प्यार का रिश्ता (pyaar ka rishta) compleet

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raj..
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Re: प्यार का रिश्ता (pyaar ka rishta)

Unread post by raj.. » 29 Oct 2014 04:04

अनु नेकहा" भाबी जी और सूची ने सच कहा था कैसी भी चूत हो तुम्हारा लंड ताव मे आने के बाद उसका कचूमर निकाल देता है..." अरे तुम्हारा दोस्त तो दरवाजे पर ही ढेर हो जाता है... साला गांद क्या मारेगा चूत ही सही से नही मार पाता वो तो तुमने उसको दवाई खिला दी थी तो उसने मेरी झिल्ली फाड़ दी थी नही तो वो भी तुमसे टूटती....

और उसी पलंग पर अनु हुमच हुमच कर चुदवा रही थी... अनु ने अपना ब्लाउस खोल दिया था वो ब्रा भी नही पहने थी मैने उसके मम्मे मसलना चालू किया और चूसना चालू किया तो उसका असर उसकी चूत ने पानी छोड़ कर दिखाया...

हा मनु ऐसे ही पेलो मेरी बुर्र्रर ...मे अपना लंड तुम बहुत कामुक हो... तुमसे चुदवाने के बाद तो औरत निहाल हो जाती है.... एयाया और जोरो से औरर्र जोरो सीए आशि के लिए कुछ भी बाकी मत रखनाअ औरर्र ....

मैने कहा अनु कुतिया बन जा... अनु झट से अपनी साड़ी खोल कर नगी हुई और गांद मेरे तरफ फैला दी.... अनु की बुर से रस बह रहा था सो मैने उसे चाट लिया ...

अनु बोली'';; अरे अभी जीव का नही अपने लंड का काम करो"

मैने लंड थाम कर अनु की बुर मे एक बार मे पेल दिया...... अनु भी बहुत प्यासीई थी... एयेए मनुव्व मेरे बच्चे दानी से टकरा रहा है तुम्हारा लंड एयेए औरर्र अंदर बहुत गुदगुदी हो रही हाई.... एयाया एयाया माइ आअनए वाली हूओ..... वो सीधी हो गई.... मैने उसको सीधा पीठ के बल लिटा कर जम से चोदा वो जम के झड़ी थोड़ी देर बाद मैं भी झार गया ..... अनु मेरे से सन्तुस्त थी पर मैं अभी अनु से सन्तुस्त नही हुआ था मैने अनु से कहा मैं तुमको अभी तसल्ली से नही चोद पाया हू फिर कभी मौका मिलेगा तो तसल्ली से चोदुन्गा.... ..


raj..
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Re: प्यार का रिश्ता (pyaar ka rishta)

Unread post by raj.. » 29 Oct 2014 04:05

हम दोनो उठकर एक साथ नाहाये और एक बार मैने अनु की गांद बाथरूम मे मारी अब अनु की भी चाल बदल गयी थी... वो कह रही थी मुझे ऐसा लग रहा है जैसे गांद का ढक्कन खुल गया हो.. जब टट्टी जाती हू तो पता ही नही पड़ता कब निकल गई तुमने इतनी चौड़ी कर दी...

शिवानी और मैने 3 दिन तक लगातार चुदाई करी फिर मंडे से अपनी नॉर्मल जिंदगी मे वापिस आ गया ... अब शिवानी शादी करने के लिए तैयार हो गई थी.... लेकिन हम लोग लगातार चुदाई करते थे....

फिर मैने एक अछा लड़का देखकर शिवि की शादी उससे करदी...

तो दोस्तो अब कहानी आपको कैसी लगी ज़रूर लिखना अब आपसे विदा चाहता हू आपसे फिर मिलूँगा एक और नई कहानी के साथ

आपका दोस्त

राज शर्मा

समाप्त.............


raj..
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Re: प्यार का रिश्ता (pyaar ka rishta)

Unread post by raj.. » 29 Oct 2014 04:09

प्यार का रिश्ता --8

"kyo raat bahut kusti huiii kamre ki halat dekho.....aur meri banno ko to aaj chala nahi ja raha..... " anu boli....

" shivi kaha hai... maine use bagal wale kamre mai bhej diya hai jaha wo thoda aur so le aur phir tayyar hokar 1-2 ghante mai aayegi..."

"aur ashwin kaha hai'' unka to kaam hi bura hai unka phone aa gaya koi to wo chale gaye keh gaye shaam 5 baje aayenge... maine dheere se dekha ki kamra ander se locked hai to maine bina der kiye anu ko apne palang par patak liya... wo black colour ki saadi pehne hue thi......

uske palang par girte hi saadi uski jaango tak aa gayi thi....

" areee yehh kyaa karte hooo Manuv... mai tumhare dost ki bb hun mujhe chor do........" anu ne resist karte hue kaha....

mai uske uper chad kar us par baith gaya mera khada lund dekh kar usne aankh bandh kar li par uska haath mre khade lund par aa gaya ... mai samajh gaya maal tayyar hai..... maine uski panty uthakar uski naak par rakh di...

" anu darling pehchaan kiski khusboo hai'''' maine usi ki panty uski naak par rakhi....

' meri hai... us din tumne mere bag mai se maar li thi" anu boli....

mai usi din do baar ungli kari.....

kal raat to tumne shivani ki choot ka bhosda banda diya aur uski gaand bhi phaad di..... mujhe nahi chudwana tumse

plz apne dost ki khatir chor dooo mujhe....... plzzzzz

anu aisa kehte jaa rahi thi aur saath hi saath mere lund par apni muthi kasti jaa rahi thi maine bina deri kiye uski saadi jaangho se upar uthai... anu neeche panty nahi pehne thi... maine anu ke pair failaye aur uski choot ko sungha usmai se badi achi si khusboo aa rahi thi... anu ki choot par jhantain thiii... maine waise hi mai lund pel diya aur jabardust chodna shuru kiya.....

anu nekaha" bhabi ji aur suchi ne sach kaha thaa kaise bhi choot hoo tumhara luada taav mai aane ke baad uska kachoomar nikaal deta hai..." are tumhara dost to darwaje par hi dher ho jata hai... sala gaand kya maarega choot hi sahi se nahi maar pata wo to tumne usko dawai khila di thi to usne meri jhilli fad di thi nahi to wo bhi tumse tootti....