,' हा बेटा ये मूत नही वीरया है तेरी ताक़त, इसको निकाल दे अपनी मा के भोसरे मे,' वो बोली.' अशोक का फव्वारा छ्छूट गया,' ओह मा ये छूटा वीरया,' वो बोला,' उसको को अंडर गरम गरम वीरया महसूस हो गया,' गीता बचे का पानी छ्होट गया, उसने कहा और अशोक का मूह अपने मोटे मोटे मुम्मो पेर लगा दिया, अशोक छ्होटे बचे की तरह निप्ले चूसने लगा ,' चाचिजी मगर रिस्क तो है,' गीता बोली,' चुप रह रंडी कुछ हो भी गया तो क्या, मेरा बेटा भी होगा और पोटा भी, इसका भाई भी होगा और बेटा भी,' गीता हस्ने लगी,' मतलब मरने तक आपको लंड चाहिए,' उधर अशोक का लंड मा की चूत मे ही दुबारा ताने लगा.
मा की चूत मे ही अशोक का जवान लंड फिर से तन कर पठार हो रहा था, उसकी मा को इसका पता चल गया, उसने बेटे के लंड को अपनी चूत से आज़ाद किया और बोली,' अब तू लेट जा बेटे तुझे तेरी मा पक्का मदारचोड़ बनाएगी,' वो बोली.' अशोक बिस्तेर पेर लेट गया उसका लंड पूरा अकरा हुआ था, गीता और चाचिजी ने अशोक के लंड को अपने अपने थूक से थोड़ा और गीला कर दिया और अपने विशाल चूटर फैला का अपने बेटे के लंड पेर उसकी मा बैठ गयी,'हा चाचिजी अब चोदो इसको मज़े से आँदिओ को छ्चोड़ कर पूरा लंड आपके भोस्डे मे गायब हो गया है ,' गीता बोली,' हा रे मुझे पता है इसके मज़बूत लंड की एक एक नस मेरी चूत को महसूस हो रही है इस बार इसको तबीयत से धीरे धीरे चोदुन्गि और खूब मज़ा लूँगी, तुझे मज़ा आ रहा है बेटा मा की चुदाई मे? उसने पूछा, अशोक बोला,' हा मा बहुत मज़ा आ रहा है.' गीता अब अपनी मोटी गांद धीरे धीरे हिलने लगी. गीता को पता था उसको क्या करना है. वो जानती थी मालकिन खुश होगी तभी अशोक का लंड उसको मिलेगा. उसने बेटे को चोद रही मालकिन की गांद को अपनी उंगली से चोद्न शुरू कर दिया और धीरे धीरे दो उंगलिया अंडर घुसा दी,' ओह गीता भें चोद तू भी मज़ा दे रही है ऐसा लग रहा है जैसे चूत और गांद दोनो मे लंड है,' चाचिजी बोली, एग्ज़ाइट्मेंट मे उनकी स्पीड बढ़ गयी, अशोक अपनी मा के उछलते हुए मोटे मोटे बूब्स दबा रहा था ,' ओह मा चोद ज़ोर से चोद मुझे बहुत मज़ा आ रहा है मेरे लॉड को,' वो बोला,' हा बेटा तेरे लंड से ही मेरी चूत की प्यास बुझेगी,' चाचिजी बोली. गीता ने अब अपने दूसरे हाथ से अशोक के अंडकोष और गांद के बीच की हिस्से पेर दबाव देना शुरू कर दिया वो चाहती थी अशोक का पानी देर से निकले,' चाचिजी मैने बचे की पनीवली पिचकारी दबा दी है अब थोडा देरी से पानी निकलेगा,' उसने कहा. चाचिजी बोली,' हा री अछा किया, आज तो चाहे इसका पूरी रात पानी नही निकले,' ये कह कर वी हफने लगी,' ऊवू आ मदारचोड़ मे मार गयी श का लॉडा है मार गाइइ ऊऊ. ये कह कर उनको मल्टिपल ऑर्गॅज़म हुए गीता भी मस्ती से गांद चोद्ति रही. उधर अशोक से कंट्रोल नही हो रहा था,' मा मेरा पानी छ्छूट रहा है,' वो बोला,' हा बेटा भर दे इस से तेरी मा की बचेदनि, खूब सारा पानी निकलना मेरे लाल,' चाचिजी बोली,' गीता ने ये सुनते ही दोनो हाथो से अशोक की कुँवारी गोलिया धीरे धीरे गई के दूध नियालने की तरह हाकी हल्की मसलनी शुरू कर दी,' ऑश मा ये लू मेरा गरम पानी तुम्हारे भोस्डे मे गया,,कह कर अशोक झाड़ गया. गीता ने चाचिजी के चूत के हॉट कस कर दबा दिए ताकि अशोक के वीरया की एक बूँद भी बाहर नही निकले. उस रात उरी रात अशोक को उसकी मा ने कोई 12 बार चोदा. उसका लंड लाल हो गया.
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Re: चाचा चाची की चुदाई Uncle aunty sex fuck long

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गीता 60 साल से उपेर हो चुकी थी, चाचिजी यानी सुषमा भी 50 के उपेर थी, अशोक की चुदाई की क्लास के लिए तो ये ठीक था लेकिन उसको जवान चूत भी तो चाहिए थी. " गीता हम ज़रूरत से ज़्यादा स्वार्थी हो रहे है, बेचारा बचा कब तक हम बुद्धि चूतो को लेगा?' एकद्ूम चाचिजी बोली.
उधर एक दिन घर के बाहर दो साधु आए, गीता उन्हे खाना देने गयी तो चकित रह गयी, उनमे से एक चाचजी थे,' ओह मलिक आप?" गीता ने पूछा और पाव छुए,' अंडर आने के लिए नही कहोगे?" चाचजी बोले.' गीता ने दरवाज़ा खोला और चाचजी अंडर आकर ड्रॉयिंग रूम मे बेथ गये. उनके साथ एक साधु और था, गीता भागी भागी चाचिजी के पास गयी,' सुनो मालकिन चाचजी लौट आए हेँ,' उसने कहा. औरत कैसी भी क्यू ना हो पति तो पति ही होता है, चाचिजी तुरंत नीचे आई और देखा सामने गेरुए वस्त्रा पहने चाचजी बथे हेँ, चाचजी ने सिर पेर उस्तरा फिराया हुआ था और उनके मूह पेर तो वैसे ही नही के बराबर बॉल थे.' उनके पास एक झोला था और एक पानी की बॉटल, चाचिजी ने तुरंत उनके पाव छुए,' सौभाग्यवती रहो, हम ऋषिकेश से आए हेँ, अब कम से कम 15 दिन यही विश्राम करेंगे , ये मेरे गुरु हेँ स्वामी कुंडालनतजी, इनको भी प्रणाम करो,' चाचजी बोले. चाचिजी दूसरे साधु के पास गयी, ये साधु कोई 6.5 फीट लंबा था एकद्ूम कला और लंबा टगरा, कम से कम 100 किलो वज़न होगा, उसने सिर्फ़ गेरुए रंग की लूँगी पहनी थी और बदन नंगा था, साधु की दाढ़ी थी और बॉल लरकीओ की तरह कंधे तक आ रहे थे. चाचिजी उनके पौ मे झुकी तो उन्होने अपने बड़े बड़े हाथ उनके सिर पेर रखे,' सौभाग्यवती भाव,' उन्होने कहा.
" सुषमा, गुरुजी के लिए गरम पानी कर दो ये नहाएँगे,' चाचजी बोले.' गीता ने ये बात सुनी और तुरंत बाथरूम मे चली गयी,' आपके लिए भी पानी गरम करू मालिक?' गीता ने पूछा,' नही गुरुजी को मे ही नहलता हू इनके नहाने के बाद मे वही नहा लूँगा दो बाल्टी रख देना,' चाचजी बोले.गीता ने कोई डस मिनिट बाद कहा,' पानी गरम है मालिक.'
चाचजी और गुरुजी बाथरूम की तरफ गये.' चाचजी ने गुरुजी की लूँगी उतारी वी अब सिर्फ़ एक लंगोट मे थे, चाचजी ने खुद के भी सारे कापरे बाहर ही खोल दिए वी भी लंगोट मे थे. उधर गीता उस साधु का विशाल शरीर देख कर डंग रह गयी और तुरंत चाचिजी के पास गयी,' चाचिजी ये साधु तो जैसे कोई पहलवान लगता है एकद्ूम मुश्टंडा है, सिर्फ़ लंगोट पहना था, लग रहा है इसकी लंगोट ढीली है,' वो बोली,' कही ये तेरे चाचा की?' चाचिजी बोली,' हा मुझे भी शक है दीदी च्छूप के देखे क्या मज़रा है?' गीता बोली." हा चल,' चाचिजी ने कहा.
दोनो औरते बाथरूम के दरवाज़े पेर पहुचि और च्छेद से देखने लगी, साधु बैठा था और चाचजी खड़े थे, दोनो नागे थे, चाचजी साधु के बालो मे शॅमपू कर रहे थे, वो स्टूल पेर बेता था, गीता की नज़र स्टूल से पीछे लटक रहे साधु के लंड पेर पड़ी,' चाचिजी इसका नागराज देखो,' वो फुसफुसाई,' ओह ओह पूरा काला नाग है इसका तो देख कैसे लटका हुआ है,' चाचिजी ने कहा. चाचजी साधु को साबुन लगा कर नहलते रहे. अब साधु खड़ा हो गया और चाचजी बैठ गये, उन्होने साधु के लंड को मूह मे लिया और भूके प्यासे जानवर की तरह उसका स्वाद लेने लगे,' साधु ने चाचजी का सिर कस कर पाकर लिया और उनकी मुखचोड़ी करने लगा, अब तक उसका लंड लघ्हभाग पूरा आकर चुका था, कोई एक फुट तो आराम से होगा,' गीता ऐसा लंड तो आईने आज तक नही देखा, सेयेल के टटटे देख जैसे कोई सेब लटके हुए हो,' चाचिजी बोली. उधर चाचजी ने अब साबुन लिया और एक हाथ से साधु के लंड पेर साबुन रगार्ने लगे और दीसरे हाथ से अपनी गांद मे उंगलिया डाल डाल कर साबुन माल रहे थे. कोई 2 मिनिट बाद चाचजी ने स्टूल का सहारा लिया और घड़ी बुन गये,' गुरुजी अपने रूस मेरे भोथर प्रवाहित करें,' चाचजी बोले और अपनी गांद उन्ही कर दी, ' चाचिजी देखो चुड चुड कर मलिक की गांद औरतो से भी मोटी हो गयी है,' गीता बोली,' हा गीता,' चाचिजी ने कहा.' साधु ने अपना लंड पकरा और चाचजी की गांद पेर निशाना साधा,' ले भोसड़ी के तय्यार हो जा अपनी फतवाने के लिए,' साधु बोला,' हा गुरुजी,' चाचजी ने कहा. साधु ने चाचजी की कमर पकरी और धीरे धीरे अपना पूरा औज़ार अंडर सरकता रहा मारे दर्द के चाचजी का चेहरा लाल हुआ जा रहा था. मगर साधु नही रुका उसने स्पीड बढ़ा दी और चाचजी की गांद ज़ोर ज़ोर से मारने लगा, थोड़ी देर बाद उसने चाचजी को सीधा किया और अपनी गोद मे उठा लिया चाचजी ने अपने पॅव उसकी कमर मे लपेट लिए और जैसे बेल पेड़ से छिपकती है वैसे चिपक गये,' साधु ने पीछे से चाचजी की गांद मे अपना साँप दाल दिया और उनकी गांद पाकर कर उनको उस पेर उछालने लगा, ' गुरुजी अब मेरे चिद्रा मे अपना रूस दाल कर क्रतग्य करे,' चाचजी बोले,' ये सुनते ही साधु ने झटको की स्पीड बढ़ा दी ,' हा बालक तेरा उधार होने वाला है,' वो बोले,' हा गुरुजी भर दीजिए मुझे अपने अमृत से,' चाचजी ने कहा, साधु के सेव भी ज़ोर से उच्छल रहे थे,' कोई दो मिनिट मे साधु के मूह से गर्र्र्र अर्र की आवाज़े निकली और वो धीरे धीरे शांत हुआ, चाचजी नीचे उतार कर उसका लंड चाटने लगे.' दोनो औरते वाहा से हट गयी' चाचिजी मैने इतना मज़बूत आदमी और लंड नही देखा,' गीता बोली,' मैने भी,' चाचिजी ने कहा.
रात के खाने के बाद गीता ने चुपके से चाचजी से पूछा,' मालिक बिस्तेर कहा लगौ?' " रूको मे गुरुजी से पूछूता हू,'चाचजी ने कहा. खाना खाने के बाद चाचजी गुरुजी को अपने बेडरूम मे ले गये, और गीता को अवज़ दी,' चाचिजी को भी बुला लो, तीनो मिल कर गुरुजी की सेवा करेंगे, गुरुजी उपेर सो जाएँगे बाक़ी हम तीनो यही नीचे सो जाएँगे रात को पता नही उन्हे किस चीज़ की ज़रूरत पड़ जाए,' वी बोले. " और हा सरसो का तेल लेते आना गुरुजी उसी से मालिश करवाते हे,' चाचजी बोले.
कोई 10 बजे गीता और सुषमा रूम मे आए तो देखा गुरुजी सिर्फ़ लंगोट पहने लेते हुए थे उनके घुटनो से नीचे पाव तो बिस्तेर के नीचे ही लटके हुए थे.चाचजी उनके पाव दबा रहे थे.' गुरुजी मेरी पत्नी और नौकरानी सरसो का तेल ले आई है क्या आदेश है?' चाचजी ने पूछा,' करने दो उनको सेवा,' गुरुजी बोले. दोनो औरतो ने गुरुजी के पाओ मे तेल लगाना शुरू कर दिया, चाचजी उनके सिर की मालिश कर रहे थे.' अब पीछे मालिश कर दो ज़रा,' गुरुजी ने कहा और पेट के बाल लेट गये, दोनो औरते उनके पाओ की मालिश करने लगी, चाचजी उनके हिप्स पेर बेत कर उनकी पीठ और कंधो की मालिश करने लगे,' लंगोट ढीली कर के पीठ के निकले हिस्से की भी मालिश करो बालक,' गुरुजी बोले.' चाचजी ने जैसे ही लंगोट ढीला करना शुरू किया, वी बोले,' तुम बचो से क्या शरमाना पूरी ही उतार दो,' चाचजी ने तुरंत पूरी लंगोट उतार दी. गुरुजी के बड़े काले काले चूतरो पेर सुषमा और गीता मालिश करने लगी, दोनो एक दूसरे के तरफ देख कर मुस्करा दी,' गांद के बीच मे से गुरुजी के पड़े हुए आँड सॉफ दिखाई दे रहे थे.
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